00:02हिंदू धर पे अहोई अस्टमी के वृत का विशेश महत्व है।
00:30को इस बात की चिंता होती है कि आखिर पीरिट्स में वृत कैसे करें और तारे को अर्ग कैसे दें।
00:36और साथी स्याहू माला पहने या नहीं तो चलिए बताते हैं आपको इस वीडियो में।
00:40अगर आप इस बात को लेकर कंफ्यूज हैं कि पीरिट्स में अहोई अस्टमी का वृत रखे या नहीं तो आप
00:46वृत रख सकती हैं।
00:47असिक धर्म एक स्वभाविक और प्रकर्तिक शारिरिक प्रक्रिया है। आप अहोई अस्टमी का वृत पूरी निस्ठा के साथ रख सकती
00:54हैं।
00:54वृत का अर्थ संकल्प और भगवान से हैं जो आपके मन में होता है। इसलिए वृत रखने के कोई मना
00:59ही नहीं है।
01:00आप सुबह उठकर सनान करें और मन ही मन अहोई माता का ध्यान करके वृत का संकल्प लें। लेकिन इस
01:06बात का ध्यान रखें कि अहोई माता की तस्वीर, रोली, अच्छत, कलावा, भोग या जल के लोटे को खुद ना
01:12चुए। घर का कोई अन्य सदर से पूजा की तैयारी
01:15करें, कथा पढ़के आपको सुनाएं और आरती भी करें। आप पूजा इस थर में थोड़ी दूरी पर बैट कर अहोई
01:21माता की वृत कथा सुन सकती हैं। कथा सुनते समय मन में अहोई माता का ध्यान करें। वह रात को
01:26तारों को अर्ग देते समय जल कलोटा खुद ना पक�
01:43स्याहू माला ये चांदी के दानों को खुद इस पर्ष नहीं करना है। क्योंकि ये माला अहोई माता को पहले
01:48चड़ाई जाती है। उसके बाद पहना जाता है। तो आप इस माला को अपने घर की किसी अन्य महिला से
01:54चड़वा ले। उसके बाद पूजा खत्म होने के बा�
02:08झाले