00:00आठमें वेतन आयोग में 72,000 निंतम बेसिक सेलरी की मांग
00:05फिटमेंट फैक्टर 4 की मांग
00:08सेलरी पर अंतिम फैसला बाकी
00:1026 ओक्टूबर 2026 तक आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक
00:15मुंबई में 22 और 23 ओक्टूबर को कर्म चारीस अंगठनों के साथ
00:20विचारवे मर्श की बैठके हो चुकी है
00:22आयोग का गठन 3 नवंबर 2025 को हुआ था
00:26और उसे अपने सिफारिशें सौपने के लिए 18 महीने का समय भी दिया गया है
00:31ऐसे में रिपोर्ट मई 2027 के आसपास आने की उमीद है
00:35वितन बढ़ोतरी को लेकर कर्मचारी संगठनों ने भी अपनी मांगे रख दी है
00:39NCJCM ने 3.833 फिटमेंट फैक्टर और 79,000 नियुंतम बेसिक सैलरी की मांग रखी है
00:46जबकि BEPMS ने 4 फिटमेंट फैक्टर और 72,000 नियुंतम बेसिक सैलरी का प्रस्ताव दिया है
00:52हलाकि ये कर्मचारी संगठनों की मांगे है
00:55सरगार की और से घोशित वेतन नहीं है
00:57फिलहाल नए फिटमेंट फैक्टर, संशोधित सैलरी और पेंशन में बढ़ोतरी पर अंतेम फैसला नहीं हुआ है
01:03कर्मचारी और पेंशनर्स को आयोग के सिफारिशों और केंदर की मनजूरी का इंतजार करना होगा
01:08तो आईए विस्तार से जानते हैं आठवे वेतन आयोग में अब तक क्या क्या हुआ है
01:12और इस ख़वर पर देखिए हमारी ये विशेश रिपोर्ट
01:16केंदरिये कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए आठवे वेतन आयोग से जुड़ी बड़ी खबर सामने आ रही है
01:21सालरी बढ़ाने, फिट्मेंट फैक्टर तैकर ने, सालाना इंक्रिमेंट में बदलाव और पेंशन की समीक्षा को लेकर कर्मचारी संगठनों ने अपनी
01:29मांगे तेज कर दी है
01:3022 और 23 अक्टूबर 2026 को मुंबई में आठवे केंद्रिय वेतन आयोग ने कर्मचारी संगठनों और पेंशनर्स की प्रतिनधियों के
01:38साथ परामर्ष बैठके की
01:40इन बैठकों की अध्यक्षिता जस्टिस रंजिना प्रकाश देसाई कर रही है
01:44इससे पहले ऑक्टूबर की शुरुवात में बेंगलूरू में भी आयोग ने हित धारकों से चर्चा की थी
01:49अब कर्मचारियों की नजर इस बात पर है कि आयोग उनकी मांगों पर क्या रुख अपनाता है और नई सालरी
01:55का संभाविट धाचा कैसा हो सकता है
01:57कर्मचारी संगठनों की तरफ से नियूनतम बेसिक सालरी को मौजूदा 18,000 रुपे से बढ़ा कर 79,000 से 72
02:05,000 रुपे तक करने की मांग सामने आई है
02:07इसके साथ ही फिटमेंट फैक्टर 3.833 से 4 तक रखने और सालाना इंक्रिमेंट को 3 फीसदी से बढ़ा कर
02:146 फीसदी करने जैसे प्रस्ताव भी चर्चा में है
02:17लेकिन यहाँ ये साफ कर देना जरूरी है कि ये कर्मचारी संगठनों की मांगे हैं अंतिम फैसला नहीं
02:23आठवे वेतन आयोग ने अभी इन मांगों को स्विकार करके नई सालरी की घुशना नहीं की है
02:28आईए समझते हैं कि कर्मचारीों की प्रमुख मांगे क्या हैं, फिटमेंट फैक्टर से सालरी पर क्या असर पढ़ सकता है
02:34और नए वेतन मान को लेकर आगे क्या प्रक्रिया होगी
02:37फिटमेंट फैक्टर 3.833 या 4.0 हुआ तो कितनी बढ़ सकती है सालरी
02:43अब समझते हैं फिटमेंट फैक्टर का पूरा गणित
02:46फिटमेंट फैक्टर वो गुणक है जिसकी मदद से मौझूदा बेसिक पे के आधार पर नई बेसिक सालरी की गणना की
02:52जाती है
02:52साथमें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.57 रखा गया था
02:56अब आठवे वेतन आयोग के सामने कर्मिचारी संगठनों ने इस से ज्यादा फिटमेंट फैक्टर की मांग रखी है
03:02नाशनल काउंसल जॉइंट कंसिल्टेटिव मशीनरी यानि NCJCM ने नियूनतम बेसिक पे 69,000 रुपे और फिटमेंट फैक्टर 3.833 रखने
03:11का प्रस्ताव दिया है
03:12वही भारतिये प्रतिरक्षा मश्दूर संग यानि BPMS की मांग नियूनतम बेसिक पे 72,000 रुपे और फिटमेंट फैक्टर 4.0
03:21रखने की है
03:21दोनों संगठनों ने सालाना इंक्रिमेंट को भी 3 फीसदी से बढ़ा कर 6 फीसदी करने का प्रस्ताव रखा है
03:27उदाहरन के तौर पर अगर किसी कर्मचारी की मौजूदा बेसिक सालरी 18,000 रुपे है और केवल गणित समझने के
03:34लिए उस पर 4.0 का फिटमेंट फैक्टर लगाया जाए तो नई बेसिक पे 72,000 रुपे होगी
03:39लेकिन ध्यान रहे ये सिर्फ मांग पर आधारित गणना है सरकार की ओर से घोशत नई सालरी नहीं
03:44इसी तरह 3.833 के गुणक से 18,000 रुपे की गणना करने पर बेसिक पे करीब 68,994 रुपे
03:52आती है जिसे लगभग 69,000 रुपे का हजा रहा है
03:55लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि हर कर्मचारी की सालरी सीधे 4 गुणा हो जाएगी
04:00अंतिम वेतन इस बात पर निर्भर करेगा कि आयोग कौन सा फिट्मेंट फैक्टर सुझाता है
04:05सरकार किन सिपारिशों को मनजूरी देती है और नई वेतन मैट्रिक्स में अलग-अलग पे लेवल किस तरह तै किये
04:11जाते हैं
04:12क्या बेसिक सालरी बढ़ने से इनहांट सालरी भी चार गुना हो जाएगी
04:16कर्मचारियों के लिए ये समझना बेहत जरूरी है कि बेसिक पे और इनहांट सालरी एक ही चीज नहीं है
04:21कर्मचारी के खाते में आने वाली वास्तविक रकम में बेसिक पे की अलावा महंगाई भत्ता, मकान किराया भत्ता, यात्रा भत्ता
04:28और अन्ने लागू मदों की भूमिका होती है
04:30वही टैक्स, NPS या अन्य लागू कटोतियों का असर भी हाथ में आने वाली सैलरी पर पड़ता है
04:35आठवे वेपन आयोग की सिफारिशों में इन सभी मदों को लेकर क्या बदलाव होगा ये अभी तैन नहीं है
04:41इसलिए फिलहाल किसी निश्चित इन हैंट सैलरी का दावा करना जल्दबाजी होगी
04:45कब आएगी रिपोर्ट और कब से लागू हो सकता है नया वेतन मान
04:48आठवे केंद्रिय वेतन आयोग का गठन 3 नवंबर 2025 को हुआ था
04:53आयोग को अपनी सिफारिशे सौंपने के लिए गठन की तारीक से 18 महीने का समय दिया गया है
04:58इस समय सीमा के हिसाब से रिपोर्ट मई 2027 के आसपास आने की संभावना है
05:03हलंकि आयोग जरूरत पढ़ने पर अलग-अलग विशयों पर अंतरिम रिपोर्ट भी दे सकता है
05:08आमतोर पर वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने के लिए 10 साल के चक्र को ध्यान में रखा जाता
05:13है
05:13इसी वज़ा से आठवे वेतन आयोग का संभावित प्रभाव 1 जनवरी 2026 से माने जाने की चर्चा है
05:19लेकिन सरकार ने अभी नई सालरी लागू होने की अंतिम तारीख की आपचारिक घूशना नहीं की है
05:25अगर सिफारिशें बाद में मनजूर होती है और प्रभावी तारीख पिछली रखी जाती है तो एरियर का सवाल भी उट
05:31सकता है
05:31इसका फैसला सरकारी मनजूरी और अंतिम आदेशों पर निर्भर करेगा
05:35महंगाई भत्ते पर भी कर्मचारियों की नजर
05:38आठवे वेतन आयोक के साथ केंद्रिय कर्मचारी जुलाई 2026 से लागू होने वाली महंगाई भत्ता यानी डिया की अगली किष्ट
05:45का इंतिजार कर रहे हैं
05:4621 अक्टूबर की कैबिनिट बैठक के बाद भी इस संबंद में आधिकारिक घोशना नहीं हुई खी
05:51इसलिए डिये में कितनी बढ़ोतरी होगी और इसकी घोशना कब होगी इसे लेकर अभी आधिकारिक आदेश का इंतिजार करना होगा
05:58कुल मिलाकर आठवे वेतन आयोग की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है और मुंबई में हुई बैठकों के जरिये करमचारी संगठनों
06:04को अपनी मांगे रखने का मौका मिला है
06:06न्यूनतम बेसिक पे 79 से 72 हजार रुपे, फिटमेंट फैक्टर 3.833 से 4.0 और सालाना इंक्रिमेंट 6 फीसदी
06:14करने जैसे प्रस्ताव चर्चा में जरूर है लेकिन इन पर अंतिम फैसला अभी बाकी है
06:18करमचारियों को सला है कि सालरी कैलकुलेटर या सोशल मीडिया पर वाइरल होने वाले आंकडों को अंतिम घोशना न माने
06:25किसी अंजान, लिंक या APK के जरिये अपनी व्यक्तिगत और बैंकिंग जानकारी साजान ना करें
06:30नई सालरी, पेंशन और भत्तों की पुष्टी के लिए आठवे वेतन आयोग और वित्त मंत्राले की आधिकारिक घोशनाओं पर ही
06:36भरोसा करें
06:37एट पे कमिशन को लेकर चन्ने में हुई बैठकों के बाद किंद्रे करमचारी और पेंशनोस की कई बड़ी मांगे एक
06:43बर फिर चर्चा में आ गई है
06:45इनमें सबसे बड़ा मुद्धा है ओल्ड पेंशन स्कीम यानि की OPS की बहाली का
06:50लेकिन अब इस मांग के साथ एक ऐसा कानूनी सवाल भी जुड़ गया है जो आने वाले समय में सरकार
06:55और करमचारी संगठनों के भी इचोवी वाद की वजहे बन सकता है
06:58सवाल सिर्फ पुरानी पेंशन बहाल करने का नहीं है
07:01बलकि ये भी है कि 1 जन्वरी 2026 के पहले रिटायर हो चुके करमचारीों की पेंशन को आठवे वेतन आयों
07:09के दायरे में किस सरह शामिल किया जाएगा
07:11चन्नई में 7 और 8 सितंबर को ही बैठकों में चन्नई जीपियो पेंशनर फोरम ने अपनी मांगों का विस्तरिक चार्टर
07:18आयों के सामने रखा
07:19फोरम ने ओपी इस बहाली को प्रमुख मांग बताया
07:22इसके अलावा पेंशन और फैमिली पेंशन बढ़ाने, कॉम्यूटेशन रिकवरी के नियमों में राहत और स्पष्टता, M.A.C.P. यानि
07:29की मोरिफाइड अश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन के लाभों में संशोधन और बहतर भत्ते, सामाजिक सुरक्षा की मांग भी रख
07:36इसी बैठक में निंतम बेसिक वेतन को बढ़ाकर 68,000 रुपे करने और वेतन संशोधन के लिए एक स्थाई व्यवस्था
07:42बनाने की मांग भी सामने आई
07:44यानि कर्मचारियों का तर्क है कि हर 10 साल में एक नए वेतनायों का इंतजार करने के बज़ाए वेतन में
07:51बदलाव के लिए कोई स्थाई मेकनिजम होना चाहिए
07:53लेकिन सबसे बड़ा सवाल पैंशनेस को लेकर है
07:56मौझूदा आठवे वेतनायों के Terms of Reference यानि की TOR में पेंशन और Retirement Benefits की समिक्षा का प्रावधान है
08:04लेकिन पेंशनर संगर्धनों का कहना है कि 1 जनवरी 2026 से पहले रिटायर हो चुके कर्मचारियों की पेंशन और फैमिली
08:11पेंशन के संशोधन को मिल्कुल सपष्ट शब्दों में शामिल किया जाना चाहिए
08:15इससे मुद्धे पर Retired Employers Welfare Association ने सरकार से TOR में सपष्टता की मांग दी है
08:22अब यही से कानूनी पेंश की बात सामने आती है
08:26पेंशनरस का तर्क है कि रिटार्मेंट के बाद मिलने वाली पेंशन और ग्रेचुटी वर्षो की सेवा से जुड़े अरजित लाब
08:33है
08:33इसलिए अगर नई विवस्था लागो होने के बाद पुराने पेंशनरस को पूरी तरह अलग कर दिया गया
08:38या उनके लाबू में ऐसी कटोती हुई जो पहले से अरजित अधिकारों को प्रभावित करती है
08:44तो विवाद अतालत तक पहुँच सकता है
08:46All India NPS Employees Federation के राष्ट्री अध्यक्ष डॉक्र मंजीज सिंग पतेर ने सिमुद्धे पर ये तर्क रखा
08:53कि 2026 से पहले रिटायर हुए करमचारियों को एक ही श्रेणी में नहीं देखा जा सकता
08:58एक तरफ OPS के तहत आने वाले पेंशनर्स हैं जिबकि दूसरे तरफ NPS और UPS से जुड़े करमचारी है
09:06उनका कहना है कि UPS भी सेवा, अवधी और अंतिम बेसिक वेजन से जुड़ा गारंटीड पेयाउट सिस्टेम है
09:13इसलिए इसके लावार्थियों को भी वेतनायोक के संशोधन से बाहर नहीं किया जाना चाहिए
09:19हलाकि यहाँ एक बात समझना जरूरी है
09:21OPS की बहाली की मांग और प्री 2026 में पेंशन संशोधन दोनों अलग-अलग मुद्दे है
09:28सरकार ने अभी OPS बहाली या इन सभी दावों को स्विकार करने का अंतिम फैसला नहीं किया है
09:34आठवे बितन आयोक के सिफारिशे भी अभी अंतिम रूप में सामने नहीं आई है
09:39आयोक को अपने सिफारिशे सम्विधान के तहत नहीं बलकि सरकार द्वारते
09:43टर्म्स ओफ रेफरेंस और वित्य परस्तियों को ध्यान में रखते हुए देनी है
09:48सरकार के अधिकारिक TOR के मताबिक आयोक को आर्थिक स्तिति, राजकोशिय, अनुशासन और पेंशन योजनाओं की वित्य अलागत जैसे पहलों
09:57को भी ध्यान में रखना होगा
09:59यानि कि चन्नेई बैठक से OPS की बहाली का फैसला नहीं हुआ है लेकिन बहस जरूर देज हो गई है
10:06अब सबसे बड़े सवाल यही है कि सरकार और आठ्वा वित्यनायोक पुराने पेंशनर्स, OPS, NPS और UPS के भी इचे
10:14समानता का रास्ता कैसे निकालते हैं
10:16अगर कट ओफ डेट, पेंशन संशोधन और पुराने कर्मचारियों के अधिकारों को लेकर स्पष्टनियम नहीं वनाए गए तो आने वाले
10:23समय में कर्मचारी संगशनों की आपत्तियों के साथ कानूनी चुनाती की संभावना भी बढ़ सकती है
10:30फिलहाल पेंशनस की नजर अगले चरण की बैठको और सबसे ज्यादा सरकार के अधिकारिक स्पष्टिक कारण पर है
10:37क्योंकि असली फैसला मांगों से नहीं बल्कि आठवे वितनायों की अंतम से फारिश और उसके बाद सरकार की मन्जूरी से
10:44होगा