00:00ये जो 2006 में लोकल ट्रेनों में बॉम ब्लास्ट हुए थे साथ बॉम ब्लास्ट उसमें बॉम्बे ATS ने मुझे भी ग्रफतार किया था और मेरे साथ टोटल 13 लोगों को ग्रफतार किया था
00:10नौ साल ट्राइल चला है और 2015 में सेशन कोट ने मुझे बाइसद बरी किया और सेशन कोट ने पांच लोगों को फांसी की सजा दिती साथ लोगों को लाइफ की सजा दिती जिनकी अपील बॉम्बे हाई कोट में पिछले 10 सालों से पेंडिंग थी आज जज्जमेंट आया है �
00:40टॉर्चर किया गया था हमें हमारे उपर जो है जुटे और डि एक्स प्लांट किये गए थे जुटे विटनेसेस प्लांट किये गये थे और पूरा फेक केस बना करके कन्विक्षन लिया गया था लेकिन आज बॉम्बे हाई कोट ने साफ कर दिया कि यह जुटा केसे और स�
01:10आई कोट से हमको रिलीज मिली है और भाई को बाईज़त बरी किया गया है।
01:40नहीं था इन्हें बेगुना फजाया गया है।
02:10हम लोग को बहुत खुशी है और हम जज़ और तमाम हमारे स्टाफ के जुनियोर मैनत की उस केस के पीशे।
02:16हम लोग को पहले से यकीन था कि यह सब जो है जूटा केस बनाया गया है।
02:22है और आज माशालला जैज साब ने भी वो जज्जमेंट दिया कि इनको टॉचर करके जो है यह सब लिखाया गया है।
02:28लिखाया गया है जो भी से कंटेशन लिया गया है। हम लोग को तो इस्टार्ट से यह था कि यह लोग इनोसर्ड है।
02:34इनको जब आजसी फसाया गया। क्योंकि जिस वो डॉक्टर तन्वीर ब्लास्ट हुआ यहाँ पर ट्रेन में। उस वक्त ऑन डूटी थे साबसिद्धिक हॉस्पिटल में।
02:42यह रिकॉर्ड में वहां की मिनिट्स बुक्स में लिखा हुआ है। और अरेज़ भी जो किया गया था साबसिद्धिक हॉस्पिटल से अरेज़ किया गया था उनको।
02:50तो वह इस्पॉर्ट में थे नहीं हम लोगने डीसियार चेक कर आया कि इनका मोबाइल चेक कर लो इनका जो भी है उसमें भी कुछ नहीं निकला।
02:58लेजन पता नि जो इनकी इसमत में लिखा था उनीस साल जो जेफिए उनीस साल उनका कभी वापास था आई।
03:07बल्के उनकी बच्ची जो अरेशने के छे मेने के बाद के बच्ची एए ती वो वी बहुत अपने वाली से मिल्ने के लिए बेचाए नहीं
03:18झाल बग्टान प्रचान अप्राइब अप्राइब व्राइब अप्राइब ये लिजिया एंट नहीं।