00:08सुनिया गांधी की नई किताब बिलॉंगिंग अजर्णी ओफ लव क्याने से ठीक पहले भर्द्य राजणीती के महाल गर्मा चुका है
00:16नश्कों तक भेश के सबसे ताकतवर महिलाओं में शुमार रही सुनिया गांधी ने हमेशा अपनी निज़े जिन्दगी और दिल की
00:23बा
00:26लेकिन अब पहली बार उन्होंने कुछ ऐसा किया कुछ ऐसा इंटर्व्यू तिया जिसने कई पुराने राज सियासी खीच्टान और निजरिष्टों
00:34की परतों को पूल कर रख दिया एक छोटे से कस्वे से निकल कर भारत के सबसे बड़े राजणीतिक धरामी
00:40की बहुबन
00:56अमर्जनसी के दौर कुलेकर सोनिया गांधी ने बेहत खुल कर बात की उन्होंने माना कि उस दोरान आम जिनता के
01:02लोगतांतरिक अधिकारों पर जो पाबंदिया लगी और ज्याप्तिया हुई उनका असली अंदाजा उन्हें आपातकाल खत्म होने के बाद ठीक से
01:09समझाया
01:10आम तोर पर एमर्जनसी के दौरान हुई गडबडियों का पूरा ठीकरा संजय गांधी पर फोड़ा जाता है लेकिन सोनिया गांधी
01:16का मानना है कि इसके लिए सर्फ संजय गांधी जिम्मधार नहीं थे इंदिरा गांधी पर भी उस समय उनके कई
01:22वरिष्ट सयोग्यों और
01:23सलहकारों का भारी दवाफ था वे एक बेहत कठेन और विगड़ते हालात को संभालने के कोशिश कर रही थी हाला
01:29कि इंद्रा गांधी ने खुद ही हालात की गंभीरता को समझा 1977 में चुनाफ कराए और बाद में देश के
01:35जनता से सारवजनिक रूप से माफी भी मांगी
01:41साल 2004 में जब कॉंग्रेस यूपिय की जीत हुई तब सुनिया गांधी का प्रधान मंद्री बनने का रास्ता पूरी तरह
01:48साफ था लेकिन उन्होंने अचाना की पर ठुकरा कर पूरी दुनिया को हैरान कर दिया
01:52उस वक्त ऐसे अवाए उड़ी कि उनके बच्चे यानि की राहुल और प्रियंका ने जान के खत्रे को देखते हुए
01:58उन्हें पीम बनने से रूका था
02:00सुनिया गांधी ने इन सभी हटकलों को खारिश करती हुए कहा कि ऐसा बिलकुल नहीं था
02:05प्रिधान मंतरी ना बनने का फैसला पूरी तरह से उनका अपना उफ्यक्तिकत फैसला था
02:09उन्होंने डॉक्टर मनमुहन सिंग के साथ अपने काम करने के अनुभव को बीहद सकारात्मक बताया
02:14और कहा कि दोनों की बीच भूमिकाएं बिलकुल साफ हुआ करती थी
02:17मनमुहन सिंग सरकार चला रहे थे और वे खुद संगठन और पार्टी संभाल रही थी
02:22प्रिधान मंतरी मोदी और आरेसेस पर तीखा हमला
02:25देश के मौझूदा राचनितिक स्थिती और विचार धारक को लेकर सुन्या गांदी ने बेहत कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया
02:30उन्होंने कहा कि पिछले बारह सालों के दोरान देश के लोग तंत्रा और निश्पक्त संस्थाओं को बहुत गहरा नुकसान पहुँचाया
02:37गया
02:37भारत को लेकर नरेंदर मोदी की सोच और उनकी अपनी सोच में जमीन आसमान का फर्क है
02:42अलाकि सोन्या ने ये ज़रूर स्विकार किया कि मोदी एक साधारन प्रिष्ट भूनी से निकल कर शीर्ष व सत्ता तक
02:48पहुँचे हैं
02:49लेकिन उन्होंने ये भी चोड़ा कि राच्छीती में काम्यावी पानी के अलग अलग रास्ते होती है
02:54उनोंने कांग्रिस के मनमुहं सेंग और मलिकर अरजुन खड़के का उधारन देते होएं कहा कि वे अपनी महनत से आगे
03:01बढ़ने के परमपरां कांग्रिस में देखती हैं हमेशा से रही है
03:04और इसके साथ ही उन्होंने कहा कि उन्हें या कॉंग्रेस को RSS जैसी संस्ता से कुछ भी सीखने की जरुवत
03:11नहीं है
03:1160 साल बाद भी वही पुरानी सुनिया अपनी नीजे जिंदगी और राजीव गांती के साथ अपने रिष्टे पर बात करती
03:17है
03:18और बात करते हुए बेहत भावुक नजराई उन्होंने कहा कि 60 साल पहले जब राजीव उनसे कैंपरिज में मिले आज
03:24भी वे अंदर से वही इंसान है
03:26उनके बुनियादी संसकार विचार बिल्कुल नहीं बदले लेकिन इस लंबे और कठिन सफर में उनसे एक चीज चिन गई वे
03:33अब पहली जितनी हंस्ती मुस्कुराती नहीं है
03:35सोनिया ने बताया कि जब वे नई-नई दुलहन बनकर भारत आई तब वे इस देश और यहां के तौर
03:41तरीकों को नहीं समझती थी पूरी तरह अंजान थी
03:44उन्होंने भारत यहां के संस्कृती और करतव या निष्ठा का जो भी पार्ट सी का वो केवल इंदेरा गांधी और
03:50आजीव गांधी से ही सी का अपने उपर लिखी 75 किताबों पर चुपी
03:54इंटर्व्यू के दौरान जब सोन्या को यह बताया गया कि EI के आगणों के मुताबिक उनकी जीवन में जीवन को
04:00लेकर दुनिया भर में कम से कम 75 किताबे लिखी गए
04:03तो वे खुद हैरान रह गई उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात का अंदाजा नहीं था कि उन पर इतनी
04:08ज्यादा कुस्तकें लिखी गई हैं
04:09सोनिय ने गिल्चस वबाज शेयर कि उन्होंने कभी भी अपने बारे में लिखी गई किसी भी किताब को पढ़ने की
04:15कूशिश नहीं की
04:16बहुत साल पहले ही राज जी और उन्होंने यह तैक कर लिया था कि मेडिया या दूसरे द्वारा उनके बारे
04:21में लिखी गई
04:22कोई भी बातें पढ़कर वो अपना वक्त बरबात नहीं करेंगे
04:26लेकिन एक दशक पहले उन्हें लगा कि अब वक्त आ गया कि जब दूसरों के लिकी मनगडंत बातों के बचाए
04:31अपनी कहाने खुद दुनिया के सामने बेश की जाए प्रस्तुत की जाए
04:36सोने गांधी का ये इंटर्व्यू साफ दिखाता है कि उनकी ये किताब सिर्फ राजनीती के पन्नों का पुलिंदा नहीं
05:08आफ में कि मैं अपनी इंटर्वाइ वडिंदा है