00:00दोस्तों बिहार की राजनीती में फिर से वही सवाल सामने है कौन होगा मुख्यमंत्री जवाब सिर्फ एक है नितीश कुमार फिर एक बार
00:12क्यूं चुने नितीश कुमार आपको बता दें कि बिहार के लिए नितीश कुमार की वापसी ही सही चुनाव हैं
00:19आप पूछेंगे कैसे आईए पांच बड़े पॉइंट से समझते हैं
00:24बिहार को लंबे समय तक पिछड़ेपन का एक चिंध माना जाता था लेकिन पिछले 20 सालों में तस्वीर बदली है
00:33मानते हैं या नहीं
00:34सडके बनी, गाउं तक बिजली पहुँची, लड़कियों के लिए साइकल योजना और शिक्षा पर फोकस हुआ
00:41आज बिहार, गुजरात और महराष्ट जैसे विकसित राजियों के तुलना में आ गया है
00:47ये यात्रा अभी अधूरी है
00:49अगर बीच में रुख गई, तो जो रफ्तार बनी है, वो थम सकती है
00:53इसलिए निरंधरता, कंटिनुईटी ज़रूरी है
00:57पॉइंट नंबर दो, लीडर्शिप कनेक्ट
00:59बिहार की करक्की की असली ताकत है यहां की लीडर्शिप
01:02जो बड़े प्रोजेक्ट्स को तेजी से आगे बढ़ाने में माहिर है
01:06वर्ल क्लास एक्स्वेस रहों, एम्स लिवल हॉस्पिटल्स या फिर रेलवे लाइने
01:11राज़ की सोच साफ है कि हर नागरिक तक बेहतर इंफ्रास्ट्रक्शर और हेल्थ केर्थ तेजी से पहुँचे
01:17ये मुखी मंत्री निटिश कुमार का प्रोएक्टिव अप्रोच ही है
01:20जिसकी वज़े से बिहार के लिए जरूरी प्रोजेक्ट्स समय पर पूरे हो रहे हैं
01:24ये किसी पर निर्भरता नहीं, बलकि बिहार की अपनी लीडर्शिप और हिम्मत है
01:29जो सपनों को हकीकत में बदल रही है
01:32बिहार की राजनीती हमेशा जातिये समीकरणों परटी की रही है
01:39लेकिन निटिश कुमार ने महिला सशक्तिकरण से लेकर
01:42पिछड़े और अधी पिछड़े वर्गों तक सब को समर्थन और मौका दिया
01:47उनका आरक्षन में आरक्षन वाला फैसला हो या 50 प्रतिशत आरक्षन महिलाओं को पंचायत में
01:53ये सामाजिक संतुलन ही बिहार की राजनीती को स्थिर रखता है और निटिश कुमार जी को पसंदीदा बनता है
01:59अब बात करते हैं सबसे एहम मुद्वे की नौकरी
02:07बिहार के युवा हर साल लाखों की तादाद में बाहर चले जाते हैं
02:12निटिश थरकार ने स्किल डिवलप्मेंट मिशन शुरू किया
02:15लाखों युवाओं को ट्रेनिंग दी
02:17दिल्ली, बैंगलोरू या खाड़ी देशों तक गई युवाओं को इससे फाइदा हुआ
02:22लेकिन अब अगला स्टेप है इंडस्ट्री और इन्वेस्टमेंट को बिहार में ही लाख
02:27ताकि माइग्रेशन रुके और लोकल रोजगार बढ़े
02:30याद कीजी वो दौर जब बिहार को जंगल राज कहा जाता था
02:38अबहरन और अपराद हेडलाइन्स बनते थे
02:41आज हालात अलग हैं, क्राइम रेट कम हुआ है
02:44कानून व्यवस्था पर पकड़ बनी है
02:46यही वज़ा है कि लोग नितिश कुमार को सोशासन बाबू कहते हैं
02:50निवेशक भी स्थिर्ता देखते हैं, ध्यान रखेगा
02:53और युवाओं को भी भरोसा होता है कि उनके राज में वातावरन सुरक्षित है
02:58तो क्रोनोलोजी समझे
03:00यह पांच वज़े हैं विकास, दिल्ली का समर्थन, समाजिक संतुलन, रोजगार और सुशासन
03:06जो बताती हैं कि नितिश सरकार की वापसी बिहार के लिए एक व्यावहारिक और सही चुनाव हो सकती है
03:13यही निरंतरता, यही कंटिन्विटी विहार को अगले स्तर तक ले जाएगी