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सिद्धू मूसेवाला के 3D होलोग्राम शो को लेकर सोशल मीडिया पर बड़ा विवाद छिड़ गया है! पाकिस्तानी एक्ट्रेस मीशी खान और कई इन्फ्लुएंसर्स का दावा है कि मरे हुए लोगों को तकनीक से वापस दिखाना 'दज्जाल का फितना' (Dajjal ka Fitna) है। क्या वाकई दज्जाली दौर की शुरुआत हो चुकी है? इस वीडियो में जानिए इस एडवांस एआई तकनीक की हकीकत और इस पर इस्लाम और हदीस का क्या नजरिया है। पूरी सच्चाई के लिए वीडियो देखें!

Sidhu Moosewala's 3D Hologram Tour has sparked a massive online debate. Influencers like Meeshi Khan are calling it 'Dajjal ka Fitna', claiming that bringing dead people back to life digitally mimics the deception of the Antichrist. Is this the beginning of that era or just advanced AI technology? Watch this full video to know how this 3D tech works and what Islamic scholars say about it!

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Transcript
00:03हाल ही में कनाड़ा के टॉरांटो शहर में दिवंगत पंजाबी सिंगर सिद्धु मूसेवाला का एक वर्ल्टूर शो हुआ है
00:09साल 2022 में दुनिया छोड़ चुके सिद्धु अचाना की स्टेज पर गाते और पर्फॉर्म करते दिखाए दिये
00:15ये सब मुम्किन हुआ 3D, Hologram, Technology और Advanced AI की मदद से
00:20लेकिन जहां एक तरफ फैंस भावू को रहें वहीं इंटरनेट पर कई मुस्लिम, इंफ्लिउंसर्स और पाकिस्तानी अक्टर्स मीशा खान ने
00:25इसे एक बेहद डरावनी चीज़ से जोड़ दिया है
00:28उनका दावा है कि ये दज्जाल का फितना है
00:31और इसी तरह से दज्जाल भी एक दिन मरे हुए लोगों को जिन्दा करके दुनिया को बेवकूफ बनाएगा
00:36लोग पूछ रहें कि क्या उस दज्जाली दौर की शुरुआत हो चुकी है
00:39इसलाम इस बारे में क्या कहता है और इस से तकनीक कासली सच क्या है
00:44दरसल इस से पूरी कॉंट्रोवर्सी की शुरुआत तब हुई जब सोचल मीडिया पर ये बहस शड़ी की जो इनसान इस
00:49दुनिया में नहीं है
00:50उसे तकनीक के जरिये दुबारा जिन्दा दिखाना कहां तक सही है
00:53एक्ट्रस मीशा खान ने खुल कर कहा कि ये दज्जाली कॉंसेट है
00:57AI की सुरत में हमारे इर्दगिर्द दज्जाल जो है वो मौझूद है
01:01हमें दज्जाल के आने का उन्तजार नहीं करना
01:04क्योंकि आप सोच सकते हैं कि एक मुर्दा आदमी
01:06मुर्दा सिंगर सिद्धू मुसेवाला उसका कॉंसर्ट हुआ
01:11टोरांटो कैनेडा में
01:13एक लाक से जाए टिकेट जो है वो खरीदे गए
01:16ये जानते हुए कि वो इनसान इस दुन्या में नहीं है
01:19और होलोग्राम के जरीए एक जीता जागता इनसान जो है
01:25उसने परफॉर्म किया सिद्धू मुसेवाले के गाने गाए
01:29और लोगों ने एंजॉय किया ये जानते हुए कि वो इस दुन्या में नहीं है
01:34और उन्हों इस चीज़ को बिलीव करके जाके देखा
01:37तो दजाल तो हमारे इर्दगेद मौजूद है
01:41उसके आने का इंतजार नहीं है
01:43AI से जहां पर बहुत गजब के काम लिये जा रहे है
01:46वहां पर उसको इतने ही नेगिटिव तरीके से भी इस्तमाल किया जाएगा
01:51और ये बता दिया जाएगा कि
01:53मतलब दजाल शेतान का यही काम होगा ना
01:58कि आपको बताना कि देखो मैं मुर्दे को जिन्दा कर सकता हूँ
02:02इंफ्लूंसर का कहना है कि अगर हम इस्लामिक हदीशों को देखें
02:06तो कयामत के करीब जब दजाल यानि काना मसीह दुनिया में आएगा
02:10तो वो लोगों को गुमराह करने और खुद को भगवान साबित करने के लिए कई तरह के फरेब दिखाएगा
02:53हदीशों के मुदाबिक दजाल के पास ये ताकत होगी कि वो किसी मरे हुए इंसान के सामने उसके माता-पिता
02:58का रूप लाकर खड़ा कर देगा
03:00और कहेगा कि देखो मैंने इन्हें दुबारा जिन्दा कर दिया
03:03इन्फिल्यूंसर का मानना है कि आज की AI और होलोग्राम तक्नीक वैसा ही भ्रम पैदा कर रही है जो इंसानी
03:08दिमाग को असानी से धुका दे सकती है
03:10लेकिन जब हम इस पर इस्लामिक स्कॉलर्स और धार्मिक जानकारों का नजरिया देखते हैं तो बात थोड़ी अलग और साफ
03:16हो जाती है
03:16इस्कॉलर्स का कहना है कि दज्जाल के पास जो शक्तियां होंगी वो कोई इन्सानी टेक्नॉलिजी नहीं
03:21बलकि सूपर नैचुरल पावर्स यानि आलोकिक शक्तियां होंगी जो आजमाईश के तोर पर अल्लह की तरफ से उसे दी जाएंगी
03:28वो कोई प्रोजेक्टर या कम्प्यूटर स्क्रीन लेकर नहीं आएगा
03:31हलांकि इसलाम में किसी भी मरे हुए व्यक्ति की छवी आवास को उसकी मौत के बाद कमर्शिल फायदे के लिए
03:36इस तरह इस्तेमाल करने को सही नहीं माना जाता
03:39स्कॉलर्स का कहना है कि मौत के बाद इनसान का रूहानी सफर शुरू हो जाता है
03:44और उसके जाने के बाद उसके डिजिटल अवतार बनाकर मेश्वाना या उससे मनुरंजन करना नैतिक और धार्मिक तरह से गलत
03:51है
03:51लेकिन इसे सीधे तोर पर दज्जाल का आना कह देना जलबाजी होगी
03:55ये केवल एक इनसानी तकनीक है जिसे दज्जाल की फितने से पहले का एक इनसानी आजमाईश का जरिया कहा जा
04:01सकता है
04:02जो इनसानों को सच और जूट के बीच ब्रहमित कर रही है
04:04अब थोड़ा सा विग्ञानिक पहलू भी समझ लेते हैं
04:07ये कोई जादू या भूत प्रित नहीं बलकि शुद्ध विग्ञान है
04:10सिद्धु मुसेवाला के इस शो को बनाने वाले टीम ने बताया कि उन्होंने इसके लिए AI का नहीं
04:15बलकि एक बॉड़ी डबल यानि हम शकल हॉलिवूट के प्रोस्थैटिक आर्टिस्ट और हाई पावर 3D प्रोजेक्टर्स का इस्तेमाल किया
04:21स्टेज पर एक पारदर्शी स्क्रीन लगाई जाती है जिस पर खास एंगल से रोशनी डाली जाती है
04:26जिससे दर्शक को लगता है कि इनसान वाकरी सामने खड़ा है
04:29माइकल जैक्सन और टूपेक के शकूर जैसे महान विदेशी का लकारों के लिए भी
04:34सालों पहले इस तकनीक का इस्तरमाल हो चुका है
04:37लेकिन क्योंकि ये तकनीक इतनी असली लगती है कि सामने बैटे दर्शकों की आँखों में आशू आ जाते हैं
04:42इसी वज़े से ये लोगों के दिमाग के साथ एक साइकलोजिकल खेल खेलती है
04:45इसे देखकर धार्मिक लोगों को दज्जा

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