00:00हाई कोर्ट की बिंच ने बेशक पंचाय चुनाओ के लिए तीन महिने की डेडलाइन तै कर दी हो लेकिन क्या
00:07ये तीन महिने के भीतर पंचाय चुनाओ कराना आसान दिखाई दे रहा है जिस तरीके से सरकार ने स्वागत किया
00:15है विपक्ष ने कहा है कि वो भी तयार है लेकिन
00:28इसे सवाल हैं और आखिर सरकार इंतजार किस बात का कर रही है कि कोई अदालत चला जाए सुप्रीम कोट
00:36और इस बारे में थोड़ा थोड़ी राहत ले आए
00:40नमस्कार मैं हूँ कुमार अभिशेग और आज हम बात करेंगे पंचायत चुनाओ के ताजा अपडेट की
00:47सभी ने ये मान लिया था कि पंचायत चुनाओ टल गया है सरकार ने भी लगभग ये तै कर दिया
00:53था कि पंचायत चुनाओ टल ही जाएंगे क्योंकि उन्होंने जितने भी पंचायत चुनाओ से जुड़े हुए चाहे वो प्रधान हो
01:05जिला पंचायत अध्यक्ष हो ये जो त
01:17तक चुनाव नहीं होते, तब तक के लिए उन्हें ही मान लिया गया कि वही पंचायत में बने रहेंगे, लेकिन
01:24हाई कोट की नजर इस पर बनी हुई थी, कि क्या सरकार सच मुझ चुनाव चाहती है, नहीं चाहती है,
01:31या जानबूझ कर चुनाव अठका रही है, कई आचिका�
01:36पर सुनवाई के बाद दो दिल पहले इलहाबाद बिंच की दो सदस्य जजों की पीठ ने ये फैसला कर दिया
01:43कि तीन महिने के अंदर हर हाल में पंचाय चुनाओ संपन किये जाएं लेकिन आज भी ये आसान नहीं दिखाई
01:51दे रहा ये तैह है कि सरकार खुद से अब इसके ख
02:06माना जा रहा है कि जो प्रधानों का संग है वो इस मामले में सुप्रिम कोट का दरवाजा खटखटा सकता
02:12है बज़ा जो अभी OBC आयोग की रिपोर्ट आनी थी वो तयार नहीं हुई है और यही सबसे बड़ी वज़ा
02:20है इस वक्त इस बात को लेकर के कि ये चुनाव टल ज
02:25सरकार ने भी जो आधार बनाया था वो OBC आयोग की रिपोर्ट को याधार बनाया था यानि कि पंचायत चुनाव
02:32के दौरान सभी जो तीन स्तरिये चुनाव हैं उसमें OBC के लिए जो सीटे हैं उसको सुरक्षित करने की बात
02:39थी और जब तक वो रिपोर्ट नहीं आती तब
02:55OBC के सर्वे रिपोर्ट है उसे लेकर जल्दी से जल्दी जो सीटे हैं उन्हें आरक्षित करके और तुरंत चुनाव कराया
03:04जाए इसलिए तीन महिने का वक्त दिया गया है लेकिन हालात देख लीजिए प्रधान संगों का कहना है कि जो
03:10OBC आयोग बना है वो अभी तक सिर्�
03:1440 जिलों तक ही पहुच पाया है और उसमें भी 10 जिलों का ही जो यह रिपोर्ट है OBC आयोग
03:23की रिपोर्ट यह तैयार हुई है और उसमें भी धेरो गरबडियां है गरबडियां भी ऐसी कि कहा यह जा रहा
03:30है कि जो विधान सभा की वोटिंग लिस्ट है और जो पंचाय चु
03:44वोटर गाउं का है लेकिन शहर से पारसद बन गया है तो ऐसी तमाम गरबडियां है और सबसे बड़ी बात
03:49कि अभी तक जो OBC आयोग की रिपोर्ट है वो तैयार नहीं है OBC आयोग को सभी 40 सभी जो
03:58असी जिले हैं वहां तक पहुचना है और अपनी रिपोर्ट सम्मिट करन
04:13करती है कि इस चुनाओ को ले जाया जाए सरकार के तरफ से जो मंत्रियों के बायान आए हैं उन्होंने
04:17हाई कोट की इस बेंच के फैसले का स्वागत किया है दूसरी तरफ अखिलेश यादों जो कि विपक्ष है हाला
04:23कि अंदर की बात देखा देखी जाए तो दोनों में से क
04:27कोई नहीं चाहता कि तुरंत इस वक्त पंचाय चुनाओ हो क्योंकि फिर कार्यकरताओं कि में आपस के टकराहट कटुता व्यमनस्यता
04:36ये तमाम चीजें आएंगी जो एक होड़ शुरू होगी इस वक्त पंचाय चुनाओ को लेकर उसका असर सभी पॉलिटिकल पार्टियो
04:44कि विधान सभा चुनाओ के नतीजों पर पढ़ सकता है बहुत सारे लोग नाराज हो सकते हैं इसलिए इस वक्त
04:52न तो सरकार और ना ही विपक्ष चाहते हैं कि ये चुनाओ हो लेकिन चुकि हाई कोट का ये फैसला
04:58आ गया है और दोनों पक्षों ने इसका स्वागत भी किय
05:02है तो जड़ा सुनिए क्या कहा है सरकार की तरफ से कि सरकार पंचाय चुनाओ को लेकर क्या कर रही
05:08है और अखिले शादों ने क्या कहा है तो हाई कोट की बेंच ने जब अपना फैसला दिया तीन महीने
05:13के लिए तो उसकी नजर में ये था कि सबसे बड़ा जो रोडा है वो
05:18OBCIO की रिपोर्ट हो सकती है इसलिए अदालत ने भी इस बात को इंगित किया है कि OBCIO की रिपोर्ट
05:26चुनाओ में रोडा नहीं बनना चाहिए जो existing जो OBC के लिए रिजर्व सीटे हैं चाहे सरकार तो उस पर
05:35भी चुनाओ करा सकती है 27% से ज्यादा आरक्षन OBC का नहीं होग
05:40इसके अलावा जो existing OBC दलित और स्ट्राइब के लिए स्टी के लिए है उसको भी अदालत कह रही है
05:48कि उस आधार पर जो existing अभी आरक्षन का तरीका है उसी पर आप चुनाओ कराएं लेकिन हर हाल में
05:55इसे तीन महिने के अंदर पूरा कराएं तो सरकार का जो एक ये तरक है कि
06:01OBC की आयोग की रिपोर्ट नहीं आई है और ऐसे जब तक OBC की आयोग की रिपोर्ट नहीं आती हम
06:07आगे नहीं बढ़ सकते हाला कि ये ये अदालत का ही फैसला था कि नए तरीके से जब तक OBC
06:13की आयोग की रिपोर्ट नहीं आएगी तब तक ये चुनाओ नहीं होंगे अब स
06:28सरकार के पास बहुत ज़्यादा वक्त नहीं रह जाएगा इसे नहीं कराने के लिए लेकिन माना ये जा रहा है
06:36कि प्रधानों का संग अब सुप्रीम कोर्ट का दर्वाजा खट खट आएगा और इसके पीछे एक वज़ा भी है सरकार
06:42भी चाहती है कि इस वक्त अगले पांच-
06:59पंचायत चुनाओ इस वक्त हो हाला कि लोगों में उत्सुकता जरूर है ऐसे लोग जो पंचायतों से जुड़े हैं जो
07:05पंचायत चुनाओ लड़ना चाहते हैं वो जल्द से जल्द ये चुनाओ देखना भी चाहते हैं कई बार पहले भी ऐसे
07:12मौके आए हैं जब विधान
07:14सभाव पंचायत के चुनाव लगभग साथ साथ हुए हैं कई बार तो ऐसा भी हुआ है कि एक साथ जब
07:19पर्ची की वोटिंग होती रही तो पंचायत चुनाव के लिए भी पर्ची मिली और विधान सभा के लिए भी पर्ची
07:25मिली और एक साथ वोटिंग हुआ है तो पहले के �
07:28उदाहरन रहे हैं ऐसी स्थिती में सिर्फ और सिर्फ OBCIO की रिपोर्ट को आधार बना कर अब सरकार इसे टाल
07:35दे ऐसा नहीं लगता अब सरकार को अगर इसे टालना होगा तो इसे उच्चतम नियाले के किसी न किसी आदेश
07:43के बाद ही ये संभवगा सरकार अब डिरेक्ली दो
07:46जजों के बिंच के फैसले के बाद सुप्रीम कोट का रुख नहीं करना चाहती इसलिए ऐसा लगता है कि प्रधान
07:52संग जाएगा या फिर कोई न कोई सुप्रीम कोट जाएगा जो कोई राहत सरकार के लिए लेकर आ सकता है
07:59लेकिन आसान इतना भी नहीं है अब सरकार इस प
08:16से विधान सबाच चुनाओं के बाद ले जाया जाएगा हमारी नजर पंचाय चुनाओं के हर खबर पर बनी रहेगी