00:00जो प्रोटेस्ट चल रहे हैं, उपोजिशन को ले लीजे, या सीजेटी को ले लीजे, काफी जो एक आक्रोश दिख रहा
00:06है उनके अंदर, चाहिए वो ग्यानेश कुमार को लेकर के हो, एकायार को लेकर के हो, आप लोगों को आज
00:12ट्रेडर्स कितना लॉस हो रहे हैं, दिवा
00:28काली, खान मार्केट, कनोट प्लेज, चानी चोग, सदर बिजार तक नहीं रूखेगा, क्योंकि जो भार से आने वाला कस्टमर है,
00:35यह तो दिली के कस्टमर की हम बात कर रहे हैं, कि दिली का कस्टमर जो है, उसकी परचेजिंग बंद
00:40हो जाएगी, वो परचेजिंग ऑनला�
00:56होती है, मतलब, ना के बराबर है, जितना कॉंट्रिबूशन है, वो ट्रेडर्स के थ्रूई है, ट्रेडिंग के थ्रूई है, चाहे
01:03वो राजसो हो दिली सरकार का, यहां राजसो हो सेंट्रल सरकार का, यहीं से जाता है सारा कुछ, इनको, तो
01:10हमारी सेल को नुक्सान पहु�
01:22अब दिल्य पैदल तो आएंगें नी यह ट्रेनों से तो आएंगे नी यह आएंगे बस्थों से च्विए यह खकिर यह
01:28शक्रार।
01:29दिली में तो यह आएंगे बसों से तो बसे जब आएंगी दिली में हजार पंद्रा सो दो जार बस अकर
01:36आगई तो आप बताईए कौन सा रास्ता खुला रहेगा दिली का फेस्टिवल पीरिड है वैसे आप देखिए कि ट्राफिक इतना
01:42जाम हो जाता आजकल रोज शाम को दि
01:58यह पर सेहल नहीं करूंगा तो आगे पर चेज नहीं करूंगा तो पर आगे तो यह कैज
02:20अब देश पीछे ही जाएगा आगे नहीं आएगा तो मेरा मानना यह है कि राहूल गांदी जी को और बागी
02:28जो नेता है इनको सोचना चाहिए
02:30फेस्टिवल पिरिड को ठीक से निकलने दे उसके बाद जो इनको करना हो वो करें बट अभी के लिए स्थागित
02:37होना चाहिए हमने कई बारी लोगों से गोहार लगा दी आपके तो हमने इनको मेसेज भी भेजे और मैं तो
02:45बड़ा हैरान हूं कि मानने सुप्रीम कोर्ट भी इ
03:00विश्वकर्मा पूजा हो गए इसारे बड़े त्योहार है