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मुंबईत शिवसेना ठाकरे गटाच्या खासदार प्रियंका चतुर्वेदी यांनी संजय राऊत यांच्या अल्बेनियातील आंदोलनाच्या उदाहरणाशी असहमती दर्शवली. भारतात सत्ताबदल हिंसेने नव्हे, तर मतदानातूनच व्हायला हवा, असे त्यांनी सांगितले. बांगलादेशातील हिंसक आंदोलनांचे उदाहरण देत लोकशाही आणि संविधानिक संस्थांचे संरक्षण करण्यावर भर दिला. निवडणूक आयुक्त ज्ञानेश कुमार यांच्या राजीनाम्याची मागणी आणि सर्वोच्च न्यायालयातील लढा सुरू असल्याचे त्यांनी सांगितले. CJP कार्यकर्त्यांच्या न्यायालयीन कोठडीवर प्रश्न उपस्थित करत दिल्ली पोलिसांच्या कारवाईवर टीका केली. राहुल गांधींच्या परदेश दौऱ्याबाबत काँग्रेसने माहिती द्यावी, असे त्या म्हणाल्या. टायगर श्रॉफ प्रकरणावरून लॉरेन्स बिश्नोईच्या चौकशीस मुंबई पोलिसांना परवानगी का नाही, असा सवाल त्यांनी केला. तसेच भारताची प्रगती ही जनतेच्या कष्टांमुळे असल्याचे सांगत मोहन भागवत यांच्या विधानावरही मत मांडले.

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Transcript
00:01इंडिया को किसी और देश से सीखने की जरूरत नहीं है, जिस तरीके से प्रोटेस्ट, डेमोक्राटिक प्रोटेस्ट चल रहे हैं,
00:07हाँ हम इस पे जरूर हम बात कर रहे हैं, कि किस तरीके से डेली पुलिस ने उन पे मारपीट
00:13की और उनके उपर वाइलेंस हुआ, पर हम ये �
00:16कह सकते हैं, कि ये वाइलेंस जो हो रहा है, रेजीम चेंज का जो काम हो रहा है, ये वाइलेंस
00:21की माध्यम से ही होगा, ये बहुत दुर्भागेपूर्ण है, अलबेनिया जो देश है, छोटा देश है, और वो कम्यूनिस डिक्टेटर्शिप
00:28के अंदर में रहा है काफी साल
00:30और यहां पे इस तरीके से लोग अपने हाथ में law and order ले ले लें, और चीजें खराब करें,
00:36और माहौल खराब करें, चाहे वो सुप्रीम कोर्ट हो, पार्लिमेंट हो, ये कहीं भी लाजमी नहीं बनता है, बलकि मैंने
00:41खुद नहीं कहा था, कि जो लोग कहते हैं, बंगलाद
00:59इस तरीके का violent regime change कोई भी democracy में लाजमी नहीं होता है, और इसकी उधारन हमें Albania, Paris
01:06इन सब से नहीं देखना चाहिए, बसकि ये देखना चाहिए, कि हमारे law and order situation भुगता है, हमारे institutions
01:11strong हैं.
01:13दूसरी तरफ अगर बात करें, पहले regime change की बात होती है, फिर बंगलादेश showed up as the way, ये
01:19होता है, अब संजेर राहूद जी का बयान आता है, आखिर किस तरीकी के जा रहा है, और ये सारा
01:23back drop चल रहा है, राहूद गांधी जो डेक्लेर करें, इंडियन स्टेट इस से पॉलिट
01:42गोशिद किये गए, उसमें जिसने अमर्जेंसी लगाए थी, उसको भी पारिद किया था, उनको हराया था, तो इस तरीके से
01:48बात करना के regime change इस violence की माध्यम से होगा, इससे हमें सीख सीखनी चाहिए, के violent हो सकती
01:54हैं चीजें, ये कहीं भी, माननिया नहीं होगा, और मैं मानत
02:11हम लगातार ग्यानेश कुमार की स्तीफे की मांग कर रहे हैं, उसको दरकिनार किया जा रहा है, उसकी लड़ाई हम
02:17सुप्रीम कोट की माध्यम से लड़ी रहे हैं, उस समय पे आप ये कहना कि हमें ये सीखना चाहिए, कि
02:22लोग अपने हाथ में ही law and order ले ले लेंगे, ये कही
02:38देश का example दे जा रहा है, ये देश में नेताओं की एक responsibility होती है कि देश में शांतिपूर
02:44महाल रखने की जिम्मेदारी सरकार की भी होती है, विपक्ष की भी होती है, पर हमारे institutions को undermine करने
02:53की जो कोशिश की जारी है, उसको सभी को एक जुट होकर कहना चाहिए कि ये सही नहीं
02:59हो रहा है, जब emergency आई थी उसके खिलाव भी लोगों ने लड़ाई लड़ी थी, और फिर जनता ने उसमें
03:06emergency के बाद जब हटी थी, तो जनता ने उनको vote के माध्यम से हराया था, जो भी विपक्ष और
03:12सत्तापक्षी लड़ाई होनी चाहिए, वो प्रजात तंत्र के लिए हो
03:16विधान के लिए होनी चाहिए, और कोई भी institutions undermined होते हैं, तो वो लड़ाई हम आवाज उठाकर लड़ी रहे
03:22हैं, चाहे वो election commission हो, CBI हो, income tax हो, ED हो, पर ये कहना कि law and order
03:27व्यवस्ता अपने हाथ में ले ले जैसे बंगलादेश में हुआ, students की आड़ में ले ले, students को आगे रख
03:45जो जिस तरिके से जंतर मंतर में मना किया गा, उसके बार भी वहाँ पर हंकामा हुआ, अलाकि उन पर
03:51अभी फिलहाल रपाया है, और अब जो है आशुतो शराका और जो सौरवदास है, उनको ट्रांसफर किया गया है, दिले
03:58पुलिस क्राइम ब्रांच, कैसे देखते हैं, य
04:20तो यह तो लो एन ओर की प्रक्रिया को मिस्यूस करना या आम ट्विस करना यह भी कहीं किसी तरीके
04:26से सही नहीं है, राहूल गांदी विदेश यातरा पर गए है, इसको लेकर लगाता टिक पड़ी हो रही है, और
04:32बीजेपी ने किया है, उसके बाद कॉंग्रेस की तरफ से �
04:36जवाब आया है कि वहाँ पर स्टूडेंट से मिल रहे हैं, मीडिया से बात करे हैं, याले इस यूनिवर्सिटी में,
04:43लंडन में, तो इस तरगी की चीज़े नहीं होनी चाहिए, कैसे देखते हैं आप पूरे इस नहीं है, किस का
04:53रनवज गए हैं, पर हमारे देश के प्रध
05:06करने, वो responsibility, commitment पूरा करने गए है, बिशनोई गैंग ने जिस तरह किसे trigger shop पर जो attack हुआ
05:13है, उसको लेकर लगाता है, सवाल उठ रहे हैं, कैसे देखते हैं, क्या तरह हैं, जिस तरीके से Lawrence बिशनोई
05:19खुद साबरमती जेल में हैं, और वो साबरमती जेल में किस को भी ये permission न
05:36बावजूद, इस तरीके की घटनाएं हो रही हैं मुंबई में, आप देखे, शुरू हूँ था सल्मान खान के घर के
05:42बाहर से शूट का, फिर बाबा सिद्की जी की death हुई, सबकी जिम्मेदारी Lawrence बिशनोई याइंग ने ली है, फिर
05:47उसके बाद रोहे शेटी के घर पे हु
06:05है, आज उसकी धजियां उट रही हैं और वहां के होम मिनिस्टर, वहां का सरकार हाथ पे हाथ रख कर
06:10बैठी है, क्यों मुंबई पुलिस Lawrence बिशनोई को इंटरोगेट नहीं कर सकती है, कोई ये पूछ रहा है, तो ये
06:17तो एक जेल के अंदर रहकर पूरी अपनी गैंग चला
06:21सवाल ये निशान खड़े करता है, कि ये कहां तक सही है और कौन इसके लिए जिम्मदार है?

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