00:03प्राम्मन सायक संघा मदे आपणा कालेकरम करतो है हौल लाहन पड़तो है खराए
00:10खाली सुद्धा लोको उभ्याएत
00:14मगाशी अमरिष मिसर जिनामी सांगत होतो
00:19कि आपन सगले उस्था साधरे करतो
00:23खाने ची उस्था, खाद्य उस्था, कपड़ांचा उस्था
00:28पर्ण महाराष्ट्रा मदे प्रत्यक पुस्था काचा सुद्धा एक उस्था साधराव हावा
00:34मुनुझ मी माजा प्रत्यक पुस्था काचा कालेकरम करतो
00:41पुस्था काचे कालेकरम है मुंबईत महाराष्ट्रा चा राजधानी होना गर्जे चास्त
00:48याने के तना आपन सगले मराथि लोक एकत रहेतों चर्चा करतों आइक तो संवात साथ तो
00:56लोकवास काथ ठीक है आपने अधुनिया महाराश्ट्रा मदे मराथि सहित्य जिवीद प्रकार तो मराथि सहित्य में कवी ता सेल सांस्क्रूतिक
01:08अशेल ललीत असेल नाट कासे
01:18अप्तला वारामवार आशाकार है कमाना प्राधन्य दिलो पाई जे अ ताहे जे बोध किर्थन आया है जो नाव जे फटरल
01:27तेव आपली यौजना आये यंचा आध्यात्मिक वाटते कुछे यौजना है खुब अध्यात्मिक वाटते मझें मठले अपुस्तो खाना मिउड़
01:50प्रभोज़नत करत अस्तों अभी दिवस फर्व उत्तम वक्ता हो उत्तम किर्तन का रसा वार कतो व्क्ष्णत यहां त्याच्या करें सांग
02:00ना सरकजर रशे तरोस्त उत्तम किर्तन करतो अट्या जे अब व्वाला आने महाराजाला जासत श्रोत्य लापतात
02:08तुस्थक आज अगरम पीन के पुस्थक वह स brack शी मैं माज़ पुस्तक वोलत आह प ए रिम आप न
02:16ने करताratos खेयोत
02:16ज एक वोर्वम मेंमने इ efendim पुस्थक न्याँ अ य पार टातए तो आज़ ए विछान क्रता Risk दो आंज
02:23और गburst क्रति आत इसा
02:30अदन लेख़न थुरुंगातールन जे एक्हल 15 दिवावल मॉय मौन 00 T И THERE SHARE
02:35112 आएसंसम्याले कामस नाईना काई अधुन मधुandan लेखरकानना Turunividades
02:40पठोधाय राभाई उत्तम्स सहीत्य निर्मान होई और उत्तम्स सहीत्य अइ अपन्स sa파
02:50तुलक वाचत असू जय प्रकाष नाराहन आस्तिल गौर्के असेल स्टालीन असेल सग्यान चाशाइतलेनी नासेल यह सग्यान चाशाइत्य उत्तम पेकी उत्तम
03:02कविता यह तुरूंगा तिर्मान चाले तुम्चा वत्भी विडियों ने पर लेखा कावरी आगी करांती ची �
03:09हिवाचतो थे खिणगेस्ट गड़ते या पुस्तक ह�तले बारश हें तुरूंगातले भृगरा प्रगराय जालत मिडियों काया दान्र्चा मादे तो वीजय मल्याची
03:22घोष्ट हमया से jsem जमार मिणक है विजह मल्याची घोष्ट है संदर इस ऐला है
03:33अमेजा रखली तुछ्डी तुछ्डी तुछ्डी होती है असे वातला हा टुबेश टू बेश के हौला है अमेजा शाहरक जेलर सांगाईटो
03:43अरे अमाला तिकाली शिफ्का तुन शाड़िया तेनले नहां जाए मल्या साडी निरो मुधी वेकर हें छें लंडन रून हमाला �
03:53कि अधिते दाखावाल अफ्तित गल्या को टाला भागा आमचे गडला जी तुरूंगा जी पर सित्या है ती कि ती मानवी
04:01हक्कांच पालन करना रहे पर आमा लगा तीथे आत्मादे आमी जाए तो फिराइज हो पर विजे मल्या हा तेवा का
04:09सुन असा वट्टके हैच्वर ते
04:13असा नेक गुष्टत में विजे मल्या हा का यतला विशे नहीं है दुसरा एक सकाब गशुन मेड़याद आखावता है संजरावतानी
04:21मोधी चा कवतुकेला
04:24मोधी चा कवतुकेला मोधी कामाजे वेक्टिक शत्रो एत नाई ये तांचे भाषण मला आवल्ल ते आयोध्य मदे राम जल्म प्राण
04:35प्रतिष्टा करनाचा द्यूशी तेने एक भाषण केला प्रभु स्री राम आवल अमी ते आयकला तेवा पन मी तुरूंगात जोतो �
04:43ते मी तितै लिहूनकालत आणि म मतले भाषण चांगले किला उताorgt आणि समोर टेली प्रम्टर नव था है तेमी प्चेक
04:51करत तो टेली प्रम्टर नव था उतला रहे उसपूरत केला आशल भाषण
04:57तो रहे अराज किया भाषण जा है यह तैंचा आता परहन चा भाषणात लेक चांगला नमुन आए तो यह आचात
05:04में टाकला है पर लोकाना वाड़ते में मोधिन चीज तुटी केले
05:10ठीक है मानुज जवा सतत वासत आसतो आणि वास्ताना तैच्छा उत्ती चिंतन करत आसतो त्यों अनेकदा अपला डोकाते विशेश साचुन
05:24रहता त्यों तैच्छा कराई चका है मग माजा सरकाय मानुज आशा असंख्य गोश्टी लिहून काड़ते वाजा मुली इकड़े
05:34एक विधित आने पूर्वष क्या पुस्टक जाएडिया थांची तैनी मला एक पुस्टक देल कंपर्ट भूक मैं ठेक चे आमें अने
05:43मदले है अशा प्रकार्चा तु पुस्टक तैर कर
05:47कंपरड़ और साधारण ट्याप पद्धत्य नेते पुस्तक तायर जा लेला है अता लोकाना सवाठेल की संजे राव दिदकर नाजुक पद्धत्य
05:57ने कसली हो शकता है यह पन मानुस है अपलालाई भावनास ता अपलालाई कवी ता अवरता देशात ले उत्तम कवी
06:07माजे मि
06:17बसाई जे जे कुणाला फार द्रुमिल होते हैं अमी चर्चा कराई चो अनेक कवी अनेक साहित्तिक अनेक लेखत जन्चा शे
06:24आमें कायम सवाट केला अनि तातलों काही एकत्र करून ही आ पुस्तका मदे लोकान सथी देनायात अमी प्रहत नेकाला वाशकान
06:35सथी ताना यह क
06:47कृतन मनाना समजा को अन्नेक काई समझा पर मानसानना वाचलल पाईजे आज साकलि में और कुछ अनि मलासवाटल हा दरी
06:57कवित्तमाल आदी मेली अच्ती उर्धूतली तोर मीती हैचा मद networks केला स्ता है को सुंधर कवित्तमस माद्धमानव ताकली कभी म
07:09freiompp 한 कि मतुछ इंड
07:19सबकुछ है अपने देश में क्या है सबकुछ है अपने देश में रोटी नहीं तो क्या हुआ
07:29कि सबकुछ है अपने देश में रोटी नहीं तो क्या वादा लपट लो मंझे अश्वासन वादा वादा लपट लो लंगोट
07:41नहीं तो क्या
07:44यह अच्छा राजकरणा वर्च विदारग भास और अच्छा सगल्या गुष्टी मज़कले मी बारिश है अफसरों की बारिश है अफसरों की
07:59तो दफ्तर है गली-गली
08:03शाइर अदेब और सुखनवर गली-गली शाइर अदेब और सुखनवर गली-गली सुक्राद दर्बदर है सुक्राद मैंजे सॉक्रिटिस मैं गल्लो
08:17गली सॉक्रिटिस है चानक क्या है अप लेकड़े
08:21शुक्राद दर्बदर है सिकंदर गली गली सिकंदर सुद्धा गल्लो गली है
08:26सब कुछ है अपने देश में रोटी नहीं तो क्या वादा लपेट लो जो लंगोटी नहीं तो क्या ही अपने
08:35आच्छा देशाची घरी परस दिते हैं
08:37लेखक आए चानक्य आएथ विद्वान आएथ साहितिक आएथ लेखक आएथ सौकरेटिस आएथ सिकंदर आएथ नेपोलियन आएथ नकली आएथ पन या
08:54देशा में जर्भाकरी नसेल तर खाये ठीक है लोकों है संकरतास्ता अशा ने गोश्टी यहां पुस्तका में नी टि�
09:07मला खात्रिये अतापरंत मराठी वाच्यकान नी माजा पुस्तकाचा बर्याप्यकी स्वागत के लेएथ यह पुस्तक सुद्धा अपल्याला आउडे अपन टेट्यास्टा इस्वागत
09:23करा है अपनते अपन तेट्वाचा देशा गारा नी उद्व साहिबान चानी राष्�
09:37तर्चा करत अस्तात त्यांचा भाष्णा मझे तिन्चा वक्तवा मझे एक वासनातले तुम्हाला संद्रवस आपडती अश्या प्रकार्ची राजकरने तली वाचन संस्कुरूती
09:49जे आहे तिकवने तकाम उद्धो जयानी राज्जिकरत अस्तात
09:59पुष्टक रिमी मुनन सुद्धा इचे आले लेते अमरिज जहत अपला सग्यांचे लाड़ के लेख़ ते सुद्धा आले अखिल में अपला
10:07आभारे कि तेमी सुंदर पुष्टक काल एका लेखा कला जूं का हावास को तो पुष्टक उत्तम निघाव लोकान परहनत जाव
10:15अपलिती यंत्रना है आपने उत्तम करता है कि पुनायक दा इते उपस्टित सर्व रस्टिक वात्यकांत स्वागत करतो अभार्मान तो और
10:24रजागतो और पुष्टक लोकर ची जैहिं जैमार