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Ahoi Ashtami 2026:अहोई अष्टमी का व्रत हर माँ के लिए बेहद खास और पावन होता है। इस दिन माताएं अपनी संतान की लंबी उम्र, अच्छी सेहत और सुख-समृद्धि के लिए निर्जला या फलाहारी व्रत रखती हैं। लेकिन अगर अहोई अष्टमी के दिन किसी महिला को पीरियड्स (मासिक धर्म) आ जाएं, तो क्या उसे व्रत रखना चाहिए? क्या पूजा कर सकती हैं? क्या स्याहू माला पहनना शुभ होगा या नहीं? आज के इस वीडियो में जानिए अहोई अष्टमी पर पीरियड्स आने पर व्रत, पूजा-पाठ और स्याहू माला से जुड़े जरूरी नियम।

Ahoi Ashtami 2026:Ahoi Ashtami is a sacred Hindu festival dedicated to the well-being, good health, and long life of children. Mothers observe a Nirjala or Phalahari fast and pray for the happiness and prosperity of their children.But what should women do if they get their periods on Ahoi Ashtami? Can they observe the fast? Should they perform the puja? Is it appropriate to wear the Syahu Mala during menstruation?

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~HT.318~PR.114~ED.120~VG.HM~
Transcript
00:02हिंदू धर पे अहोई अस्टमी के वृत का विशेश महत्व है।
00:30को इस बात की चिंता होती है कि आखिर पीरिट्स में वृत कैसे करें और तारे को अर्ग कैसे दें।
00:36और साथी स्याहू माला पहने या नहीं तो चलिए बताते हैं आपको इस वीडियो में।
00:40अगर आप इस बात को लेकर कंफ्यूज हैं कि पीरिट्स में अहोई अस्टमी का वृत रखे या नहीं तो आप
00:46वृत रख सकती हैं।
00:47असिक धर्म एक स्वभाविक और प्रकर्तिक शारिरिक प्रक्रिया है। आप अहोई अस्टमी का वृत पूरी निस्ठा के साथ रख सकती
00:54हैं।
00:54वृत का अर्थ संकल्प और भगवान से हैं जो आपके मन में होता है। इसलिए वृत रखने के कोई मना
00:59ही नहीं है।
01:00आप सुबह उठकर सनान करें और मन ही मन अहोई माता का ध्यान करके वृत का संकल्प लें। लेकिन इस
01:06बात का ध्यान रखें कि अहोई माता की तस्वीर, रोली, अच्छत, कलावा, भोग या जल के लोटे को खुद ना
01:12चुए। घर का कोई अन्य सदर से पूजा की तैयारी
01:15करें, कथा पढ़के आपको सुनाएं और आरती भी करें। आप पूजा इस थर में थोड़ी दूरी पर बैट कर अहोई
01:21माता की वृत कथा सुन सकती हैं। कथा सुनते समय मन में अहोई माता का ध्यान करें। वह रात को
01:26तारों को अर्ग देते समय जल कलोटा खुद ना पक�
01:43स्याहू माला ये चांदी के दानों को खुद इस पर्ष नहीं करना है। क्योंकि ये माला अहोई माता को पहले
01:48चड़ाई जाती है। उसके बाद पहना जाता है। तो आप इस माला को अपने घर की किसी अन्य महिला से
01:54चड़वा ले। उसके बाद पूजा खत्म होने के बा�
02:08झाले

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