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'रामराज्य' के कितने करीब आज की अयोध्या? पंचायत आजतक में साधु-संतों संग विस्तार से चर्चा
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00:00:00पुटी दीपावली का पर्व, कल दीपावली, आज अयुध्या नगरी में दीपोचसव, और जल्द ही उत्तर प्रदेश में चुनाओ, तो अलग
00:00:14-अलग शेहरों में हम ले जाकर पंचायत अपनी बिठा रहे हैं, चर्चा कर रहे हैं, राम जी की नगरी में
00:00:20आये हैं, तो रा
00:00:29अधित ही हमारे साथ हैं, उनसे एक एक करके आपका परिचाय करा देते हैं, महंत राजुदास जी, जो कि महंत
00:00:35हैं, हनुमान गड़ी, युध्या के चुकि नरक चतुर्देशी हम कह रहे हैं, तो हनुमान जी का जन्मोच सब हो जाता
00:00:41है, तो आपकी शुब कामनाओं के साथ ह
00:00:58स्वामी कृपालू मंभूशन देवाचार्य दशरत महल अयुध्या से हमारे साथ हैं, जगत गुरु राम दिनेशाचारेजी महराज हरीधाम पीठ अयुध्या से,
00:01:13और महंत राजकुमार दास सदस्य धार्मिक समिती श्री राम जन्म भूमी तीर्ध क्षेत्र ट्रस्ट और
00:01:21अधिकारी श्री राम वल्लभ कुंज जानकी घाट अयुध्या
00:02:01कामना रहती है, उसके कितना करीब देखते हैं आप।
00:02:21मोह को त्याग कर, परिवार को छोड़कर, समाज को अपने आपको समर्पित कर दिया है, जीना समाज के लिए, मरना
00:02:29धर्म के लिए और तीसरा कोई काम नहीं, ऐसे महापूर्सों के साथ आज आप अंचायत कर रही हो, तो आपके
00:02:35लिए भी खुब मंगल कामना, खुब आश्र
00:02:53यहाइ प्रकार से अयोध्या में भव धिब निर्मान होना चाहिए था, पूर वरती सरकारों ने ध्यान नहीं दिया, लेकिन अभार
00:03:06वेक्त करता हूं, उत्तरप्रदेश के अधो उन्यमख में फूज यूग्याद नाजी महराज का, और संग विचार परिवार का, आइए प
00:03:20त्याग तपस्या संघर्ष का प्रणाम सुरूप है मोदी और योगी जैसा राश्ट सेवक राज्य सेवक जिसका प्रणाम सुरूप है का
00:03:28योध्या में भब राम मंदिर भूतों न भविश्यती जिस प्रकार से राम मंदिर आप समझो कि राजनितिक दलों ने तो
00:03:39खोब-खो�
00:03:47पूरी हो गई, कि हम बिना राम के नईया के सहारे हमारी बेरा पारी नहीं हो सकता था आप देखिए
00:03:54बिना राम का किसी का गल्यान हो रहा है नहीं हो रहा है जो कल चादर और फादर की बात
00:03:58करते थे वह भी आज एध्या आते हैं तो गलती से डमरू किस हाथ में लेना चाहे �
00:04:03तो किस हाथ में पकड़ लेते हैं, क्यों कभी उन्होंने पकड़ा नहीं, चक्र किस अंगली में धारन करते हैं प्रभूग,
00:04:11अगर भाई आप इच्छा है, तो अब पता चला कि उन्होंने, दूसरे हाथ में धारन कर लेते हैं, देखी, कभी
00:04:20उन्होंने संतों का सम्मान ही नही
00:04:25तो जब कालपनिक आप बनोगे तो कुछन कुछ गड़वडिया तो होई जाएगी तो बिना भगवान के सहारे बिना एध्याधाम के
00:04:34सहारे और बिना ऐसे पुझ महात्माओं के आशरबाद लिए किसी भी रानितिक दल का नईया पार नहीं हो सकता
00:04:44महराज्य सीखने तो आ रहे हैं तो इस बात की तो संतुष्टी होगी कि लोग कम से कम परंपरा की
00:04:49तरफ आ रहे हैं और सब के सब अगर आ रहे हैं तो वहीं से निकलेगा क्या राम राज्य
00:05:00सबसे पहले मैं धन्यबाद देता हूँ कि पांच असन ताज इस पंचायत में बैठे हैं और मुझे लग रहा है
00:05:09कि आपकी एक तिहासिक पंचायत होगी
00:05:11कल मैं गया था राम पड़ी पे मुझे जानकारी मिली कि 56 गाट पर 56 इंच वाला भिरूध्यों को पर
00:05:2256 छोरी चला दिया
00:05:2556 इंच सेना वाला और 56 गाट पर दीबक जला करके भिरूध्यों को पर 56 छोरी चला दिया
00:05:37अजुद्या पूर्तिया विख्षित हो गई है और यह निस्चित तोर से रामराज का जो है बहुत बड़ा शुभारंब है आपने
00:05:50स्विता मुझे एक बार प्रस्ण पोचा था कि महराज जी आपके राम कैतने कमजोर थे कि 500 साल तक जो
00:05:57पड़ी भी रहे अपने माहल में नहीं
00:05:59आपाए तो शाद आपके याद था मैंने कहा था कि मैंने राम से पूचा था प्रभू आप 500 साल तक
00:06:06जो पड़ी रहे और पने महल नहीं आपाए तो राम जी ने कहा मैं नन्हा सा बालक हूं मैं छोटा
00:06:12सा राम हूं अभी मेरा जन्म हुआ है मैं तो किसे संत की प्रतिछा कर �
00:06:17था कोई संत आएगा मुझे गोदी मुठाएगा तो मैं अपने महल में जाओगा जब जोगी जैसा संत आया और मुझे
00:06:23गोदी मुठाया तो मैं अपने महल में चला गया यह जो है बहुत ही अच्छा है श्वभाग शाली है और
00:06:30राम राज हो रहा है कल शाम को 6 बजे एडियम
00:06:35सिटी हमको टेलीफोन करता है करपात्री जी आपका उपहार आया है आपका विशेश परविश्पत आया है आपको नहीं पता हमको
00:06:43नहीं पता है मैं सोचने लगा कि ऐसा मुखमंत्री होना चाहिए जिसको हर एक संत की चिंता हो कि करपात्री
00:06:50जी आपका करपात्री जी को उपहा
00:07:02यह देखो यहीं चली थी गोलिया, मरने वाले बोल लहे थे राम नाम के बोलिया, लेकिन उस्शाहित मत हो यह
00:07:09बहुत उस्शा ने होना चाहिए,
00:07:11या उनकी कृपा है जे लोगोंने शहादत दिया है, जिन कारश्योगों ने अपने सीने पर गोली चला करके शादत दिया
00:07:19है, रंगा इतिहास है मेरा, सहीदों के खोनों से बिलगती मांग है यपी अभागिन माओ बहनों के उन्हीं बिछुडे सहीदों
00:07:29की कहानी याद आई है,
00:07:30राम जन भूम है तो जिन्होंने सेनी पर गोली खाई है
00:07:34दीपावली के महुशों में तारों के रोप में आकाश में उस सारे कार्शिवक सहीद आद देख रहे होंगे
00:07:41जेजेकाल बोल रहे होंगे
00:07:43ये उनकी कृपा है
00:07:44उनकी कृपा के द्वारा ये महोशो मनाया जा रहा है
00:07:47निश्चत तवर से
00:07:49रामराज आ गया है अजोध्या में
00:07:51रामराज आ गया है और राम जी
00:07:53अजोध्या में कल अकेले नहीं अभी धन देना
00:07:57अमित रोप
00:07:58प्रेगटेते ही काला और जथा जोग मिले सबही कृपाला
00:08:28पकड़ करके मैं अजुद्या में घोमने जाता था जिसकी दरवाजब जाता था गिर पड़ता था लोटने लगता था सरेज में
00:08:36धोल लग जाती थी तो हां के माताई निकल करके हमको उठा लेती थी गोदी में ले जाती थी अंदर
00:08:41ले जाती थी मैं चुप नहीं होता था तो �
00:08:44बोड़ी माताईं आंचल मेरे मुह पर डाल करके अस्तन पान कराते थी,
00:08:48तो अजुद्या की जतने माताओं के मैंने दोई पिया है,
00:08:51वो सब मेरी माँ है,
00:08:52इसनादे देपावलिक की दिन मैं उस सब माँ के घर जाओंगा,
00:08:55गोश्वामी जीन लिख दिया कि यह में तरूप परकटी तहिकाला,
00:08:59जथा जोग मिले सभे करपाला,
00:09:01निश्चित तौर से हम लोग भागशाली हैं,
00:09:04और ये बिशिश्शंत, ये अजुद्या की बहुत मनें रीर की हटी समय लिजी,
00:09:31माँ जी एक बात जिसकी चर्चा होती थी जब 2017 में योगी जी को बनाये गया मुख्यमंत्री,
00:09:39उसे में होता था कि ये जो भागवा पहनने वाले हैं, क्या प्रदेश चलाएंगे,
00:09:462017 से 2026 हुआ है, आपका मन क्या कहता है महन जी?
00:09:56भगवान स्रीशीता राम जी के चणों में नमन करते हुए,
00:10:00आज तक की पूरी टीम को बहुत बधाईर दीपोष्टो की और आज नरक चतुर्दसी स्री हनमान जी महराज की पावन
00:10:08जैनते उस्सों है,
00:10:09स्वता जी, भगवा वो कलर है कि जो मोह माया को परित्याग करके और केवल राष्ट और धर्म के लिए
00:10:20जिसका जीवन है,
00:10:22और उदहन के लिए हमारे आदनिये पुझे महंत योगी आदितना जी महराज,
00:10:27आपके सामने क्या पूरे बिसु के लिए एक रोल माडल,
00:10:32जहां राजक्ता, हिंसा और ऐसे घटनाए हो रही है जो पबलिक को संत्रास दे रही है,
00:10:40वहां हर व्यक्ति, हर देश और हर प्रांति यही मांग कर रहा है,
00:10:44कि हमारे यहां योगी जी को भेद दिया जाए,
00:10:46तो एक आइकान बन करके हमारे पुजी गोरक्ष पीठा धीस्वर मांति योगी नाज जी महराज,
00:10:53एक देश ही नहीं, विश्व के लिए एक आदर्ष, शासक और संत हैं ही महापुरुश हैं,
00:11:01और भगवान में निष्ठा है, उनकी सनातन में निष्ठा है,
00:11:04और उसको उन्होंने करके दिखाया है, आप भी देखती थी,
00:11:08यह वही आयुद्या है, यह वही पावन भूमी है,
00:11:11जहां हम लोग बैठे हैं, राम नाम लेने पर लाठियां खानी पड़ती थी,
00:11:14और सरियू जी असनान के लिए संत सद्गरह स्तिहां के नहीं जा सकते थे,
00:11:21लगा करके कर्फियू और पूरे सड़क को बलाक कर दिया जाता था,
00:11:25गलियों को बंद कर दिया जाता था,
00:11:27तो यह भगवान प्रभू स्री राम लला की करपा हुई है,
00:11:31जैसा भी हमारे करफात्री जी ने बताया,
00:11:34कि कोई योगी ही ठाकुर जी कोई,
00:11:37मातर शक्ती तो है ही, माक उसल्या के गोद में तो आए,
00:11:41लेकिन जो प्रिष्टभूमी बनी,
00:11:43वो नईमी सारण से ले करके,
00:11:45और यहां तक अपने मखभूमी तक,
00:11:50भगवान को प्रगट करने में,
00:11:52मखभूमी मखवडा जो है बस्ती में आजकल है,
00:11:55वो आवद का ही छेतर हुआ करता था,
00:11:57और संत के द्वारा ही,
00:12:00वो एक पुत्र के चाहती,
00:12:02और उन्होंने कहा कि एक नहीं चार पुत्र होंगे,
00:12:05तो यह गुरुजी की ही कृपा सुरूप हुआ है,
00:12:10तो संत ही देश के लिए और समाज के लिए सही दिसा दे सकता है,
00:12:15जो मोह माया में गरशित हैं,
00:12:17उन लोगों ने क्या दिसा दिया है, क्या दसा किया है,
00:12:20उसको कहने से आज का मन खराब होगा लोगों को,
00:12:23और सब लोग जान रही है, जो घोशड़ा किये थे कि परिंदा पर नहीं मार सकता है,
00:12:29तो भारत के सपूतों ने मात्र शक्ती की करपा और ठाकुर जी का इसमन करके,
00:12:36मा की शक्ती दूध में कितनी है, वो दिखा दिया सनातन के नोजवानों ने,
00:12:41और कहा परिंदा नहीं, यहां तो हम लोग खुद खड़े हुए हैं,
00:12:45और लाठी गोली खाए भी, और नारा जो लगा था कि लाठी गोली खाएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे,
00:12:51तो आज मंदिर दिभभब बनकर खड़ा हुआ है,
00:12:54तो देश के नौजवानों ने, संतों ने, और राष्टिय स्वयम सेवक संग विश्र हिंदू परिशत की अगवाई में संत संगठित
00:13:02होकर,
00:13:03अपने पंथ संपरदाय सब को छोड़कर राम के लिए और राष्ट के लिए एक ही कृतभाव से,
00:13:10आज खड़ा हुआ था, उसका परिणाम हम लोग देख रहे हैं,
00:13:14और सुरू से मैं तो लगभग 86 से आना जाना सुरू हुआ था,
00:13:18तब से लेकर आज आयोध्या की कलपनागर की जाए,
00:13:22तो निस्चित रूप से रामराज में पड़ित हुई है,
00:13:24जो लाठी गोली खाये लोग नहीं रहे,
00:13:28उन्हें हम बिरम्र भाव से आज सुर्धानजली भी देते हैं,
00:13:32और उनके चड़ों में बहुत नमन कर रहे हैं,
00:13:3430 अक्तूबर और 2 नॉम्बर की तिथी जो होती है,
00:13:37हमने कहा था कि इसको पूरे बिस्तु में मनाया जाए,
00:13:55वहीं उसी गली में गोली चली थी,
00:13:57और वहीं सहादत हुआ था,
00:13:59हमारे नियत्य रामभक्तों पर बरबरता अन्याय किस हद तक हुआ है,
00:14:05सनातन पर उसका साक्षी आज भी है,
00:14:08और उस उस्तो को मैंने कहा पूरे देश में ही नहीं,
00:14:11विश्व में मनाया जाए,
00:14:13जिससे आने वाली इवा पीढ़ी एक प्रेणा लिये रहे,
00:14:16अपने धर्म के प्रति, राष्ट के प्रति सजग रहे,
00:14:19इसके लिए उस्तो पूरे विश्व में मनाया जाना चाहिए,
00:14:22जहां भी सनातन धर्मा उलंभी है,
00:14:24महराजजी क्योंकि कलपना नहीं कर सकते थे,
00:14:26वाकि वो 86 की आयोध्या और अभी कईयों ने उससे भी पुराने देखा होगा,
00:14:31लेकिन अभी जाकर कुछ दिनों बाद आईए,
00:14:35तो पता नहीं चलता है कि ये सलक कहां से आ गई,
00:14:38बहुत बहुत चीजें यहां परिवर्टित हो जाती है,
00:14:41ठीक है, यहां पर दश्रत महल था, कनक भवन था, मणी परवत था,
00:14:44लोग दर्शन करने जाया करते थे,
00:14:46लेकिन राम मंदिर के बनने से और दीपोच्षव के आयोजन से कितना परिवर्टित और एक सवाल जिसको लेकर बहुत सारी
00:14:59बाते होती हैं,
00:15:00अयोध्यावासियों को कितना फायदा उससे हुआ है,
00:15:03लोग तो कहते हैं कि यहां से आना जाना तुमारा रुग गया है,
00:15:05पास तो खेर लेकर पहले भी जनभूमी क्षेत्र में जाते हैं थे सब,
00:15:10लेकिन आने जाने का, कारोबार करने का इतने परिटक दुनिया भर से आते हैं।
00:15:20बहुत धन्यभाद स्वेता जी, अयुद्ध्या निश्चित रूप से अपने मुझे लगता है कि प्राचीन स्वरूप को प्राप्त कर रही है।
00:15:31क्योंकि अयुद्ध्या के वल एक भूम ही नहीं है, अयुद्ध्या के वल एक जमीन का टुकड़ा नहीं है,
00:15:37अयुद्ध्या मानों के उत्स की वो कहानी है, जहां से पुरी दुनिया को मानाउता का संदेश जाता है।
00:16:07आध्यात्मिक विकास की आभा है, कहीं न कहीं उसकी जो धवल कांती है, वो आज पूरे विश्व में जा रही
00:16:14है।
00:16:14लोग आयुद्ध्या में इस रूप में नहीं आ रहे हैं कि वो बड़े होटल और बहुत बड़ा इंफास्ट्रेक्चर देखने के
00:16:21लिए आ रहे हैं, वो उस भूमी को देखने के लिए आ रहे हैं, जिस भूमी से मानोता प्रारंब होई
00:16:26थी।
00:16:26क्योंकि पूरे विश्व की पहली जो नगरी बनी है, उसका नाम अयुद्ध्या है, सबसे पहली नगरी अयुद्ध्या बनी, महराज बिक्रमा
00:16:35दिद को जब इस अयुद्ध्या में भेजा गया, तो इस अयुद्ध्या में मा सर्यू ने संपूर अयुद्ध्या को अपने आ
00:16:53आयुद्ध्या को गढ़ा जाए और तब कहते हैं कि एक पूरुस आया अस्थुपे सवार हो करके और सरजुजी में प्रवेश
00:17:00कर गया काला था और जब निकला तो शोयत हो गया तो विक्रमा दिजी ने पूछा कि आप कौन है
00:17:08तो उस महापूरुष ने कहा कि देखिये आप आयुद्ध्या को बसाने के लिए आये हैं इसलिए आप मेरा प्रत्यक्ष दर्संद
00:17:14कर पा रहे हैं और मैं तीर्थ राज प्रियाग हूँ
00:17:18मैं जब लोगों के पाप धोते-धोते काला हो जाता हूँ
00:17:22तो श्वेत होने के लिए अपनी कालिमा को मिटाने के लिए सर्जु जी में आता हूँ
00:17:27तो मैं हर बार आता हूँ लेकिन आपको देखकर मुझे लगा कि आप इस हैुद्ध्या का निर्माल करेंगे
00:17:33तो कौन सी जगह पर किस जगह पर क्या था इसके लिए आगे आगे चलकर तीर थराज प्रयाग ने उन
00:17:40जगहों को चिन्हित किया
00:17:42लगवग 156 या 196 जगहों पर बताया कि यहाँ पर भगवान स्री राम की जन भूमी है
00:17:49यहाँ पर दसरत महल है यहाँ पर हनुमान गड़ी है और एक कथा और है कि राम जन भूमी के
00:17:55लिए कहा गया कि गव माता को छोड़ा गया
00:17:57और कहा गया जहां उनके अस्तन से दूर स्वता निरजरित होने लगे वही अस्तान स्री राम जन भूमी है
00:18:03तो उस काल में जिस प्रकार से विक्रमा दित्त ने उस बिलुप्त अयुद्या को पुना परदर्सित किया था
00:18:10मुझे लगता है कि 2017 के बाद पुना योगी आधित पनाज जी आए और उन्होंने फिर पुना जो सुप्त अयुद्या
00:18:19हो गई थी
00:18:20क्योंकि आपने भी इस अयुद्या को देखा कई बार डिबेट किया है भगवान स्री राम टेंट में थे जिनका नाम
00:18:25लेकर के लोगों ने मोक्ष तक प्राप्त कर लिया जिनका नाम लेकर के लोगों ने सत्ता प्राप्त किया जिनका नाम
00:18:32लेकर के आज भी मुक्ति का बोध
00:18:34प्रतेक जीव करता है पर उनका स्वेम का भवन नहीं था इसको देख करके सब के मन में पीड़ा होती
00:18:39थी लेकिन एक बार जब भगवान सीडाम इस अयोध्या में पुना अपने उस दिब्व भव्व भवन प्राशाद में प्रगट हुए
00:18:47तो केवल वहां मूर्ती नहीं बैठ
00:19:00प्रेम की जो चेतना के एक कारक के रूप में भगवान स्री राम जाने जाते हैं और उसके साथ साथ
00:19:06ये पूरी आयोध्या जहां भी आप देखिए वहां विकास हो रहे हैं क्योंकि जब राजनी थी और आस्था दो चीजे
00:19:15हैं इन दोनों में अंतर करना होगा जब हम किसी त
00:19:22कर्मात्मा को लेकर राजनी थी करते हैं तो वो केवल हमारी बाणी तक होता है लेकिन जब वो आस्था के
00:19:27केंद्र बन जाए जब वो हिर्दयस्त हो जाए तब वो विकास के रूप में बरतमान की आयोध्या दिखाई पड़ती है
00:19:32आज आप किसी तरब भी आप चले जाएए �
00:19:35दीपोट्सो होता है वही दीपोट्सो की जगह पर राम पैंडी पर आपने कई बार डिबेट किया मैंने भी आपके साथ
00:19:41वहां डिबेट किया आप देखिए वहां क्या इस्थिती हुआ करती थी लेकिन पूरी दुनिया में ये दीपोट्सो पर भी आयोध्या
00:19:47ने दिया है �
00:19:48भगवान स्री राम जब 14 बरसे के बाद आयोध्या लोट कर आये और सबसे पहले भगवान भरत कुंड पर उत्रा
00:19:57उनका बीमान एक जगा पर है पूपी आज तक ने उस जगा को भी दिखाया दो-तिन दिन पहले वो
00:20:02खबरों में चली जहां बीमान भगवान का उत्रा था और व
00:20:18और वो दीप आज इस काल में त्रेता काल से लेकल के कलियूग के इस अवस्था में आकर के अगर
00:20:26उस राम राज्य को कोई सनातन धर्मा वलंबी बिस्स के किसी कोने में बैठकर अंगिकार सुईकार और उसे देखना चाहता
00:20:34हो ना तो एक बार राम पैड़ी पर सजने वाली �
00:20:36उन दीप मालिकाओं को देख करके उसे लगेगा कि ये भारतिय संस्कृती की जोती है ये अध्यात्म की जोती है
00:20:44और ये रामत की जोती है जो आज राम पैड़ी पर और मासर्यू के घाटू पर सज रही है तो
00:20:51निश्चित रूप से पूरी तरह से परिवर्तित हो गया जिस �
00:20:54अगर बिक्रमा अधित्त ने उस अध्या को बसाया था आज बरतमान की अध्या को योगी आधित नात जी ने बसाया
00:21:00है जिसको देखकर एक सनातन धर्मा वलंबी अभीभूत होने से अपने आपको रोक नहीं सकता है
00:21:07आपने सुना भी होगा बहुत लोग खास करके राजनीती के हिसाब से यह कैते रहे कि क्या जरूरत है बताओ
00:21:14इतना तेल जा रहा है इतने दिये बढ़ाते जा रहे हैं इससे क्या हासिल हो रहा है क्यूं करवाया जा
00:21:20रहा है आप बताईए क्यूं करवाया जा रहा है दिपो�
00:21:35जैसी प्रभू मुरत देख ही तिंतेशी भगवान राम धनुश्याग में जब जाते हैं तो वहाँ पर उन नहीं
00:21:45देखने वाले जो देवी देवता हुआ दो शुर्य गंधर्व बहुता है वहा ही नारिया और ही नारिया
00:22:05कि इनकी येसी भावनना है, जिनांआः कुछ जीवन में करना सिखा ही नहीं है, कुछ किया ही नहीं है, तो
00:22:14उन्हें सिर्फ उंगली उठाना उनका काम हैं, और उतना है उंगली उठा कर सोलते हैं कि हम बहुत, किसीने कहा
00:22:23कुछ दिन पहले कि, आप अभीसेह रëते हैं, ये द�
00:22:36जिनकी जो सोच है, सोच को आप परिवर्तन नहीं कर सकते हैं, कहा गया है कि नेचर और सीगनेचर बदलना
00:22:44बोड़ी मुश्किल होता है, आज के समय में तो लोग दो मुहे हैं, आपके सामने का कहेंगे, पीछे क्या कहेंगे,
00:22:51ये तो राम है, तो रामत्यों पर जो सवाल उठा
00:22:55आते हैं, रामत्यों पर जो चर्चा करते हैं, उनका सोच में ही जन्म सिद्ध से, जन्म से ही उनको ये
00:23:04कहें कि दोसर युगता है वो, जब भगवान राम लंका से विजय स्री प्राप्त करके, जब आयोध्या के लिए परस्थान
00:23:18करते हैं, पुपी में आते हैं, वहां से फि
00:23:25अपना आश्रम राम जान की मंदिर भरत कुंड पर नंदिगराम में जब आते हैं, वहां से लेकर और दसरत महल
00:23:33तक, चारोधिसाओं में दसरत की राज रही, नंदिगराम से लेकर और दसरत महल तक, कई लाख करोर दीप जलाए गए
00:23:50होंगे,
00:23:55कितने मालाग आप पूछे ही नहीं, गोस्वामी जी ने लिखा है कि बरनत छबी जहां तहां सब लोग अवसे देखिये
00:24:04देखन जोगू, वो क्या यूग रहा होगा, वो त्रेता काल का क्या यूग रहा होगा,
00:24:12महराज दसरत नहीं थे, फिर भी तिनों रानियों के संजोजन में भगवान राम का कैसा स्वागत सत्कार हुआ होगा,
00:24:24हम लोग कल्ब ना कर सकते हैं, हम लोग सास्त्र पढ़ते हैं, पुरान पढ़ते हैं, उपनिसद पढ़ते हैं, रामायन पढ़ते
00:24:32हैं, तह हम लोग कितना भावुक होकर के, उस पल को, उस पल में ऐसा लगता है कि हम लोग
00:24:38उस पल में जी रहे हैं,
00:24:39आज ठीक उसी पल को पहले भी सरकारे रही है आज भी सरकारे हैं लेकिन आज की जो सरकारे हैं
00:24:50आज की एक योगी बैठा है
00:24:57तो योगी जब बैठा है तो हर योगी को भागवा मैं बनाकर अयोध्या को एई सासुन्दर बनाकर इतने सुन्दर दिव
00:25:10दिपोच्षाव मना रहा है जिसको हम ही नहीं अपितु पुरा विष्व देख रहा है
00:25:17अयोध्या गीर आपने कई बार आई हैं कई बार डिबेट किया है लेकिन जो अयोध्या थी कल जो अयोध्या आज
00:25:26है
00:25:27पहले मैं भी जहाँ भी यात्रा करूँ तो लोग पुछेंता जैना थे अध्या काश्बा के रूप में है भगवार राम
00:25:34यहां थे
00:25:37लेकिन अयोध्या बीबादों से घीरी रही अयोध्या के उभरने नहीं दिया गया अन्य सरकारे सदय अयोध्या को दबा कर रखी
00:25:45अयोध्या के सोशित किया अयोध्या के नाम पे अपनी हमेशा निगेटिविटी उर्जा देती रही पर आज जो सरकारे है वो
00:25:57राम की सरकारे है
00:25:58सनातन की सरकारे हैं राममय की सरकार है तो हम सभी लोग जिस आनंद के साथ दसरत महल से लेकर
00:26:08के नंदी गराम हो चाहे यह राम की पैड़ी हो पुरा आप लता चौक से लेकर आप देखेंगे तो हनुमान
00:26:15गड़ी से लेकर जितने भी अयुद्या में आप जिधर भी घूम जा�
00:26:28देखने कुछ और मिलता है यह किसी अन्य सरकार में संभव नहीं था तो यह योगी बैठा है तो भोग
00:26:35से निकाल करके योग की तरफ लोगों को जोड़ दिया है यहां मतलब एक योगी का सासन है और यहां
00:26:42तब भूमी का और मर्यादा पुरुसंता भगवान की पावन भूम
00:26:57पर महजी आपने सुना होगा कि पार्टी के एक निता ने कहा कि यहां पर थोड़ अब मतलब मुझे तो
00:27:05लगा था कि शायद कानूनन चुकी अब निवारन हो चुका है तो यह सवाल कोई नहीं उठाएगा उन्हों ने कहा
00:27:11कि यहां थोड़ी दक्षण में है वो यहां पर थो
00:27:27दल के लोगों कि टियारपी हासिल करने के लिए अपने वजूद को बचाने के लिए अपने को जनाने के लिए
00:27:35सनातन पे ही टिपनी करते हैं मठ मंदिर पे ही टिपनी करते हैं संतों पे ही टिपनी करते धार्मिक ग्रंतों
00:27:44पे ही टिपनी करते हैं ब्रामनों पे ही टिपनी कर
00:27:47करते हैं क्या दम है कहा देना किसी को कि मक्का तो कहीं हो रहे हैं क्या दम है किसी
00:27:55को कहा देना कि कुरान में यह लिखा हुआ है क्या दम है किसी को कहा देना कि किसी नुकर
00:28:01किसी चोराहे के बगल में चार इटा रख दो और यह चादर डाल दो तो मजार हो जाता है दम
00:28:08है क्या नह
00:28:16प्रकारेइन उनको सुधरूप से सरातन को मानने वाले जानने वाले पहचानने वाले की मन में हीन भाव कैसे पाधा हो
00:28:27कैसे उनका मत इधर सुधर डोले करें एक विक्ति तो ऐसा कह रहा था
00:28:33आज देखिए जिस प्रकारशे अभी पुझ राजकुमारदाजी महाराज ने जगत गुरु जी ने करपालु जी ने करपात्री जी ने सब
00:28:42ने एक ही स्वरश्य यही कहा भूतो न भविश्यती
00:28:48आज जो सनातन का मान सम्मान पद प्रतिष्ठा जो विश्व पटल पर अस्थापित हो रहा है यह संभव कहा था
00:28:56कते ही नहीं संभव था आपने देखा होगा कि तमाम अयुद्या को लेकर जब आप आती थी पहले डिवेट में
00:29:03तो लोग कहते थे रहे क्या जरूरत है राम मंद
00:29:09सक्स बना दो किसी ने का हस्पिटल बना दो किसी ने कहा वहां पर अनाथाले बना दो आज अयुद्या में
00:29:19राम मंदर के निर्मान के बाद आपने बोला जग्द गुरुजिशे कि क्या लाभ लाव आज वो लोग कह रहे कि
00:29:30राम मंदर वहां है अरे आकर देखो तो वेद प�
00:29:34पढ़ो तो पढ़ना है नहीं है जानना है नहीं है सिर्फ कुछ न कुछ ब्यान बाजी करना है आज जिस
00:29:42प्रकार से आयोध्या में राम मंदर का निर्वान और राम मंदर के निर्वान के बाद आयोध्या का डवलप आयोध्या का
00:29:47विकास वो भी ऐसे नहीं सिर्फ अगर पूर
00:30:03इसे चीज पढ़े हुए थे आज यहां पर ताज बने हुए आप जिस प्रकारशे अयोध्या में भी जगत गुरु जी
00:30:10ने राम दिरेसाचा जी चाहा कि राम के पैड़ी जहां आज तीस लाख दिये जलेंगे आईये मामुली बात है कि
00:30:16तीस लाख दिये जैसे अयोध्या में �
00:30:19तीस लाख दिये जलेंगे तो मुझको लगता है कि राम विरोधियों का दिल जला है जो नहीं चाहते थे कि
00:30:28अयोध्या में एध्या का नाम हो एध्या को लोग जाने राम मंदर का निरमान हो संतों का संवान हो सनातन
00:30:35संस्कृति की पद प्रतिष्ठा और आगे बढ़े धर्म
00:30:39गुरु बाहर जाकर बताएं कि एध्या है जहां पारब्रम प्रमात्मा ने जन्म लिया है आज इस प्रकारशे तो कहने का
00:30:48भाव है कि उनका काम है आपने देखा होगा अभी एक नेता आये थे एध्या जी में
00:30:56आये एक कथा का मंच था भागवत कथा चल लही थी लेकिन उन्होंने सरांतन पे एक सब्द बोलने का प्रयास
00:31:04नहीं किया एक सब्द नहीं कहा दिया कि हाँ योगी जी आईए चुनाव लड़िये अब भारवित करते हैं मानिय मुखपंद्री
00:31:12जी का मानिय मुखपंद्री ज
00:31:14अच्छा योगी जी जी चुड़िये अभी लड़ा दिजिए उधर वैठें किरपालु बाबा को राम दिनेसाचार जी को पुझ महराजी को
00:31:24किसी को लड़ा दिजिए चुनाव चीज जाएंगे योगी जी तो बहुत बड़ी बात होगी हम लोग सामान से कायर करता
00:31:31है हम लो
00:31:43चोले में हैं तो देखिए इस प्रकार से डेवलख्मेंट हो रहा है आप देखी लिए कोने-कोनेसे लोग
00:31:53वैद्य हरे है अब सांठे नित्य प्रतितिम पाचहजार से उपर लोग उसजी में गुजारा कर लेते हैं आते हैं
00:32:00धर्शन करते हैं और सोचते हैं क्या वाथ इतनी सुंदर बेश्था एसी चल लए एक दम सावे गमचा बिचायस हो
00:32:05गया तो इतनी सुंदर अगर कोई दिवस्था दे रहा है तो पुछ योगी आत्मा जी महारा दे रहे हैं और
00:32:12तो योगी जी चुनावने जीते हैं ये सम्भब
00:32:26लेते हैं आप देखो कि यहां आने के बाद किसी पुछ संतों के चरण माय क्या हां वहां कुछ कालनेमी
00:32:33टाइप के अगल बगल लोग वैठे थे जो साधू के नाम पर कलंक थे वो जाती को लेकर चलते जाती
00:32:41के अलावा उनको ना धर्म से मतलब है ना तो सनातन से मतलब है न
00:32:55मतलब इतने है कि हम खाली बस बेकुप बनाने वाले कंथा पहिं लिया है ढोंग रचने वाला चंदन लपेट लिया
00:33:02है और मुर्ख बनाने वाला कालनेमी जैसे भगवा वस्र पहिं लिया है और हम अखले श्यादों को पास बैठ गये
00:33:08हैं तो पूरी एवध्या हो गई एक भ
00:33:25महात्मा कैसे accept कर सकते हैं कि आपने क्या योगी जी जी जाये हुए योगी जी नहीं जीतेंगे तो कॉन
00:33:30जीतेगा आँज
00:33:35योगी जी हैं तो संतों का मान सम्मान स्वाभिमान गौरब विसुपटल पर अस्थापित हो रहा है ये मामली बात है
00:33:40उद्या ये कालेमी लोग जब आप लोग आते थे तो डिवेट में सीधे का देते का रहे राम मंदिर की
00:33:46बात कर रहे हो बाबरी महस्जित बने का अब बता�
00:34:01लोगोंने एकए सुर से आवाज उठाई कि नहीं हमारी ये राम की जनम धर्ती है यहां नहीं तो कहां तो
00:34:07नेतक को काम है हमने देखा सुना दिग्विजे सिंग जी को हसी आई दिग्विजे सिंग ने कहा कि वह जहां
00:34:16राम की जनम भूमी है वहां मंदिर नहीं बना दूर ब
00:34:30वेसे स्वामी से विवाद हो गया था रामाइन को लेकत तो हमने कहा ये पूछने वाला था कि महराज आपी
00:34:38हो क्या राम मंद्र होई है तो कहने का भाव भावना है कि आज की जो वेवस्था है बहुत सुंदर
00:34:45है तीस लाग सुपर दिये जलने हैं एक दो तीन चार पांच नही
00:34:48और आपने जग्दगुरु पूजी कृपालु जी से पूछा कि क्या काम क्या तो ऐसे कोई कह दे और विशे पे
00:35:04कोई सवाल खड़ी नहीं करते लेकिन अयुद्या के विशे पे ये कह देना आसान सा लगता है कि क्या काम
00:35:11इतने दिये के देश में तमाम विशे है उस पर वि�
00:35:18यहां एक नहीं दो नहीं पांच लाख मंदिरों का चड़ावा लेती है हमने तो कभी नहीं कहा तरहे मारे मंदर
00:35:25का पैसा तुम लेते उ यह तो कभी नहीं कहा और यहाँ ऑस दीपोस से
00:35:31आप सोचिए कि एक नोमी इतनी डवलोम इतनी ज़्यादा बढ़ गई है कि आप सोचो कि जब राम मंदिर का
00:35:38निर्मान नहीं हुआ था तो अयोध्या में काटिक परिकर्मा, सावन जूला और राम नोमी ये तीन प्रभुक्तेवार होते थे पांच
00:35:48लाग, साथ लाग, आठ ला
00:36:01सवा लाग, ठेर लाग, दो लाग, ये जो लोग आ रहे हैं, जो भी लोग आ रहे हैं, अयोध्या में
00:36:06नहीं तो देखा जाएगा ना ये सपाई है न बस पाई है न कांग्रेस ये किसी के दुकान पर लिखा
00:36:10नहीं, ये भाजपाई है इसी के दुकान से लड़ू खईदना, �
00:36:13ये भाजपाई है, इसी के दुकान से माला खईदना, ये राम मंदिर के पच्छमता, इसी के होटल में रुकना, ये
00:36:20तो कहीं लिखा नहीं है, जो पा रहा है, इतनी सुद्र बेवस्ता दे रहा है, जो जहां पा रहा है,
00:36:24प्रशाल ले रहा है, क्या माला, क्या माली, क्या ठेला
00:36:27तो ये लाभ मिला है
00:36:29तो इसके नाते मुझको लगता है
00:36:31कि अब तो कमेंट नहीं करना चाहिए
00:36:34कहां राम मंदिर ये नहीं है
00:36:36राम मंदिर अध्या में नहीं है
00:36:37बहरत आही रहे हैं वो बयान
00:36:38और बहराजी एक चीज जिसको लेकर
00:36:42ये मुद्धा फिर से उठाया जाता है
00:36:44वो है कि राम मंदिर का निर्मान तो हुआ
00:36:46लेकिन चड़ावे में चोरी कर ली गई
00:36:50उसका जो निवारन किया गया
00:36:52ने CEO बनाए गए
00:36:54हालां कि आप लोग भी CEO के पक्ष में नहीं रहते
00:36:57कि संतों के पास ही उसका
00:37:00नियंत्रन रहना चाहिए
00:37:01लेकिन इस समय जो परिस्थिती है
00:37:03उसमें लोग ज़्यादा खुश है कि राम मंदिर का निर्मान हुआ
00:37:05या ज़्यादा दुखी है
00:37:07कि इस तरह का एक मामला आया
00:37:09आपका प्रशन बहुत अच्छा है
00:37:11जो लोग ये प्रशन उठा रहे हैं
00:37:14कि ज़्यादा राम मंदिर में चोरी हुआ
00:37:16तो ज़्यादा के राम मंदिर में
00:37:18कुछ लोगों ने चोरी किया
00:37:21लेकिन जो लोग ये आवाज उठा रहे हैं
00:37:23कि ज़्यादा राम मंदिर में चोरी हुआ
00:37:25वो शायद भोल गए हैं
00:37:41हम लोग जाकर कोहां धना अंसन पर्दशन की हम लोग पांड दे देंगे मर जाएंगे कुछ भी हो जाएगा तब
00:37:46देवकाली की मूर्तिमली अरे सपा के भाईयों हमने थोड़ी चोरी कर लिया आपको परिशानी हो रही है आपने तो जनकपुर्शरी
00:37:53आई हमारी मातेश्वरी �
00:37:55जगदम्मा जो स्री किस्वरी लाए थी आपने उसका ही चोरी कर लिया था बताओ चोर आप हैं के चोर हम
00:38:00हैं कौन चोर है भई और यह लोग ऐसी बाते करते हैं वह पुझन के वक्त मुझे पुचा गया था
00:38:06पाकिस्दान से एक गिरे मंतरी तुने कहां कर पातरी जी आपने क
00:38:13बुच्छ नहीं पढ़ना है आप नहीं जानते हैं मेंने कुरान पढ़ना पड़ा यह भगां के लिखा कुरान यह पैगंबर हदरत
00:38:18मुहम्मद स्लय लह लह लाहिए व शलरम ने इसका मतलब क्या होता है कि परहत सरी धर्म नहीं बाई परपीड़ा
00:38:25समने है दो इसका अर्थ ह
00:38:26होता है कहा मारा जी जुध्या को धूगा से उड़ा दिया जाएगा तोपे लगेंगे अगर प्रण फिश्ट नहीं होगा यह
00:38:42भी धर्मी है और राम हमारे राष्ट नहीं है राम जी नाटगा नासेंस आप इंडिया बट्टालो यू कैन से राम
00:38:48जो राष्ट का मंगल करता है �
00:38:52तो राष्ट के मंगल करने वाले को पर कोई अगुली उठाएगा तो निसित बच नहीं पाएगा यह हमारे अजुध्या की
00:38:57संत है हम बहुत संसीलता है हम बहुत संसील लेगते हैं लेकिन जहाम उठी जाते हैं तो दंड भी जेते
00:39:03हैं कि जो न दंड देवु खले तोरा अब
00:39:06प्रश्ट होई शुति महारेग मोरा यह संविदान मेरा है अजुध्या को पर होली मत उठामे भी धर्मी रहने नहीं पाएंगे
00:39:12पता नहीं कहां चले जाएंगे जहन्में में चले जाएंगे रहाने कुल को रोवन ही आ रहा है कोई बच नहीं
00:39:17पाएगा एक निविदन करें�
00:39:22उन्होंने सब कुछ तो अच्छा अच्छा काहा एक नमर कहा बहुत अच्छा काहा चोरी की बाद जो लोने की चोरी
00:39:27सिरे से खारीज करते हैं राम मंदर में नहीं हुआ
00:39:30राम मंदिर में चोड़ी हुआ ही नहीं, राम मंदिर को बदनाम क्या जा रहा है, क्या कोई वहाँ पुजारी ने
00:39:35दानपात्रच पैसा निकाला, क्या जो वहाँ पर सचिब थे, उन्होंने दानपात्रच पैसा निकाला, नहीं, परिशर में, वहाँ से 400 मीटर
00:39:45दूर, कुछ करम
00:39:48पूरे अध्या को बदनाम कर दिया ब्राम्मनों को गाली देना आप बताओ आप बताओ हम यह की निविदन करेंगे पुझ
00:39:57संतों से आप बताइए संसत भवन में एक देश का सबसे बड़ा पापी अधर्भी कुकर्मी जिसके उपर 41 मुकदमे हो
00:40:05इतने बड़े-बड़े मुक
00:40:16सीट रहा है भगवे चोले का अब बताइए कितना माहा पाप किया इस पर मैं कुछ देखा कुछ कालनेमी टाइप
00:40:23के महात्मा उसके अगल बगल खड़े हो जाते हैं अरी राम राम सीटा राम सीटा राम सीटा तो सीरे से
00:40:27खालिश करते हैं राम मंदिर में कभी नहीं चोड़
00:40:31हुई हा किसी ने घर-बड़ की है तो उसके खिलाब कारवाई चल लही है तो सीरे से मैं निवेदन
00:40:37करोंगा करपार्टर जी महाराज से क्योंकि लखनों में भी आफी के मन्चुपर मैं भी था और आप भी थे उसमय
00:40:44में भी पुझा महाराजी ने कहा कि नहीं राम मंदिर रा
00:41:00आंदाजी के आवास पर नवाज पढ़ी गई तो कैसे आपने कादिया राम मंदिर में चोड़ी हो गई
00:41:08तो यह इस में थोड़ा सा आपको गौर करना पड़े का ध्यम देना पड़े क्या ये बदनाम करने का आपको
00:41:15शडियंतर लगता है आपको नेरेटिव गढ़ा गया और अयुद्या का सांसद अउधेश पासी जो कि कहता है हम पासी समाज
00:41:24से हैं और वो क्या हन्मान जी कहां दर्
00:41:33संकिया परिवार सहित ये उनकी फितरत है अहले सियासत वो जाने अपना पैगाम मुहबत है जहां तक जाए राम जी
00:41:43ने सबको अपना कहा है बैकुंठ की चर्चा आती है मारे पुझे जगतगुरु जी बैठे हैं पुझे हम राजुदाह जी
00:41:51को बहुत अभार व्यक्त करते
00:41:53हैं हर मोर्चे पर इस विसे को रखते रहें राम मंदर में कता ही चोरी नहीं हुई दान पात्र ले
00:41:59जाकर के जो ये सोपी हुई थी बैंक से उसे सोपी का पालन बैंक वालों ने नहीं किया और वो
00:42:05दान पात्र की गढणा में जो लोग लगे थे कम से कम सासो मीटर दूरी है �
00:42:10मुझे जहां तक लाग रहा है जहां गिनती है वो सासो मीटर की दूरी है वहां गड़ना कक्ष में कुछ
00:42:16लोगों ने जो गलती की है वो सजा भूगत रहे हैं बदनाम पूरे देश में सनातन को साधू शंतों को
00:42:23ब्रामनों को पुजारी को कि राम मंदर में चोरी चड़ाव
00:42:30वहां से लाकर बैंक को गिनना था उसे सोपी का पालन बैंक ने नहीं किया बैंक के खिलाफ एकसन नहीं
00:42:36लिया गया क्यों नहीं लिया गया हम लोग तो इसको उठा रहे हैं पिशे कि जो ची लिखा पड़ी में
00:42:42थी कि आप ले जाकर कि इस पैसे को वहां गिंती करके बैंक मे
00:42:45डालोगे यह जिम्मेदारी उनकी थी लापरवाही उनकी थी और जो लोग गड़बड किये हैं वो जेल किये सलाखों के पीछे
00:42:53हैं राम मंदिर में चोरी करने वाला कोई राम मंदिर का इंपलाई नहीं है बैंक से जुड़े हुए और कुछ
00:43:00लोग वहां पहले से थे ततकाल मे
00:43:02जो बैंक कर्मी नहीं रख पाए उनका न्यूक्ति बैंक ने किया है तो यह जिम्मेदारी बैंक की बनती थी कि
00:43:08उसे सोभी का पालन क्यों नहीं हुआ और यह लोग राजनीत करके केवल सनातन को बदनाम करके कबिल सिब्बल को
00:43:16खड़ा करते थे आपको भी श्मण होगा सु�
00:43:30अगरेस भी कभी यह राम नाम नहीं लिये यही अखलेश यादो के पिता मुलायम सिंग नहीं कहा था कि वहाँ
00:43:37परिंदा पर नहीं मारेगा लेकिन हमारे हम बंदन नमन किये अभी राम भक्तों को जिन्नों ने धोज लहरा कर वहाँ
00:43:44दिखा दिया लाठी गोली कितना भी आ�
00:43:59अपनी जगे से ही है पर जो आरोप लगे वो तो यह लगे ना कि ट्रस्ट के दो महत्वपूर्ण सदस्यों
00:44:06के करीबियों जो उनके साथ ही रहा करते थे हमेशा उनकी तरफ से यह और उनको पकड़ा भी गया पकड़ा
00:44:14गया अभी चादशीट दाखिल हुई है
00:44:16देखे सबसे बड़ी बात यह है कि आरोप कौन लगा रहा है मुख्य बात तो यह है मुझे लगता है
00:44:23कि जितनी ततपरता चोरी में विपक्षी लोग दिखा रहे हैं क्या इतनी ततपरता उन्हें राम मंदर में दिखाई थी निर्मार
00:44:31में उन्हें दिखाई थी अब इस प्
00:44:43लेने मात्र से, अयुद्या का नाम लेने मात्र से जो लोग बचते रहे हूं, वो चंदा और राम जी पर
00:44:50इतना ज्यादा एकदम से प्रभावित हो गए और भक्त हो गए, क्यों? देखे, राजनीत अलग का भी से है और
00:44:57आस्था का अलग भी से है, आस्था यदि आपको भगव
00:45:00स्रियाम में नहीं है, और आप चाहते हैं कि राजनीत करके हम सत्ता पर पहुंच सकते हैं, तो ये कदाब
00:45:05संभो नहीं सकता है, चोरी की जहां तक बात है, मुझे लगता है कि SIT की रिपोर्ट भी आ गई
00:45:11है, और जो लोग उसमें दोसी हैं, जिन लोगों ने किया है, उनको त
00:45:27इस प्रकार से योगी सरकार ने SIT के गठन करके कहा, और पूरी ततपरता के साथ जांच के निर्देश दिये
00:45:33हैं, दूसरी बात मैं ये कहना चाहता हूँ आपके मंच से, कि अगर भगवान स्री राम की इतनी चिंता है,
00:45:39भगवान स्री राम के मंदिर की इतनी चिंता है, तो क
00:45:43क्रिश्ण जनम भूमी की चर्चा क्यों नहीं करते हैं क्यों नहीं आकर खड़े होते हैं पूरे देश के संतों के
00:45:47साथ कि आप आईए जिस प्रकार से भगवान स्री राम का भव दिब्व मंदिर बना अब हम 500 बर्स पतिक्षा
00:45:53नहीं करेंगे हम पूरी ततपरता के साथ आपके
00:46:08दरसंग का मंदिर मानते हैं राम जी का मंदिर मानते ही नहीं है अगर मानते होते तो आज तक दरसंद
00:46:12करने जरूर आते हैं पर उनसे जुड़ा हुआ कोई भी व्यक्ति दरसंद करने नहीं आता है और दरसंद करने जो
00:46:18लोग आते हैं उनको पार्टी से निकाल दिया जाता है
00:46:21ये इतिहास नहीं दिखता है लोगों को, जो पार्टी के लोग अगर दरसंद करने राम जी का आ जाए तो
00:46:27उनको निकाल दिया जाए, उनको चंदा की इतनी चिंता है, राम जी की उनको इतनी अचानक से चिंता हो गई,
00:46:32जब गोली चल रही थी अयोत्या में मा सरीव का जल लह�
00:46:38चिंता नहीं थी, अभी महाराजी कह रहे थे परिंदा पर नहीं मार सकता है, और मैंने गोली चलवाई है, इस
00:46:43बात को लोकसवा में संसद में खड़े होकर के सीना ठोक करके जब कहा, तब ये बात उनको समझ में
00:46:49नहीं आई कि हाँ वो परमात्मा है, वो सनातन धर्मा व लं�
00:47:05अज़दार है, उनके इरादे को जानती है, उनके मन के भाव को जानती है, कि ये किसी प्रकार के कोई
00:47:11राम भक्त नहीं है, इनको केवल भगवान श्री राम के नाम पर आस्था दिखा करके ओड़ प्राप्त करना है, तो
00:47:17जो लोग उसमें हैं, मालीजे आपकी जो बात कह रह
00:47:35गया और ये बात सामने आएगी कुछ दिन बाद आप देखेंगी कि जिन पर सबसे ज़्यादा लोगों ने उगली उठाई
00:47:41है आने वाले समय में जब चार शीट दाखिल हो जाएगी तो निरने आएगा कि इनमें इनका कोई दोस नहीं
00:47:46है लेकिन इतनी दुर्भावना इतनी द
00:48:01भगवा कदल पहन करके आप बताओ किसी सादू ने किसी महत्मा ने किसी संत ने किसी पुजारी ने किसी अर्चक
00:48:07ने किसी बंदक ने चोरी किया है क्या उन्होंने तो चोरी किया नहीं है चोरी तो करमचारी लोग करते है
00:48:12और इतना बड़ा राम मंदिर है तो ऐसा तो है नही
00:48:30भगवा साधू बन करके, आप संत बन करके ऐसा कारे कर रहे हैं, किसी संत की उसमें सनलिप्टता थी क्या,
00:48:38लेकिन वही जो राजुदाजी करे रहे हैं, कि यहां पर सनातन धर्म को बदनाम करना सबसे सरल है, और एक
00:48:43बात आपने जो राजुदाजी से पुछा कि लोग कहते हैं
00:48:46अयुद्या दक्षिन में है, तो उनसे मैं पूछना चाता हूँ, क्या उस अयुद्या के किनादे सर्जुजी बैती हैं, क्या वहां
00:48:51भरतकुंड है, क्या वहां मखोडा है, जिस मखोडा में भगवान स्री राम को प्रगट करने के लिए यग कराया गया
00:48:58था, और अगर देव
00:49:16हो गए, वैसे अयुद्या नगरी को तो एक आदर्श नगरी माना गया, तो दुनिया में कई अयुद्या है, बाकी भारत
00:49:22की बात ही हम क्या करें, लेकिन वो अयुद्या वो नहीं जहां राम जन्म भूमी है, वो अयुद्या यही है,
00:49:27जहां हम लोग विराजमान है, बारत जी
00:49:30यह चीज समझाईए कि अगर सब कुछ अच्छा है, सब कुछ सही है, युद्या नगरी का वैभव बढ़ा है, तो
00:49:37समाजवादी पार्टी पूछती है, फिर हार कैसे गए यहाँ पर चुनाओ, यानि कि जो यहाँ पर घर तोड़े गए, मकान
00:49:43तोड़े गए, सडकों का चौड
00:49:45करन हुआ, उससे स्थानिये लोग तो नाराज हो गए, आप लोग तो यहीं रहते हुए, यह नाराजगी महसूस करते हैं,
00:49:53देखिए ऐसा है, यह राम के वजह से, राम नाम के वजह से चुनाओ, कोई नहीं हारा, चुनाओ अजध्या से
00:50:04तो हारा ही नहीं, अजध्या का जो �
00:50:08छेत्र है, वहां से तो चुनाओ जिती हुई है, 5000 बोट से अजध्या जिता करके दी है, अन्य जगह हो
00:50:17से जिन लोगों ने, यहां कंडिडेट को ले करके मतभेद रही, लल्लु सिंग जी से लोग नराज थे,
00:50:29इन लोगों ने सोचा कि भगवान राम का और भगवान के राम के प्रताब से, उन्होंने भी खुल कर मेहनत
00:50:39नहीं किया,
00:50:43उस समय एक चर्चा आ गई कि सम्विधान बदल दिया जाएगा, लल्लु सिंग जी नोहां एक बाइट में उन्होंने दिया
00:50:51कि जब सरकार पूर्ण बहुमत में आएगी तो सम्विधान बदल दिया जाएगा,
00:50:56इसका पहुत बड़ा असर रहा, बाकी अजुध्या की बात करते हैं आप, अजुध्या ने तो पांच जार बोटों से जीता
00:51:04करके और सनातन के लिए आगे कार्च किया था,
00:51:09सपा, वो एक सोचती है जैसे बटेर को, अगर कुछ घाग मिल जाए, अंधे को अगर बटेर मिल जाए, तो
00:51:22समझता है कि मतलब हम पुरा दुनिया इससे देख लेंगे, इसी पर सब्तिका लेंगे, एक टिटा ही एक चिलिया होती
00:51:29है, जो रात में सोती है, तो अपनी टांगे
00:51:30उपर चारो कर देती है, और करके सोती है, तो उस लोग कुछ आए, अरे भाई, टिटा ही, तुम क्यों
00:51:35पैर उपर कर देती है, तो कहा अरे आकास गिर जाएगा, मैं पुरे पृत्वी को बचाने के लिए आकास को
00:51:40रोकी हूँ, अपने पैरो तले, पैरो पैरो तो सपा वही ह
00:51:45सपा एक टिटा ही की समान है, वो चारो नालचीत होकर एक पिडिये बना ली है, यह पापी अभी पुझराजुदास
00:51:51जी कह रहे हैं कि पापी पाटी जो है, यह पापी पाटी जो बना ली है यह पाप की बढ़ावा
00:51:56देने के लिए, उसको सिर्फ पाप ही दिखता है, उसको �
00:52:05पर काम नहीं करेगा, वो जाती बात पर काम करेगा, राम पर काम नहीं करेगा, हम राम के हैं, राम
00:52:13तुम्हारे हैं, उस पर काम नहीं करेगा, आप राम के हो, हम अल्लाह के हैं, उस पर काम करेगा, तो
00:52:20जो उस पर काम करते हैं, तो वो इसे लोगों पर उनकी जिनका स्वेम क
00:52:25चरित्र अच्छा नहीं हो जिमका स्वेम का अभिहवार अच्छा नहीं हो राम जी को राम के अनुवाई पर क्या बोल
00:52:32सकते हैं वो इतना ही कर सकते हैं कि रूप बना करके भागवा को बदनाम करने के लिए भागवा को
00:52:38खीचा तानी करने के लिए वो देखा सकते हैं वो नाट
00:52:55पहलते हैं ऐब हो भी कोह सकता है हमने ये कहा है अभी राजकुमार जिए पुझ जगदुर्ण भगवान ख्रपातर जी
00:53:01रे राजुदास
00:53:03रहते हैं न्यक्ति किसी को भी लड़ाते हैं यहां से एक किसी को भी अकर सनाधन की गल्ले में एक
00:53:09क्या उशको बोलते हैं
00:53:11अरे मतलब काड डालकर बिल्ला पहिना करके अगर उतार दें राम के नाम पर तो मैं कहता हूँ जिहां से
00:53:20अखले से यादो जी भी ख़ड़ा हो जाकर दिखा दें
00:53:22उनको कई लाग बोटों से उनको हरा देगा तो आप उनको चुनावती दे रहे हैं कि यहां से लड़ के
00:53:28देखे तो वाकर देखे तो सही पहले तब उन्हें पता चले गया जिह हमारी आवकाद क्या है एक बार सांसादी
00:53:37के चुनाओ अभी पुझ महराजी ने कहा ना कि अंधे क
00:53:40बटेर मिल गया तो समझा कि पूरी दुनिया हमारी हो गई तो उनको एक बटेर मिल गया वो इसे भी
00:53:45उस अंसत्भवन बटेरे बना कर ले जाते हैं बटेर बना कर ही ले जाते हैं कौन पूछता था आज के
00:53:50पहले तो बटेर पा करके वो सोचते हैं कि अब हम पूरे अध्या पर
00:54:07मोन नहीं लेगा सब लोग इसी में आएंगा और रही सनातन की विजय होगी और सनातन का ही राज होगा
00:54:11और स्वेटा जी एक बात और कि केवल आयोध्या ही नहीं बाहर का भी कोई ब्यक्तिया और आयोध्या में खड़ा
00:54:17हो जाए और उससे पूछा जाए कि आप किसको देना चा
00:54:35तो जीतार की कभी परवाह ही नहीं हमको सनातन से मतलब है हिंदुत से मतलब है हिंदुत का गौरव कैसे
00:54:41हुचा रहे सनातन धोजपता का कैसे लारता रहे इसके नंते कारवर काम करते है और अभी पुझ महारा जी अभी
00:54:47मैं कल एक वो देख रहा था सदन में लालु यादो ब
00:55:04पिरोध में कार्यों काम करने वाला कभी हमारा होई नहीं सकता है और अभी आपने चंदा चंदा चोरी चोरी आप
00:55:10देखो कि अखलेस यादो मुक्वमंत्री थे महाराजी और गायत्री प्रजापती इतना भेहंकर घोटा ला किया अखलेस यादो जेलम कहा गए
00:55:17आप सिधे आर�
00:55:30समचारी बेंक के द्वारा रखे हुए हैं लेकिन आरूप किसको पर आपने लगा दिया साधूँ को पर आरूप लगा दिया
00:55:36आप सोसल उठा के देखलो कि संतों को गाली महत्माओं को गाली ब्रामनों को गाली अभी देखिए पुझ धिरियंत की
00:55:43सास्रीजी ने इतने सुन्
00:56:05अगर दम है तो आउना कृष्ण जन भूमी आगे आओ आगे आकर बोलो चलो राजकुमारदाजी बाराज ने कहा कि नहीं
00:56:13चलो एध्या में राम जनम्भूम भाजपा ने बना दिया तो चलो छोड़ो भाजपा ने बना दिया इसलिए तुम नहीं आए
00:56:18तो चलो तुम एक क�
00:56:42अगर दिपावली का पर्व है दिपावली का पर्व है संतों के आशिरवाद के साथ हम पंचायत आज तक के इस
00:56:48सत्र का समापन करेंगे
00:56:49कि जो आज दिपावली होगी सबके स्वस्ति सबके सबकी खुशाली की कामना करते हुए हम ने बेदर करेंगे पुछ जगत
00:56:58गुरू जी राम दिरेशाचा जी बहुत सुन्दर गुन गुनाते हैं एक उसके साथ जो है हाँ स्वामे जी देखिए आज
00:57:07तक के इस चैनल के सभी
00:57:08दर्शकों को देपोट्सो और देपावली की बहुत हार्दिश रुपकामना है यह प्रकास पर्व है और आप सब के जीवन में
00:57:15अंधकार मिटकर और एक नया जोती नया प्रकास आप सब के जीवन में हो और अयुद्या भगवान श्री राम के
00:57:22इस पावन धर्ति पर हम सब व
00:57:36आज भी वो संदेश दे रही है अपने प्रकाश की अपने पर्व की और अपने उत्स उत्साह और उमंग के
00:57:43साथ आज तक के पंचायत में आज पूझ रसंत यहां पर सब भिराजमान है मैं आयुद्या में विराजमान आप सब
00:57:51को अयुद्या से बहुत शुपकामना देता ह�
00:57:56कि सजादो घर को गुलसन सा
00:58:04सजादो घर को गुलसन सा
00:58:10मेरे प्रभुराम आए है
00:58:16सजादो घर को गुलसन सा
00:58:22मेरे प्रभुराम आए है
00:58:29लगे कुटिया भी महलों सी
00:58:35लगे कुटिया भी महलों सी
00:58:41मेरे प्रभुराम आए है
00:58:47सजादो घर को गुलसन सा
00:58:53मेरे प्रभुराम आए है
00:58:59और जैसे सबरी प्रतिक्षा कर रही थी भगवान स्री राम के आने की वैसे अयुद्यावासी प्रतिक्षा कर रहे थे भगवान
00:59:06स्री राम का भव्य और दिब्य मंदिर बने में आज वो मंदिर दिब्य और भव्य बन करके तैयार है पूरी
00:59:13दुनिया आ करके उसका दर्शन करे
00:59:16और तब लोग आते हैं कि
00:59:18मेरे जोपड़ी के भाग आज
00:59:22खुल जाएंगे राम आएंगे
00:59:27मेरे जोपड़ी के भाग आज
00:59:31खुल जाएंगे राम आएंगे
00:59:36राम आएंगे आएंगे
00:59:39राम आएंगे, राम आएंगे, आएंगे, राम आएंगे, मेरे जन्मों के सारे पाप कट जाएंगे, राम आएंगे, मेरे जन्मों के सारे
01:00:01पाप
01:00:02को और सब के पाप कट जाएंगे राजुदाश्जी कहरे हैं जितने लोग हैं राम जी के दरवार में आएए फढ़ान
01:00:08सब के पाप को खोड करके
01:00:11निर्मल कर देंगे आनंदित कर देंगे आप सब को बहुत बहुत धन्यवाद जै जै स्री राम बहुत बहुत धन्यवाद आप
01:00:21सब का बहुत धन्यवाद