00:28।
00:30مالٹی پر پوس سوسائٹی کے مادھیام سے
00:31گھروں میں تیار ہونے والے
00:33اطبادوں کو بازار میں بیکنا شروع کیا ہے
01:00It was good for us, our Dushaira, and now the Dushaira was finished, but it was still in the same
01:08place, but it was still in the same place.
01:11Kullu Keir Halpur Me Chal Rheye Antarraştire Kullu Dushaira Ke Vyaparik Mele Mele Me Is Bar Mahilau Ne Apna Store
01:17Laga Ya Hai.
01:18On Se Tiyar Juraabin, Dastanye, Garm Kupde, Krooshya Ke Aakrshan Utpada, Tukariyan Or Haantho Se Beni Khilau Ne Logeo Ka
01:25Dhyan Kheech Rheye Hai.
01:26इन उतपादों को कुलूस दिले के अलग-अलग ग्रामीड इलाकों में रहने वाली महिलाएं अपने घरों में तैयार करती है.
01:33Mountain Yarn Society इन उतपादों को बाजार तक पहुँचाने का काम करती है.
01:38दिली में भी Society अपना स्टॉल लगा चुकी है जहां उतपादों को अच्छा रोजान मिला.
01:50दरसल हुनर की कमी इन महिलाओं के सामने चुनावती नहीं थी.
01:54चुनावती थी उस हुनर की सही कीमत पाने की.
01:57महिलाएं घरों में मेहनत से उतपाद तैयार करती थी,
02:00लेकिन उन्हें बेचने के लिए कोई ऐसा मंच नहीं था,
02:03जहां उनके उतपादों का उचित मुल्य मिल सके.
02:06कई बार मजबूरी में अपने ही लाके में कम कीमत पर सामान बेचना पड़ता था.
02:33बाकी महिलाओं को क्या कहना चाहेंगी कि आप भी इसमें जुड़ों ज़्यादा से ज़्यादा आर्टिजन कार्ड बना लो और सब
02:41को रोजगार मिलेगा.
02:43फाइदा हो रहा है पहले के मकामने, पहले घर में ऐसे ही माल स्टॉक पड़ा होता था,
02:47अब स्टॉर लग गए दा माउंटेन के फिर उसमें काफी फाइद हो गया माउंटेन यार मल्टी परपस सोसाइटी से नगर,
02:57बुंतर और कुलू विकासखन के विभिन स्वयम सहारता सम्मूहों की 2235 महिलाएं जुड़ी होई हैं.
03:03सोसाइटी की ओर से महिलाओं को हैंड लूम और हैंडी क्राफ्ट का प्रसिक्षन भी दिया जाता है, ताकि उनके हुनर
03:09को और बहतर बनाये जा सके और वे नए नए उतपार तयार कर सके.
03:53धालपूर मैदान में सजेश छोटे से इस्टॉल की कहानी दरसल उन हजारों घरों की कहानी है, जहां महिलाओं अपने हाथों
04:00से कुछ नकुछ तयार करती हैं.
04:02फर्क बस इतना है कि अब उनका हुनर घर के भीतर तक सीमित नहीं है, उसे बाजार मिल रहा है,
04:08पहचार मिल रही है.
04:10ETV भारत के लिए कुलू से बालकृष्ण शर्मा की रिपोर्ट.