00:00आज ये तैय हो गया है कि मजॉरिटी ग्यानेश कुमार के साथ नहीं थी ग्यानेश कुमार अपनी मनमर्जी से फैसले
00:12करते थे किस तरह एलेक्शन चलाना है क्या एरो को करना है कौन सा फॉर्म फाइल करना है ये तैय
00:22करते थे ग्यानेश कुमार इस देश में नेतिकता कामत का
00:26काहिम है आज मी कुछ लोगों कुछ लोगों का जमीर आज भी काहिम है और जो आज सुभे स्टोरी इंडियन
00:35एक्सप्रेस में निकली है मैं उन जर्नलिस्ट को दाद देता हूं जो उन्होंने विस्तार से बता है कि किस किसम
00:43का धान्दा हो रहा है इलेक्शन केमिशन में और सा
00:48साथ में एक बात और साबित हो गई कि जब तक जर्नलिजम जिन्दा है तब तक अकाउंटेबिलिटी रहेगी आज वो
01:00साबित हो गया है मोटी मोटी बाते करूँगा बारीकी में जाने के जुरुत नहीं है ऐसा लगता है इलेक्शन केमिशन
01:09आपको मालूम है कि पहले तो ए
01:12एकी एलेक्शन कमिशन का एकी मेंबर होता था फिर संचोदर नुवा और तीन मेंबर बनाई गई एलेक्शन कमिशन और ये
01:19भी तै किया गया कि डिसिशन्स भाइ मजॉरिटी होगा
01:23तो आज ये तै हो गया है कि मजॉरिटी गयानेश कुमार के साथ नहीं थी गयानेश कुमार अपनी मनमर्जी से
01:35फैसले करते थे किस तरह एलेक्शन चलाना है क्या एरो को करना है कौन सा फॉर्म फाइल करना है ये
01:46तै करते थे गयानेश कुमार
01:50जोशी साब और संदू साब जो election commissioners हैं कई बार उन्होंने विरोध किया
01:56कि जो आप कर रहे हो गनेश कुमार जी और लगबग मेरे खाल 40 बार 14 बार 10 मिहने में
02:03विरोध किया
02:04कि आप ये क्या कर रहे हो जो कर रहे हो आप वो सम्मिधानिक नहीं है वो कानून के मताबिक
02:10नहीं है
02:11और इसके पीछे सोच क्या थी दो बातें आपको मोटी मोटी बता देता हूं कि जो software election commission का
02:19जो अधिकारी है जिसको अख्तियार है वो है ERO उसको access कर सकता है क्योंकि ERO बहां बैठा हुआ है
02:30constituency में जहां भी पोल हो रहा है ERO तेह कर सकता है और उसको access मिलना चाहिए
02:37इस software का कि किसको delete करना है और किसको add करना है
02:43अब हुआ क्या कि यह सारा system centralized हो गया मतलब कि यह election commission के हाथ में आ गया
02:52ERO को access दिया ही नहीं गया और इसमें दोनों election commissioners ने विरोद किया
02:58संदू साब ने और जोशी साब ने कि आप क्या कर रहे हैं और एक उधारन गोआ का सामने आ
03:04गया कि 27 ऐसे लोग थे
03:06जो ERO ने कहा कि साब इनको upload कीजिए तो सही वोटर हैं upload नहीं होने दिया
03:13तो पहली बात तो यह कि election commission ने सारा system centralized कर लिया
03:19कानून के खिलाफ था election commission के procedure के खिलाफ था
03:25और इसका मतलब यह हुआ कि जो IT seller जिसमें कोई भी अधिकारी बैठा हुआ है गनाश गनेश कुमार के
03:32के आधीन वो तेह करेगा कि कौन डिलीट होगा और कौन एड होगा
03:40यह हो रहा है election commission में पहली बात तो यह दूसरी बात सारे फैसले बाय मजॉरिटी होने चाहिए
03:49और अगर दो election commission ने विरोध किया है इस बात का कि आप ऐसा नहीं करना आपको करना चाहिए
03:55तो उसको नजर अंदाज किया गया और यह मामले election commission के सामने आई ही नहीं
04:03दूसरी बात यह तीसरी बात election commission ने यह भी कहा है कि representation people's act के अंतरगत आप यह
04:10जो special intensive revision है यह exceptional cases में कर सकते हो यह भी बात सामने आई इस पे भी
04:18ग्यानेश कुमार ने इसको नजर अंदाज कर दिया क्योंकि उधारन एक ही पहले हुआ है कि
04:23एक बार ही representation people act के अंतरगत एक special revision हुआ है वो भी एक ही छोटे से इलाखे
04:30में एक constituency के लेकिन अब सारे देश में हो रहा है और सारे देश में इस लिए हो रहा
04:36है कि चुनाव का अपने हाथ में कर दो जिसको वोट देने का हक दो वो अपने हाथ में रखो
04:41जिसका नाम delete करना है
04:43वो अपने हाथ में रखो जिसको add करना है वो अपने हाथ में रखो तीसरी बात है कि ऐसा होना
04:52ही नहीं चाहिए थे चौथी बात जो और भी गंबीर बात है यह जो form six है
05:00representation people of act के अंतरगर यह new voter को भरना पड़ता है और new voter में उसको कहना पड़ता
05:07है कि मैंने कभी पहले वोट नहीं किया ठीक है अब जिनका नाम जिनके parents और grand parents का
05:15नाम नहीं है और यह मेरा नाम अगर कट जाए तो मुझे form six बरना पड़ेगा और फिर उसमें हमें
05:22बोलना पड़ेगा कि मैंने कभी पहले वोट नहीं किया तो इसका मतलब मैं form six बरूं और जूड बोलूं कि
05:30मैंने कभी वोट नहीं किया यह election commission करवा रही है
05:35और इसमें मैं आपको बहुत interesting बात पता हूँ इस पे विरोध हुआ कि आप form six ऐसे नहीं कर
05:41सकते क्योंकि अगर form six के आपने तबादली लानियां संशोधर करना है तो वो सरकार के द्वारा एक amendment होगी
05:48act में और उस rule में और तब ही वो अपारित होगा और उसके इलावा आप �
05:55इस तरह पर नहीं कर सकते गैने इशकुमार की गुरसी पर बैटके यह नहीं कर सकते उसका दोनों कमिशनर्स ने
06:02विरोध किया उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई फिर इन्होंने किया किया कि एक अफसर जो था जो अपना काम सही
06:10तरीके से कर रहा था वो वो पोर्टल देख �
06:13रहा था इसी आई नेट का हां वो चुट्टी पर चले गया इन्होंने एक और शक्स उसके बिठा दिया एक
06:22शक्स बिठा दिया और उसको उस रिस्पांसिबिलिटी से वरकास्त कर दिया इस पर भी विरोध हुआ और इस पर दोनों
06:30कमिशनर्स ने कैविनेट सेक्टरी को लि
06:43बताना चाहता हूं कि चालीस पोर्टल और एप्स एक एक सेंट्रलाइज कर लिए गए चालीस पोर्टल और एप्स मतलब कि
06:58सारा अक्तियार कमिशन को था फिर और ये सीमा खना जी ने डिरेक्टर जेनरल आईटी कमिशन की हैं उनके सब
07:08कुछ आधीन हुआ और
07:11दूसरी बात ये है कि तीस स्टेट्स में तेरा करोड को नाम निका दे गए तेरा करोड और अगर पूरा
07:21ये पूरी प्रक्रिया आगे बढ़े तो तीस करोड नाम कटे जाएंगे
07:29ये बाते हम सुप्रीम कोट को बता चके हैं हम कह रहे हैं सुप्रीम कोट और रोज कहते हैं जब
07:36जब भी मामला आता है सुप्रीम कोट हमारा सुनता भी नहीं है
07:41हम कहते हैं कि आप इन पर विश्वास मत करो आप जमीनी हकीकत देखो ये का बात कल भी हुई
07:48सुप्रीम कोट है प्रशान भूशन ने ये बात कही कि आप फॉर्म सिक्स को क्यूं कहलाते हो वोटर से कि
07:56वो फॉर्म सिक्स भरे और ये जूट बोले कि वो पहली बार वोट कर �
08:01और ये जो उन्होंने प्राव्दान रखा फॉर्म ने कि आपके पेरेंट्स और ग्रैंट पेरत्स में वोटर इस्ट में होना चाहिए
08:08यह तो कभी था ही नहीं
08:12इसको उन्होंने गैनिश कुमार जी ने इसमें फॉर्म सिक्स में डाल दिया जिसका विरोध हुआ
08:19जोशी साब और संधी साब ने कहा आप ऐसा नहीं कर सकते यह नहीं डाल सकते
08:22तो वो जो निया वोटर होगा वो कहां से लाएगा कि उसके माता पिता कौन सी कहां उन्होंने वोट किया
08:29था ग्रैंड पेरेंट्स का उसकी कहां से एज लाएगा उनकी कहीं लोगों को नहीं मालूं और नहीं नहीं यह कहते
08:37हैं कि आप नहीं नहीं हमें सर्टिफिकेट्स दो �
08:40चार्ट डॉक्यूमेंट्स दो असलियत तो यह है कि नोटिस भेजते ही नहीं यह बात भी मैंने कई बार रखी कई
08:50बार आपके द्वारा मैंने प्रेस कॉंफरेंस इसी के बारे में कई
08:54कि नोटिस मिलते ही नहीं है अगर एक मारत हो चार पांट स्टोरी की उसमें लोग रहते हो तो क्या
09:00बिये लो वो विचारा हर क्वार्टर में जाएगा देखने के लिए कि आपको नोटिस मिला है के नहीं निश्टित रूप
09:07से नहीं जाएगा
09:11कौपरेटिव सुसाइटी हो तो फिर भी वो सुसाइटी को नोटिस बेज सकता है लेकिन अगर कोई कौपरेटिव लोग ऐसे ऐसे
09:18अमारतों पर रहते हैं ऐसे ऐसे ब्लॉक्स में रहते हैं उनको पता ही नहीं लगता उनको नोटिस ही नहीं मिलेगा
09:24तो वो कैसे अपना सि�
09:25करेंगे कि मैं तो वोटर हूँ और तीन बार ऐसे होगा तो वोटर लिसे नाम कटा जाएगा और यह तो
09:32अधारण अब आप सामने आ गया ना यह तो सुप्रीम कोट के सामने वो जो वो जो बंगाल का अधारण
09:39है वो तो सामने आ गया
09:44अब बताईए मैं आपको यह जो चौदा नोट जो हुए पहले अक्तूबर अठाइस दोजार पच्चिस में आपको मालूम है यह
09:52सारी प्रक्या शुरू जून में हुई
09:55फिर उसके बाद एप्रिल सोला दोजार शब्विस में इन्होंने नोट दिया
10:00कि यह जो और हुए है अठाइस अक्तोबर को दो बो और बिना अप्रूबल किया है कमिश्ण के बिना अप्रूबल
10:1016 एप्रिल दोजार चब्विस तो चब्विस को कि यह पता चल गया इन लोगों को कि भाया यह जो आईटी
10:16मॉडिल्स और पोर्टल्स हैं मीडिया से पता चला उनको
10:20कि इनके कबजे में हैं 16 एप्रिल संदू साब ने कहा कि साब यह सब हो रहा है विदाउट आर
10:27अप्रूबल लिक्ट रूप में
10:32पिर जोशी साब ने एप्रिल सोना उसी दिन कहा कि कोई अजेंडा ही नहीं है कि कमिशन के सामने कोई
10:42जेंडा
10:52कर रहा है यही नतीजा हुआ ना आगे पड़ो सोला एप्रिल को जोसी साब ने कहा कि यह जो लोग
10:59फॉरन ट्रिप पे भी जा रहे हैं यह भी हमारे अप्रूल के विना जा रहे हैं एप्रिल
11:04को कहा कि को कोई कैस्यल्क किम्मीची यह इस्फ नेतस है कर दिया मेz सोला को फॉर्म चेंज से चेंज
11:17हो गया मैंज सोला कर दोजार पच्चीस की बाते हैं 26 की बात्त धा हूं
11:29कि फिर उन्होंने वान किया जोशी साब ने कि एलेक्टरल रोल डेटाबेस इस बिंग सेंट्रलाइज नीज और इंदास कर दिया
11:39फिर जुलाइ उनतीस को जोशी जी ने कैमिने सेक्टी को लिखा
11:44अच्छा संदू साब ने बात भी इंडोर्स की जोशी सी की जोशी जी की जो में उननतीस की मैंने बात
11:49रखी फिर जुलाइ उननतीस को कैमिने सेक्टी को लिखा गया कि ये डिस्टिबुशन वर्क हो रहा है विदाउट नॉलिज इदे
11:56कमिशन को मालूम है नहीं खुद गयान
12:12इसको मरजी कर रहा है जुलाइ 30 को जोशी एंड संदू स्ट्राइब डाउन न्यू एलोकेशन और निया एलोकेशन और रुवा
12:19उसको स्ट्राइब डाउन कर दिया 12 अगस्त संदू साब ने लिखा कि बही ये जो कौन कर रहा है कि
12:26अपील फाइल करो आपको मालूम है कि वे
12:41कर रही होगी ना कौन अप्रूव कर रहा है जैनिश कमार जी मतलब के यह और वोट कारना चाहते है
12:49एक तो कार्ट वेते हैं फिर और वोट कारना चाहते हैं तिर ऑगस्त 13 फॉर्म छे चेंज हुआ उन्होंने का
12:56कि अनौतराइज संदू साब ने का अनौतराइज और इलीग
13:11से तो बदलाव कैसे लाएगा कैसे कहेगा कि इस वोटर को हग है वोट करने का और इसका इसका नाम
13:18डिलीट नहीं होना चाहिए तो जिसके जिसका वोटर का नाम काटना है वो यहां से होगा निर्वाचन सदन से होगा
13:29वो एलेक्षन कमिशन से होगा जिसका एड करना है वो भी एलेक्षन कमिशन से होगा अस्रियत तो यह भवाइसब के
13:38इनके कॉर्परेटर बियर लों के साथ बैठ से हैं तर् enorme करते हैं कि इस गलीमें किसका नाम कथे
13:46किसको notice जाए
13:47और इस गली में कोई notice नहीं जाए
13:50किसको कोई को notice नहीं जाए
13:52वो विचारा एक तो
13:54teacher है वो क्या करेगा
13:55वो दे टे करता है
13:57नाम काटे जाते हैं
14:00लाकों की इताद में लोगों को पता नहीं लगता
14:02लोग appeal नहीं पर सकते
14:03जो बंचित लोग है गरीब लोग है
14:06वो कहां से appeal करेंगे
14:07कहां से documents लाएंगे
14:10आप इसकी जो
14:11इसकी जो seriousness है सोचिए
14:15यह देश अगर
14:16ऐसे ही चलता रहा
14:17तो फिर चुनाव का फाइदा क्या है
14:21होना तो
14:22यह चाहिए कि ग्यानोश कुमार
14:24को अभी suspend करना चाहिए
14:27अभी
14:28suspend करना चाहिए
14:31सारी
14:32यह election commission की जो भी
14:33प्रक्रिया है इस पे रोक
14:35लगने चाहिए अभी
14:37इसी वक्त
14:38जो पुराने चुनाव है
14:41उनको रद करना चाहिए
14:45अगर इसे ही चुनाव हुए है
14:48चाहे वो बिहार में हो
14:49चाहे वो पच्चिम बंगाल में हो
14:53चाहे बाकी जगा हो
14:56रद करना चाहिए
15:00और साथ साथ में
15:01क्योंकि यह तो oath of office लेते नहीं है
15:03यह भी अभी गंबीर बात है
15:04कोई election commissioner
15:06oath of office नहीं लेता
15:08कि I am
15:10that I take an oath of office
15:11to protect the constitution of India
15:13कोई नहीं लेता
15:15तो इसका मतलब सुनवाई कहा है
15:17इनके खिलाफ अगर होगी तो
15:21सरकार तो सुने के नहीं
15:22और एक और गंबीर बात
15:24यह ग्याने शकुमाजी अकेले तो नहीं कर रहे होंगे
15:28किसी के आदेश पर कर रहे होंगे
15:32इसकी investigation का होनी चाहिए
15:34कि कौन आदेश दे रहा है
15:36और जो आदेश दे रहा है वो देश द्रोही है
15:39असली में वो देश द्रोही है
15:42इसमें कोई सरकार के लोग वाकिफ हैं
15:47और यह जो धान्दे बाजी जमीन पर हो रही है
15:50आपको आपको सभी को ग्यान है
15:52कि सबी सरकार में जो बैठे हुए हैं उनको मालू है
15:55कि ये धानले-बाजी हो रही है
15:58लेकि नजरबाज हर रहा है
16:00क्यों कर रही है? क्युंकि
16:01मैं समझता हूँ उनके आदेश से हो रहा है
16:05तो उनकी भी
16:06ذिमिदारी होनी चाहिए ह grease
16:07accountability होनी चाहिए
16:10और अब तो साफ जाहर हो गया है
16:13साफ जाहर हो गया है
16:14के पस्च्चम बंगात में
16:16जो�데लीट हुए है
16:1891 प्रतिशत गलत जिलीट हुए
16:22तो ये कोई coincidence तो नहीं हो सकता
16:26अगर 90 प्रतिशत गलत तरीके से
16:29डिलीट हुआ है
16:29तो फिर किस किस अ महचना हुआ है
16:34मुंता बैने जी ठीक कहती थी और जिससरा से वोटिंग अकाउंटिंग काउंटिंग हुई वो एक अलग बात है उसके बारे
16:40तो हम नहीं जाएंगे वो एक अलग बात है और ये
16:48जऑ सब्डिविजनल मैजिस्ट्रेट उसको कोई रख नहीं ंकि एक्सेस का वो वोटर इस के एड करने
17:14इस पुपता करना पड़ेगा तो ऐसे कही चीज़े हैं लेकिन मोटी मोटी बाते हैं आपको बात पता दी मैंने और
17:19हम आप चाहेंगे कि रोक लगाई जाए सुप्रीम कोट इसका संग्यान करे किस तरीके से निया एलेक्शन कराना है इसको
17:34सस्पेंट किया जाए गैनेश कुम
17:44सुप मोटी कोट के गवारा एफाया होना चाहिए कि कौन कौन इसके पीछे थे किस किस ने ये काम करवाया
17:52गनेश कुमार के और उसकी फिर फाइनल रिपोर्ट फाइल होनी चाहिए क्योंकि ये संविदान के खिलाफ है जो सपना हमारे
18:02दिखाया था जिनोंने हमें अजादी
18:07दिलाई उन सपनों के विपरीत है जो एलेक्शन केमिशन का का रिस्पॉंसिबिलिटी था संविधान के अंतरगत उसको ग्यानाश कमार जी
18:19ने उतकी धजियां उड़ाई हैं और अगर अगर भी सुप्रेम कोट अभी भी इस पे लोक नहीं लगाती है इसका
18:29संग्यान नहीं
18:30करती तो मैं तो राजनेतिक दलों से आगरे करूँगा कि आप पीस्फुली सड़कों पे उतरों बहुत बहुत धन्यवाद है