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अयोध्या दीपोत्सव में जले 30 लाख दीये, भव्य लेजर शो और आतिशबाजी ने मोहा मन
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00:00नमस्कार मैं हूँ श्पेता सिंग और आप सब को छोटी दीपावली की धेरों शुब कामनाएं आयोध्या नगरी में दीपोटसव का
00:05त्योहार और उस त्योहार का आयोजन ऐसा की जहां तक आपकी निगाहें जाएंगी आपको डिम्टिमाते हुए छोटे छोटे दीपों की
00:27ड्रोन शो यह सब कुछ होने वाला है दीपोटसव एक परमपरा एक ऐसा त्योहार बन चुका है जो हम हर
00:32साल देखते हैं और कुछ वालिंटियर्स ऐसे जो यहां से हट नहीं रहे हैं बलकि चुकि हवा की वज़े से
00:39दीप बुझ रहे हैं तो यह पूरे प्रयास में है कि व
00:56लागे हुए हैं जी माँ जी माँ बिल्कुल बिल्कुल बिल्कुल तिन दिन से मेहनत कर रहे हैं इसी के लिए
01:01जी जी तक हर जगे आप देखिए चोटे बच्चे भी हाली कि बहुत खतरनाक है ऐसे कूद कर नहीं आओ
01:07लेकिन यह चोटे बच्चे बड़े लोग जिससे जो �
01:11पन पाता है कोई यहां से गुजर रहा होता है घर जा रहा होता है उसे दिखता है कि कोई
01:15दीप बुझ रहा है तो चुकि अपने घर में भी आप दीपावली के रोज क्योहार के समय आप नहीं चाहते
01:20हैं कि दीप जो है वो बुझ जाए तो यहां पर रुक कर अगर पास में
01:24तेल की डिबिया रखी है तो उससे तेल डाल कर या फिर अगर केवल हवा की वज़े से बुझ गया
01:29है तो उसे एक बार फिर प्रजुलित करके और वहां से होते हुए आ रहे हैं यहाँ पर एक बहुत
01:33बड़ी क्योंकि यहाँ पर हवा का कटाओ है तो यहाँ पर तेज हवा आ �
01:37यह एक एक लोता दीब बचा है बाकी बुझे हुए अभी लेकिन उसको भी दोबारा प्रजुलित करने की पूरी कोशिश
01:44चल रही है तो अब दूर से दूर तक आप देखेंगे जहां तक जिस घाट पर आपकी निगाहे जाएंगी वहां
01:52पर आपको वही दिखेगा यहाँ
01:54पर रामकथा पार्क मेरे सामने है और रामकथा पार्क में हाले की बाहर जो लोग भीतर नहीं जा सकते हैं
02:01जो दिपोटसव में समय दीपों को प्रजवलित कर रहे हैं यहां सामने LED स्क्रीन लगा हुआ है जिसके जरिये वो
02:07भीतर क्या चल रहा है रामलीला का मंचन वो सब �
02:11यहां पर बैट कर भी देख सकते हैं और इसके साथ ही दीपों को प्रजवलित तो मतलब उस उस छोर
02:18पर जो आपको इस सर्यू नदी की धारा के उस छोर पर लोग दिख रहे हैं वहां पर भी दीपों
02:24को प्रजवलित करने की उस दीपों की श्रिंखला को जलाए रखने की पू
02:39हम नवकुआ से आए हैं दौलतपुर से और यहां पर आके हमें बहुत अच्छा लगा योगी जी ने जो अध्या
02:46का विकास किया है बहुत ही अच्छा कर दिया है
02:50स्री राम की पावन भूमी पहले बिल्कुल देखे थे अगली बार भी आये थे अपकी बार अगली बार से कुछ
02:55एक्स्ट्रा ओर्डिनरी भी है हर बार की तरह कुछ अलोकिक दिख रहा है तो यहीं है देखे वॉलिंटियर्स जो है
03:04चुकि स्कूल कॉलेज के बच्चे हैं तो
03:09और बाकी जो लोग यहाँ पर रह सकते हैं वो रुक कर यहाँ पर दीप प्रजवलित कर रहे हैं कहा
03:14रहती हैं आप लोग हम लोग दोस्त लोग चले गए आप लोग यहाँ पर रुके हैं इसको प्रजवलित कर रहे
03:25हैं हम लोग को पास बना ही नहीं हम लोग को जाने मिलना �
03:37स्टो्ष भी हमारे साथ हैं राम की पेड़ी पर संतोष बीक्राइब करें संतोश
03:43कि थोड़ी देर में यह घोशना होगी कि डीपों की गिनती कितरे पर जाकर रुखी है छे बजे
03:48बाद किसी भी समय ये घोशना कर दी जाती है
03:55देखे बिल्कुल ये दीपो की घोशना तो की जाएगी लेकिन एक सबसे वड़ी बात कि इस बार कोई रिकॉर्ड नहीं
04:00बन रहा है
04:01अयोध्या ने तीन बार गिरीज़बूक और डिकॉर्ड में नाम दर्ज करवाया लेकिन इस बार तीस लाक दिये जलाए जाएगे लेकिन
04:08गिरीज़बूक और डिकॉर्ड की जो टीम है वो आई नहीं है
04:11आमंत्रित नहीं किया गया और इस बात की पुष्ठी हमसे खुद उत्रप्रदेश के अपर मुखित सचीव अमरेत अभिजात ने की
04:16कि इस बार अपना ही रिकॉर्ड तोड़ेगी लेकिन कहीं दर्द नहीं कराएगी और साल दर साल ये दिविता भविता समय
04:22से पहले दीपों क
04:37है लेकिन इन दियों के जलाने के बाद कोई रिकॉर्ड होगा कोई रिकॉर्ड दर्ज होगा ऐसा नहीं है तीन बार
04:42अपना ही रिकॉर्ड बनाएगी और अपना ही रिकॉर्ड तोड़ेगी ये दियों की संक्या हर साल बढ़ेगी आप देखें आप जहां
04:51पर है वहां पर हो
05:02उची इमारते हैं राम की घाट की वज़े से तो दीब जल रहे हैं और ये जो नजारा है ये
05:08अद्भुत है और अद्भुत इस संच में कि जो जब दीपोत्सों के शुरुआत हुई तो वह एक लाख दियों के
05:15साथ शुरुआत हुई और इस एक लाख दियों से शुरू हुआ
05:18दिपोटसव आज 30 लाग के लगभा का आकड़ा ये इस बार क्रॉस करेगा
05:22तो 30 लाग, 1 लाग से 30 लाग, मतलब 29 लाग का मारजिन 10 साल में पूरा किया गया
05:29दशम दिपोटसव नाम दिया गया इस बार
05:31दशम दिपोटसव दशमी बार का ये दिपोटसव है
05:34और साल दर साल इसके दिव्यता भविता बढ़ती जा रही आपनी देसे भी जिक्र किया
05:39कि लेजर शो होगा, लेजर शो के बाद इसकी बाद जो आतिश बाजी होगी
05:43वो भी एक किस बार दावा किया गया उतपरते सरकार के उन्हीं अपसर की तरफ से
05:47कि इस बार हिंदुस्तान में ऐसी आतिश बाजी कभी हुई नहीं होगी किसी महोटसव में
05:52तो अयोध्या में भगवान राम अद्भूत है और दिव्य है
05:56तो यहाँ पे उनकी नगरी में जो होने वाला हर कारिक्रम चाहे वो दीपोटसव हो चाहे द्रोन शो हो
06:01और चाहे आतिश बाजी सब कुछ अकलपनिय अद्भूत अद्भूतिय और अविश्वसनिय होगा और यह तस्वीरें आपको बता रही है
06:08कि कैसे त्रेटा यूग में भगवान राम की नगरी सजाई गई होगी
06:12तो आज भी अयोध्यावासी और ना सुर्प अयोध्यावासी दुनिया के तमाम कोने में बैटे
06:17जिनके दिलों में राम बसते हैं उनके लिए यह अयोध्या सच चुकी है
06:22अयोध्या में जो दीप जन रहे हैं यह इस बात का परिचायक है
06:26कि सनातन के मानने वाले देश दुनिया में कहीं पर भी हो लेकिन भगवान राम सब के दिलों में हैं
06:32और यह जो 30 लाक दिये हैं यह उसी प्रकाश का है जो भगवान राम ने जीवन का एक संदेश
06:37धिया
06:37अंधेरे को खत्म करने के जो महापर्व आया दीपावली अमावस्या के दिन मनाई जाती है
06:43जब घंगोर अमावस्या होती है उस समय पे दीप जलाई जाता है
06:46यानि कि अंदकार पर प्रकाश की विजए, असत्य पर सत्य की विजए, रामण पर भगवान राम की विजए, तो ये
06:53एक अधर्म पर धर्म की विजए, ये वो परिचाय है, ये वो परिचायक है, ये महापर्व का और उसी महापर्व
06:59की ये दिव अद्वुच छटा, ये हम आ
07:16कि डिरीज्वगाओंबल डिकार्ट की टीम जो दर्श करती बोस्बार नहीं बुलाई गए है विच्वार्ट रिकौर्ड नहीं बना जा रहा है
07:21इस बार लोगों के दीलों में
07:23रिकौर्ड बनाने का है और इसके तमाम अपने राजनितिक माईने
07:26लेकिन की दिविता भविता अपने अपने अकल्पनी है।
07:35क्या में अपने की दूनिया में कोई आप में तब भी अनूठा था जब एक लाख दीपों का START
07:56कीर्थिमान स्थापित किया गया था युध्या नगरी में और उसी के बहाने करीब करीब डेड़ लाख से उपर कम से
08:03कम एक लाख लाख लिगा इकहत्तर हजार दीप उस समय प्रज्वलित कर दिये गये थे और वहां से लेते हुए
08:08देखिए जैसा कि संतोश भी बता रहे हैं �
08:10तीन बार नाम दर्ज हो गया गिनीज बुक की टीम यहाँ पर आती रही वो कीर्थिमान रच गया कोई नहीं
08:17दूर दूर तक जैसे हम आज तक के लिए कहते हैं न कोई नहीं दूर दूर तक वैसे ही तिपोटसव
08:21के मामले में उस कीर्थिमान के मामले में कोई नहीं है दूर
08:40कि चाहे कीरतिमान हो चाहे नहीं हो तीस लाख दीप को प्रजवलित करना है तो लोग यहाँ पर लगे हुए
08:47है पूरी निश्ठा से पूरे सम्मान से पूरे समर्पण के साथ आप सब कि यहाँ पर आप भी अयुध्या नगरी
08:54में रहते हैं दूर से आज जी मैं जी मैं
08:57अगरी को जब आप दुनिया में कीरतिमान रचते देखते हैं तो मन कितना आपका गौता है नहीं एक दम मैं
09:03एक दम गौरवानवीत होता है आज में रहने का यह आउसर प्राप्त होता है इसके लिए मैं इतना भाग्य साली
09:09हूँ इसलिए कुछ दीप आप भी रोशन करते हैं
09:13आप लोग भी रहते हैं सवाब तो यही पर काम भी आपका गौरी दुनिया से जो लोग आते हैं देखने
09:20के लिए
09:20इसमान इकदम प्रफलिस होड़ता है हमारा इतने लोग भाग्य आउजन देखके दीपुस्तों देखके हम लोग तो यहाँ पर आयोध्या नगरी
09:42मनाती है और योध्या नगरी मनाती है तो पूरा देश उन तस्वीरों को देखता है कई आप यहाँ पर
09:50दूसरे देश से आई हुए महमानों को भी देखेंगे कई तो उनमें से अधिकाश जो है वो यहाँ पर चुकी
09:54रामलीला का मंचन अलग अलग देशों के नागरीकों द्वारा किया जाता है तो उसके लिए भी आते हैं ये अपने
10:00आप में बड़ा अद्भूत होता है समर्�
10:45जिद्गिर्द भी ऐसे लोगों के भरबार हैं
10:47इससे बड़ी भूमी कोई नहीं हो सकती जो राम की जन्म भूमी है और ऐसे में दिवाली से एक गिन
10:52पहले मनाया जाने वारे दिपोटसव जो है वो एक ऐसी छटा बिखेरता है जो राम की घर वापसी होती है
10:59यानि कि लंका विजए के बाद 14 साल के वनवास के बाद राम च
11:15विजए रही है लोगों से बातचीत भी करेंगे तरशाइं दिखाते लिए यहां पर बातचीत करने की कोशिश करेंगे यहां से
11:22यह रखिए यह तमाम जो दिये
11:25कर देखने के वह सकता हृत है कि अंधकार engineer लेट हम इसा सथा तरह से
11:53आए हैं अपने उनको देखने का भी सोवागी पराप्त हुआ है लखेम पुर्खीरी से चलके आये हैं चलके हैं मलब
11:59ट्रेन से आये हैं मलब पर महौल क्या है महौल अच्छा है बहुत रंगा-रंग है कारिकरम से कोशिट कर
12:06रहे हैं
12:12कि अच्छा लग रहा है 17 के पहले बिखरी योध्या थी योगी जी के नेतृत में लगातार पहुंच रहे हैं
12:23तमाम अपने बच्चों को लेकर भी आप पहुंच रहे हैं तो बड़ी बात यहां पर यह हैं जो मैंने बताई
12:28ही कि आप कहा से आई हैं
12:32कैसी लग रही है बहुत सजी हुई जैसे हमेशा लग रही थी आप लोग दिवाली कितने चलती है यहां पर
12:38अभी तो आज बिल्कुल आहां से शुडू हुई है तो चलिए लखनावस आई हैं कुछ टीम हमारी दिल्ली साइए हैं
12:43आप लोग की दिवाली तो आज ही शुरू
13:00को यहांि है नव है और इप जिए रहां की मुस्तान में है यह दो हुआ हुई है जिस्दिन से
13:14राम के पैडी पर दिये बिछने चुड़ू हुआ होले से तब से इनके
13:19लीवाली ही होती है और उसी वजह से देखिए यह किस तरीके से क्या बढ़िया इदर आई यह देखिए आप
13:25लफुल कपड़ों में दिवाली मना ही जाती है यह क्या प्रमानचल नहीं पूरा भारत
13:40था रहा है और आज दिपोट्जाव मनाने के लिए और बहुत ही ओहर शोव लास के साथ पिछले दस सालों
13:50से आ रहे हैं तो इस बदलाव क्या हुआ है पहले से हर साल कुछ पुछ नया इस बार क्या
13:58बदलाव है लेजर सो एक्रीस लेजर सो से हर अमरे लेजर लाइटिंग हो �
14:05यह बदलावा बहुत सारे चेंजेश हैं हर साल हम लोग देखने देखते हैं अभी यह नया घाट बना वह उस्ताद
14:11कहा से आई आई यह पतना से पतना यह पगड़ लेंगे पहले पर अपना से आप लोग आए इसके उम्र
14:22है 15 महीने तो 15 महीने में देखिए 15 महीने में जो है �
14:35दिवाली 15 महीने में बच्चा मना रहा है तो आप क्या लग रहा है विल्कुल बहुत अच्छा लग रहा है
14:42और यह नहीं मिला काफी दिने समय परियास कर रहा था कि मैं आउं और आज पूरे फैमिली के साथ
14:49आया हूं यह भी है लगता है आज तक चलता है यह आज तक का मा�
14:57है यह इस तरह की जो तस्वीरें यह से चोटी बेटी भी है बेटा कैसा लग रहा है आपको अच्छा
15:04यह बच्चे भी छोटे-चोटे हैं जिनके लिए दिवाली के वल पटाकों का तेवार नहीं होता है जो दिया प्रजवलन
15:11होता है वो छोटे-छोटे नन्य नन्य बच्�
15:27प्रतिविंब जो है वो दियों की छटा से निकलता हुआ दिखाई पड़ता है बीच में कलकल बेहती सर्यू मया का
15:33वो पमित्र जल है और उस और वो कहीशन कहीं
15:52कराई रहा है तो यही तस्वीरे कहीं न जीवन तो होती है
15:56और देश ही नहीं बलकि दुनिया भर में उदाहरान बनती है
16:01हर साल किनि
16:22और फूर जो नमबर निकल कर आएगा वो एक रिकॉर्ड होगा आज वाइस प्रेसिडेंट जो है भारत के आप पर
16:29अभी तो अनुमान तो इसमें बहुत तरीके से बदलते जाएंगे और यह असल में अपने अपने आपने जो लास होता
16:40है ना कि जो खुशी होती है आप लोग
16:48बैंगलोर से आए हैं यहां पर यह देखकर आए कि दीपोट सब में आएं या फिर राममंदिर दर्शन के लिए
16:54तो एंगे जैंडा था एंड़ी पोट सब के वारे में बहुत सुना था तो वी वैडिएक्साइटेड तो जितना सुना था
17:02कम ही सुना था यह तो बहुत ही ब
17:20सब्सक्राइब कर दो तीन साल से सोच रहा था कि रभी दिपोटसभ में आएंगे हर बार वो इस गिन्हेस बुक
17:30रिकॉर्ड नहीं आए क्योंकि उन लुक बोले इस रिकॉर्ड को पिछली नहीं सकता है जो पिछली बार पचीस लाग हो
17:34गया
17:40यह अजितना सुना था कम सुना था इत्स रियल इंस आउट फेलिग बहुत सुनाँ आए हैं और वे पार्टीसिपेट और
17:49वन्हाम लोगों ने जब दीप जलाया तो मैं लगा वियर पार्ट अपग अपड व्याट जिस्टम शेलिप्रेश था था था तो
17:57पुर्णी की जाती ह
18:00यहाँ पर तो आप ये लक्ष लेकर चलता है कि ब्रह्मान तक आप रोश्नी करेंगे प्रभू श्री राम आये हैं
18:07प्रेता युग में भी कहा जाता है कि लागों करोणों दिये उस समय प्रजवलित कर दिये गए थे अब कितने
18:12थे गिंती जैसे समर्थ बता रहे हैं न कि पच
18:28पिरिट होता है वो जो जजबा होता है जो लोग कहते हैं कि एक दीप भी जला लिया यहाँ पर
18:32आकरो उसके बाद वो खुशी महसूस करते हैं दीपावली का त्योहार अपने घरों में सब मनाते हैं लेकिन दीपोच सब
18:39के साथ एक तरीके से एक ऐसा अध्याय हो गया है जह
18:58को रोशन कर रहे हैं तो दीपावली के त्योहार कुछ और सुन्दर हो जाता है जब इस तरह का एक
19:05आयुजन हो जाता है यहां पर आप कहीं पर आप रंगीन लड़ियां देख रहे हैं कहीं पर आप दीपावली देख
19:12रहे हैं यानि दीपों की वो पंक्तियां जो दूर द�
19:16जा रही हैं ये आखों को ऐसा सुकून देने का पल होता है वो उत्सब उमंग कई गुना और बढ़
19:25जाता है जब सारे लोग यहां पर अपना अपना योगदान इन दीपों के माध्यम से दे रहे होते हैं आज
19:32जैसा कि हमने आपको बताया कि दीपों के प्रजवलन की जो प्र
19:46केवल रोश्नी है केवल और केवल उल्लास है केवल और केवल उमंग है और इस सब के बीच आयोध्यान नगरी
19:54के वो अलग-अलग
19:55हिससे जो आमताौर पर भी आपको रामभक्तों से भरे हुए दिख जाएंगे जो राममंदर की ओर जा रहे होते हैं
20:03लेकिन आज राम मंदिर में दर्शन के साथ साथ जो लोग हैं वो सर्यू जी के दर्शन के लिए भी
20:09पहुचते हैं क्योंकि सर्यू जी के तट पर इस तरीके की दीपों की पंक्तियां लगी रहती हैं।
20:52इस अच्छा करते हैं अच्छा लग रहा है दूप दीपों सो देखने आये हैं हमको अच्छा लगता है तो
21:03देखने हैं हर साल तो नहीं हैं दो साल से प्लान करके इस बार आप आए लिए तो इस बार
21:18आप आप आएं तो इस बार आप
21:40पूरे यूपी में काम कर रहा है मैं गुजरात में रहता हूं नार्थिस्ट में भी काम किया हूं तो मैं
21:50तो पूरे हर जगह काम किया तो मुझे यह बबेस्ट है
22:15अच्छा लगा मैं सोचा नहीं तरह फर्स टाइम एक्सपीरियंस है और मैं आया
22:24और अलगी एक्सपीरियंस है अच्छा राइस हमें साब को आना चाहिए है उस्कूल में टेंथ में हम लोग कहा से
22:35आई है मैं मेरिट में पढ़ रही हूं अच्छली मैं इंबी बेस कर रही हूं सेकेंड इयर अच्छा इडिस वेरी
22:40ब्यूटिफुल एंड वेरी ग्रेट एक्स
22:53पसंदा ना बहुत अच्छा लगा है अच्छा लगा है अच्छा लगा है फिर आगे नहाने के लिए जा रहा है
23:11नरक चतुरदेशी पर जिसको नरक से
23:17मुक्ती की चतुरदेशी भी कहा जाता है उसके उस पर शाम में बहुत स्नान करने पहुंचते हैं और आज भी
23:23सर्यूर नदी के तड़ पर लोग स्नान करने के लिए पहुंचेंगे समर्थ आप भी दिखाएं तस्वीरें वहाँ पर किस तरह
23:29का उल्लास भक्तों के मन में
23:35भक्तों के मन में अलगी उल्लास यहां देखा जा रहा है और क्यों न देखा जाये जब महौल त्रेता जैसा
23:43हो गया हो और ऐसी तस्वीरें दिपोच्छव की देखी जा रही है
23:48पहले तो मैं कहूँगा कैमर्बन गौरा से एक वाइब फिर्म दिखा दीजे जो असल छटा दिपोच्छव की दिखाई पड़ेगी जिससे
23:54की पूरी राम की पहली दर्शक देख पाएं कि इस वक्त का यहां का क्या मौहल है किस तरह की
24:00तस्वीरें यहां देखने को मिल रह
24:15यह कहीं न कहीं बताते हैं कि यह तेवहार बन चुका है अयुद्या के लिए देखिए ड्रोन से काउंटिंग का
24:22प्रोसेस है वो शुरू हो चुका है और यह देखिए किस खुबसूरती से यहां पर यह बड़ी मेहनत का काम
24:29है पहले दियों को बिछाना फिर दियों में तेल
24:32डालना फिर रूई की बत्ती डालो फिर जलाना और हर एक काम का समय जो है वो निर्धारित है यह
24:40नहीं है कि अपने असाब से कभी भी जला देंगे और उसके बाद सबसे एहम प्रक्रिया होती है और वो
24:46प्रक्रिया होती है ड्रोन के जरीए काउंटिंग की तो यह भी अपन
25:02और बीच में आप देखें कि बीच में जो सर्यू का जल है वो इसका परतिविंब भी देखने को मिलता
25:09है यहाँ पर और सुनहरी जो लाइट्स हैं वो यहाँ पर देखने को मिलती हैं आप कहां से आई है
25:16मैं सुल्तानपुर से आई हूं सुल्तानपुर से इस्पेशली इसी के
25:21किया आए हैं मैं बच्पन में आई थी बहुत ज़्छ चोटी थी तब आई थी और लेकिन अज अपने हस्बेंड
25:27जी के साथ आई हूँ और इतनी ज़्यादा बैवस्था नहीं थी और जब से अमारे मोधी योगी जी आए हैं
25:33तब से इतनी अच्छी व्यावस्था कर दिये है
25:35आप को किस चीज ने प्रेरित के क्या दिबूसर में यहाँ पहुच्छे हैं कि अंदर से बहुत इस्था थी आप
25:44कहा से आए अप
26:08सब्सक्राइब कर रहे हैं कि आप दिपोच सब में जो है आज़ा बने रील आपकी पता नहीं पता नहीं को
26:23लेकर दिपोच सब्सक्राइब
26:39सब्सक्राइब कर दिपोच सब्सक्राइब कर देखा हूं अभी कुछ लोग हैं जो करने कई दिए यूशुली हवाक के कारण
26:54बुझ रहे हैं तो ऐसे में दीप प्रजवलन भी लगता चल रहा है दिये जलाए आपने जलाएं हमने दो चार
27:02जलाए हैं मलब और जाकर अनभव यहां का क्या बताएंगा अनभव बताएंगे जो नजारा हमने देखा है अच्छा यहां दिप
27:13योगी जी को हमने देखा और दीप उच्छव हो रहा है बड़्या सभी लोग मलब मिल जूलकर कर रहे हैं
27:20मिल जूलकर कर रहे हैं यही अयोत्या है और यहीं
27:49अगर बात सनातंकी होगी तो बात अयुद्या की भी होगी तो बात अच्छाइब करते आये हैं लोगों को बताते आये
28:08हैं
28:08आपकी आवाज में थोड़ी से दिक्कत आ रही है लेकिन हम यहां से चलते चलते हम पूरा हम यहां से
28:14अब आपको घाट एक बात फिर दिखाते हैं क्योंकि अब जब यह पूरा हिस्सा जो है अब यहां के हर
28:21दीप आप प्रजवलित इस समय देख रहे हैं उपर जो ब्रिज है
28:25उसके उपर भी आप देखिए कि न केवल वो लड़िया है बलकि लोग जो दोनों छोर से इस ओर से
28:32उस ओर जाकर ताकि यह दीप अपनी अपनी जगों पर प्रजवलित रहें अब तो काफी काम हो गया है तुम
28:39लोग का है रहा तो थोड़ी देर हाँ उसके बाद अभी दी�
28:55आगे मेला घुमने भी पहुंचते हैं योध्या नगरी में और भी बहुत कुत रहता है आप मन लगा कर काम
28:59किये हुए है यही हम लोग को काम मिला है तो कर रहे हैं बाकी लोग तो अभी दिख नहीं
29:06रहे हैं आप अकेले लिए लोग लोग उदर से स्टार्ट हो गया है यह �
29:16आप लोग फिर भी लगे हुए है जो भी है अपनी स्विक्षा से बगवान के लिए लगे हुए है रिकॉर्ड
29:24बनना नहीं बनना यह तो प्रभू की माया है नहीं रिकॉर्ड मतलब गिनीज बुक कह दिया कि बस अब तो
29:29इससे उपर कोई जाई नहीं सकता है अच्छा है इ
29:32इसकी हम को जाए है रिकॉर्ड तो चोटी चीज है रिकॉर्ड के बारे में नहीं सोचते है प्रभू राम के
29:39आगमन के लिए यहां पर दीपोचसभ बना रहे हैं गोरकपूर से चलके यहीं काम करने के लिए आये हैं राम
29:48जी के दरबार में तो बस बैठके मन लगा के राम �
29:58पाद से योजना रहती थी कि जाएं योजना तो कभी नहीं वानी शायद श्री राम की कृपा है योजना थी
30:05भी नहीं लेकिन लगता है कि उनको हमें बुलाना था तो हमें बुला लिए अब यहाँ पर प्रज्वलित कर रही
30:11है अब असल में जो शद्धा की छोटी-छोटी ज
30:19जब आप एक जगे से दूसरी जगे तक जाते हैं तो अनेकों ऐसी बातें सुनाई दे जाती हैं किसी ने
30:25खूब कहा कि यहाँ पर एक बार राम का नाम लीजिये तो आपको अयोध्या वासी हरोर से उमण आते हैं
30:30कुछ ऐसी ही है अयोध्या कुछ ऐसी ही है नगरी जहाँ पर स
30:46सोशल मीडिया का जमाना है तो थोड़ा तस्वीरों के साथ वो वीडियो का जमाना भी हो जाता है लोग कोशिश
30:53करते हैं कि यहाँ पर दीपों के प्रजोलन के बाद जो अध्भुच छटा हरोर नजर आती है उसमें वो तस्वीरें
30:58भी वो खीचें वो तस्वीरें जो हमेशा
31:01के लिए रह जाएंगी वो तस्वीरें जो उन्हें याद दिलाएंगी कि प्रभु श्री राम के आगमन के लिए उन्होंने भी
31:07अपनी तरफ से एक छोटा सा दीप जलाया था यो तो दीपावली के पर्व को मनाने के बहुत सारे अलग
31:12-अलग कारण होते हैं सनातन में प्रा
31:27प्रभु श्री राम के अयोध्या आगमन से जुड़ जाती है यहाँ पर जब 14 वर्ष के उस वनवास को काट
31:34कर रावन का अंत करके जब प्रभु श्री राम लोटे यहाँ पर राजा राम होने के लिए उस समय जो
31:42उल्लास अयोध्या नगरी ने मनाया होगा जिन्हें सब्त
32:02बिकुश वेता उस उत्सा का हिस्सा बनना एक सवभाग्य की बात है और जो भी यहाँ पहुंचा है वो अपने
32:08आपको सवभाग्य शाली मान रहा है क्योंकि आज की राट ढलते ही केवल सोशल मीडिया पर तस्वीरे और रील के
32:15माध्यम से ही आप दिपोजसभ की चटा दे�
32:21देगा दिपोजसभ के दिन यहां आने का हाला कि दिवाली के दिन भी कुछ दिये कुछ लेदर्श होता है लेकिन
32:26दिपोजसभ की चटा होती है वो बिलकुल अलग होती है और दीप प्रजवलन जो है वो लगभग पूर्ण हो गया
32:33है कुछ वालंटियर्स हैं जो दिये जला
32:35लेकिन लगातार जो दियों की जो छटा है वो यहां पर आप देखें शोयता तो कैसे बिखरी हुई है और
32:43कहीं ना कहीं एक जीवन उदाहरन भी है क्योंकि श्री राम चंद्र का जीवन रहा है उसके बाद आप सोचे
32:5014 वर्ष उस दोर की तरह पर जाये जाए तो यह बड़ा स
33:05रहा गया और राजा दश्रत से उन्होंने तब ये बात कहीं भी थी और बताई भी थी कुल मिलाकर यही
33:11की आगे चलकर यही चीज़ें कुल मिलाकर 14 वर्ष उन्होंने आयोध्या में बिताए हैं तो तस्वीरे भी ये बताती है
33:21और राम चंद्र का जीवन दर्शन है वो भी
33:35देखिए दिये भी जो हैं वो बिचे हुए हैं और एक तरफ जो सर्यू मया हैं वो आपको यहां दिखाई
33:41पड़ेंगी तो रगुकुल रीती सदा चली आई प्राण जाए परबचन ना जाए कुछ इस तरीके से राम चंद्र ने सिद्ध
33:48किया और एक उदाहरन बन गए दे
34:11ही तो करएं दो पया चा करता हैं यहीं कारण है इसको बहुत भव्वता से इसको कर रहा है भगवान
34:21राम के आने से दिपोसों कारिक्रम भारत वर्ष में बनाना सुरू हुआँ
34:25ऐसा मनतब है यह जो चीजे हैं वो अपने आप में बताती है फ्रता की अब देखिए लेजर शो जो
34:33है वो भी मुझे लग रहा है शुरू हो गया है और जेजर शो की खास बात यह है कि
34:38लेजर शो के जरीए रामायन के प्रसंगों को दिखाया जाता है एक प्रसंग दिखाया �
34:43जाता है लगबग आदे गंटे ये शो चलता है और चाहे सुन्दर कांड हो चाहे युद्ध कांड हो वो सभी
34:49चीजे जो है वो लोगों तक पहुचाने का प्रयास होता है लेजर शो और इतना ही नहीं आतिश बाजी भी
34:54आयुद्या की ऐसी होगी कि हनुमान जी ड्रोन के ज
35:12पूरा दिन अयोध्या नगरी में दीपोचसव के इस पर्व पर त्रेता यूग की अलग-अलग जो खषण है उनको वापस
35:20जीवन्त करते हुए हाला कि चुके उत्तर प्रदेश में कुछ महीनों में चुनाओ है तो जब यहां के मंद से
35:28योगी आदितनाद बोले तो अपन
35:29राजनीतिक विरूधियों पर भी गर्चे जिन लोगों ने उप्यक्सित किया था अपमानित किया था राम भक्तों पर गोलिया चलाई थी
35:42संतों को अपमानित करके उन पर लाठी चार्ज किये थे
35:47वे लोग अयुद्या आएं जरूर लेकिन माफी मांग करके आएं राम भक्तों से एक बार माफी तो मांग लें संतों
35:59से एक बार माफी तो मांग लें
36:03अपने किर्टियों के लिए पस्याताप कर लें प्रभू तो हमारे बहुत सदासे हैं सब के पालनहार हैं सब पर सबसे
36:15सब के पर दिकिर्पालू हैं वे सब को माफ करेंगे
36:21लेकिन अहंकारी सत्ता को समाप्त करने में प्रभू कोई छण भी नहीं लगाते हैं किसी को अहंकार हो जाए तो
36:30उसके अहंकार को उसके दम्ब को नरख तक पहुँचाने में भी कोई देर नहीं करते हैं
36:41प्रधानवंत्री नरेंद्र मोदी ने भी आज उत्सव की शुब कामनाय संपूर्ण देश को दी और ये भी बताया कि वो
36:47एक बार फिर सेनिकों के बीच रहेंगे दीवाली के उत्सव कर
37:03प्रकास का ये पर्व अंधकार के खिलाब हमारे संकल्ब का परिचाय है आप सबको दीपावली के मेरी बहुत बहुत शुब
37:14कामनाय आपका ये पर्व आपका आगे का समय सब कुछ
37:19सुक शांती और समरुद्य से भरा हुआ रहे हैं मैं भी आपकी तरह बड़े उत्सांती दीपावली मनाता हो और हर
37:31वर्ष आप जानते हैं देश्टे वीच जवानों के बीच में जाना मेरा निक्चक्रम है इस बार भी जारी रहेगा आप
37:39सबको दीपावली की बहुत बहु
37:42सुब कामना है तो कहां जाएंगे प्रधान मंतरी नरेंद्र मोदी ये कल सुबह हम वो तस्वीरें भी आपको दिखाएंगे क्योंकि
37:50हर वर्ष राजिस्थान से लेकर सियाचिन तक ये पूर एक शेत्र जहां पर हमारे सैनिक हमेशा तैनात रहते हैं यानि
37:58ग्लेशियर से ल
38:11उत्सव जो त्रेता युग में हर एक व्यक्ति को कुछ चणू के लिए लिए चलता है कई लोग यहां पर
38:17शांती से बैटकर टिम्टिमाते दीपों को बस ताकते रहते हैं उस शांती को अनुभव करने के लिए उस युग को
38:24याद करने के लिए तो कई लोग यहां पर उस �
38:27मनाने के लिए जी खोल कर वो पूरा जो लेजर शो चलता है ड्रोन शो चलता है उन सारी चीजों
38:33को सुनते हैं योगी आदितनाथ दो बार संबोधन आज करते हैं रामकथा पार्क का संबोधन उनका हो चुका जिसकी तस्वीरें
38:39हमने आपको दिखाई इसके साथ ही राम की �
38:41पैड़ी पर एक विशाल मंच लगा है जिसके ठीक सामने रामायन का चितरन होगा वहाँ पर योगी आदितनाथ मौजूद रहेंगे
38:49और उसके बाद जो आज के विशिश्टतिती हैं जो वाइस प्रेसिडेंट हैं उनकी रवानगी के साथ दीपोधसव का समापन होगा
38:56ले
39:11को सर्यू जी के किनारे किनारे टिम्टिमाते दीपों के रूप में नजर आता है आज दीपोधसव के इस अवसर पर
39:20एक बार फिर एक आलोकिक छटा आपको पूरी अयुध्या नगरी में दिख रही है जहाँ पर 30 लाख दीपों को
39:29प्रजवलित किया गया है चुकि इस बार
39:33गिनीज बुक की तरफ से कोई गड़ना कोई गिंती नहीं की जा रही है इसे लिए अब तक कोई एक
39:39आकड़ा सामने नहीं है लेकिन यहाँ पर दावे अलग अलग हो रहे हैं बहुत बड़ी संख्या में दीपों को लगाया
39:45जाता है यानि एक लाख अगर प्रजवलित होने
40:01तक जलकी धारा तक एक अधभुत और विश्वस्निया और कल्पिया रूप में जरा रहा है