00:00पंजाब में बांड की चपेट में आए लोगों को अब भी राहत मिलती नजर नहीं आ रही
00:06बतादें की सतलुज नदी का जलस्तर बढ़ने से फाजिलका के कावांवाली और आसपास के गावों में बांड की स्थिती बनी हुई है
00:14एंडी आरेफ और पंजाब सरकार द्वारा बांड पीडितों के लिए बचाव अभियान चलाया जा रहा है
00:20बचाव अभियान के दोरान एंडी आरेफ की टीम ने बांड पीडित लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुचा रही है
00:25हमारे यहां दो टीमें लगी हुई है और तीन दो टीमें लगे हुए है लुदियाना के तेरफ डालिन के
00:35हम यहां पिछले 15-20 दिन से लगे हुए हैं और यह फ्लाड इफेक्टिड एडिया जो है करी 15-20 गाउं जो इफेक्टिड हो रखे हैं
00:43हम सुबद 6 वजे से डेली रूटीन का जो वर्क है वो सुरू कर देते हैं और साम साथ आड़ वजे तक चलता रहता है कोई
00:51अमर्जेंसी पढ़ती है तो हम रात में भी ऑपरेशन करते हैं तो हमारा जो है डेली का करीब 20-25 चकर 30 चकर लग जाते हैं हाँ एक बोट का कितनी बोटे हैं बोटे हमारे हर टीम के पास
01:04चार-चार बोटे हैं बर हमने दो-दो अपलाई कर रखी है कि कोई दूसरा सिच्वेशन हो तो हम वहाँ भी जा सके या कोई पंचर हो गए तो हमें उसे रिप्लेस कर सके इसलिए दो-दो बोट हमने डिपलाई कर रखी है यह बताएंगे सर्क कितने लोग तकरीबन आपने
01:34को दूसरे माँद्धम से फिर वह वापस चल जाते अपने गाहों में पिर वह सुबह फिर भाहर आते है अपना दिन भर का रोग जो रूटीन वर्क करेंगे फिर जो लौकल बोटे हैं उन से फिर अंदर चल जाते हैं गाहों के बागी राशन हो गया फुट आइटम्स हो ग
02:04तो रोज आप ये वापर चली जाती हैं फिर इसको त्यार करते हैं ना क्योंकि दिन पर काम करते हैं तो उनको रेश्ट भी तोड़ा जरूरी है
02:26नहीं तो ऐसे सेच्वेशन में बीमार होनी की संभावना ज्यादा होती है कांटिन्यू अगर हाड वर्किंग करेंगे जब पानी रहेगा तब तक रहेंगे अब यह तो यहां की सीविल जो एडिमिस्टेशन है उन पर डिपेंड करता है कि पानी का लेबल जैसे ही कम होगा त
02:56करेंगें होगा ही कि थे अ क्या हुआ है
03:26जह अजब कर दोटेता हुआ है
03:56झाल