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8th Pay Commission को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए आई बड़ी अपडेट! जानिए कैसे 4.0 फिटमेंट फैक्टर और ₹72,000 न्यूनतम बेसिक सैलरी की मांग के बीच वेतन आयोग की बैठकों का दौर तेज हो चुका है।
8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बीच सुगबुगाहट तेज हो गई है। 26 अक्टूबर 2026 तक की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, मुंबई में 22 और 23 अक्टूबर को आयोग ने कर्मचारी संगठनों के साथ विचार-विमर्श की महत्वपूर्ण बैठकें संपन्न की हैं। 3 नवंबर 2025 को गठित इस आयोग को अपनी सिफारिशें सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है, जिसके आधार पर अंतिम रिपोर्ट मई 2027 के आसपास आने की उम्मीद जताई जा रही है।

वेतन संशोधन को लेकर विभिन्न कर्मचारी यूनियनों ने अपनी मांगें सरकार के समक्ष रखी हैं। नेशनल काउंसिल (NC-JCM) ने 3.833 फिटमेंट फैक्टर के साथ ₹69,000 न्यूनतम बेसिक सैलरी का प्रस्ताव दिया है, जबकि भारतीय मजदूर संघ से जुड़े BPMS ने 4.0 फिटमेंट फैक्टर और ₹72,000 न्यूनतम बेसिक सैलरी की मांग उठाई है। यदि 4.0 का फिटमेंट फैक्टर स्वीकार होता है, तो कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन में ऐतिहासिक बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।

हालांकि, ध्यान देने योग्य बात यह है कि यह केवल कर्मचारी संगठनों द्वारा रखी गई सिफारिशें और मांगें हैं, सरकार की आधिकारिक घोषणा नहीं। नए फिटमेंट फैक्टर, संशोधित पे-मैट्रिक्स और पेंशन में वृद्धि पर अंतिम निर्णय आयोग की रिपोर्ट प्रस्तुत होने और केंद्र सरकार की अंतिम मंजूरी के बाद ही लिया जाएगा।

About the Story:
The latest updates on the 8th Pay Commission highlight employee union meetings in Mumbai and staff proposals demanding a fitment factor up to 4.0 and minimum basic pay of ₹72,000. With the commission expected to submit its report by mid-2027, central government employees and pensioners await official decisions on revised salary structures and allowances.

#8thPayCommission #FitmentFactor #SalaryHike #CentralGovtEmployees

~HT.318~PR.514~ED.106~GR.122~VG.HM~

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Transcript
00:00आठमें वेतन आयोग में 72,000 निंतम बेसिक सेलरी की मांग
00:05फिटमेंट फैक्टर 4 की मांग
00:08सेलरी पर अंतिम फैसला बाकी
00:1026 ओक्टूबर 2026 तक आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक
00:15मुंबई में 22 और 23 ओक्टूबर को कर्म चारीस अंगठनों के साथ
00:20विचारवे मर्श की बैठके हो चुकी है
00:22आयोग का गठन 3 नवंबर 2025 को हुआ था
00:26और उसे अपने सिफारिशें सौपने के लिए 18 महीने का समय भी दिया गया है
00:31ऐसे में रिपोर्ट मई 2027 के आसपास आने की उमीद है
00:35वितन बढ़ोतरी को लेकर कर्मचारी संगठनों ने भी अपनी मांगे रख दी है
00:39NCJCM ने 3.833 फिटमेंट फैक्टर और 79,000 नियुंतम बेसिक सैलरी की मांग रखी है
00:46जबकि BEPMS ने 4 फिटमेंट फैक्टर और 72,000 नियुंतम बेसिक सैलरी का प्रस्ताव दिया है
00:52हलाकि ये कर्मचारी संगठनों की मांगे है
00:55सरगार की और से घोशित वेतन नहीं है
00:57फिलहाल नए फिटमेंट फैक्टर, संशोधित सैलरी और पेंशन में बढ़ोतरी पर अंतेम फैसला नहीं हुआ है
01:03कर्मचारी और पेंशनर्स को आयोग के सिफारिशों और केंदर की मनजूरी का इंतजार करना होगा
01:08तो आईए विस्तार से जानते हैं आठवे वेतन आयोग में अब तक क्या क्या हुआ है
01:12और इस ख़वर पर देखिए हमारी ये विशेश रिपोर्ट
01:16केंदरिये कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए आठवे वेतन आयोग से जुड़ी बड़ी खबर सामने आ रही है
01:21सालरी बढ़ाने, फिट्मेंट फैक्टर तैकर ने, सालाना इंक्रिमेंट में बदलाव और पेंशन की समीक्षा को लेकर कर्मचारी संगठनों ने अपनी
01:29मांगे तेज कर दी है
01:3022 और 23 अक्टूबर 2026 को मुंबई में आठवे केंद्रिय वेतन आयोग ने कर्मचारी संगठनों और पेंशनर्स की प्रतिनधियों के
01:38साथ परामर्ष बैठके की
01:40इन बैठकों की अध्यक्षिता जस्टिस रंजिना प्रकाश देसाई कर रही है
01:44इससे पहले ऑक्टूबर की शुरुवात में बेंगलूरू में भी आयोग ने हित धारकों से चर्चा की थी
01:49अब कर्मचारियों की नजर इस बात पर है कि आयोग उनकी मांगों पर क्या रुख अपनाता है और नई सालरी
01:55का संभाविट धाचा कैसा हो सकता है
01:57कर्मचारी संगठनों की तरफ से नियूनतम बेसिक सालरी को मौजूदा 18,000 रुपे से बढ़ा कर 79,000 से 72
02:05,000 रुपे तक करने की मांग सामने आई है
02:07इसके साथ ही फिटमेंट फैक्टर 3.833 से 4 तक रखने और सालाना इंक्रिमेंट को 3 फीसदी से बढ़ा कर
02:146 फीसदी करने जैसे प्रस्ताव भी चर्चा में है
02:17लेकिन यहाँ ये साफ कर देना जरूरी है कि ये कर्मचारी संगठनों की मांगे हैं अंतिम फैसला नहीं
02:23आठवे वेतन आयोग ने अभी इन मांगों को स्विकार करके नई सालरी की घुशना नहीं की है
02:28आईए समझते हैं कि कर्मचारीों की प्रमुख मांगे क्या हैं, फिटमेंट फैक्टर से सालरी पर क्या असर पढ़ सकता है
02:34और नए वेतन मान को लेकर आगे क्या प्रक्रिया होगी
02:37फिटमेंट फैक्टर 3.833 या 4.0 हुआ तो कितनी बढ़ सकती है सालरी
02:43अब समझते हैं फिटमेंट फैक्टर का पूरा गणित
02:46फिटमेंट फैक्टर वो गुणक है जिसकी मदद से मौझूदा बेसिक पे के आधार पर नई बेसिक सालरी की गणना की
02:52जाती है
02:52साथमें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.57 रखा गया था
02:56अब आठवे वेतन आयोग के सामने कर्मिचारी संगठनों ने इस से ज्यादा फिटमेंट फैक्टर की मांग रखी है
03:02नाशनल काउंसल जॉइंट कंसिल्टेटिव मशीनरी यानि NCJCM ने नियूनतम बेसिक पे 69,000 रुपे और फिटमेंट फैक्टर 3.833 रखने
03:11का प्रस्ताव दिया है
03:12वही भारतिये प्रतिरक्षा मश्दूर संग यानि BPMS की मांग नियूनतम बेसिक पे 72,000 रुपे और फिटमेंट फैक्टर 4.0
03:21रखने की है
03:21दोनों संगठनों ने सालाना इंक्रिमेंट को भी 3 फीसदी से बढ़ा कर 6 फीसदी करने का प्रस्ताव रखा है
03:27उदाहरन के तौर पर अगर किसी कर्मचारी की मौजूदा बेसिक सालरी 18,000 रुपे है और केवल गणित समझने के
03:34लिए उस पर 4.0 का फिटमेंट फैक्टर लगाया जाए तो नई बेसिक पे 72,000 रुपे होगी
03:39लेकिन ध्यान रहे ये सिर्फ मांग पर आधारित गणना है सरकार की ओर से घोशत नई सालरी नहीं
03:44इसी तरह 3.833 के गुणक से 18,000 रुपे की गणना करने पर बेसिक पे करीब 68,994 रुपे
03:52आती है जिसे लगभग 69,000 रुपे का हजा रहा है
03:55लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि हर कर्मचारी की सालरी सीधे 4 गुणा हो जाएगी
04:00अंतिम वेतन इस बात पर निर्भर करेगा कि आयोग कौन सा फिट्मेंट फैक्टर सुझाता है
04:05सरकार किन सिपारिशों को मनजूरी देती है और नई वेतन मैट्रिक्स में अलग-अलग पे लेवल किस तरह तै किये
04:11जाते हैं
04:12क्या बेसिक सालरी बढ़ने से इनहांट सालरी भी चार गुना हो जाएगी
04:16कर्मचारियों के लिए ये समझना बेहत जरूरी है कि बेसिक पे और इनहांट सालरी एक ही चीज नहीं है
04:21कर्मचारी के खाते में आने वाली वास्तविक रकम में बेसिक पे की अलावा महंगाई भत्ता, मकान किराया भत्ता, यात्रा भत्ता
04:28और अन्ने लागू मदों की भूमिका होती है
04:30वही टैक्स, NPS या अन्य लागू कटोतियों का असर भी हाथ में आने वाली सैलरी पर पड़ता है
04:35आठवे वेपन आयोग की सिफारिशों में इन सभी मदों को लेकर क्या बदलाव होगा ये अभी तैन नहीं है
04:41इसलिए फिलहाल किसी निश्चित इन हैंट सैलरी का दावा करना जल्दबाजी होगी
04:45कब आएगी रिपोर्ट और कब से लागू हो सकता है नया वेतन मान
04:48आठवे केंद्रिय वेतन आयोग का गठन 3 नवंबर 2025 को हुआ था
04:53आयोग को अपनी सिफारिशे सौंपने के लिए गठन की तारीक से 18 महीने का समय दिया गया है
04:58इस समय सीमा के हिसाब से रिपोर्ट मई 2027 के आसपास आने की संभावना है
05:03हलंकि आयोग जरूरत पढ़ने पर अलग-अलग विशयों पर अंतरिम रिपोर्ट भी दे सकता है
05:08आमतोर पर वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने के लिए 10 साल के चक्र को ध्यान में रखा जाता
05:13है
05:13इसी वज़ा से आठवे वेतन आयोग का संभावित प्रभाव 1 जनवरी 2026 से माने जाने की चर्चा है
05:19लेकिन सरकार ने अभी नई सालरी लागू होने की अंतिम तारीख की आपचारिक घूशना नहीं की है
05:25अगर सिफारिशें बाद में मनजूर होती है और प्रभावी तारीख पिछली रखी जाती है तो एरियर का सवाल भी उट
05:31सकता है
05:31इसका फैसला सरकारी मनजूरी और अंतिम आदेशों पर निर्भर करेगा
05:35महंगाई भत्ते पर भी कर्मचारियों की नजर
05:38आठवे वेतन आयोक के साथ केंद्रिय कर्मचारी जुलाई 2026 से लागू होने वाली महंगाई भत्ता यानी डिया की अगली किष्ट
05:45का इंतिजार कर रहे हैं
05:4621 अक्टूबर की कैबिनिट बैठक के बाद भी इस संबंद में आधिकारिक घोशना नहीं हुई खी
05:51इसलिए डिये में कितनी बढ़ोतरी होगी और इसकी घोशना कब होगी इसे लेकर अभी आधिकारिक आदेश का इंतिजार करना होगा
05:58कुल मिलाकर आठवे वेतन आयोग की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है और मुंबई में हुई बैठकों के जरिये करमचारी संगठनों
06:04को अपनी मांगे रखने का मौका मिला है
06:06न्यूनतम बेसिक पे 79 से 72 हजार रुपे, फिटमेंट फैक्टर 3.833 से 4.0 और सालाना इंक्रिमेंट 6 फीसदी
06:14करने जैसे प्रस्ताव चर्चा में जरूर है लेकिन इन पर अंतिम फैसला अभी बाकी है
06:18करमचारियों को सला है कि सालरी कैलकुलेटर या सोशल मीडिया पर वाइरल होने वाले आंकडों को अंतिम घोशना न माने
06:25किसी अंजान, लिंक या APK के जरिये अपनी व्यक्तिगत और बैंकिंग जानकारी साजान ना करें
06:30नई सालरी, पेंशन और भत्तों की पुष्टी के लिए आठवे वेतन आयोग और वित्त मंत्राले की आधिकारिक घोशनाओं पर ही
06:36भरोसा करें
06:37एट पे कमिशन को लेकर चन्ने में हुई बैठकों के बाद किंद्रे करमचारी और पेंशनोस की कई बड़ी मांगे एक
06:43बर फिर चर्चा में आ गई है
06:45इनमें सबसे बड़ा मुद्धा है ओल्ड पेंशन स्कीम यानि की OPS की बहाली का
06:50लेकिन अब इस मांग के साथ एक ऐसा कानूनी सवाल भी जुड़ गया है जो आने वाले समय में सरकार
06:55और करमचारी संगठनों के भी इचोवी वाद की वजहे बन सकता है
06:58सवाल सिर्फ पुरानी पेंशन बहाल करने का नहीं है
07:01बलकि ये भी है कि 1 जन्वरी 2026 के पहले रिटायर हो चुके करमचारीों की पेंशन को आठवे वेतन आयों
07:09के दायरे में किस सरह शामिल किया जाएगा
07:11चन्नई में 7 और 8 सितंबर को ही बैठकों में चन्नई जीपियो पेंशनर फोरम ने अपनी मांगों का विस्तरिक चार्टर
07:18आयों के सामने रखा
07:19फोरम ने ओपी इस बहाली को प्रमुख मांग बताया
07:22इसके अलावा पेंशन और फैमिली पेंशन बढ़ाने, कॉम्यूटेशन रिकवरी के नियमों में राहत और स्पष्टता, M.A.C.P. यानि
07:29की मोरिफाइड अश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन के लाभों में संशोधन और बहतर भत्ते, सामाजिक सुरक्षा की मांग भी रख
07:36इसी बैठक में निंतम बेसिक वेतन को बढ़ाकर 68,000 रुपे करने और वेतन संशोधन के लिए एक स्थाई व्यवस्था
07:42बनाने की मांग भी सामने आई
07:44यानि कर्मचारियों का तर्क है कि हर 10 साल में एक नए वेतनायों का इंतजार करने के बज़ाए वेतन में
07:51बदलाव के लिए कोई स्थाई मेकनिजम होना चाहिए
07:53लेकिन सबसे बड़ा सवाल पैंशनेस को लेकर है
07:56मौझूदा आठवे वेतनायों के Terms of Reference यानि की TOR में पेंशन और Retirement Benefits की समिक्षा का प्रावधान है
08:04लेकिन पेंशनर संगर्धनों का कहना है कि 1 जनवरी 2026 से पहले रिटायर हो चुके कर्मचारियों की पेंशन और फैमिली
08:11पेंशन के संशोधन को मिल्कुल सपष्ट शब्दों में शामिल किया जाना चाहिए
08:15इससे मुद्धे पर Retired Employers Welfare Association ने सरकार से TOR में सपष्टता की मांग दी है
08:22अब यही से कानूनी पेंश की बात सामने आती है
08:26पेंशनरस का तर्क है कि रिटार्मेंट के बाद मिलने वाली पेंशन और ग्रेचुटी वर्षो की सेवा से जुड़े अरजित लाब
08:33है
08:33इसलिए अगर नई विवस्था लागो होने के बाद पुराने पेंशनरस को पूरी तरह अलग कर दिया गया
08:38या उनके लाबू में ऐसी कटोती हुई जो पहले से अरजित अधिकारों को प्रभावित करती है
08:44तो विवाद अतालत तक पहुँच सकता है
08:46All India NPS Employees Federation के राष्ट्री अध्यक्ष डॉक्र मंजीज सिंग पतेर ने सिमुद्धे पर ये तर्क रखा
08:53कि 2026 से पहले रिटायर हुए करमचारियों को एक ही श्रेणी में नहीं देखा जा सकता
08:58एक तरफ OPS के तहत आने वाले पेंशनर्स हैं जिबकि दूसरे तरफ NPS और UPS से जुड़े करमचारी है
09:06उनका कहना है कि UPS भी सेवा, अवधी और अंतिम बेसिक वेजन से जुड़ा गारंटीड पेयाउट सिस्टेम है
09:13इसलिए इसके लावार्थियों को भी वेतनायोक के संशोधन से बाहर नहीं किया जाना चाहिए
09:19हलाकि यहाँ एक बात समझना जरूरी है
09:21OPS की बहाली की मांग और प्री 2026 में पेंशन संशोधन दोनों अलग-अलग मुद्दे है
09:28सरकार ने अभी OPS बहाली या इन सभी दावों को स्विकार करने का अंतिम फैसला नहीं किया है
09:34आठवे बितन आयोक के सिफारिशे भी अभी अंतिम रूप में सामने नहीं आई है
09:39आयोक को अपने सिफारिशे सम्विधान के तहत नहीं बलकि सरकार द्वारते
09:43टर्म्स ओफ रेफरेंस और वित्य परस्तियों को ध्यान में रखते हुए देनी है
09:48सरकार के अधिकारिक TOR के मताबिक आयोक को आर्थिक स्तिति, राजकोशिय, अनुशासन और पेंशन योजनाओं की वित्य अलागत जैसे पहलों
09:57को भी ध्यान में रखना होगा
09:59यानि कि चन्नेई बैठक से OPS की बहाली का फैसला नहीं हुआ है लेकिन बहस जरूर देज हो गई है
10:06अब सबसे बड़े सवाल यही है कि सरकार और आठ्वा वित्यनायोक पुराने पेंशनर्स, OPS, NPS और UPS के भी इचे
10:14समानता का रास्ता कैसे निकालते हैं
10:16अगर कट ओफ डेट, पेंशन संशोधन और पुराने कर्मचारियों के अधिकारों को लेकर स्पष्टनियम नहीं वनाए गए तो आने वाले
10:23समय में कर्मचारी संगशनों की आपत्तियों के साथ कानूनी चुनाती की संभावना भी बढ़ सकती है
10:30फिलहाल पेंशनस की नजर अगले चरण की बैठको और सबसे ज्यादा सरकार के अधिकारिक स्पष्टिक कारण पर है
10:37क्योंकि असली फैसला मांगों से नहीं बल्कि आठवे वितनायों की अंतम से फारिश और उसके बाद सरकार की मन्जूरी से
10:44होगा

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