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जिसे जीवन में ये सोचकर लाया गया था कि वो रोशनी देगा, वो अंधेरा घना कर रहा है, जिसे मुक्ति देने वाला मानकर लाया गया था, वो सौ और बंधनों में बाँध रहा है, वो समय ऐसी चीज़ों में लगवा रहा है जो निचले स्तर की हैं और ऐसे विषयों पर सोचने को मजबूर कर रहा है जो बेहतर या ऊँचा इंसान नहीं बना रहे, बल्कि और घटिया बनाए दे रहे हैं, आनंद की जगह जीवन में बीमारियाँ और विक्षोभ भर रहा है, यही सीधा लक्षण है कि रिश्ता ज़हरीला है, जो व्यक्ति ज़िंदगी पर छा जाना चाहे, वो toxic है, अकेले रहकर अपनी चेतना को ऊँचा उठाना ऐसे बंधनों से कहीं बेहतर है

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00:09कैसे पहचाने के रिष्टा गलत है टॉक्सिक है कैसे पता चलेगा भई आप जिसको सिंदगी में लाए थे कि वो
00:14रोशनी देगा वो अंधेरा घरा कर रहा है जिसको लाए थे कि मुक्ति देगा वो आपको सौ और बंधरों में
00:21बांध रहा है वो आपका समय ऐसी चीजों में �
00:24लगा रहा है जो आपको पता है कि बिलकुल ही निचले ग्मिक तरक यह वो आपको एसे विश्यों के
00:28मारे में सोचने की मजबूर कर रहा है जो कहीं से आपको बहत्र या उंचा इंसान नहीं बना रहे व
00:33आपको और घ्टिया बनाए
00:34दे रहा है आपके जीवन में आनंद भरने की जगह वो आपके जीवन में बीमारियां और ख्षोव भर रहा है
00:41यह सीधा सीधा लक्षब है कि आप एक जहरी ले रिश्टे लेओं लेकिन ऐसे समझ दीजे कि कोई बैठते अगर
00:46आपकी जिंदगी पर छा जाना चाहता हो बैठत
00:49आपके लिए टॉक्सिक है

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