00:00के दो उधारन हैं दुनिया के सामने और हमारे देश के सामने
00:04उन्हें सो अन्ठानवे में इसी भारती जन्ता पार्टी की सरकार ने
00:10कॉंग्रेस में तो हिम्मत थी नहीं आपको ध्यान हो कि हमने परमानू परिक्षण दिया
00:15और अमेरिका ने और अमेरिका के कई एक सहयोगी देशों ने हमारे उपर economic sanction लगा दे
00:23हमने क्या किया या हमारे देश के लोगों ने क्या किया हमारे भारत के लोगों में सामर्थ है
00:33हम 140 करोड के देश है उस वक्त भी अटल जी के तोर पर एक मजबूत प्रधान मंतरी इस देश को था आज तो उनसे भी ज़्यादा जो है मोदी जी मजबूत प्रधान मंतरी है
00:42हमारी एकोनॉमी 1999 से जो बढ़नी स्टार्ट हुई है जब तक कि ये कॉंग्रेस ने तमासा नहीं किया चिदंब्रम और सभी लोगों ने करप्शन स्टार्ट नहीं किया
00:54तो 2007-2008 तक भारत की एकोनॉमी 8-9 परसेंट के रप्तार से बढ़ती है
00:59आज हमारे पास मौका है हमारे पास नेत्रित्व है तो ये उधारन सामने है और भारत जो है उसकी जो एकोनॉमी अभी 6-7 परसेंट पर है
01:09मैं दावे के साथ कह सकता हूँ कि ये 10-12 परसेंट पर किस दिन चला जाएगा नहीं पता दूसरा उधारन है
01:14कि 1965 मैं इसलिए बाते कह रहा हूँ कि मानिय मोदी जी इस एसिया महादेश में सिंगापूर के जो प्रधान मंत्री है ली कौईन यू जिन्होंने की सिंगापूर बनाया
01:281965 में मलेसिया ने उनको बाहर कर दिया सिंगापूर को क्योंकि वो गरीब जगह था आभी और चीट रोड जो उनका सबसे फेमस रोड है सिंगापूर का जाएंगे तो उसके एक स्टेशन का नाम जो है वो धोभी घाट आज भी है धोभी घाट मतलब कपड़े दोते थे लो
01:58गांधी पाकिस्तान की बात कर रहे है राहूल गांधी चीन की बात करते है राहूल गांधी सोरोस फांडेशन के आका जो है जो है जोर सोरोस उनकी बात करते है तो निश्ची तोर पर जो जितनी बिदेशी सक्तियां भारत को कमजोर करना चाहती है उसके प्रनेता उसके नि
02:28झाल झाल