Skip to playerSkip to main content
Breaking News: SBI Data Leak Case में बड़ा खुलासा, डार्क वेब पर 3,897 ग्राहकों की निजी जानकारी लीक होने की खबर! जानिए कैसे देश के सबसे बड़े बैंक SBI ने डेटा सुरक्षा और साइबर फ्रॉड को लेकर आधिकारिक बयान जारी किया है।
देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक, भारतीय स्टेट बैंक (State Bank of India - SBI) के ग्राहकों के डेटा सुरक्षा से जुड़ी एक बेहद बड़ी खबर सामने आई है। डार्क वेब पर 'Siriusim' नाम के एक कथित हैकर ग्रुप द्वारा 3.75 लाख रिकॉर्ड्स और 2,722 पीडीएफ फाइलों का डेटाबेस लीक करने का दावा किया गया। साइबर थ्रेट ट्रैकिंग हैंडल CyberPulse56 द्वारा यह मामला उजागर किए जाने के बाद, बैंक ने अपने शुरुआती विश्लेषण में पाया कि 3,897 ग्राहक रिकॉर्ड्स में पर्सनली आइडेंटिफिएबल इन्फॉर्मेशन (PII) यानी निजी पहचान संबंधी जानकारी शामिल थी।

सामने आई जानकारी के मुताबिक, प्रभावित डेटा में ग्राहकों के नाम, जेंडर, जन्मतिथि, रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी, पते, CIF नंबर और लोन से जुड़े मेटाडेटा शामिल बताए गए हैं। 16 अक्टूबर को डिफेंस साइबर एजेंसी (DCA) और भारतीय कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया दल (CERT-In) से अलर्ट मिलने के तुरंत बाद SBI ने अपनी साइबर इंसिडेंट रिस्पॉन्स टीम को सक्रिय कर दिया और CERT-In के साथ पैनलबद्ध एक स्वतंत्र फॉरेंसिक एजेंसी को मामले की विस्तृत जांच का जिम्मा सौंपा है।


About the Story:State Bank of India (SBI) confirmed a potential cybersecurity data breach after threat intelligence alerts from CERT-In and the Defence Cyber Agency revealed 3,897 customer records exposed on the dark web. While SBI assured that core banking systems and customer financial assets remain entirely safe, forensic investigations are underway to trace the alleged dark web leak involving personal details and loan metadata.


#SBIDataLeak #StateBankOfIndia #CyberSecurity #BankingScam

~HT.178~PR.514~ED.110~VG.HM~

Category

🗞
News
Transcript
00:00डाक वेब पर SBI ग्रहकों का डेटा लीक होने का दावा
00:063897 रिकॉर्ड में मिली निजी जानकारी
00:10अगर आपका बैंक खाता भारतिय स्टेट बैंक यानि SBI में है तो ये खबर आपके लिए बेहत जरूरी है
00:17देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक ने ग्रहकों के डीटा से जुड़ी एक संभावित साइबर सुरक्षा घटना की जानकारी दी
00:25है
00:25शुरुवाती जांच में 3897 ग्रहक रिकॉर्ड में निजी पहचान से जुड़ी जानकारी यानि परस्टनली आइडेंटिफायबल इन्फरमेशन मिलने की बात सामने
00:35आई है
00:36ये मामला तब सामने आया जब डाक वेब पर SBI के ग्रहकों का डेटा होने का दावा किया गया
00:42साइबर सुरक्षा निग्रानी से जुड़े एक हैंडल साइबर पल्स 56 ने इस गतिविधी को सामने लाया
00:49जबकि सिर्यस इम नाम से काम करने वाले एक कथित हैकर समूह का नाम इस पोस्ट से जोड़ा गया है
00:55हालांकि यहां एक बात साफ समझना ज़रूरी है
00:58डाक वेब पर किसी बैंक का डेटा होने का दावा सामने आना और बैंक के पूरे सिस्टम पर साइबर हमला
01:05साबित होना दोनों अलग-अलग बाते हैं
01:07SBI की शुरुवाती जांच में कुछ रिकॉर्ड में निजी जानकारी मिलने की बात कही गई है
01:13लेकिन उपलब्द विवरन के आधार पर ये नहीं कहा जा सकता कि बैंक के सभी ग्रहक प्रभावित हुए हैं या
01:19बैंकिंग सिस्टम पर किसी का नियंतरन हो गया है
01:22कितने रिकॉर्ड सामने आए?
01:24इस मामले में सामने आई जानकारी के मुताबिक कथित डेटा सेट में करीब 3.75 लाक रिकॉर्ड होने का दावा
01:31किया गया
01:32इसमें CSV फॉर्माट की लगभग 3,75,000 पंक्तियां और 2,722 PDF दस्तावेज शामिल बताए गया
01:40SBI की शुरुवाती जान्च में इन में से 3,897 ग्रहक रिकॉर्ड में निजी पहचान से जुड़ी जानकारी मिलने की
01:48बात सामने आई है
01:49यानि कथित डेटा सेट में जितने रिकॉर्ड होने का दावा किया गया
01:52उन में से शुरुवाती जान्च के दौरान कुछ रिकॉर्ड में ग्रहकों की समवेदन शील जानकारी मिली
01:58लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि बाकी सभी रिकॉर्ड सुरक्षित हैं या हर रिकॉर्ड में एक ही तरह की
02:03जानकारी मौजूद है
02:04इसकी सही तस्वीर विस्तृत फॉरेंसिक जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ सकती है।
02:09ग्राहकों की कौन-कौन सी जानकारी उजागर हुई।
02:12शुरुवाती विश्लेशन के मुताबिक प्रभावित रिकॉर्ड में ग्राहकों के नाम, लिंग और जन्टिथी जैसी व्यक्तिगत जानकारियां शामिल थी।
02:20इसके अलावा रेजिस्टर्ड मोबाइल नंबर, इमेल आईडी और घर के पते जैसी संपर्क संबंधी जानकारियां भी सामने आने की बात
02:28कही गई है।
02:29मामले में कुछ बैंकिंग से जुड़े पहचान करताओं का भी जिक्र है। इनमें CIF नंबर, शाखा की पहचान से जुड़ी
02:36जानकारी, लीड आईडी और लोन रिकॉर्ड से संबंधित विवरन शामिल बताए गए हैं।
02:41कुछ दस्तावेजों में लोन से जुड़े सहायक कागजात और खाता खोलने के फॉर्म का मेटाडेटा भी होने की बात कही
02:47गई है।
03:11या OTP भी लीक हुए हैं। इसलिए इस घटना को लेकर अब पुष्टित दावों पर भरोसा करने के बजाए बैंक
03:17और संबंधित एजिंसियों की आधिकारिक जानकारी पर ध्यान देना जरूरी है।
03:41अपने तय प्रोटोकॉल सक्रिय किये। बैंक ने मामले की गहराई से जांच के लिए सर्टिन के पैनल में शामिल एक
03:48स्वतंत्र साइबर सुरक्षा एजिंसी को फॉरंसिक आकलन की जिम्मेदारी भी सौपी है।
03:52इस तरह की जांच में ये पता लगाने की कोशिश की जाती है कि डेटा कहां से आया, किस तरह
03:58की जानकारी प्रभावित हुई और क्या किसी सिस्टिम या प्रक्रिया में सुरक्षा संबंधी कमजोरी थी।
04:03SBI ने नियामकिये विनमय को दी गई जानकारी में ये भी कहा कि इस घटना का उसके मुख्य कारोबारी कामकाज,
04:11वित्तिय प्रदर्शन या कारोबार की निरंतर्ता पर कोई महत्वपूर्ण प्रभाव नहीं पड़ा है।
04:16बैंक के मुथाबिक उसके कोर बैंकिंग सिस्टम सामान्य रूप से काम कर रहे हैं। इसका मतलब ये है कि फिलहाल
04:23बैंकिंग सेवाओं के ठप होने की जानकारी नहीं दी गई है, लेकिन सेवाएं सामान्य रूप से चलने का अर्थ ये
04:29नहीं है कि डेटा से जुड़ी चिं
04:45जानकारी का इस्तिमाल करके ग्राहकों को भरोसे में लेने की कोशिश कर सकते हैं। पहला तरीका है फिशिंग, इसमें ग्राहकों
04:51को SMS, E-mail या मेसेजिंग आप के जरिए ऐसा संदेश भीजा जा सकता है, जिसमें KYC अपडेट करने, बैंक
04:58खता चालू रखने या लोन की जा
05:01जापित करने के लिए किसी लिंक पर क्लिक करने को कहा जाए। संदेश में ग्राहक का नाम या बैंक शाखा
05:07का विवरण होने से वो असली लग सकता है, लेकिन लिंक पर क्लिक करने से निजी जानकारी चोरी होने का
05:12खत्रा रहता है। दूसरा तरीका है विशिंग, यानि फो
05:54उपनिये जानकारी मांग सकते हैं।
06:25अगर आपको लगता है कि आपके साथ ओनलाइन धोखा धड़ी हुई है,
06:28तो भारत में साइबर अपराध हेलप लाइन नंबर एक नौ तीन शून्य पर संपर्क करें या आधिकारिक पोर्टल साइबरक्राइम.GOV
06:36.IN पर शिकायत दर्ज कराएं।
06:38फिलहाल SBI के मामले में जांच जारी है।
06:413897 रिकॉर्ड में निजी जानकारी मिलने की शुरुवाती पुष्टी चिंता का विशय जरूर है लेकिन इससे सभी ग्रहकों का डेटा
06:49लीक होने का निशकर्ष नहीं निकाला जा सकता।
06:52आने वाले समय में फॉरेंसिक जांच से पता चलेगा की डेटा का स्रोत क्या था और ग्रहकों पर इसका वास्तवे
06:58कसर कितना पड़ा। तब तक सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है।
07:22कितना बचाव है।
07:52जब दोनोड़ाब आप नप्टे साफब आप्टावर में हैं अरी आप आपनोड़ टीजा है

Recommended