00:00दीपोटसव के इस पर्व पर अद्भुत केवल दियों की संख्या नहीं है, बलकि उससे कहीं ज्यादा अविश्वस्निय है इन दीपों
00:08को घाटों पर जलाने का तरीका
00:10दीपों को लगाने और प्रजबलित करने वाले हाथों का अकल्पनिय मैनेजमेंट
00:17तीस हजार से ज्यादा वॉलिंटियर्ज ने जब सर्यू के घाटों पर एक साथ लाखों दियों को प्रजबलित किया तो ये
00:23द्रिश्य अद्भुत अविश्वस्निय अकल्पनिय बन गया
00:26लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि तीस हजार लोगों के काम करने का तरीका क्या होता है एक वॉलिंटियर्ज
00:33पर कितने दीपों को प्रजबलित करने की जिम्मेदारी होती है ये मैनेजमेंट अपने आप में अद्भुत है
00:5435,000 वॉलिंटियर्ज
00:59करीब 30,000,000 दिये
01:01यानि एक वॉलिंटियर पर करीब 86 दिये
01:0556 घाट
01:06हर घाट पर करीब 59,571 दिये
01:12हर घाट पर उसतन 625 वॉलिंटियर्ज
01:15आंकड़े इतने अविश्वस निये हैं तो सोचिए इनको अमल में लाना कितना अकल्प निये होगा
01:34इसकी तैयारी कई हफ्तों से हो रही है
01:36जो हम ही लोग बनाये थे दुबारा उसको तोड़ेंगे जो कि अपने आप में बहुत बड़ी चीज है
01:40हम लोगों में जो हमारा विश्विद्यालय है वहां के जितने भी चात्र हैं
01:45जादा से जादा संख्या में सारे लोग यहां पर उपस्तित हैं
01:48और उसके बाद जो हमारे विश्विद्यालय से अपलेटिट कॉलेज हैं
01:51वहां से भी वालेंटियर्स आए हैं
01:55इतने बड़े आयोजन में सबसे बड़ी चुनोती सिर्फ दिये जलाना नहीं थी
01:59चुनोती थी हर दिये को सही जगे रखना
02:02उसकी गिनती करना तेल और बाती की व्यवस्था करना
02:06इसके लिए घाटों को सेक्टरों में बांटा गया
02:09हर सेक्टर में निर्धारित ब्लॉक बनाए गया
02:12वालन्टियर्स को उनकी जिम्मेदारी के मुताबिक लगाया गया
02:18चीज यह है कि यह जो एक स्क्वाइर के फॉर्म में आप लोगों ने रखे हैं
02:22तो यह दिया कुछ कैलकुलेशन है इनकी
02:25जैसे इसमें एक रोग के विशाब से मतलब हम लोग एक से उक्यावन के दर रखने का प्रयास करते हैं
02:29तो डेड़ सो एक सो चालिस तक यह हो जाता है किसी कि सिपसे उक्यावन है
02:38हम राम की पेड़ी पर हैं और यहां सबसे अधिक संख्या में मतलब जब दीपोचसव की शुरुआत 2017 में हुई
02:43थी
02:44उस समय भी सबसे पहले इसी राम की पेड़ी पर दीप जलाए गए थे
02:50लेकिन एक लाग से तीस लाग पहुचने का जो डायरा होता है जो यात्रा होती है वो कितनी बड़ी होती
02:56है
02:57आज अयोध्या वासी अपने अपने घरू को भी दीपों से सजाते हैं तो सोचिए कि आस्मान में उड़ते ड्रोन्स जब
03:03गिंती करते हैं उन दीपों के उन टम टम टम टम टमाती लौ की तो वो संख्या कितनी अधिक हो
03:09जाती है दुनिया में कहीं नहीं ऐसा कोई आयोजन ह
03:12होता है यह 35,000 वॉलंटियर 30 डिग्री कॉलेज 40 इंटर कॉलेज़ों से आये थे यह सारा मैनेजमेंट डॉक्टर राम
03:50कितने वॉलंटियर लगा गया है तमाम विध्याले स्कूल के बच्चे हमें दिखाई पड़ रहे हैं यहां के करीब 256 कॉलेज
03:59हैं लगब लगब उसके सभी कॉलेज के सभी बच्चे आये हुए है उसके अलावा ग्राम परधान की जिए से संपर
04:04किया गया है बला की जरिये किय
04:05गया मतलब संख्या बहुत जादा तभी तेहां इतना काम संभू हो पा रहा है सभी वॉलंटियर एक दूसरे का अच्छा
04:11सप्रोड करने कॉप्रेट भी करने साथ ही साथ यहां पर जितने युनिवर्सिटी उससे संबद है जो भी महाविध्याले हैं जो
04:19भी डिगरी कॉले�
04:31वॉलंटियर्स को इसमें लगाया गया अधिक सधिक संख्यम लगा गया ताकि जो पिछले साल का अभी सो रिकार्ड बनाया गया
04:40था उसको भी हम तोड़ने जा रहे हैं
04:47इसके लिए ब्लॉक आधारित लियाउट तैयार किया गया जमीन पर निशान लगाने की इस प्रक्रिया में तीन से चार दिन
04:54लगे वॉलंटियरों ने तय किये गए ग्रिड के हिसाब से दियों को एक्दम व्यवस्थित तरीके से रखा
05:00लाखो दियों के प्रबंधन के लिए एक असेम्बली लाइन की तरह काम किया गया
05:05इस पूरी प्रक्रिया में 75,000 लीटर से ज्यादा तेल और 55,000 लाख से अधिक रुई की बत्तियों का
05:11इस्तिमाल किया गया
05:25विश्व रिकॉर्ड बनाने के लिए तै समय सीमा के भीतर दियों को जलाना बेहत जरूरी होता है
05:34इसलिए वॉलेंटियर्स को इस तरह प्रशिक्षित किया गया कि वो एक निश्चित संकेत पर तेजी से और तालमेल के साथ
05:41दिये जलाना शुरू करें
05:42इस तरह सर्यू के पूरे घाट पर एक के बाद एक दिये रोशन होते जाते हैं