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  • 3 minutes ago
कार्डियोलॉजिस्ट के अभाव में रोजाना मरीज पहुंच रहे ओपीडी, गंभीर मामलों में जयपुर-कोटा का सहारा

सवाईमाधोपुर. जिले में हृदय रोगियों की संख्या बढ़ने के बावजूद जिला अस्पताल में कार्डियोलॉजिस्ट की नियुक्ति नहीं होने से मरीजों को विशेषज्ञ उपचार के लिए दूसरे शहरों का रुख करना पड़ रहा है। जिला अस्पताल में हृदय रोग से संबंधित प्राथमिक जांच और सामान्य उपचार की सुविधा उपलब्ध है, लेकिन गंभीर स्थिति में विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श और आगे के उपचार की जरूरत होने पर मरीजों को जयपुर या कोटा रैफर किया जा रहा है। इससे मरीजों के साथ उनके परिजनों को भी इलाज के लिए अतिरिक्त समय और आर्थिक भार उठाना पड़ रहा है।

जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन औसतन आधा दर्जन से अधिक हृदय रोग से संबंधित मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें कई मरीज सीने में दर्द, सांस लेने में परेशानी, रक्तचाप और हृदय संबंधी अन्य लक्षणों के साथ अस्पताल पहुंचते हैं। प्रारंभिक जांच के दौरान हृदय संबंधी समस्या सामने आने पर मरीज को विशेषज्ञ उपचार के लिए उच्च चिकित्सा संस्थान ले जाने की सलाह दी जाती है।
गंभीर मरीजों के लिए बढ़ जाती है परेशानी
हृदय रोग से जुड़े गंभीर मामलों में समय पर विशेषज्ञ उपचार बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। जिला अस्पताल में कार्डियोलॉजिस्ट नहीं होने से ऐसे मरीजों को यहां से आगे रैफर करना पड़ता है। कई मामलों में मरीज की हालत गंभीर होने पर परिजनों को तत्काल जयपुर या कोटा ले जाने की व्यवस्था करनी पड़ती है। लंबी दूरी की यात्रा के साथ एम्बुलेंस, जांच और उपचार का अतिरिक्त खर्च भी परिजनों पर पड़ता है।

ईसीजी के बाद विशेषज्ञ उपचार की जरूरत

अस्पताल में आने वाले हृदय रोगियों की प्रारंभिक स्तर पर जांच की जाती है। ईसीजी सहित उपलब्ध जांचों के आधार पर चिकित्सक मरीज की स्थिति का आकलन करते हैं। जांच में हृदय संबंधी समस्या के संकेत मिलने पर विशेषज्ञ चिकित्सक की आवश्यकता होती है। ऐसे में मरीज को जिला अस्पताल में आगे उपचार उपलब्ध नहीं होने के कारण दूसरे चिकित्सा संस्थान के लिए रेफर किया जाता है।
आठ माह में 64 मरीज भर्ती
जिला अस्पताल के आंकड़ों के अनुसार जनवरी से अगस्त तक हृदय रोग से संबंधित 64 मरीज भर्ती हुए। वहीं अब तक 20 से अधिक मरीजों को उच्च उपचार के लिए रैफर किया जा चुका है। इसके अलावा प्रतिदिन ओपीडी में भी हृदय संबंधी शिकायत लेकर मरीज पहुंच रहे हैं। ऐसे में जिला अस्पताल में कार्डियोलॉजिस्ट की जरूरत महसूस की जा रही है।

फैक्ट फाइल........

स्थिति आंकड़ा
प्रतिदिन ओपीडी में आने वाले हृदय रोगी करीब 6

जनवरी से अगस्त तक भर्ती मरीज 64
अब तक रैफर किए गए मरीज 20 से अधिक

जिला अस्पताल में कार्डियोलॉजिस्ट 0
प्रमुख रैफरल शहर जयपुर, कोटा

इनका कहना है...

जिला अस्पताल में हृदय रोग से जुड़े मरीजों के लिए विशेषज्ञ चिकित्सक और आवश्यक उपचार सुविधाएं उपलब्ध नहीं होना गंभीर समस्या है। वर्तमान जीवनशैली, खानपान, तनाव और बढ़ती भागदौड़ के कारण हृदय संबंधी बीमारियों के मामले बढ़ रहे हैं। ऐसे में गंभीर मरीजों को तत्काल उपचार मिलना जरूरी है। जिला अस्पताल में हृदय रोग विशेषज्ञ और एंजियोग्राफी जैसी सुविधाएं उपलब्ध नहीं होने से हार्ट अटैक के मरीजों को जयपुर रैफर करना पड़ता है। इसमें कई घंटे लग जाते हैं और गंभीर स्थिति वाले मरीजों के लिए यह देरी जानलेवा साबित हो सकती है। इसी समस्या को लेकर जिला स्थायी लोक अदालत में परिवाद दायर किया था। अस्पताल के पीएमओ की ओर से जवाब में राज्य सरकार को हृदय रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति के लिए पत्र भेजने की जानकारी दी है। अब विशेषज्ञ चिकित्सक की नियुक्ति और आवश्यक सुविधाएं कब तक उपलब्ध होती हैं, यह देखने वाली बात होगी।
हरिप्रसाद योगी, अधिवक्ता एवं सामाजिक कार्यकर्ता, सवाईमाधोपुर

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