00:00मोदी जी को किताबों से क्या जानी दुश्मनी है कि देश की राजधानी दिल्ली में शास्त्री भवन में
00:08साड़े आठ लाख जो किताबे हैं अब वे उन्हें नश्ट करने पर आमादा हैं
00:14यह कल्पना से भी परे बात है कि जो भारत की दूसरी सबसे पुरानी सेंट्रल लाइबरेरी है
00:21जो शास्त्री भवन में मौझूद है
00:23135 साल पुरानी लाइबरेरी 8.5 लाख किताबें उनके लिए मोदी जी के सेंट्रल विस्ता में कोई जगा नहीं है
00:33आज की तारीख में यह लाइबरेरी इतिहास को समेटे हुए है
00:40135 साल का इतिहास और उससे पहले की भी किताबें यहां मौझूद है
00:451701 की किताबें यहां मौझूद है
00:48और यह रेफरेंस बुक के तौर पर अंगिनत लोग इसका इस्तमाल करते हैं
00:55चार फ्लोर्स पर है ध्यान रखिए देश की राजदानी दिल्ली दिल्ली के शास्त्री भवन में
01:02चार फ्लोर्स पर साड़े आठ लाग किताबें जो मौझूद है
01:06उनके लिए मुदी सरकार को कितनी जबरदस जगा मिली है
01:10ग्रेट सेंट्रल विस्ता में सिर्फ दो कमरे निकाल पाई है
01:16और यह बताया जा रहा है जो इंडियन एक्स्प्रेस में खबर छपी है
01:20उसके मुताबिक कि अब यह सारी बहुमूल्य किताबें बंद कर दी जाएंगी
01:27और पैक करके कहीं गोदान में सड़ने के लिए भर दी जाएंगी
01:32और यह वही प्रधान मंत्री है जो दोहजार चौबिस में बिहार के नालंदा में जाकर विलाप कर रहे थे
01:40कि किस तरह से नालंदा के ज्यान को आग लगाई गई थी वहां की किताबें नश्ट की गई थी
01:47आग की लपतों में उस तके भले जल जाएं लेकिन आग की लपतें ज्यान को नहीं मिटा सकता
01:58नालंदा के दोंस ने भारत को अंदकार से भर दिया था अब इसकी पुनर सापना भारत के स्वनिम यूग की
02:13शुरुआत करने जा रहा
02:15लेकिन आज उनके सीधे नित्रित में उनके डीम प्रोजेक्ट में सेंट्रल विस्ता में साड़े आठ लाख किताबों को नश्ट करने
02:25की पूरी तैयारी कर दी गई है