00:00वो आप एक CEO हो, वो आप एक सांसद हो, आप एक Artist हो, आप एक Writer हो, आप एक Engineer हो, आप एक Doctor हो, आप भारत की प्रदानमंतरी हो, आप कुछ भी हो सकती हो, है न? उन सब कामों की तुलना चूले चौके से तो नहीं करी जा सकती है, और मुझे मालूम है कि अभी जब मैं ये बो
00:30कि ये मेरी बात सुनने के बाद, वो कम से कम अपनी बेटियों, को उड़ान देंगी, पिंजडा देने की जगए, क्योंकि अक्सर बेटियों को जो पिंजडा मिलता है ना, बेटियों को, बहूँ को, वो उनकी माओं और सासों से ही मिलता है, पुरुश वर्ग तो इसमें ही
01:00चूले चौके में कुछ बहुत सार नहीं हैं तो इसको ऐसे मत लीजिए कि जैसे मैं आपका अपमान कर रहा हूं इसको ऐसे लीजिए जैसे कि मैं आपसे विन्ती कर रहा हूं
01:09कि अपनी बेटी को एक बहतर भविश्य दो भाई इसको वही मत दे दो जो तुमको मिला जीवन भर करो