00:00जिन्दगी बहुत छोटी होती है और करने को एक महत्वपुर्ण काम होता है कि मुँ पर ये जो मायूसी च्छाई
00:08हुई है इसको पोच दिया जाए हम इसी के लिए पैदा होते हैं दुख निरोध दुख लेके पैदा होते हो
00:16और जीवन मिला होता है इसी दुख को हटाने के �
00:22लिए मर जाओगे ऐसे ही मूँ लेके फिर तो जो ऐसे मूँ पड़ा हुआ है कोई आग भी ठीसल गाने
00:32नहीं आ रहा करें देखो ये
00:36मर के भी मन हुसी रहा पंडित उतनी दूर खड़े हो करके मंत्र मार रहा है मर तो जाओगे ही
00:49उससे पहले आनंदे थोलो थोड़ा
00:52और आनंद नहीं आ सकता जब तक क्लारेटी नहीं आएगी प्रकृति वैसा होनी नहीं देती मैं तो नन्ना हूँ बेचाला
01:12हूँ
01:15प्रकृति ना किसी की सगी है ना किसी को ठगी है ये दाइत तो तुम्हारा है कि तुम प्रकृति को
01:26समझो जीवन के नियमों को जानो
01:28प्रकृति ने कोई साजिश नहीं रची हुई ये तुमको परिशान करने की