00:00जरूरी निये के लड़की रोती हैं केली
00:0512-13 वर्ष की उम्र तक पाया गया कि
00:09लड़कियां और लड़के एक बराबर ही रोते हैं
00:14फिर कुछ होता है
00:17फिर कुछ होता है जिससे लड़के और लड़कियों का व्यवहार अलग होना शुरू हो जाता है
00:22जो होता है उसके दो हिस्से है
00:26पहला शारिरिक बायलाजिकल
00:29और दूसरा कल्चरल सांस्कृतिक
00:33शरीर में दोनों के हॉर्मोन्स अब तेजी से अलग होने लगते है
00:39वहां बढ़ने लगता है टेस्टोस्टेरोन
00:42और वो कमजोरी के एक्स्प्रेशन्स को छुपाने की कोशिश करता है
00:49क्योंकि हम जिस जंगल से निकल के आए हैं
00:52वहां पर दे मैन वोस सपोस्ट टू बी अफाइटर
00:58लड़कियों में दूसरी तरफ बढ़ता है प्रोलैक्टिन
01:02और ये वो हर्मोन होता है जो उनको बार बार रोने के लिए
01:07फिजिकली कंडिशन कर देता है
01:10बारा की उमर तक लड़का भी रोता था लड़की भी रोती थी
01:12लड़की शायद थोड़ा कमी रोती थी
01:15बारा हवी के बाद अचानक उसका रोना बढ़ जाएगा
01:17और इतने ही जो सॉबिंग पीरियड है
01:19जिसमें अब वो रो नहीं रही बस सुबक रही है
01:22वो भी बढ़ जाएगा
01:24ये बाराजिकल बात है
01:28दूसरी हमने का कल्चरल बात है
01:29वो क्या है
01:31लड़के को सिखाया जाता है कि अगर तू
01:34रो रहा है
01:36तो
01:37चोरी एक है
01:39तेरी मरदानगी में कोई कमी है
01:41क्या रो रहा है दर
01:42चुड़िया पैन
01:43ये सब होता है
01:44लड़की अगर रो रही है
01:46तो ये एक तरीके से
01:48उसकी शुद्धता
01:50सुच्छता
01:52उसकी कोमलता
01:53उसकी निर्दोषता का प्रतीग बन जाते है
02:14तो ये दोनों फैक्टर्स एक साथ काम करना शुरू कर देते है
02:18जिसकी वजह से फिर आप पाते हो
02:20कि लड़कीयों का व्योहार लड़कों से अलग हो रहा है
02:23भारत में तो पुरुषों कहीं आता है
02:25कि तगड़ा रहे कमधोर नहीं पश्टिब में और जादे कहा जाता है
02:28मैं बताना जाओंगा कि जरूरी नहीं कि लड़की रोती हैं के लिए
02:36रोते लड़के भी हैं अभी सल्मान मानेगा नहीं वैसे इसकी रोते हुए कि वीडियो डाल दियू उन्होंने
02:41तो लड़के ऐसे रहते हैं के लड़के भी रोते हैं पर जैसे बहाना मार देंगे भाई लाइट लगी थे यार
02:47तोड़ी से आठी रो निरा मैं