00:00या आप जानते हैं मछुआरों की बस्ती में पली मत्स्य गंधा रानि कैसे बनी यमुना नदी की लहरों के बीच
00:06एक अजीब सी मचली की दुरगंध फैली थी
00:09महर्शी पराशर ने अपनी योग शक्ती से उस कन्या के शरीर की गंध बदल दी, शन भर में उस साधारन
00:15कन्या का शरीर सुगंधित फूलों सा महेक उठा, इसी चमतकार के बाद उसका नाम पड़ा योजन गंधा, जिसकी सुगंध दूर
00:23तक फैलती थी, फिर उसी पावन बे
00:39राजकुमार देववरत नेली आजीवन ब्रहमचर्य की भयानत प्रतिग्या, ऐसी ही महाभारत की अनसुनी गाथाओं के लिए सनातन धर्म को फॉलो
00:47करें