00:03दंतेरस सर्फ खरिदारी का त्योहार नहीं बल्के सम्रध्धी, स्वास्त्य और शुग शुरुवात का प्रतीक माना जाता है
00:10इस दिन बाजारों में सोने चांदी के आप भुशनों से लेकर बरतनों, इलेक्ट्रोनिक्स और घर की जरूरत के सामान तक
00:17की खरिदारी होती है
00:18मानिता है कि धंतेरस पर खरिदी गई चीजें घर में सुक सम्रध्धी लेकर आती है
00:23हलाकि इस बाज धंतेरस को लेकर एक खास बात है
00:26तिवहार दो दिनों तक मनाया जा रहा है और दोनों ये दिन खरिदारी के लिए चार-चार शुब महुर्ध बताये
00:33जा रहे हैं
00:34ऐसे में लोगों के सामने सवाल है कि आखिर धंतेरस कस दिन मनाएं, खरिदारी कब करें और सोना चांदी या
00:40बरतन खरिदने के लिए कौन सा समय सबसे शुब रहेगा
00:43अगर आप भी धंतेरस पर खरिदारी की योजना बना रहे हैं तो ये जानकारी आपके काम की है
00:49हम आपको बताएंगे कि धंतेरस की तारी को लेकर दो दिनों की स्तिथी क्यों बनी, पूजा और खरिदारी के शुब
00:56समय क्या है और आखिर अस दिन बरतन तथा जूरी खरीदने के परंपरा समुद्र मन्थन की कस पौराणिक कथा से
01:03जुड़ी हुई है
01:04तो चलिए एक एक करके आपको पूरी कहानी बताते हैं
01:08सबसे पहले एक जरूरी बात समझना भी बेहत जरूरी है
01:12इस साल धंतेरस की मुख्य पूजा 6 नवंबर शुक्रवार को ही होगी
01:16हालांकि त्रयोदशी तिथी 7 नवंबर की सुभा तक रहेगी
01:20इसले कुछ खरीदारी के मुहुर्ट अगले दिन भी मिल रहे है
01:23यानि धंतेरस दो दिन मनाए जाने की बात और दो दिनों तक खरीदारी के अफसर मिलने की बात एक जैसी
01:30नहीं है
01:30दिल्ली के पंचांग के अनुसार त्रयोदशी तिथी 6 नवंबर को सुभा 10 बचकर 30 मिनट से शुरू होकर 7 नवंबर
01:38को सुभा 10 बचकर 47 मिनट तक रहेगी
01:40वहीं धंतेरस की मुख्य पूजा का शुब समय शाम 6 बचकर 2 मिनट से 7 बचकर 57 मिनट तक बताया
01:47गया है
01:48धंतेरस आज और कल दोनों दिन खरीदारी के शुब मुहुर्थ जानिये बरतन और जूलरी खरीदने की परंपरा
01:55धंतेरस पर खरीदारी के लिए 6 नवंबर को कई शुब 4 घडिया मुहुर्थ बताये गये हैं
02:00दिल्ली के पंचांग के मुताबिक सुबह 10 बचकर 30 मिनट से 10 बचकर 43 मिनट तक दुपहर 12 बचकर 5
02:07मिनट से 1 बचकर 27 मिनट तक शाम 4 बचकर 11 मिनट से 5 बचकर 33 मिनट तक और रात
02:148 बचकर 49 मिनट से 10 बचकर 27 मिनट तक खरीदारी के अनुकूल समय है
02:20इन मुहुर्तों को क्रमशह सुभा, शुब, चर और लाभ चोगडिया से जोड़ा गया है।
02:25हालांकि ध्यान रहे कि खरीदारी के मुहुर्त और पूजा का मुहुर्त अलग-अलग होते हैं।
02:31अब बाद 7 नवंबर की। इस दिन सुभा तक त्रयोदशी तिथी रहेगी। दिल्ली के पंचांग में सोना चांदी खरीदने का
02:37व्यापक शुब समय 7 नवंबर की सुभा 6 बचकर 37 मिनट तक बताया गया है।
02:42इसके बाद भी त्रयोदशी तिथी सुभा 10 बचकर 47 मिनट तक जारी रहेगी। कुछ पंचांगों में 7 नवंबर को सुभा
02:497 बचकर 69 मिनट से 9 बचकर 21 मिनट तक शुभ चोगडिया का समय भी दिया गया है।
02:56इसलिए जो लोग 7 नवंबर की सुभा खरीदारी करना चाहते हैं, वे अपने शहर के स्थानिय पंचांग के अनुसार समय
03:02जरूर देख लें।
03:26मान्यता है कि समुद्र मंथन के दौरान माता लक्षमी प्रकट हुई तो उनके साथ धन, वैभन और समरिद्धी का प्रतीक
03:33जड़ा।
03:34देवी लक्षमी को आभूशनों और बहुमूल्य रतनों से अलंकृत बताया जाता है।
03:38इसी वजह से धन्तेरस पर सोना, चांदी और आभूशन खरीदने की परंपरा को शुभ माना जाता है।
03:44लोगों का विश्वास है कि इस दिन घर लाई गई तीमती धातुएं, सुख सम्रिद्धी और बरकत का प्रतीक बनती है।
03:51इसी समुद्र मंथन की कथा में भगवान धन्वंतरी के प्रकट होने का भी विशेश महत्व है।
04:21या पानी भरकर घर में प्रवेश कराने की परंपरा भी है।
04:25यानि धन्टेरस पर सोना चांदी खरीदने की परंपरा को माता लक्ष्मी से और बरतन खरीदने की परंपरा को भगवान धन्वंतरी
04:32के अमृत कनश से जोड़ कर देखा जाता है।
04:35वक्त के साथ इस परंपरा में कई नई चीजें भी शामिल हो गए। अब लोग इस दिन वाहन, इलेक्ट्रोनिक्स, मोबाइल,
04:42फ्रिज, वाशिंग मशीन और घर के दूसरे जरूरी सामान भी खरीदते हैं।
04:46कई परिवार धन तेरस को नई चीज घर लाने और किसी नई काम की शुरुवात करने के अवसर के रूप
04:52में देखते हैं।
04:52धन तेरस पर सिर्फ खरीदारी ही नहीं, पूजा का भी खास महत्व है।
05:50गर के मुख्य दर्वाजे और पूजा स्थल को सजाया जाता है।
05:52दीपक जलाने से अकाल मृत्यों का भै दूर होता है। इसी यम्राज के नाम का दीपक भी कहा जाता है।
05:58हालांकि अलग-अलग शेत्रों और परिवारों में दीपदान की विधी और समय में अंतर हो सकता है।
06:04इसलिए लोग अपने यहां की परंपरा और स्थानिय पंचांग के अनुसार इसका पालन करते हैं।
06:09अब बात करते हैं कि धन तेरस पर क्या खरीदना शुभ माना जाता है।
06:13सबसे पहले सोना और चांदी जिन परिवारों का बजट ज्यादा है वे सोने के सिक्के, अंगूठी, चेन या दूसरे आभूशन
06:20खरीदते हैं।
06:21वही कम बजट में चांदी के सिक्के, छोटे बरतन या पूजा के सामान भी खरीदे जा सकते हैं।
06:26इसके अलावा पीतल, तांबे और स्टील के बरतन खरीदने का भी चलन है।
06:56अपनी जरूरत और बजट के हिसाब से ही सामान खरीदें। धार्मिक मान्यता अपनी जगा है, लेकिन आर्थिक फैसला सोच समझ
07:04कर लेना चाहिए।
07:28दिल्ली के अलावा दूसरे शहरों में पूजा और खरीदारी के समय में अंतर हो सकता है।
07:33उदाहरन के लिए पंचांग के मुताबिक दिल्ली में पूजा का समय शाम 6 बच कर 2 मिनिट से 7 बच
07:38कर 57 मिनिट तक बताया गया है।
07:41जबकि कोलकाता में ये समय 5 बच कर 28 मिनिट से 7 बच कर 26 मिनिट तक बताया गया है।
07:47पटना में 5 बच कर 36 मिनिट से 7 बच कर 33 मिनिट तक का समय दिया गया है।
07:52इसलिए अपने शहर के स्थानिय पंचांग के अनुसार ही पूजा और खरीदारी का समय तै करें।
07:57कुल मिलाकर धन तेरस का संदेश सिर्फ सोना, चांदी या महंगे सामान खरीदना नहीं है।
08:02ये त्योहार धन के साथ स्वास्थ्य, खुशाली और परिवार की समरिधी की कामना से जुड़ा है।
08:08समुद्र मंथन की कथा में माता लक्ष्मी के आभूशन और भगवान धनवंतरी के अमरित कलश का प्रतीक आज भी इस
08:15त्योहार की परंपराओं में दिखाई देता है।
08:17यही वज़े है कि कोई चांदी का सिक्का खरीदता है, कोई नया बरतन घर लाता है और कोई अपनी जरूरत
08:23के मुताबिक कोई छोटी सी नई चीज खरीद कर त्योहार मनाता है।
08:26असली भावना यही है कि घर में सुख, शांती और सम्रिधी बनी रहे।
08:48असली पूलाइ खरीज बनी बनी लावना यही है, कोई वज़े हैं भावना इंटारू जा चांदी कोई ज़र एंटारू जाए यहारे
08:51लावना श्रावना यहारे भावना बनादी कर दोगदाना है।
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