00:00अरे रात में मत निकला करो
00:02रात में आप सड़कें सेनिटाइज करो
00:03रात में कोई भी निकल सके
00:05इस देश के हर नागरिक का हक है
00:07वो किसी भी समय कहीं भी निकल सकता है
00:09आप कौन होते उसका हक छीनने वाले
00:11पर हम उसे हम नागरिक की तरह नहीं देखते
00:14She is not a citizen, she is a woman
00:16She is nobody, she is a woman
00:18उसकी और कोई identity matter ही नहीं करती
00:20बस वो woman है
00:21हमको जो पूरा cultural training बच्चपन से मिल रही है
00:25वो बहुत गडबड है
00:26वो लड़की को बस एक sexual object की तरह ही देखता है
00:30जब तक हमारा जो culture है
00:34वो consciousness centric नहीं होगा
00:37जब तक हम एक इनसान को male या female की तरह देखते रहेंगे
00:40तब तक चीजों का बदलना बहुत मुश्किल है
00:43क्योंकि अगर वो female है
00:45तो फिर तो जो मेरी biological instant है
00:48वो उसको exploit करने की ही है
00:50जब तक हमारी जो basic conditioning है
00:53वो ही नहीं बदली जाएगी
00:54तब तक ये चीज नहीं रुकेगी