00:00दिल्ली में सीवेज ट्रीट्मेंट प्लांट के टेंडरों में कथित गडबडी को लेकर अंटी करप्शन ब्यूरो यानी ACB ने बड़ा आक्शन
00:08लिया है
00:09मंगलवार को ACB ने दिल्ली की पूर्व सरकार में मंत्री रहे सतेंद्र जैन समेत कुल 6 लोगों को गिरफतार किया
00:16है
00:16इस कारवाई के बाद दिल्ली जल बोर्ड से जुड़े पुराने टेंडरों और कथित फ्रष्टाचार को लेकर राजनीतिक और कानूनी बहस
00:25तेज हो गई है
00:26ACB की कारवाई में सतेंद्र जैन के अलावा दिल्ली जल बोर्ड के पूर्व सीओ उधित प्रकाश राय को भी गिरफकार
00:34किया गया है
00:34जांच एजिंसी का आरोप है कि उधित प्रकाश राय को कथित तौर पर एक करोड बावन लाक रुपे की रिश्वत
00:41दी गई थी
00:41अब एजिंसी इस कथित लेंडेन और टेंडर प्रक्रिया में इसकी भूमिका की जांच कर रही है
00:47जिन 6 लोगों को गिरफकार किया गया है उनमें सतेंद्र जैन के अलावा दिल्ली जल बोर्ट के पूर्फ कॉन्ट्राक्च्वल कंसल्टिंट
00:55अंकित श्रिवास्तव शामिल है
00:57इनके साथ कंपनियों से जुड़े नागेंद्र यादव, राजा कुमार कुर्रा और पंकजवर्मा को भी गिरफतार किया गया है
01:04ACB का मुख्य आरोब सीविज ट्रीटमेंट प्लांट से जुड़े टेंडरों की प्रक्रिया को लेकर है
01:10जाच एजिंसी के मुताबिक टेंडर की शर्तों को कथित तौर पर इस तरह तयार किया गया था कि किसी खास
01:17कंपनी या समूह को फाइदा पहुँचाया जा सके
01:19अगर जाच में ये आरोब साबित होते हैं तो मामला टेंडर प्रक्रिया में कथित हेर फेर और भ्रष्टाचार से जुड़ा
01:26गंभीर मामला बन सकता है
01:28इस पूरे मामले में रिश्वत के कथित भुगतान का अंगल भी बेहद महत्वपूल है
01:33ACB का आरोब है कि पूर्व CEO उदित प्रकाश राई को 1.52 करोड रुपे की रिश्वत दी गई
01:41अब जाच एजनसी ये पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित रकम किस के जरिये दी गई
01:46किस उद्देश्य से दी गई और टेंडर प्रक्रिया में इसका क्या आसर पड़ा
01:50जाच एजनसी की कारवाई सिर्फ अधिकारियों तक सीमित नहीं है
01:55कंपनियों से जुड़े लोगों को भी गिरफतार किया गया है
01:57इससे संकेत मिलता है कि ACB सरकारी अधिकारियों और निजी कंपनियों के बीच
02:03कथित मिली भगत के एंगल की भी जाच कर रही है
02:06हालनकि यहां यह समझना जरूरी है कि गिरफतारी या जाच एजनसी के आरोप
02:11अपने आप में दोश साबित नहीं करते
02:13आरोपों की पुष्टी जांच, दस्तावेजों, वित्तिय लेंदेन और अदालत में होने वाली कानूनी प्रक्रिया के दौरान होगी
02:20गिरफतार किये गए सभी आरोपियों को कानून के तहट अपना पक्ष रखने और न्याहिक प्रक्रिया का सामना करने का अधिकार
02:27है
02:27सतेंद्र जेन पहले भी दिल्ली सरकार में मंत्री के तौर पर महत्वपोन जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं
02:34ऐसे में उनकी गिरफतारी का राजनीतिक असर भी देखने को मिल सकता है
02:38विपक्षी दल इस मामले को भ्रष्टाचार से जोड़ कर सवाल उठा सकते हैं
02:43जबकि जैन की ओर से कानूनी स्तर पर आरोपों का जवाब दिये जाने की संभावना है
02:47फिलहाल ACB की जाच जारी है एजिंसी टेंडर से जुड़े दस्तावेजों, अधिकारियों की भूमेका, कमपनियों की बीच संभन्द और कथित
02:56वित्तिय लेंदेन की कडियों को जोड़ने की कोशिश कर रही है
02:59यानि इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सीविच ट्रीट्मेंट प्लांट के टेंडरों की शर्तों में
03:06वास्तव में किसी खास कमपनी को फाइदा पहुँचाने के लिए बदलाव किया गया था
03:11क्या 1.52 करोड रुपे की कथित रिश्वत का इससे सीधा संबंध है और इस पूरी प्रक्रिया में किसकी क्या
03:18भूमिका थी इन सवालों के जवाब ACB की जांच और आगे की न्याइक प्रक्रिया से सामने आएंगे
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