00:01इंडिया को किसी और देश से सीखने की जरूरत नहीं है, जिस तरीके से प्रोटेस्ट, डेमोक्राटिक प्रोटेस्ट चल रहे हैं,
00:07हाँ हम इस पे जरूर हम बात कर रहे हैं, कि किस तरीके से डेली पुलिस ने उन पे मारपीट
00:13की और उनके उपर वाइलेंस हुआ, पर हम ये �
00:16कह सकते हैं, कि ये वाइलेंस जो हो रहा है, रेजीम चेंज का जो काम हो रहा है, ये वाइलेंस
00:21की माध्यम से ही होगा, ये बहुत दुर्भागेपूर्ण है, अलबेनिया जो देश है, छोटा देश है, और वो कम्यूनिस डिक्टेटर्शिप
00:28के अंदर में रहा है काफी साल
00:30और यहां पे इस तरीके से लोग अपने हाथ में law and order ले ले लें, और चीजें खराब करें,
00:36और माहौल खराब करें, चाहे वो सुप्रीम कोर्ट हो, पार्लिमेंट हो, ये कहीं भी लाजमी नहीं बनता है, बलकि मैंने
00:41खुद नहीं कहा था, कि जो लोग कहते हैं, बंगलाद
00:59इस तरीके का violent regime change कोई भी democracy में लाजमी नहीं होता है, और इसकी उधारन हमें Albania, Paris
01:06इन सब से नहीं देखना चाहिए, बसकि ये देखना चाहिए, कि हमारे law and order situation भुगता है, हमारे institutions
01:11strong हैं.
01:13दूसरी तरफ अगर बात करें, पहले regime change की बात होती है, फिर बंगलादेश showed up as the way, ये
01:19होता है, अब संजेर राहूद जी का बयान आता है, आखिर किस तरीकी के जा रहा है, और ये सारा
01:23back drop चल रहा है, राहूद गांधी जो डेक्लेर करें, इंडियन स्टेट इस से पॉलिट
01:42गोशिद किये गए, उसमें जिसने अमर्जेंसी लगाए थी, उसको भी पारिद किया था, उनको हराया था, तो इस तरीके से
01:48बात करना के regime change इस violence की माध्यम से होगा, इससे हमें सीख सीखनी चाहिए, के violent हो सकती
01:54हैं चीजें, ये कहीं भी, माननिया नहीं होगा, और मैं मानत
02:11हम लगातार ग्यानेश कुमार की स्तीफे की मांग कर रहे हैं, उसको दरकिनार किया जा रहा है, उसकी लड़ाई हम
02:17सुप्रीम कोट की माध्यम से लड़ी रहे हैं, उस समय पे आप ये कहना कि हमें ये सीखना चाहिए, कि
02:22लोग अपने हाथ में ही law and order ले ले लेंगे, ये कही
02:38देश का example दे जा रहा है, ये देश में नेताओं की एक responsibility होती है कि देश में शांतिपूर
02:44महाल रखने की जिम्मेदारी सरकार की भी होती है, विपक्ष की भी होती है, पर हमारे institutions को undermine करने
02:53की जो कोशिश की जारी है, उसको सभी को एक जुट होकर कहना चाहिए कि ये सही नहीं
02:59हो रहा है, जब emergency आई थी उसके खिलाव भी लोगों ने लड़ाई लड़ी थी, और फिर जनता ने उसमें
03:06emergency के बाद जब हटी थी, तो जनता ने उनको vote के माध्यम से हराया था, जो भी विपक्ष और
03:12सत्तापक्षी लड़ाई होनी चाहिए, वो प्रजात तंत्र के लिए हो
03:16विधान के लिए होनी चाहिए, और कोई भी institutions undermined होते हैं, तो वो लड़ाई हम आवाज उठाकर लड़ी रहे
03:22हैं, चाहे वो election commission हो, CBI हो, income tax हो, ED हो, पर ये कहना कि law and order
03:27व्यवस्ता अपने हाथ में ले ले जैसे बंगलादेश में हुआ, students की आड़ में ले ले, students को आगे रख
03:45जो जिस तरिके से जंतर मंतर में मना किया गा, उसके बार भी वहाँ पर हंकामा हुआ, अलाकि उन पर
03:51अभी फिलहाल रपाया है, और अब जो है आशुतो शराका और जो सौरवदास है, उनको ट्रांसफर किया गया है, दिले
03:58पुलिस क्राइम ब्रांच, कैसे देखते हैं, य
04:20तो यह तो लो एन ओर की प्रक्रिया को मिस्यूस करना या आम ट्विस करना यह भी कहीं किसी तरीके
04:26से सही नहीं है, राहूल गांदी विदेश यातरा पर गए है, इसको लेकर लगाता टिक पड़ी हो रही है, और
04:32बीजेपी ने किया है, उसके बाद कॉंग्रेस की तरफ से �
04:36जवाब आया है कि वहाँ पर स्टूडेंट से मिल रहे हैं, मीडिया से बात करे हैं, याले इस यूनिवर्सिटी में,
04:43लंडन में, तो इस तरगी की चीज़े नहीं होनी चाहिए, कैसे देखते हैं आप पूरे इस नहीं है, किस का
04:53रनवज गए हैं, पर हमारे देश के प्रध
05:06करने, वो responsibility, commitment पूरा करने गए है, बिशनोई गैंग ने जिस तरह किसे trigger shop पर जो attack हुआ
05:13है, उसको लेकर लगाता है, सवाल उठ रहे हैं, कैसे देखते हैं, क्या तरह हैं, जिस तरीके से Lawrence बिशनोई
05:19खुद साबरमती जेल में हैं, और वो साबरमती जेल में किस को भी ये permission न
05:36बावजूद, इस तरीके की घटनाएं हो रही हैं मुंबई में, आप देखे, शुरू हूँ था सल्मान खान के घर के
05:42बाहर से शूट का, फिर बाबा सिद्की जी की death हुई, सबकी जिम्मेदारी Lawrence बिशनोई याइंग ने ली है, फिर
05:47उसके बाद रोहे शेटी के घर पे हु
06:05है, आज उसकी धजियां उट रही हैं और वहां के होम मिनिस्टर, वहां का सरकार हाथ पे हाथ रख कर
06:10बैठी है, क्यों मुंबई पुलिस Lawrence बिशनोई को इंटरोगेट नहीं कर सकती है, कोई ये पूछ रहा है, तो ये
06:17तो एक जेल के अंदर रहकर पूरी अपनी गैंग चला
06:21सवाल ये निशान खड़े करता है, कि ये कहां तक सही है और कौन इसके लिए जिम्मदार है?