00:00जैरे जी, ये नाम खुमारी नान का चड़े रहे है दिन राट, ये खुमारी सर समझना इसा है.
00:06जितने भी ये सब नाम होते हैं ना, दुनिया के, ये सब बोज की दर होते हैं.
00:13एक नाम ऐसा चाहिए, जो तुम्हें सांसारिक होश से बेपरवा कर दे.
00:20ये बेपरवाई शब्द भी, वो नानक दिव जी के यहां से आया है, बहुत जबरदस शब्द ही है, बेपरवाई, हम
00:26जिसको होश बोलते हैं वो बोज होता है, और हम जिसको परवाही बोलते हैं, वो गुलामी होती है, हमें वो
00:34नाम चाहिए जिसको लेकर ना कोई किस्सा बन
00:38वही नाम है जो तुम्हें खुमारी देगा बाकी सारे नाम तुम्हें बोश देंगे
00:42यहां कुमारी से क्या आशे हैं आशे समझते हैं बेहुशी
00:45यह जब खुमारी कह रहे हैं तो वास्ताव में बड़ा जबरदस्त
00:49व्यंग है उसके खिलाफ जिसको हम होश बोलते हैं
00:53ये गहरे बिड़ा तुम जिसको होश बोलते हो न वो बेहोशी है
00:56तो अगर तुम होश में जीना चाहते हो तो मैं चाहता हो तुम बेहोश हो जाओ
01:00क्योंकि जिसको तुम होश बोल रहे हो
01:02वो मुर्खता है वो बेहोश ही है
01:04आम आदमी जब बोलता है मैं होश में उसको क्या मतलब होता है
01:06खुराफात करनी है इसका मतलब कामना करनी है
01:09जो ये सब कर रहा है उसको अब क्या बोलते हो या आदमी तो
01:12होश मंद है
01:13तो ग्यानियों ने का अगर इसको तुम होश बोलते हो तो मुझे ये होश नहीं चाहिए
01:17मुझे खुमारी चाहिए
01:18तो इसलिए प्रेमियों ने ग्यानियों ने संतों ने
01:21खुमारी की बात करिये
01:23कविरतावराम खुमारी की बात करते है
01:25सूफियों गया जाओगे
01:26तुहां तो सीधे बोलते हैं कि शराब पीना सिखा दिया है
01:31कौन सा है वो क्या पूरा का
01:32ये जो हलका हलका सुरूर है
01:35ये तेरी नजर का कुसूर है
01:37कि शराब पीना सिखा दिया है
01:39वो बाते क्यों की गई हैं
01:40उन बातों के संबन इसी खुमारी से है
01:42वो कहते है धी यह होश जब गिरता है
01:44तो हंकार गिरता है
01:45इसले हुख हुआरीकी बात करते है
01:47उसको तुम
01:49इथनोल, इलकोहल मत बना लेना
01:51वो बात हो रही है
01:54transcendence की
01:56बात आ रही समझ मैं
01:57उसको intoxication मत बना लेना
02:00ठीक है