00:05कभी पीरेट्स में इतना ज़ादा खून आता है कि बार बार पैट बदलना पड़ता है तो कभी ब्लीडिंग इतनी कम
00:11होती है कि चिंता होने लगती है आखिर ऐसा क्यों होता है क्या ये सामानिय है या किसी बीमारी का
00:18संकेद आईए जानते हैं
00:19पीरेट्स में खून की मात्रा हर महीने एक जैसी होना ज़रूरी नहीं है कभी-कभी हार्मोन में बदलाव, तनाव, नींद
00:27की कमी, वजन में बदलाव या ज्यादा एक्सेसाइस करने से ब्लीडिंग कम या ज़ादा हो सकती है
00:37लेकिन अगर हर महीने पीरेट्स का पैटन बदल रहा है तो इसके पीछे दूसरी वज़े भी हो सकती है
00:42थाइरोइट की समस्या, PCOS यानी पॉलिसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम और कुछ दूसरी हार्मोनल परिशानिया भी पीरेट्स को प्रभावित कर सकती है
00:51इसके अलावा गर्व निरोदगोलिया, कॉपरटी या दूसरी दवाओं की कारण भी ब्लीडिंग में बद्दनावा सकता है
00:58कभी-कभी गर्भावस्ता से जुड़ी परिशानी में भी ब्लीडिंग हो सकती है
01:02इसलिए अगर पीरेट्स मिस होने के बाद असामानिय ब्लीडिंग हो रही है
01:06तो इसे सामानिय पीरेट्स समझ कर नजर अंदाज ना करें
01:13अब सवाल है कि डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए
01:16अगर हर एक दो घंटे में पैड पूरी तरह भीग रहा है
01:20बहुत जादा कमजोरी या चक्कर आ रही है
01:22तेज दर्ध हो रहा है
01:24या पीरेट्स के बीच बार-बार ब्लीडिंग हो रही है
01:27तो मेडिकल सलहा ले
01:28अगर हर महीने ब्लीडिंग बहुत कम हो रही है
01:31पीरेट्स लगातार अनियमित है
01:33या कई महिने से पीरियड नहीं आया है, तब भी डॉक्टर से जाच कराना जरूरी है।
01:38बहुत जादा ब्लीडिंग के साथ बेहोशी, सांस फूलना या तेज दर्धो तो तुरंथ एमरजनसी मदद लें।
01:45याद रखिए, पीरियड में थोड़ा बदलाव सामानिय हो सकता है, लेकिन बार-बार होने वाइत वाला बड़ा बदलाव, शरीर की
01:51किसी समस्या का संकेत भी हो सकता है।
01:53अपनी सेहत को नजर अंदाज ना करें। ऐसी ही आसान हेल्थ चानकारी के लिए चानल को सब्सक्राइब करें।