00:06बंगाल के खाड़ी में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है और समुद्र के उपर बना गहरा डिप्रेशन अब
00:12तटीय राजियों की चिंता बढ़ा रहा है
00:14भारत मौसम विज्ञान विभाग यानि आयमजी के मुताबिक पश्चिम मध्य और उस से सटी उत्तर पश्चिम बंगाल के खाड़ी के
00:21उपर बना डीप डिप्रेशन लगतार पश्चिम उत्तर पश्चिम दुशा में बढ़ रहा है
00:25और तेज सितंबर की राद तक उत्तर आंद्रप्रदेश और दक्षिन ओडिशा के तट के बीच वुशाखा पटनम और गोपालपूर के
00:32आसपास से गुजरने की संभावना है
00:33यानि अगले कुछ घंटे आंद्रप्रदेश और ओडिशा के लिए बेहद एहम रहने वाले हैं
00:39इस सिस्टेम के वजह से तटिया इलाकों में तेज बारिश के साथ 50 से 70 किलोमेटर पती घंटे की रफ्तार
00:44से हवाय चलने की चेतावनी दी गई है
00:47उधर आंद्र के कई जिलों में प्रशासन को हाई अलर्ड पर रखा गया है और लोगों से पेर, होडिंग और
00:52जजर इमारतों से दूर रहने की अपील की गई है
00:55समुद्र भी काफी उग्र हो सकता है, इसलिए मच्छुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलहा दी गई है
01:01सबसे ज्यादा असर ओडिशा के दक्षिनी और तर्टिया हिस्सों में देखने को मिल सकता है
01:05आईमजी के बुलेटिन के मुताबक, दक्षिन ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ तेज हवाओं का खत्रा है
01:12और समुद्र की स्थि बहुत खराब से लेकर हाई तक हो सकती
01:16राज्य के कई जिलों में एहतियाती कदम उठाए गए है
01:19मलकान गिरी में 24 सितंबर तक स्कूल बंद रखने का फैसला किया गया है
01:22जबकि कुछ दूसरे जिलों में प्रिशासन ने कर्मचारियों और स्थानिय अधिकारियों को हाई अलर्ट रहने का नेरदेश दिया है
01:30अब इसका असर सिर्फ तर तक समत नहीं रहने वाला है
01:33डीप डिप्रेशन के पश्चिम उत्तर पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने के साथ
01:37ओडिशा के अंदरूनी इलाकों चत्तिस गड़ और मध्यप्रदेश के कुछ हसों में भारी बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती है
01:44यही वज़ा है कि मध्यभारत के कही इलाकों में अगले एक दो दिन मौसम तेजी से बदलने की संभाव ना
01:50बनी हुई है
01:50पश्चिन बंगाल भी इस सिस्टम की प्रभाव से अच्छूता नहीं है
01:53राजी के कई जिलों में पहले ही भारी बारिश गरत चमक और तेज हवाओं का अलर्ट जारी हो चुका है
01:59बीर भूम और मुर्शिताबाद में औरेंज अलर्ट और कुलकाता समेथ कुछ दूसरे जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया था
02:07दक्षिन बंगाल के निचले इलाकों में जल भराओं की स्थिती बनने की आशंका भी जटाई गई है
02:12इस पूरे सिस्टम की सबसे बड़ी चुंता यही है कि बंगाल की खाडी में बना मौसम का ये सिस्टम समुद्र
02:18से जमीन की और बढ़ रहा है
02:19ऐसे में तेज बारिश के साथ अचानक हवाओं की रफतार बढ़ सकती है, पेड़ गिर सकते हैं, बजली विवस्था प्रिभावित
02:26हो सकती है और निचले इलाकों में पानी भरने का खतरा बढ़ सकता है
02:30हलाकि अभी इसे अधिकारिक तोर पर चक्रवाती तूफान नहीं कहा गया है, आई-मजी लगतार इसकी स्थीरता पर नज़ा रख
02:38रहा है, फिलहाल इसे डीप डिप्रेशन की रूप में ट्रैक किया जा रहा है
02:42इसलिए सोशल मीडिया पर इसे महा तूफान भी कहा जा रहा है, और ये साइकलोन में परिवर्तित हो सकता है,
02:49इस दावे इसको भी नकारा नहीं जा सकता है, लेकिन किसी भी दावे पर भरोसा करने के लिए मौसम विभाग
02:55की अधिकारिक जानकारी को देखते रहना ज्याद
03:14इसलिए सिस्टे मानने वाले दिनों में कई राज्यों के मौसम का मुझास बदल सकता है, इस वक्त भारत में मौसम
03:31का मिजाज तेजी से बदल रहा है, कहीं मौनसून की विदाई शुरू हो चुकी है, तो कहीं बारिश का दौर
03:36जारी है, और इसी बीच, बंगाल की खाड़
03:39इसलिए में समुद्र के ऊपर एक ऐसा सिस्टम तेजी से मजबूत हो रहा है, जिसने मौसम वैज्यानिकों की चिंता बढ़ा
03:44दी है, इसके साथ ही प्रशांत महासागर में अल नीनों भी लगातार मजबूत हो रहा है, यानि भारत के मौसम
03:51पर एक साथ दो बड़े मौसमी �
03:53नजर रख रहे हैं, इस विडियो में आपको बताएंगे कि बंगाल की खाड़ी में बना लो प्रेशर अब कहां पहुँच
03:59गया है, कब डिप्रेशन और डीप डिप्रेशन बन सकता है, ओडिशा और आंधर प्रदेश में बारिश का कितना खत्रा है,
04:06तेज हवाओं की रफ
04:07कितनी हो सकती है, और अल नीनों का भारत के मौसन पर आगे क्या असर पड़ सकता है, सबसे पहले
04:13बात बंगाल की खाड़ी में बने उस सिस्टम की, जिसने इस समय पूरे मौसम का फोकस पूरवी तट की तरफ
04:19कर दिया है, भारत मौसम विज्ञान विभाग यानि IMD के 21 सितं
04:23के अपडेट के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी के उत्तर पश्चिमी हिस्से में बना वेल मार्क्ट लो प्रेशर एरिया, अगले 48
04:30घंटों में डिप्रेशन और उसके बाद डीप डिप्रेशन में बदल सकता है, सिस्टम के पश्चिम उत्तर पश्चिम दिशा में आगे
04:37�
04:37बढ़ने की संभावना है और इसके 23 सितंबर की सुभा के आसपास उत्तर आंद्र प्रेश और दक्षिन ओडिशा के तट
04:43के करीब पहुँचने का अनुमान है, अब यहां एक बात समझना जरूरी है, सोशल मीडिया पर इसे अभी से चक्रवात
04:49अर्नब कहा जा रहा है, लेक
05:06की आधिकारिक नामों की सूची में अर्नब बांगलादेश द्वारा सुझाए गए नामों में शामिल है, इसलिए फिलहाल इसे संभावित नाम
05:13समझना ज्यादा सही है, पक्का चक्रवात नहीं, लेकिन सिस्टम के मजबूत होने की रफ्तार को देखते हुए खत्रा कम नह
05:20है αई-मडी ने दक्षिन ओडिशा और उत्तर- ततत्य आंधर प्रदेश में तेज़ीस और चौवी सितंबर को अत्यन्त भारी
05:26बारिश की चेतावनी दी है, ओडिशा के लिए बाइस सितंबर को बहुत भारी बारिश का इलर्ट है, इसके बाद 25
05:36सितंबर को भी बहुत भार
05:37और 26-27 सितंबर को भारी बारिश की संभावना बताई गई है।
05:41उतर तटिय आधर प्रदेश में भी 22 सितंबर को बहुत भारी बारिश और 23-24 सितंबर को अत्यंत भारी बारिश
05:48का खत्रा है।
05:49यानि अगले 2-3 दिन इस पूरी क्षेतर के लिए बेहद एहम रहने वाले हैं।
05:53तेज बारिश के साथ आंधी और बिजली गिरने जैसी स्थितियां भी बन सकती हैं।
05:58तटिय इलाकों में समुद्र की स्थिती भी खराब हो सकती है।
06:01इसलिए मचवारों और समुद्र में जाने वाले लोगों के लिए मौसम विभाग की चेताबनियों को गंभीरता से लेना जरूरी है।
06:08अब सवाल यह है कि इस सिस्टम का असर सिर्फ ओडिशा और आंधर प्रदेश तक सीमित रहेगा या आगे भी
06:13जाएगा।
06:13मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक इसका प्रभाव दक्षिन और मध्य भारत के कई हिस्सों तक पहुँच सकता है।
06:20चतीस गड़ में 23 से 25 सितंबर के बीच भारी बारिश की संभावना है और दक्षिन चतीस गड़ में 24
06:26सितंबर को कुछ जगों पर अत्यंत भारी बारिश हो सकती है।
06:30तेलंगाना में भी 23 से 25 सितंबर के बीच भारी बारिश और गरज चिमक के साथ तेज हवाओं की स्थिती
06:36बन सकती है।
06:37इसके बाद ये सिस्टम विदर्भ और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी बारिश की गतिविभिया बढ़ा सकता है।
06:43यानि एक तरफ बंगाल की खाड़ी का सिस्टम मजबूत हो रहा है, दूसरी तरफ मौनसून की विदाई का दौर भी
06:49शुरू हो चुका है।
06:50भारत के पश्चमी हिस्से से दक्षिन पश्चम मौनसून की वापसी शुरू हो गई है और इसके साथ ही मौसम का
06:56पैटर्न तेजी से बदल रहा है।
06:57इस साल 19 सितंबर तक देश में कुल बारिश सामानने से लगभग 15 प्रतिशत कम थी। ऐसे में एक तरफ
07:04कुछ इलाकों में बारिश की कमी है तो दूसरी तरफ यही मौसमी सिस्टम कुछ क्षेत्रों में बहुत ज्यादा बारिश की
07:10स्थिती पैदा कर सकता है।
07:27राजजी के कई हिस्सों में हाल की दिनों में बारिश की कमी रही है लेकिन भारी बारिश की स्थिती में
07:33खेतों, निचले इलाकों और सडकों पर जल भराव की समस्या भी पैदा हो सकती है।
07:57पर विशेश निगरानी रखी जा रही है। इसके बाद असर चत्तीजगर, तेलंगाना, विदर्भ और मध्यप्रदेश की तरफ बढ़ सकता है।
08:05यानि एक समुदरी सिस्टम धीरे-धीरे जमीन के उपर आगे बढ़ते हुए कई राज्यों के मौसम को प्रभावित कर सकता
08:11है।
08:11हाला कि सिस्टम जमीन पर पहुँचने के बाद कितनी तेजी से कमजोर होगा, ये उसकी वास्तविक तीवरता और ट्रैक पर
08:18निर्भर करेगा। इसलिए अगले 24-48 घंटे के IMD अपडेट बेहद महत्वपूर होंगे।
08:23अब आते हैं दूसरे बड़े फैक्टर पर और वो है अलनीनो। प्रशांत महासागर में समुद्र की सतह का तापमान सामान्य
08:30से काफी ज्यादा रहने की स्थिती को अलनीनो कहा जाता है।
09:19इसलिए अभी से पूरे देश के लिए सूखे की भविश्यवानी करना सही नहीं होगा।
09:23इतना जरूर है कि मजबूत अलनीनो भारत सहित दुनिया की कई हिस्सों के मौसम के लिए एक महत्वपून जलवायो संकेत
09:31बन सकता है।
09:32भारत में इस समय सबसे दिल्चस्प स्थिती यही है कि एक तरफ अलनीनो का प्रभाव आने वाले महीनों के लिए
09:37चिंता का विशे है।
09:38तो दूसरी तरफ बंगाल की खाड़ी का मौजूदा सिस्टम सितंबर के आखरी हिस्से में बारिश और तीज हवाओं का बड़ा
09:44दौर ला सकता है।
09:46यानि अल्प अवधी में भारी बारिश और लंबे समय में बदलते मौनसूनी पैटरन पर नजर रखनी होगी।
09:51दिल्ली NCR की बात करें तो फिलहाल इस सिस्टम का सबसे बड़ा असर पूर्वी और मध्य भारत के मुकाबले राजधानी
09:58क्षेतर में दिखाई देने की उमीद नहीं है।
10:00लेकिन सितंबर के आखरी दिनों में मौसम तेजी से बदल सकता है। इसलिए स्थानिय पूर्वा नुमान पर नजर रखना जरूरी
10:07है।
10:07पंजाब, हर्याना और पश्चमी उत्तर प्रदेश में भी इस सिस्टम का सीधा प्रभाव ओडिशा और आंधर प्रदेश जितना मजबूत नहीं
10:14रहने की संभावना है।
10:15सबसे ज्यादा सतर्क रहने वाले इलाके फिलहाल दक्षन ओडिशा और उत्तर तटिय आंधर प्रदेश है। इसके बाद दक्षन चत्तीजगर और
10:23तेलंगाना पर नजर रहेगी। भारी बारिश वाले इलाकों में निचले इलाकों में पानी भरने, छोटी नदियों और �
10:29नालों के जल स्तर में बढ़ने तिथा कुछ जगों पर यातायात प्रभावित होने जैसी स्थितियां बन सकती हैं। पहाडी या
10:35धलान वाले इलाकों में रहने वाले लोगों को भी स्थानिय प्रशासन की चेतावनियों पर ध्यान देना चाहिए। और सबसे जरूरी
10:42बात
10:42अगर आप 22 से 25 सितंबर के बीच ओडिशा, आंधर प्रदेश, 36 गड़ या तेलंगाना या आसपास के इलाकों में
10:49यात्रा करने वाले हैं तो निकलने से पहले IMD और स्थानिय प्रशासन का ताजा अलर्ट जरूर देख लें। समुद्र से
10:55जुड़े इलाकों में बिना अन
11:1145 घंटों में इसके डिप्रेशन और डीप डिप्रेशन में बदलने की संभावना है। 23 और 24 सितंबर को दक्षिन ओडिशा
11:18और उत्तर तटिये आंधर प्रदेश में अत्यंत भारी बारिश का खत्रा है। इसके बाद 36 गड़ तेलंगाना, विदर्भ और मध्य
11:26भारत के कु
11:41आखिर कितनी ताकत हासल करता है? क्या ये डीप डिप्रेशन तक सीमित रहेगा या आगे चलकर ट्रॉपिकल साइकलोन में बदल
11:48जाएगा? इसका जवाब अगले कुछ अपडेट में मिलेगा और अगर ये चक्रवाद बनता है तब ही अरनब नाम आधिकारिक रूप
11:54से प्
12:24पर नजर रखिये