00:00एपस्टीन के साथ हर्दीपुरी की तस्वीरे वाइरल
00:03कॉंग्रस ने पूछे तीखे सवाल
00:06मंत्री के पुराने बयान फिर चर्चा में
00:09अमेरिकी योना प्राधी जफरी एपस्टीन के साथ केंद्रिय मंत्री हर्दीप सिंगपुरी की तस्वीरे सामने आने के बाद भातिय राजुनीती में
00:17नया विवाद खड़ा हो गया है
00:18कॉंग्रस नितर राहुल गांधी से लेकर पार्टी प्रवक्ता सुप्रिया श्रिनेत और ट्रिन्मुल कॉंग्रस की सांसद महुआ मोहित्रा तक ने इन
00:26तस्वीरों को लेकर सवाल उठाए हैं
00:46इस पूरे मामले में तस्वीरों का संदर्व, मुलाकातों की परस्तिया और संबंधित दस्तावेजों में दर्ज जानकारी बेहत एहम हो जाती
00:54है
00:54विवाद की शुरूआत उन तस्वीरों से हुई जिनके बारे में बताया जा रहा है कि वे अमेरिकी न्याय विभाग की
00:59ओर से जारी जिफरी एपस्टीन से जुड़े दस्तावेजों का एक सेट का इस्सा है
01:04रिपोर्ट के मुताबिक इन सेट में एपस्टीन और हरदीब सिंग पुरी को कम से कम 11 तस्वीरे उनकी शामिल है
01:11तस्वीरे लगभग एक जैसी बताई जा रही है और मंगलवार को सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद अब ये
01:16चर्चा का विशाय बने हुई है
01:17इन तस्वीरों के सामने आने से पुरी और एपस्टीन के पुराने संपर को लेकर पहले से उट रहे सवाल एक
01:24बार फिर चर्चा में आ गए हैं और इसके बाद आरोप और प्रत्यारोप का दौर भी शुरू हो चुका है
01:29तो तस्वीर सामने आने के बाद अब तक क्या क्या हुआ है देखिए इस खास रिपूर्ट में
01:37कॉंग्रिस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने सोशल मीडिया पर तस्वीरों को लेकर सवाल उठाया
01:42उन्होंने कहा कि जब हरदीब सिंग पुरी ये कहते रहे हैं कि वो जेफरी एपस्टीन से कभी अकेले नहीं मिले
01:48बलकि प्रतिनिधी मंडल के साथ ही मुलाकात हुई थी तो इन तस्वीरों को किस संदर्ब में देखा जाना चाहिए
01:54विपक्ष की ओर से यही सवाल बार-बार उठाया जा रहा है कि अगर मुलाकाते समूह में हुई थी तो
02:00क्या इन तस्वीरों में मौजूद अन्य लोगों की पहचान और मुलाकात का पूरा विवरंड सामने आना चाहिए
02:06त्रिनुबूल कॉंग्रस की सांसद महवा मौईत्रा ने भी इसी मुद्दे पर सवाल किया उन्होंने कहा कि पूरी के मुताबिक वो
02:12एपस्टीन से तीन-चार बार प्रतिनिधी मंडल के साथ मिले थे
02:15ऐसे में तस्वीरों में बाकी सदस्य दिखाई क्यों नहीं दे रहे विपक्ष की मांग है कि इन तस्वीरों और मुलाकातों
02:22के संदर्भ को लेकर स्पष्ट जानकारी दी जाए
02:24राहुल गांधी ने बीजेपी और आरेसेस पर कसा तंज
02:41राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लाटफॉर्म एक्स पर लिखा कि रूबियो मुंबई पहुचे और अमेरिकी न्याय विभाग ने एपस्टीन और
02:48पूरी की तस्वीर जारी की
02:50इसके बाद उन्होंने बीजेपी और आरेसेस के कारिकरताओं से सवाल किया कि उनके हिसाब से किस देश विरोधी गद्दार को
02:57ब्लाक मेल किया जा रहा है
02:58राहुल गांधी की ये टिपपनी राजनीतिक आरोप के तौर कर सामने आई है
03:02तस्वीरों के जारी होने और रूबियों के दौरे के बीच किसी ब्लाक मेल की साजिश का कोई प्रमान इन तस्वीरों
03:09से अपने आप नहीं मिलता
03:10लेकिन कॉंग्रिस इस पूरे मामले को लेकर सरकार से जवाब मांग रही है
03:14विपक्ष का कहना है कि एक केंद्रिय मंत्री के पुराने संपर्कों को लेकर सवाल उठ रहे हैं
03:19इसलिए उन्हें तस्वीरों और मुलाकातों के संदर्भ में पूरी स्पष्टता देनी चाहिए
03:23नवंबर 2025 में सामने आया था संपर्क का मामला
03:26हाला की तस्वीरे अब चर्चा में आई हैं लेकिन हरदीप सिंग पुरी और जेफरी एपस्टीन के संपर्क का मामला इस
03:32से पहले भी सार्विजनिक चर्चा में आ चुका था
03:35नवंबर 2025 में अमेरिकी संसत की हाउस अफ रेप्रेजेंटिटिव्स की निगरानी समिती से जुड़े एक ईमेल का जिक्र सामने आया
03:42था
03:42इसके बाद 30 चनवरी को अमेरिकी न्याय विभाग ने एपस्टीन से संभंधित बड़ी संख्या में दस्तावेज जारी किये
03:49इन में जून 2014 से जून 2017 के बीच के ईमेल भी शामिल थे
03:54इन दस्तावेजों में पूरी और एपस्टीन के बीच बातचीत तथा मुलाकातों से जुड़ी जानकारी सामने आई
03:59दस्तावेजों के मुताबिक पूरी और एपस्टीन की मुलाकाते न्यूयोक में एपस्टीन के मैनहाटन आवास पर हुई थी
04:06रिपोर्टों में तीन मुलाकातों की तारीखें 4 फरवरी 2015, 6 जनवरी 2016 और 19 मई 2017 बताई गई है
04:15इन मुलाकातों का समय उस दौर से जुड़ा है जब पूरी अंतराष्ट्रिय मामलों और भारत में निवेश की संभावनाओं से
04:21संबंधित काम कर रहे थे
04:23यहीं से इस मामले में सबसे एहम सवाल उठता है इन मुलाकातों का उद्देश क्या था और तस्वीरों में दिख
04:29रहा माहौल किस बैठक से जुड़ा था
04:31पूरी पहले कह चुके हैं कि Epstein से उनकी मुलाकातें International Peace Institute यानि IPI और उससे संबंधित गतिविधियों के
04:39तहत प्रतिनेधी मंडल के साथ हुई थी
04:41दूसरी ओर तस्वीरों में दोनों एक मेज के सामने बैठे दिखाए देते हैं
04:45रिपोर्टों के मुताबिक तस्वीरों में उस समय कोई अन्यव्यक्ती नजर नहीं आता
04:49लेकिन सिर्फ तस्वीर के एक शण को देखतर ये तै नहीं किया जा सकता कि बैठक से पहले या बाद
04:55में कोई अन्यव्यक्ती मौजूद था या नहीं
04:57इक्जॉटिक आइलेंड और हैफफ़न वाले इमेल पर भी विवाद इस मामले में केवल तस्वीरे ही नहीं बलकि पुरी और एपस्टीन
05:04के बीच हुए पुराने इमेल भी चर्चा का विशे रहे हैं
05:07दिसंबर 2014 के एक इमेल में पुरी ने एपस्टीन से पूछा था कि वो अपने एक्जॉटिक आइलेंड से कब लोट
05:13रहे हैं उन्होंने लिखा था कि वो उनसे बातचीत करने और भारत में दिल्चस्पी बढ़ाने के लिए कुछ किताबे देने
05:19आना चाहते हैं
05:20एपस्टीन के जवाब के बाद पुरी ने लिखा हाफ फ़न यानि मौज करो इस एमेल में इस्तिमाल किये गए शब्दों
05:26को लेकर भी सवाल उठे थे खास कर इसलिए क्योंकि एपस्टीन का निजीद्वी बाद में उसके खिलाफ लगे गंभीर यौन
05:32अपराधों के आरो�
05:46हो जाता है कि संबंदित लोग उसके आपराधिक अतीत के बारे में क्या जानते थे और किस संदर्भ में उससे
05:52संपर्क कर रहे थे
05:53हलांकि पुरी ने इन इमेल की अलग व्याख्या दी है उन्होंने कहा था कि एक्जोर्टिक शब्द का इस्तिमाल वो सामान्य
05:59बातचीत में भी करते हैं और हैब फ़न कहना उनके बोलने का आम तरीका था
06:03उन्होंने ये भी कहा कि उनका उद्देश्य भारत में निवेश और आर्थिक अफसरों को बढ़ावा देना था
06:08पुरी ने एपस्टीन के निजी द्वीब पर जाने से इनकार किया है
06:12पुरी का पक्ष क्या रहा है?
06:14हरदीप सिंग पुरी ने पहले भी एपस्टीन से अपने संपर्कों के लिए सफाय दी थी
06:18उनका कहना रहा है कि मुलाकाते सीमित थी और उनका संबंध पेशेवर गतिविधियों से था
06:23उन्होंने बताया था कि उस समय वो International Peace Institute से जुड़ी एक परियोजना के तहत काम कर रहे थे
06:29और उनके वरिष्ट अधिकारी टेरजे रॉड लार्सन एपस्टीन को जानते थे
06:33पुरी के मुताबिक इसी संपर्क के माध्यम से उनकी मुलाकाते हुई
06:36उन्होंने इन मुलाकातों को किसी अनुचित गतिविधी से जोणने वाले आरोपों को खारज किया है
06:41तस्वीरे सामने आने के बाद भी पुरी के कार्याले की ओर से कहा गया
06:45कि तस्वीरों में कोई नई बात नहीं है और ये पेशेवर बैठकों की है
06:49कार्याले ने ये भी कहा कि करीब 10 साल बाद मंत्री को ये याद नहीं है कि तस्वीर किस बैठक
06:54की है या उस समय दूसरे लोग बैठक से पहले या बाद में मौजूद थे या नहीं
06:59कार्याले का पक्ष है कि तस्वीरे मेज पर कागजों और नोट्स के साथ एक आपचारिक बैठक का द्रिश्य दिखाती है
07:05यानि पूरी का पक्ष ये है कि संपर्क पेशेवर्था और तस्वीरों को किसी गलत निशकर्ष तक पहुँचने का आधार नहीं
07:12बनाया जाना चाहिए
07:13वही कॉंग्रिस और अन्य विपक्षी नेता पूछ रहे हैं कि अगर बैठक प्रतिनिधी मंडल के साथ थी तो तस्वीर में
07:19बाकी सदस्य क्यों नहीं दिखते
07:20इस सवाल का सपष्ट जवाब बैठक के पूरे रिकॉर्ड तस्वीरों के समय और स्थान तथा उस दोरान मौजूद लोगों की
07:27जानकारी से ही मिल सकता है
07:29अब सबसे बड़ा सवाल तस्वीरों का पूरा संदर्भ क्या है
07:32जेफरी अपस्टीन का मामला सिर्फ अमेरिका तक सीमित नहीं रहा
07:36उसके संपरकों, इमेल और मुलाकातों से जुड़े दस्तावेजों ने कई देशों में सार्वजनिक हस्तियों और प्रभावशाली लोगों के संबंधों पर
07:44सवाल खड़े किये हैं
07:45लेकिन किसी दस्तावेज में नाम होना या किसी तस्वीर में दिखाई देना अपने आप में यौन अपराद में शामिल होने
07:51का प्रमान नहीं है
07:52हर मामले में उपलब्ध साक्षियों, मुलाकात के उद्देश और संबंधित व्यक्ती के सपष्टिकरण को अलग-अलग परखना जरूरी है
07:59हरदीप सिंग पुरी से जुड़ी तस्वीरों के मामले में अब तीन बातें केंद्र में है
08:03पहली, तस्वीरें किस तारीख और किस मुलाकात की है
08:07दूसरी, क्या उस बैठक में अन्य लोग भी मौजूद थे और क्या इसका कोई रिकॉर्ड उपलब्ध है
08:11तीसरी, पुरी के प्रतिनिदी मंडल के साथ मुलाकात करने के पुराने दावे और तस्वीरों में दिखाई देने वाले द्रिश्य के
08:18बीच जो सवाल उठ रहे हैं, उनका जवाब क्या है
08:21कॉंग्रेस इस मामले में सरकार से जवाब मांग रही है
08:24जबकि पुरी पहले ही अपने संपरकों को पेशेवर बताते हुए सफाई दे चुके हैं
08:28फिलहाल तस्वीरों को लेकर राजनीतिक आरोब प्रत्यारोब जारी है
08:32लेकिन तस्वीरों के आधार पर किसी अपराध या ब्लैक मेल की साजिश का निशकर्ष निकालना उचित नहीं होगा
08:38इस विवाद में निरनायक बात होगी, दस्तावेज क्या कहते हैं, बैठक का पूरा संदर्भ क्या है
08:43और संबंधित सवालों पर सामने आने वाली आधिकारिक जनकारी क्या कहती है