00:00कब है गोवर्धन पूजा?
00:03दो तारीकों में क्यों है कन्फियूजन?
00:05कार्थिक मा की शुकल पक्ष की प्रतिपदाती थी एक ऐसा दिन जो भार्थिय संस्कृति और अध्यात में गहरा महत्वर रखता है।
00:12इस सिर्फ एक तिथी नहीं बल्कि दिवाली के भवय उत्सव का एक महतोपुर्ण पड़ाव है जोसे गोवर्धन पूजा के रुप में मनाया जाता है।
00:19ये दिन भगवान श्रुक्रिष्ण के उस अद्वूत लीला का स्मरण कराता है जब उन्होंने अपनी कनिष्टा उंगले पर विशाल गोवर्धन परवत को उठा कर गोकुल वासियों को इंद्र के क्रोध से बचाया था।
00:30ये घटना सिर्फ एक पौरानिक कथा नहीं बलकि प्रकृतिक के प्रति सम्मान और समरक्षन का एक गहरा संदेश है जो आज भी उतना ही प्रासंगिक है।
00:39गोवर्धन पूजा दोजर पच्चिस तिथी और शुब मुहुर्थ
00:42गोवर्धन पूजा पारंपरिक रूप से दिवाली के अगले दिन मनाई जाती है लेकिन कभी-कभी तिथियों के कारण और समंजस की स्तिति बन जाती है।
01:06पूजा के रिए शुब मुहुर्थ की बात करे तो इस साल गोवर्धन पूजा पर दोपहर 3 बच कर 13 मिनट से शाम 5 बच कर 49 मिनट तक एक अत्यांत कल्यानकारी शुब मुहुर्थ बन रहा है।
01:18इस समय पूजा अर्चना और अनुष्ठानों के लिए बेहद फल्दाई रहेगा।
01:22गोवर्धन पूजा विधी एक सरल और पवित्र अनुष्ठान।
01:26गोवर्धन पूजा का अनुष्ठान अत्यांत सरल और विधय को शांतिपदान करने वाला होता है।
01:30ये भगवान कृष्ठान और गोवर्धन परवत के प्रती अपनी श्रधा व्यक्त करने का एक सुन्दर तरीका है।
01:36गोवर्धन आकृति का नर्मान।
01:38आके लिए सबसे पहले शुब मुर्ध के अनुसार अपने अंगन या घर के किसी पवित्र स्थान पर गाय के ताजे गोवर्धन परवत की एक सुन्दर आकृति बनाए।
01:46इसमें आप भगवान कृष्ण, गायों और ग्वालों की आकृतिया भी जोड सकते हैं।
01:51पूजन सामगरी
01:53गोबर की आकृति पर रोली और चावल अर्पित करें।
01:56अब गोवर्धन महराज के समक्ष एक शुद्ध दीपक प्रज्वलित करें जो आपकी आस्था का प्रतीक होगा।
02:01पूजा में खीर, पूरी, बताशे, जल, दूद और केसरादी का भोग लगाएं।
02:06ये सबी चीज़ें आपकी भक्ति और समरपन का प्रतीक हैं।
02:09परिक्रमा और आर्ती
02:10अब परिवार के सबी सदस्यों के साथ मिलकर कृवर्धन महराज की परिक्रमा करें।
02:14ये परिक्रमा आपके श्रधा और प्रक्रती के प्रती सम्मान को दर्शाती है।
02:18अंतमी को वर्धन महराज और भगवान शुक्रिष्न के आर्ती करें।
02:22पूजा के समापन पर अंजाने में हुई किसी भूल या त्रुटी के लिए क्षमा याच्णा करें।
02:28ये समाना जाता है कि सच्ची शुक्रिष्न के अदूत लिलाओं को समरण करने का अवसर्फिदान करता है।
02:44ये बर्व हमें सखाता है कि हम सभी समस्याओं का समधान डून सकते हैं और विपरीद पर स्थितियों में भी धैर और विश्वास बनाये रख सकते हैं।
02:52आए इस गुवर्धन पूजा पर हमसा भी प्रकृति का संदक्षन और अपने जीवर में सकर अत्मक्ता लाने का संगल भी।
Comments