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US Department of Justice के दस्तावेजों से सामने आई Jeffrey Epstein और Union Minister Hardeep Singh Puri की तस्वीरों पर सियासी घमासान तेज! जानिए कैसे Rahul Gandhi, Mahua Moitra और Supriya Shrinate ने इन तस्वीरों को लेकर सरकार पर तीखे सवाल दागे हैं।

केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी (Hardeep Singh Puri) और कुख्यात अमेरिकी दोषी जेफ्री एपस्टीन (Jeffrey Epstein) की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद भारतीय राजनीति में बड़ा भूचाल आ गया है। अमेरिकी न्याय विभाग (US DOJ) के दस्तावेजों में शामिल बताई जा रही इन 11 तस्वीरों और 2015 से 2017 के बीच हुई मुलाकातों के ईमेल दावों ने विपक्ष को सरकार पर हमला करने का बड़ा मौका दे दिया है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi), तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद महुआ मोइत्रा (Mahua Moitra) और कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत (Supriya Shrinate) ने हरदीप पुरी के पुराने बयानों का हवाला देते हुए सवाल उठाए हैं। महुआ मोइत्रा ने तंज कसते हुए पूछा कि जब हरदीप पुरी ने दावा किया था कि वे एपस्टीन से केवल प्रतिनिधिमंडल (Delegation) के साथ मिले थे, तो इन वायरल तस्वीरों में बाकी सदस्य कहां गायब हैं। वहीं राहुल गांधी ने अमेरिकी नेताओं की भारत यात्रा और इन तस्वीरों के सामने आने की क्रोनोलॉजी पर सवाल खड़े किए हैं।

दूसरी ओर, हरदीप सिंह पुरी के पक्ष और उनके समर्थकों का कहना है कि यह मुलाकातें अंतरराष्ट्रीय शांति संस्थान (IPI) से जुड़े पेशेवर काम (Professional Work) के सिलसिले में हुई थीं। उनका कहना है कि उस वक्त वे निजी नागरिक और पूर्व राजनयिक के रूप में कार्य कर रहे थे और किसी के साथ पेशेवर तस्वीर होने का मतलब अपराध में संलिप्तता नहीं है। हालांकि, विपक्ष मुलाकातों के समय, संदर्भ और ईमेल की भाषा को लेकर लगातार सरकार से जवाब मांग रहा है।


Viral photographs allegedly showing Union Minister Hardeep Singh Puri with convicted US Sex offender Jeffrey Epstein have triggered a massive political row in India. Opposition leaders, including Rahul Gandhi, Mahua Moitra, and Supriya Shrinate, questioned Puri's earlier statements about meeting Epstein only as part of a delegation. Puri's side maintained that interactions were purely professional during his time with the International Peace Institute.

#HardeepSinghPuri #JeffreyEpstein #RahulGandhi #CongressVsBJP

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00:00एपस्टीन के साथ हर्दीपुरी की तस्वीरे वाइरल
00:03कॉंग्रस ने पूछे तीखे सवाल
00:06मंत्री के पुराने बयान फिर चर्चा में
00:09अमेरिकी योना प्राधी जफरी एपस्टीन के साथ केंद्रिय मंत्री हर्दीप सिंगपुरी की तस्वीरे सामने आने के बाद भातिय राजुनीती में
00:17नया विवाद खड़ा हो गया है
00:18कॉंग्रस नितर राहुल गांधी से लेकर पार्टी प्रवक्ता सुप्रिया श्रिनेत और ट्रिन्मुल कॉंग्रस की सांसद महुआ मोहित्रा तक ने इन
00:26तस्वीरों को लेकर सवाल उठाए हैं
00:46इस पूरे मामले में तस्वीरों का संदर्व, मुलाकातों की परस्तिया और संबंधित दस्तावेजों में दर्ज जानकारी बेहत एहम हो जाती
00:54है
00:54विवाद की शुरूआत उन तस्वीरों से हुई जिनके बारे में बताया जा रहा है कि वे अमेरिकी न्याय विभाग की
00:59ओर से जारी जिफरी एपस्टीन से जुड़े दस्तावेजों का एक सेट का इस्सा है
01:04रिपोर्ट के मुताबिक इन सेट में एपस्टीन और हरदीब सिंग पुरी को कम से कम 11 तस्वीरे उनकी शामिल है
01:11तस्वीरे लगभग एक जैसी बताई जा रही है और मंगलवार को सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद अब ये
01:16चर्चा का विशाय बने हुई है
01:17इन तस्वीरों के सामने आने से पुरी और एपस्टीन के पुराने संपर को लेकर पहले से उट रहे सवाल एक
01:24बार फिर चर्चा में आ गए हैं और इसके बाद आरोप और प्रत्यारोप का दौर भी शुरू हो चुका है
01:29तो तस्वीर सामने आने के बाद अब तक क्या क्या हुआ है देखिए इस खास रिपूर्ट में
01:37कॉंग्रिस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने सोशल मीडिया पर तस्वीरों को लेकर सवाल उठाया
01:42उन्होंने कहा कि जब हरदीब सिंग पुरी ये कहते रहे हैं कि वो जेफरी एपस्टीन से कभी अकेले नहीं मिले
01:48बलकि प्रतिनिधी मंडल के साथ ही मुलाकात हुई थी तो इन तस्वीरों को किस संदर्ब में देखा जाना चाहिए
01:54विपक्ष की ओर से यही सवाल बार-बार उठाया जा रहा है कि अगर मुलाकाते समूह में हुई थी तो
02:00क्या इन तस्वीरों में मौजूद अन्य लोगों की पहचान और मुलाकात का पूरा विवरंड सामने आना चाहिए
02:06त्रिनुबूल कॉंग्रस की सांसद महवा मौईत्रा ने भी इसी मुद्दे पर सवाल किया उन्होंने कहा कि पूरी के मुताबिक वो
02:12एपस्टीन से तीन-चार बार प्रतिनिधी मंडल के साथ मिले थे
02:15ऐसे में तस्वीरों में बाकी सदस्य दिखाई क्यों नहीं दे रहे विपक्ष की मांग है कि इन तस्वीरों और मुलाकातों
02:22के संदर्भ को लेकर स्पष्ट जानकारी दी जाए
02:24राहुल गांधी ने बीजेपी और आरेसेस पर कसा तंज
02:41राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लाटफॉर्म एक्स पर लिखा कि रूबियो मुंबई पहुचे और अमेरिकी न्याय विभाग ने एपस्टीन और
02:48पूरी की तस्वीर जारी की
02:50इसके बाद उन्होंने बीजेपी और आरेसेस के कारिकरताओं से सवाल किया कि उनके हिसाब से किस देश विरोधी गद्दार को
02:57ब्लाक मेल किया जा रहा है
02:58राहुल गांधी की ये टिपपनी राजनीतिक आरोप के तौर कर सामने आई है
03:02तस्वीरों के जारी होने और रूबियों के दौरे के बीच किसी ब्लाक मेल की साजिश का कोई प्रमान इन तस्वीरों
03:09से अपने आप नहीं मिलता
03:10लेकिन कॉंग्रिस इस पूरे मामले को लेकर सरकार से जवाब मांग रही है
03:14विपक्ष का कहना है कि एक केंद्रिय मंत्री के पुराने संपर्कों को लेकर सवाल उठ रहे हैं
03:19इसलिए उन्हें तस्वीरों और मुलाकातों के संदर्भ में पूरी स्पष्टता देनी चाहिए
03:23नवंबर 2025 में सामने आया था संपर्क का मामला
03:26हाला की तस्वीरे अब चर्चा में आई हैं लेकिन हरदीप सिंग पुरी और जेफरी एपस्टीन के संपर्क का मामला इस
03:32से पहले भी सार्विजनिक चर्चा में आ चुका था
03:35नवंबर 2025 में अमेरिकी संसत की हाउस अफ रेप्रेजेंटिटिव्स की निगरानी समिती से जुड़े एक ईमेल का जिक्र सामने आया
03:42था
03:42इसके बाद 30 चनवरी को अमेरिकी न्याय विभाग ने एपस्टीन से संभंधित बड़ी संख्या में दस्तावेज जारी किये
03:49इन में जून 2014 से जून 2017 के बीच के ईमेल भी शामिल थे
03:54इन दस्तावेजों में पूरी और एपस्टीन के बीच बातचीत तथा मुलाकातों से जुड़ी जानकारी सामने आई
03:59दस्तावेजों के मुताबिक पूरी और एपस्टीन की मुलाकाते न्यूयोक में एपस्टीन के मैनहाटन आवास पर हुई थी
04:06रिपोर्टों में तीन मुलाकातों की तारीखें 4 फरवरी 2015, 6 जनवरी 2016 और 19 मई 2017 बताई गई है
04:15इन मुलाकातों का समय उस दौर से जुड़ा है जब पूरी अंतराष्ट्रिय मामलों और भारत में निवेश की संभावनाओं से
04:21संबंधित काम कर रहे थे
04:23यहीं से इस मामले में सबसे एहम सवाल उठता है इन मुलाकातों का उद्देश क्या था और तस्वीरों में दिख
04:29रहा माहौल किस बैठक से जुड़ा था
04:31पूरी पहले कह चुके हैं कि Epstein से उनकी मुलाकातें International Peace Institute यानि IPI और उससे संबंधित गतिविधियों के
04:39तहत प्रतिनेधी मंडल के साथ हुई थी
04:41दूसरी ओर तस्वीरों में दोनों एक मेज के सामने बैठे दिखाए देते हैं
04:45रिपोर्टों के मुताबिक तस्वीरों में उस समय कोई अन्यव्यक्ती नजर नहीं आता
04:49लेकिन सिर्फ तस्वीर के एक शण को देखतर ये तै नहीं किया जा सकता कि बैठक से पहले या बाद
04:55में कोई अन्यव्यक्ती मौजूद था या नहीं
04:57इक्जॉटिक आइलेंड और हैफफ़न वाले इमेल पर भी विवाद इस मामले में केवल तस्वीरे ही नहीं बलकि पुरी और एपस्टीन
05:04के बीच हुए पुराने इमेल भी चर्चा का विशे रहे हैं
05:07दिसंबर 2014 के एक इमेल में पुरी ने एपस्टीन से पूछा था कि वो अपने एक्जॉटिक आइलेंड से कब लोट
05:13रहे हैं उन्होंने लिखा था कि वो उनसे बातचीत करने और भारत में दिल्चस्पी बढ़ाने के लिए कुछ किताबे देने
05:19आना चाहते हैं
05:20एपस्टीन के जवाब के बाद पुरी ने लिखा हाफ फ़न यानि मौज करो इस एमेल में इस्तिमाल किये गए शब्दों
05:26को लेकर भी सवाल उठे थे खास कर इसलिए क्योंकि एपस्टीन का निजीद्वी बाद में उसके खिलाफ लगे गंभीर यौन
05:32अपराधों के आरो�
05:46हो जाता है कि संबंदित लोग उसके आपराधिक अतीत के बारे में क्या जानते थे और किस संदर्भ में उससे
05:52संपर्क कर रहे थे
05:53हलांकि पुरी ने इन इमेल की अलग व्याख्या दी है उन्होंने कहा था कि एक्जोर्टिक शब्द का इस्तिमाल वो सामान्य
05:59बातचीत में भी करते हैं और हैब फ़न कहना उनके बोलने का आम तरीका था
06:03उन्होंने ये भी कहा कि उनका उद्देश्य भारत में निवेश और आर्थिक अफसरों को बढ़ावा देना था
06:08पुरी ने एपस्टीन के निजी द्वीब पर जाने से इनकार किया है
06:12पुरी का पक्ष क्या रहा है?
06:14हरदीप सिंग पुरी ने पहले भी एपस्टीन से अपने संपर्कों के लिए सफाय दी थी
06:18उनका कहना रहा है कि मुलाकाते सीमित थी और उनका संबंध पेशेवर गतिविधियों से था
06:23उन्होंने बताया था कि उस समय वो International Peace Institute से जुड़ी एक परियोजना के तहत काम कर रहे थे
06:29और उनके वरिष्ट अधिकारी टेरजे रॉड लार्सन एपस्टीन को जानते थे
06:33पुरी के मुताबिक इसी संपर्क के माध्यम से उनकी मुलाकाते हुई
06:36उन्होंने इन मुलाकातों को किसी अनुचित गतिविधी से जोणने वाले आरोपों को खारज किया है
06:41तस्वीरे सामने आने के बाद भी पुरी के कार्याले की ओर से कहा गया
06:45कि तस्वीरों में कोई नई बात नहीं है और ये पेशेवर बैठकों की है
06:49कार्याले ने ये भी कहा कि करीब 10 साल बाद मंत्री को ये याद नहीं है कि तस्वीर किस बैठक
06:54की है या उस समय दूसरे लोग बैठक से पहले या बाद में मौजूद थे या नहीं
06:59कार्याले का पक्ष है कि तस्वीरे मेज पर कागजों और नोट्स के साथ एक आपचारिक बैठक का द्रिश्य दिखाती है
07:05यानि पूरी का पक्ष ये है कि संपर्क पेशेवर्था और तस्वीरों को किसी गलत निशकर्ष तक पहुँचने का आधार नहीं
07:12बनाया जाना चाहिए
07:13वही कॉंग्रिस और अन्य विपक्षी नेता पूछ रहे हैं कि अगर बैठक प्रतिनिधी मंडल के साथ थी तो तस्वीर में
07:19बाकी सदस्य क्यों नहीं दिखते
07:20इस सवाल का सपष्ट जवाब बैठक के पूरे रिकॉर्ड तस्वीरों के समय और स्थान तथा उस दोरान मौजूद लोगों की
07:27जानकारी से ही मिल सकता है
07:29अब सबसे बड़ा सवाल तस्वीरों का पूरा संदर्भ क्या है
07:32जेफरी अपस्टीन का मामला सिर्फ अमेरिका तक सीमित नहीं रहा
07:36उसके संपरकों, इमेल और मुलाकातों से जुड़े दस्तावेजों ने कई देशों में सार्वजनिक हस्तियों और प्रभावशाली लोगों के संबंधों पर
07:44सवाल खड़े किये हैं
07:45लेकिन किसी दस्तावेज में नाम होना या किसी तस्वीर में दिखाई देना अपने आप में यौन अपराद में शामिल होने
07:51का प्रमान नहीं है
07:52हर मामले में उपलब्ध साक्षियों, मुलाकात के उद्देश और संबंधित व्यक्ती के सपष्टिकरण को अलग-अलग परखना जरूरी है
07:59हरदीप सिंग पुरी से जुड़ी तस्वीरों के मामले में अब तीन बातें केंद्र में है
08:03पहली, तस्वीरें किस तारीख और किस मुलाकात की है
08:07दूसरी, क्या उस बैठक में अन्य लोग भी मौजूद थे और क्या इसका कोई रिकॉर्ड उपलब्ध है
08:11तीसरी, पुरी के प्रतिनिदी मंडल के साथ मुलाकात करने के पुराने दावे और तस्वीरों में दिखाई देने वाले द्रिश्य के
08:18बीच जो सवाल उठ रहे हैं, उनका जवाब क्या है
08:21कॉंग्रेस इस मामले में सरकार से जवाब मांग रही है
08:24जबकि पुरी पहले ही अपने संपरकों को पेशेवर बताते हुए सफाई दे चुके हैं
08:28फिलहाल तस्वीरों को लेकर राजनीतिक आरोब प्रत्यारोब जारी है
08:32लेकिन तस्वीरों के आधार पर किसी अपराध या ब्लैक मेल की साजिश का निशकर्ष निकालना उचित नहीं होगा
08:38इस विवाद में निरनायक बात होगी, दस्तावेज क्या कहते हैं, बैठक का पूरा संदर्भ क्या है
08:43और संबंधित सवालों पर सामने आने वाली आधिकारिक जनकारी क्या कहती है

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