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पंतप्रधान नरेंद्र मोदी यांनी दिल्लीहून व्हिडिओ कॉन्फरन्सिंगद्वारे पुणे मेट्रो प्रकल्पांचे उद्घाटन आणि भूमिपूजन केले. पुणे मेट्रो मार्गिका ३ चे उद्घाटन आणि दुसऱ्या टप्प्यातील प्रकल्पांचे भूमिपूजन करण्यात आले. यावेळी पंतप्रधान नरेंद्र मोदी यांनी उपस्थितांना संबोधित केले.

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Transcript
00:00महाराष्टर के राजपाल जिश्नुदेव वर्मा जी, मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फड़न्विश जी, केंद्रिय मंत्री मंडल के मेरे साथी मनोहरलाल जी,
00:14महाराष्टर के डेप्टी स्विम एक्तना सिंदेजी, सिंद्रिती सुनेत्रा अजित्पवार जी, सभी मंत्री सांसद और विधायगण, अन्य जनप्रतिनी दी, और पूने
00:31के मेरे प्यारे भाई और बहनों,
00:35दिवाली अग्दी जवड आलिया है, सर्वप्रथम तुमा सर्वाना दिवाली चा खूप-खूप सुबेच्छा,
00:56साथियों, त्योहारों की खुशियां, तब और बढ़ जाती हैं, जब जीवन में कोई नई सुवीधा जुड़ती है,
01:12आज पूने के लोगों के लिए ऐसा ही एक सुखद अवसर है, मुझे खुशी है कि आज पूने मेट्रों की
01:24एक और लाइन का लोकारप्ण हो रहा है,
01:29दस वर्ष पहले मुझे पूने में पहले चरण के काम का सिलान्यास का अवसर मिला था,
01:41अब हिंज बड़ी से सिवाजी नगर के बीच मेट्रों शुरू होने से, पूने के एक बड़े आईटी हब को बहतर
01:54कनेक्टिविटी मिलेगी,
01:57आज जिस नई लाइन पर काम शुरू हुआ है, उससे पूने के पुराने और नए इलाकों के बीच कनेक्टिविटी और
02:10मजबूत होगी,
02:13मैं पूने और महराष्ट्र के सभी लोगों को बहुत बहुत बढ़ाई देता हूँ,
02:20साथियों, पूने शहर हमेशा से ऐसे विचारों का केंद्र रहा है जिन से राष्ट को, समाज को नई दिशा मिली
02:36है,
02:36आज पूने विख्षिद भारत की नई उर्जा को भी दिशा दे रहा है,
02:45आई टी, ओटो मोबाइल, फार्मा, स्टार्ट अप्स, इनोवेशन से लेकर मैनिफेक्टरिंग तक,
02:55पूने देश के युवाओं के लिए सपनों और संकल्प का स्थान है,
03:03और ऐसे में, मजबूत होती यहां की मेट्रो कनेक्टिविटी,
03:11पूने शहर के विकास को नई गती देने जा रही है,
03:17साथियों, पूने मेट्रो का लोकारपन, इसका विस्तार,
03:23यह दिखाता है कि विक्सीत भारत के लिए,
03:28हम कैसे शहरों का निर्मार कर रहे हैं,
03:33पहले, किसी शहर की पहचान उसके उद्योगों से होती थी,
03:41या वहां के किसी प्रसिद्ध खानपान या फल फसल से होती थी,
03:46लेकिन आज शहरों की पहचान के साथ,
03:52दो और कसोट्गियां जुड़ गई हैं,
03:56एक, कोई शहर कितना कम्पेटिटिव है,
04:00और दूसरा, वहां इज अफ लिविंग का क्या स्तर है,
04:08मेट्रो प्रोजेक्ट, इन दोनों कसोटियों में,
04:12किसी भी शहर को और बहतर बनाता है,
04:17पूने मेट्रो का जितना विस्तार हो रहा है,
04:22उससे समय भी बच रहा है,
04:25और पूने वाशियों को ज़्यादा सुविधा भी मिल रही है,
04:31और हम सब जानते हैं,
04:34जब शहर का समय बचता है,
04:38तो शहर की प्रोड़क्टिविटी बढ़ती है,
04:43जब शहर की प्रोड़क्टिविटी बढ़ती है,
04:46तो देश की एकोनमी को गती मिलती है,
04:51और जब एकोनमी बढ़ती है,
04:53तो गरीब और मिडल क्लास दोनों को उसका फाइदा होता है।
05:00साथियों, आज का ये दीन प्रो पीपल, प्रो एक्टिव, गुड गवेनेंस का भी उदारन है।
05:11हमारे देश में पहली मेट्रो 1984 में चली थी।
05:19उसके बाद के 30 साल में सिरफ 248 किलोमेटर मेट्रो लाइन बनी, 248 किलोमेटर।
05:332014 तक देश में सिरफ 5 शहरों में मेट्रो चल नहीं थी।
05:42अगर वही पुरानी सोच चलती, पुरानी सहरकार रहती, पुरानी कार्य संस्कृती रहती, तो पूरे में मेट्रो को पहुँचने में कई
05:58दसक और लग जाते।
06:02लेकिन 2014 में जब देश ने NDA को सेवा का मौका दिया, तो हम एक संकल्प लेकर चलें।
06:13ये संकल्प था शहर में रहने वाले मिडल क्लास की इज अफ लिविंग, इज अफ ट्रांस्पोर्टेशन और इसका नतीजा आज
06:30हम देख रहे हैं।
06:31बीते बारा वर्षों में देश में मेट्रो ट्रांस्पोर्ट का काया कल्प हो चुका है।
06:422014 में जहां 248 किलोमिटर मेट्रो रूर था, अब ये बढ़कर करीब 1200 किलोमिटर हो चुका है।
06:592014 में जहां सिर्फ पाच शहरों में मेट्रो चल रही थी, आज देश के 26 शहरों में मेट्रो चलने लगी
07:09है।
07:10अब हर रोज मेट्रो में एक करोड से ज़्यादा लोग ट्रेवल कर रहे हैं।
07:19आज भारतिय मेट्रो नेट्वर्क दुनिया के टॉप थ्री मेट्रो नेट्वर्क में गिना जाता है।
07:30साथियों, जैसी स्थिती बाकी देश में थी, वही हालात महराष्ट के भी थे।
07:402014 में जब पहली बार NDA की डबल इंजिन सरकार बनी, तम महराष्ट में 10-11 किलोमेटर ही मेट्रो लाइन
07:51चालू थी।
07:53आज महराष्ट में करीब पहुने 200 किलोमेटर की मेट्रो लाइन सेवा में है, 680 किलोमेटर से अधिक की मेट्रो लाइन
08:06पर काम हो रहा है।
08:08आज सिर्फ मेट्रो इंफ्रस्ट्रक्चर पर ही महराष्ट में डाई लाग करोर रुपे से अधिक का निवेश किया जा रहा है।
08:19यह पैसा स्रमिक की जेब में जा रहा है। यह पैसा इंजिनियर्स को रोजगार दे रहा है। यह पैसा दुकानों
08:32में, फ्यक्टरियों में रोजगार बना रहा है।
08:36साथियों, यह मेट्रो प्रोजेक्ट एक और कारण से भी विशेश है। इस मेट्रो लैंग का निर्मान पी-पी-पी मोडेल
08:49से हुआ है।
08:51यानि यह सरकार और प्रावेट सेक्टर के साजहां प्रयासों से बना है। यह विकास का एक ऐसा मोडेल है, जिसकी
09:04सफलता से देश की प्रगति को और गती मिलेगी।
09:11साथियों, आज विच्शिद भारत बनाने के लिए भारत का एक-एक नागरिक, भारत का हर युवा बेटा-बेटी पूरी ताकत
09:26से जुटे है।
09:28आज हर कोई बड़े आत्म विश्वास से कह रहा है, वी विल डू इट। वी विल डू इट। ये भाव
09:41पूरे देश में है, बीते बारा वर्षों बैर, देश की उर्जा, गाउं की सडकों, हाईवे, एक्स्प्रेस वे,
09:54नई रेल लाइनों का विजली करण, लंबी-लंबी टनेल, उचे-उचे पूल, इनके निर्माण में अनेक विद, योजनाये नए-नए
10:11प्रकल्प साकार कर रही है।
10:12अब आने वाल से वर्षों में इसके साथ ही, देश अपनी उर्जा, अपने शहरों को दुनिया के बेश शहरों में
10:25से एक बनाने में लगाने वाला है।
10:28साथियों, हमारे शहर केवल रहने की जगह नहीं है, ये देश की एकनोमिक एक्टिविटी के बड़े केंदर भी है, हमें
10:41देश के सेंकडों छोटे शहरों को ग्रोथ हफ्ज भी बनाना है।
10:49इसी विजन के साथ इस साल फरवरी में अर्बन चैलेंज फंड को स्विकृति दी गई थी।
10:58इस फंड के लिए एक लाग करोड रुपिय की मदद केंदर सरकार दे रही है।
11:07इससे आने वाले वर्षों में देश के शहरों में लाखों करोड रुपिय का निवेश जुटनाय का लक्ष है।
11:17मैं स्थानिय निकायों को प्राइवेट सेक्टर के साथियों को सभी को आगे आने का आगर करता हूँ।
11:29हम सभी को मिशन मोड पर जुटना है।
11:34मुझे विश्वास है कि महराष्ट इसमें अपनी भूमिका को और विस्तार करेगा।
11:42साथियों आज दो और कारणों से दुनिया में भारत की बहुत चर्चा हो रही है।
11:52एक भारत ने मुश्किल वैश्विक परिस्तितियों में भी दुनिया में सबसे तेज विकास की गती जारी रठी है।
12:05और दूसरा बारत में सिरफ दस बारा वर्सों के भीतर ही पचास करोन लोगों ने भीशन गरीबी को परास्त किया
12:22है।
12:24यह वर्ल बैंक की ताजा रिपोर्ट में सामने आया है।
12:30देश की अनेक पीडियां गरीबी हटाने के वादों और दाओं के बीच ही बड़ी हुई है।
12:40पहले गरीबी से लड़ाई सिरफ नारों में थी। आज भारत गरीबी को धरातल पर पराजित कर रहा है।
12:56साथियों, आज भारत वो देश हैं जो फास्ट्रेस ग्रोइंग एकानॉमी भी है और फास्ट्रेस पौवर्टी रिडूसर भी है।
13:12ये दोनों सिद्धियां एक दूसरे से जुड़ी हुई है। भारत की अर्थ वबस्ता तेजी से बढ़ रही है। भारत का
13:24बजट बढ़ रहा है। देश वास्चियों पर ज्यादा निवेश हो रहा है।
13:30पहले जो पैसा गोटालों और भाई भतिजावाद में लिकेज में जाता था। अब सीधा लाभारती तक पहुँच रहा है।
13:48जब देश के ख़जाने का पैसा रोड, रेल, एरपोर्ट, मेट्रो में लगता है। जब सरकार, बिजली, पानी, गेस पाइपलाइन पर
14:06निवेश बढ़ाती हैं।
14:08तब लोगों का जीवन भी सुधरता है और उनके रोजगार के मोके भी बढ़ते हैं।
14:16साथियों, गरीबों के घर, टॉइलेट, हर गर जल, गैस कनेक्शन, ऐसी सुविधावों से लोगों का आत्म विश्वास बढ़ा है।
14:34उनका समय बच रहा है और ये समय अपने परिवार के लिए अतिरिक्त कमाई में उप्योग हो रहा है।
14:46साथियों, पिछले महिने ही मुझे आप सब के आशिरवात से सरकार के मुख्या के तौर पर काम करते हुए पचीस
15:03वर्ष पुरे हुए हैं।
15:05हमारी सरकार का हमेशा से मंत्र रहा है कि गरीब को ससक्त करो तो गरीब में अपनी गरीबी से बहार
15:18निकलने का साहस आ जाता है।
15:22मुझे आद है जब मैं गुजरात में मुख्यमंत्री था तो इसी सोच के साथ मैंने गरीब कल्यान मेले की प्रमपरा
15:33शुरू की थी।
15:35इन मेलों में गरीब कल्यान की स्कीमों की डिलिवरी पर फोकस होता था। गरीबों को मंच पर आमंत्रित किया जाता
15:45था।
15:47वे गरीबी को परास करने का संकल्प लेते थे। एक आथ में विश्वास लेकर आयोजन से लोडते थे।
15:56साथियों वो जो काम पती साल पहले में ने शुरू किया वो आज तक अनवरत चल रहा है।
16:06इसी को मैं पावर टू एमपावर कहता हूँ।
16:10पावर टू एमपावर यही सुशासन है।
16:15यानि ये परिवरतन एकदम नहीं आया है।
16:21सरकारे नारे लगाते लगाते ठक चुकी हैं बुद्काल में।
16:27हमरे एक एक कड़ी को जोड़ा है।
16:32एक एक जिंदगी के सपनों को बूना है।
16:37ये वर्सों के सोचे, समझे और योजना बद प्रयासों का पननाम है।
16:45और इसलिए पचांस करोड भारतियों ने गरीबी को पराजित किया है।
16:53साथियों, जब गरीबी गरती हैं, तो फाइदा केवल उन परिवारों को नहीं होता, जो इस कुछ चक्र से बहार निकलते
17:06हैं।
17:07ये देश की एक एक नई जान फुकता है। एक नए मिडल क्लास को जन्म देता है।
17:16नियों मिडल क्लास नए सपने लेकर के आता है। जिसकी परचेजिंग पावर बाजार को गती देती है।
17:27दुकानों से लेकर फैक्टरियों तक नई संभावनाय बनती है।
17:34यानि भारत में कम होती गरीबी भारत की अर्थ वबस्ता को नई उच्चाई पर ले जा रही है।
17:42साथियों विट्षित भारत की स्यात्रा में हमारे किसान भाई बहनों की भी भूमिका रहती है।
17:52और इसलिए हमारी सरकार किसान भाई बहनों को निरंतर ससक्त कर रही है।
18:02हाला कि महराष्ट में मौसम की बेरुखी के कारण अनेकों किसान परिवारों को इस समय मुश्किल हो रही है।
18:15पिछले कुछ सालों में देवेदर प्रणरवुजी के नेत्रुत्व में जल समरक्षन का भहत सारा काम हुआ है।
18:26लेकिन इस प्राकृतिक आपदा ने बड़ी परिशानी पैदा कर दी है।
18:34मैं महराष्ट के प्रते किसान भाई भेहन को ये भरोसा देता हूं कि संकट के इस समय में
18:44एंडिये सरकार पूरी संवेदन सिल्टा के साथ किसानों के साथ खड़ी है।
18:57महराष्टा तिल दुष्कार ची मला माहित आहे।
19:04राज्ज सरकार ने आगाओ मदद सुधा दिली आहे।
19:12मी पीएम किसान चा निधी जमा केला अजिबात कारजी करून का आमी सारे सेत कड़ा सोबत आहोत।
19:26साथियों मैं देश वास्य अभी कहूंगा कि तीज त्योहार का समय है।
19:35हमें अपने किसान भाहन भाईयों को याद रखना है।
19:40उनके घर भी दिवाली की खुश्या बनी रहे।
19:43इसका हमें ध्यान रखना है।
19:46यह सामाजिक जिम्मेदारी भी है।
19:49जो हमारे सुखा पिडित नागरिक हैं, किसान भाई बहन हैं, जो अन्य लोग गावों में रहते हैं, उनकी तकलिफों को
19:58भी हमें नहीं भूलना है।
20:02हम सब मिलकर ही इस आपदा का सामना करेंगे।
20:08साथियों, सबका प्रयास, एक जुट प्रयास यही विक्षित भारत की प्राण भायू है।
20:18इसी भावना के साथ हमें देश के विकास में जुटे रहना है।
20:23एक बार फिर आप सभी को मेट्रो परियोजनाओं की शुब कामना हैं, आने वाले त्योहारों की बहुत बहुत शुब कामना
20:34हैं, आपका बहुत बहुत आभार।
20:36पर उन्हें वासी मेरे साथ बोलिए जोर से पूरी टाकात से दोनों हाथ उपर करके बोलिए भारत माता की
20:48भारत माता की चैनल बहुत बहुत शुक्रिया माननिय प्रधान मंत्री जी का माननिय प्रधान मंत्री जी से विनम्र अनुरोध है
21:05कि वो ट्रेन को हरी जंडी दिखाए
21:14कि वो ट्रेन कि उलिए कर दो हुआ कि जा सकते विनम्र आदे कर दोगिर ऑनुर्द के कि वो ट्रेन
21:26के लिए जाओन है
21:29कि अधिती है जा सकते बहुत भुटले लो ट taste in the analysis of the लुट जा सकते है
21:45झाल झाल

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