00:00डाक वेब पर SBI ग्रहकों का डेटा लीक होने का दावा
00:063897 रिकॉर्ड में मिली निजी जानकारी
00:10अगर आपका बैंक खाता भारतिय स्टेट बैंक यानि SBI में है तो ये खबर आपके लिए बेहत जरूरी है
00:17देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक ने ग्रहकों के डीटा से जुड़ी एक संभावित साइबर सुरक्षा घटना की जानकारी दी
00:25है
00:25शुरुवाती जांच में 3897 ग्रहक रिकॉर्ड में निजी पहचान से जुड़ी जानकारी यानि परस्टनली आइडेंटिफायबल इन्फरमेशन मिलने की बात सामने
00:35आई है
00:36ये मामला तब सामने आया जब डाक वेब पर SBI के ग्रहकों का डेटा होने का दावा किया गया
00:42साइबर सुरक्षा निग्रानी से जुड़े एक हैंडल साइबर पल्स 56 ने इस गतिविधी को सामने लाया
00:49जबकि सिर्यस इम नाम से काम करने वाले एक कथित हैकर समूह का नाम इस पोस्ट से जोड़ा गया है
00:55हालांकि यहां एक बात साफ समझना ज़रूरी है
00:58डाक वेब पर किसी बैंक का डेटा होने का दावा सामने आना और बैंक के पूरे सिस्टम पर साइबर हमला
01:05साबित होना दोनों अलग-अलग बाते हैं
01:07SBI की शुरुवाती जांच में कुछ रिकॉर्ड में निजी जानकारी मिलने की बात कही गई है
01:13लेकिन उपलब्द विवरन के आधार पर ये नहीं कहा जा सकता कि बैंक के सभी ग्रहक प्रभावित हुए हैं या
01:19बैंकिंग सिस्टम पर किसी का नियंतरन हो गया है
01:22कितने रिकॉर्ड सामने आए?
01:24इस मामले में सामने आई जानकारी के मुताबिक कथित डेटा सेट में करीब 3.75 लाक रिकॉर्ड होने का दावा
01:31किया गया
01:32इसमें CSV फॉर्माट की लगभग 3,75,000 पंक्तियां और 2,722 PDF दस्तावेज शामिल बताए गया
01:40SBI की शुरुवाती जान्च में इन में से 3,897 ग्रहक रिकॉर्ड में निजी पहचान से जुड़ी जानकारी मिलने की
01:48बात सामने आई है
01:49यानि कथित डेटा सेट में जितने रिकॉर्ड होने का दावा किया गया
01:52उन में से शुरुवाती जान्च के दौरान कुछ रिकॉर्ड में ग्रहकों की समवेदन शील जानकारी मिली
01:58लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि बाकी सभी रिकॉर्ड सुरक्षित हैं या हर रिकॉर्ड में एक ही तरह की
02:03जानकारी मौजूद है
02:04इसकी सही तस्वीर विस्तृत फॉरेंसिक जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ सकती है।
02:09ग्राहकों की कौन-कौन सी जानकारी उजागर हुई।
02:12शुरुवाती विश्लेशन के मुताबिक प्रभावित रिकॉर्ड में ग्राहकों के नाम, लिंग और जन्टिथी जैसी व्यक्तिगत जानकारियां शामिल थी।
02:20इसके अलावा रेजिस्टर्ड मोबाइल नंबर, इमेल आईडी और घर के पते जैसी संपर्क संबंधी जानकारियां भी सामने आने की बात
02:28कही गई है।
02:29मामले में कुछ बैंकिंग से जुड़े पहचान करताओं का भी जिक्र है। इनमें CIF नंबर, शाखा की पहचान से जुड़ी
02:36जानकारी, लीड आईडी और लोन रिकॉर्ड से संबंधित विवरन शामिल बताए गए हैं।
02:41कुछ दस्तावेजों में लोन से जुड़े सहायक कागजात और खाता खोलने के फॉर्म का मेटाडेटा भी होने की बात कही
02:47गई है।
03:11या OTP भी लीक हुए हैं। इसलिए इस घटना को लेकर अब पुष्टित दावों पर भरोसा करने के बजाए बैंक
03:17और संबंधित एजिंसियों की आधिकारिक जानकारी पर ध्यान देना जरूरी है।
03:41अपने तय प्रोटोकॉल सक्रिय किये। बैंक ने मामले की गहराई से जांच के लिए सर्टिन के पैनल में शामिल एक
03:48स्वतंत्र साइबर सुरक्षा एजिंसी को फॉरंसिक आकलन की जिम्मेदारी भी सौपी है।
03:52इस तरह की जांच में ये पता लगाने की कोशिश की जाती है कि डेटा कहां से आया, किस तरह
03:58की जानकारी प्रभावित हुई और क्या किसी सिस्टिम या प्रक्रिया में सुरक्षा संबंधी कमजोरी थी।
04:03SBI ने नियामकिये विनमय को दी गई जानकारी में ये भी कहा कि इस घटना का उसके मुख्य कारोबारी कामकाज,
04:11वित्तिय प्रदर्शन या कारोबार की निरंतर्ता पर कोई महत्वपूर्ण प्रभाव नहीं पड़ा है।
04:16बैंक के मुथाबिक उसके कोर बैंकिंग सिस्टम सामान्य रूप से काम कर रहे हैं। इसका मतलब ये है कि फिलहाल
04:23बैंकिंग सेवाओं के ठप होने की जानकारी नहीं दी गई है, लेकिन सेवाएं सामान्य रूप से चलने का अर्थ ये
04:29नहीं है कि डेटा से जुड़ी चिं
04:45जानकारी का इस्तिमाल करके ग्राहकों को भरोसे में लेने की कोशिश कर सकते हैं। पहला तरीका है फिशिंग, इसमें ग्राहकों
04:51को SMS, E-mail या मेसेजिंग आप के जरिए ऐसा संदेश भीजा जा सकता है, जिसमें KYC अपडेट करने, बैंक
04:58खता चालू रखने या लोन की जा
05:01जापित करने के लिए किसी लिंक पर क्लिक करने को कहा जाए। संदेश में ग्राहक का नाम या बैंक शाखा
05:07का विवरण होने से वो असली लग सकता है, लेकिन लिंक पर क्लिक करने से निजी जानकारी चोरी होने का
05:12खत्रा रहता है। दूसरा तरीका है विशिंग, यानि फो
05:54उपनिये जानकारी मांग सकते हैं।
06:25अगर आपको लगता है कि आपके साथ ओनलाइन धोखा धड़ी हुई है,
06:28तो भारत में साइबर अपराध हेलप लाइन नंबर एक नौ तीन शून्य पर संपर्क करें या आधिकारिक पोर्टल साइबरक्राइम.GOV
06:36.IN पर शिकायत दर्ज कराएं।
06:38फिलहाल SBI के मामले में जांच जारी है।
06:413897 रिकॉर्ड में निजी जानकारी मिलने की शुरुवाती पुष्टी चिंता का विशय जरूर है लेकिन इससे सभी ग्रहकों का डेटा
06:49लीक होने का निशकर्ष नहीं निकाला जा सकता।
06:52आने वाले समय में फॉरेंसिक जांच से पता चलेगा की डेटा का स्रोत क्या था और ग्रहकों पर इसका वास्तवे
06:58कसर कितना पड़ा। तब तक सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है।
07:22कितना बचाव है।
07:52जब दोनोड़ाब आप नप्टे साफब आप्टावर में हैं अरी आप आपनोड़ टीजा है