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मुस्कान और साह‍िल की जेल में अब क्यों होगी हरपल न‍िगरानी? देखें वारदात

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00:00नमस्कार में हूँ शम्स काहर खान और आप देख रहे हैं वारदाद
00:03नीले डर्म वाली मुस्कान और साहिब अब जेल में किस तरह रहेंगे?
00:08क्या पहनेंगे? क्या काम करेंगे?
00:10क्यों दोनों पर अब 24 सो घंटे नजर होगी?
00:13क्यों वाश्रूम जाने तक पर उनके निगरानी की जाएगी?
00:17तो इन सारे सवालों के जवाब मेरट डिस्टिक जेल से बाहर आ चुके हैं
00:22आज वारदात में इन सवालों के जवाब देने के साथ साथ आपको ये भी बताऊंगा
00:27कि मुस्कान और साहिल को सजाय मौद देते वक्त अदालत ने क्यों ये माना कि ये केस रेरिस्ट ओफ रेर
00:35केस हैं?
00:37निर्वनों वद्धते व्याग्रों निर्व्याग्रम चिद्धते वनम तस्माद व्याग्रों वनम रच्छेद वनम व्याग्रम चपाल्ययेद
00:53अर्थात बिना समाज के दर्ण कानून का वद्ध हो जाता है और दर्ण कानून रहित समाज में का दिया जिता
01:01है
01:01इसलिए दंद कानून को चाहिए कि वो समाच को रच्छा करे और समाच को चाहिए कि वो अपने भीतर दंद
01:10कानून को समाहिए करे
01:15महाभारत की यही वो लाइन थी जिसे पढ़ने के बाद मेरट के डिस्रिक्ट जद अर्विंद कुमार मिश्रा ने मुस्कान और
01:23साहिल को उनके अपराद के लिए मिर्दि टंग दिया
01:26यह उसी मिर्दि टंग के फैसले की कौपी है
01:29इसमें जद साहब लिखते हैं कि इसमें कोई संदेह नहीं कि मुस्कान और साहिल ने जो अपराद किया है वो
01:37बहुत ही कुरूर और विभत्स है
01:39बेहोशी की हालत में मिर्टक यानी सौरफ को उसके अपने ही घर में जहां वो परसों बाद विदेश से अपने
01:47परिवार के साथ रहने की कामना से लोटा था
01:50उसे उसी की पत्मी द्वारा अपने विवाहिततर संबंद के साथी के साथ मिलकर घर्णित को देश से ठंडे दिमाग के
01:59साथ योजनाबत तरीके और पूरे इत्मिदान के साथ बेरहमी से हत्याकत टुक्डे किये।
02:05इस अपराद को किये जाने का तरीका बहुत ही करूर और बेरहम था। घटनास्थल की दिवारे और छटों पर खून
02:13के निशान उसकी करूरता की पुस्टिक करते हैं।
02:17मिर्टक की हत्या करने के बाद उसके शब को और सबूतों को छिपाने का तरीका बेहत चौकाने वाला है जो
02:24समाच की अंतरात्मा को हिला देता है।
02:27दोश सिद्ध गण यानि मुस्कान और साहिल को अपने अपराद पर कोई पच्चतावा या अपराद बोद नहीं है।
02:35इस अदालत की नजर में इस मामले में अपराद की गंभीरता बढ़ाने वाली परिस्थितियों सजा कम करने वाली परिस्थितियों से
02:43कहीं ज़्यादा भारी हैं।
02:46और ये सबसे ज़्यादा दुरलब मामलो यानि रेरिस्ट आफ रेर की कसोटी पर खरा उतरता है
02:52और ये अदालत बिना किसी हिचकचाहट के ऐसा मानती है
02:56अदालत इस नतीचे पर भी पहुँचती है
02:59कि मुस्कान और साहिल के सुधार और वापस समाज में पुनरवास की संभावना का अभाओ
03:05मेरी राय में नर्मी बरतने लायक कोई हालात नहीं है
03:12मुस्कान और साहिल को मिर्तियो डन की सजा के संबंद में वारंट हासिल होने पर
03:18मिर्ति उदर्ण पर अमल के लिए दोनों की गर्दन में फासी लगाकर तब तक लटकाया जाए जब तक कि दोनों
03:26की मिर्ति नहों जाए
03:39जब तक दोनों ने उसकी हथिया की और अपने घर में हथिया की दोनों ने मिल करके
03:54उसके बाद तीन टुकडों में शरीर को बिभाजीत किया, काट कर, गला काट करके सर को अलग किया, दोनों हाथ
04:02के पंजो को अलग किया, और उसके बाद बड़े सातिराना दिमाग से उसको डिस्पोजल करने का प्रयाज किया, जिससे सबूत
04:10साक्ष पुलिस को ना मिल सके, तो
04:23इन्होंने योजनावत तरीके से हत्या की है तो ये कुरूतम हत्याओं में इस प्रकार की हत्या है आती है
04:28इधर जज अर्विन कुमार मिश्रा ने खचाखच भरी अदालत में मुस्कुराते हुए
04:34मुस्कान और साहिल को मिर्द्व डन देने का ऐलान किया और उधर उसी पल मेरट चेल अदालत से लाई जुड़ी
04:42मुस्कान और साहिल तहाडे मार कर होने लगे
04:49मेरट एकलोती वो जेल है जहां फांसी देने की सुविधा है लेकिन ये जल्बाजी होगी कहना कि मुस्कान और साहिल
04:57को यहां फांसी दी जाएगी या जल दी जाएगी
04:59क्योंकि अभी मामला लोवर कोट तक का था अभी फैसला लोवर कोट ने दिया है इसके बाद ये हाई कोट
05:05जाएंगे फिर सुपरीम कोट जाएंगे आराम से पांस दस साल उमीद करें कि ये केस अभी शायद और लंबा चलेगा
05:12और तब कहीं जाकर आखरी फैसले की घड़ी
05:29उमीद नहीं थी कि उन्हें ऐसी सख्त सजा मिलेगी उन्हें उमीद ही नहीं थी कि उन्हें सजा मौत भी मिल
05:36सकती फैसला सुनते ही मुस्कान इतनी हैरान थी कि उसके मुंग से बेसाखता बस एक ही शब्द निकला अरे मानो
05:45पूछ रही हो कि ये कैसे हो गया
06:02मुस्कान और साहिल दोनों पूरी रात जेल में रोते रहे और जाकते रहे
06:08यहां तक कि दोनों ने रात का खाना भी नहीं का रहे
06:26जेल का नियम है कि मौत की सजा पाने वाले हर कैदी को
06:30कम से कम फैसले के अगले कुछ घंटों या कुछ दिन लगातार समझाने की कोशिश की जाती है
06:37उनकी कौंसलिंग की जाती है
06:39अलगाina कल रात दोनों डॉक्ट्रस ने और हमारे जो दोन सफार्मेश दोनों ज़ेलर और एक डॉक्टर
06:49मैं ने स्वबू इनकी कौंसलींग की
06:52तो उसमें काफी इनका जो हाइपर टाइप हो रहे थे रो रहे थे बार-बार कर तो उनको समझाया और
07:01काउंसलिंग की जा रहे आज भी जो है उनका स्वास्थ परिछन और काउंसलिंग की जाएगी
07:08मौत की सजा सुनकर कैदी कोई गलत कदम न उठा ले
07:12इसलिए जेल की ये भी जिम्मेदारी होती है
07:14कि वो लगातार 24 गंडे दिन रात उन पर नज़र रखे
07:19यहां तक की वाशरूम जाने पर भी उनकी निगरानी लखी जाती है
07:23चुकि महिला बैरक में सीसी टीवी कैमरे नहीं होते
07:27इसलिए वहां निगरानी की जिम्मेदारी पुरानी और सीनियल कैदी और जेल स्टाफ की होती है
07:33पुरुष बैरक में सीसी टीवी कैमरों के साथ साथ
07:36जेल स्टाफ भी 24 सों घंटे मौत की सजा पाने वाले कैदियों की निगरानी करते है
07:42ये निगरानी तब तक रहती है जब तक कुछ दिन बीच जाने के बाद वो सामान नहीं हो जाते है
08:01जेल स्टाफ एसे कैदियों के लिए कुछ अलग से इंतजाम करता है कि उनके उपर निगरानी रखने या उनको नजरों
08:07से दूर नहीं रखना
08:08इस तरह की कोई खास वेवस्ता होती है
08:10प्रियास ये किया जाता है कि ऐसे बंदियों के उपर एक तो लंबदारों के माददम से जो पुराने कनविक्टेट पजिनस
08:17होते हैं जो जेल में साहिता करते हैं जेल स्टाफ की जेल संचालन में उनके माददम से और जेल स्टाफ
08:24के माददम से 24 घंटे निगरानी रखते ह
08:27चाहे वो रात हो चाहे दिन वो टॉलेट भी जाएगा तो हमारे प्रवेचन में जाएगा ऐसे ही महिलाओं में चूंकि
08:33CCTV आदे हो लोग नहीं लगा सकते हैं CCTV अलाओ नहीं है तो वहां जो महिला बंदी रचक हैं उनके
08:38माददन से निगरानी रखी जाती है पुरुस बैरक में
08:41CCTV भी हैं उनके माददन से भी कंट्रल रूम से निगरानी रखी जाती है चुकि 14 अक्तूबर से पहले मुसकान
08:48और साहिल अंडर ट्रायल यानि विचारा धीन गैदी थे लहादा वो अपनी पसंद के कपड़े पहन सकते थे लेकिन जेल
08:55नियम के हिसाब से सजायाफता होने के
08:58साथ ही कैदियों को जेल की पर दी और उनका कैदी नंबर लौट कर दिया जाता है अब मुसकान और
09:05साहिल जेल में अपने नाम से नहीं बलकि कैदी नंबर 395 और 396 से जाने जाएंगे
09:12सजायाफता कैदियों के लिए जेल में काम करना भी जरूरी होता है
09:17हाला कि उस काम के उन्हें पैसे भी दे जाते हैं आमतार पर हर कैदी जो जिस काम में महारत
09:23रखता हो और जेल के अंदर वो काम मौजूद हो उसे वही काम सौपा जाता है
09:28मुसकान पिछले डेर साल से जब से मेरा जेल में है
09:32सिलाई कढ़ाई का काम कर रही थी
09:34जबकि साहिल खेती बारी और बागवानी करता था
09:38हाला कि वो ग्रेजवेट है
09:40वो वहाँ बाकी कैदियों को पढ़ा भी सकता है
09:43लेकिन अमोएं कयदियों से पूच कर ही
09:45उसे उसकी बसंद का काम सौपा जाता है
09:51साहिल का नम्र है तीं सो पचानवे
09:53कैदी नम्र है 395 वाटे 226
09:56और मुसकान का कैदी नम्र है 396 वाटे 226
10:00और दोनों को कारागार के कपड़े हैं कैदियों के वो दे दिये गए
10:27मुस्कान के साथ एक और दिक्कत है
10:2911 महीने की उसकी बेटी जेल में उसके साथ बंद है
10:33उसे जेल में अपने काम के साथ साथ अपनी बेटी को भी पालना है
10:38कानून ये कहता है कि जेल में बंद महिला कैदी
10:41छे साल तक अपने बच्चे को जेल में अपने साथ रख सकती है
10:46हाला कि इस हिसाब से मुसकान अगले पांच सालों तक अपनी बेटी को अपने पास रखने की हमतार है
10:52लेकिन पांच साल भी जाने के बाद जब उसकी बेटी छे साल की हो जाएगी
10:58तब उसकी बेटी जेल में नहीं रह पाईगी
11:01या तो उसे अनाथाले में भेज दिया जाएगा
11:04या फिर अगर नजदी की रिष्टेदार उसे अपनाना चाहे
11:08तो कागजी कारवाई के साथ उन्हें सौपा जाएगा
11:13चुक्कि उसकी एक बेटी है जो यहां रह रही है
11:15और यह शैत कानून में है कि छे साल तक जेल में रख सकते है
11:18तो अभी तक कभी उसने बात किये कि वो छे साल तक यहीं रखेगी
11:22या कोई ऐसा उसने फैसला किया
11:24नहीं वो तो यह उम्मीद रखती है कि बेटी उसके पास ही रहे
11:43तो क्या ऐसी वज़़ा थी कि वो मिलनी पाई
11:45लेकी कारागार की तरफ से कोई वज़़ा नहीं थे वो ले करके
11:48उसके परज़न या जिसके पास भी है उसके माता पिता के पास
11:52बताते हैं वो आहे नहीं मुलाकात के लिए इस बो आएंगे
12:08जो भी उसे कहना है बुलाने के लिए या ने कोई बात कहनी है
12:12तो उसने पत्र लिखने के अनमती मांगी थी वो उसको दे दी गई है
12:15अभी तक उसने पत्र लिखके नहीं दिया है जैसे ही पत्र लिखती है उसको हम उसके परजनों को भेजाएंगे
12:21इस केस में सरकारी वकील केके चौबे ने शुरू से ही अदालत में ये तत्थे रखे थे
12:27कि मुस्कान के निले ड्रम वाली घटना के बार देश में अचानल पत्मियों के हाथों पती का एक तरह से
12:34गतल्याम शुरू हो चुका था
12:36यानि एक मुस्कान की वज़ा से पूरे समाच पर इसका गहरा असर पड़ा मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा
12:43देते में अपने फैसले में जट सहब ने भी इस बात को सुईकार किया
12:48जब यह घटना हुई उसके घटना के बाद से आप सबलों ने देखा होगा समाज ने देखा कि हमारे जिले
12:55के अंदर दो ऐसी घटनाएं हुई हैं जो पत्नियों ने अपने प्रेमी के साथ मिल करके और पती के हत्या
13:02की और किसी ने साप छोड़ दिया उसकी बिस्तर पर किस
13:09एक उपर जो पहाड की चोटी से नव विभाहिता दोनों करोड़ोपती अरबपती थे परिवार द्योगपतियों के बच्चे थे उन्होंने धक्का
13:20दे दिया टीले से और उसकी हत्या कर दी एक और ने अपने उसके हनीमून मनाने के लिए गई थी
13:26और वहां उसका दोस्त भ
13:29पहाड पर चड़ते हुए थे आप लोगोंने समने देखा होगा

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