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PM CARES Fund Audit Report: पीएम केयर्स फंड को लेकर सामने आए ताजा ऑडिट आंकड़ों में घरेलू और विदेशी दान में बड़ी गिरावट देखी गई है, जानिए आखिर क्यों घटा चंदा और अब तक कितना पैसा कहां खर्च हुआ! प्रधानमंत्री नागरिक सहायता एवं आपातकालीन राहत कोष (PM CARES Fund) के नए ऑडिट आंकड़ों के सामने आने के बाद एक बड़ा ट्रेंड देखने को मिला है। कोरोना महामारी के दौरान जिस फंड में देश-विदेश से भारी मात्रा में धनराशि जमा हुई थी, उसमें अब घरेलू और विदेशी दोनों तरह के स्वैच्छिक योगदान में काफी कमी दर्ज की गई है। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान पीएम केयर्स फंड को मिलने वाले घरेलू चंदे में करीब 30% की गिरावट आई है, वहीं विदेशी अंशदान में भी लगभग 18% की कमी दर्ज की गई है। कोरोना संकट कम होने के बाद आम नागरिकों, निजी कंपनियों और कॉर्पोरेट जगत के योगदान की गति धीमी पड़ना इसका मुख्य कारण माना जा रहा है।

हालांकि, दान में कमी के बावजूद फिक्स्ड डिपॉजिट और बैंक ब्याज से प्राप्त आय के कारण पीएम केयर्स फंड का कुल बैलेंस बढ़कर 8,452 करोड़ रुपये के पार पहुंच चुका है। इस वीडियो में समझिए कि कैसे महामारी के दौर से लेकर अब तक इस फंड का इस्तेमाल देश में वेंटिलेटर, ऑक्सीजन प्लांट, स्वास्थ्य सुविधाओं और अनाथ हुए बच्चों की मदद ('PM CARES for Children') के लिए किया गया है।


The latest financial audit report of the PM CARES Fund reveals a significant decline in both domestic and foreign voluntary contributions for FY 2024-25. While domestic donations dropped by nearly 30% and foreign contributions fell by 18%, substantial interest income kept the total corpus at over ₹8,452 crore. Watch this detailed breakdown on Oneindia Hindi explaining where the money was allocated and the reasons behind the donation dip.


#PMCARESFund #PMCARES #NarendraModi #PMCARESReport

~HT.96~GR.122~PR.514~ED.106~VG.HM~

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Transcript
00:05पीएम केर्स फंड को लेकर सामने आए वित्ती आखडे एक एहम बदलाव की और इशारा कर रहे हैं।
00:31पीएम केर्स फंड की स्थापना मार्च 2020 में कुरोना महामारी जैसी आपात और संकट की परिस्थितियों से निपटने के उद्देश्य
00:40से की गई थी।
00:41आधिकारिक जानकारी के मुताबिक ये फंड पूरी तरह स्वेचिक योगदान पर आधारित है और इसे बजटिय सहायता नहीं मिलती।
00:48कुरोना के शुरुवाती दौर में देश के आम नागरिकों से लेकर कमपनियों और संगठनों तक ने PM केर्स फंड में
00:54योगदान दिया।
00:55घरेलू स्तर पर व्यक्तियों और संस्थाओं के अलावा कमपनियों और PSU की और से CSR के तहद भी योगदान किया
01:02जा सकता है।
01:03हाला कि सरकारी PSU के बजटी अस्त्रोतों से आने वाला पैसा PM केर्स फंड में स्वीकार नहीं किया जाता।
01:09लेकिन अब उपलब्ध वित्तिय रिपोर्टों में महामारी के शुरुवाती वर्षों की तुलना में योगदान की रफ्तार कम होती नजर आती
01:16है।
01:16घरेलुदान अभी भी फंड का एक महित्वपूर्ण हिस्सा है, लेकिन शुरुवाती उच्छाल के मुकाबले इसमें कमी दर्ज हुई है।
01:22यानि जिस समय कोरोना का संकट चरम पर था, उस समय लोगों और संस्थाओं ने जिस तर पर योगदान किया
01:28था, बात के वर्षों में वही गती कायम नहीं रही।
01:31यही तस्वीर विदेशी योगदान को लेकर भी सामने आती है।
01:34PM Cares Fund को विदेशी नागरिकों और विदेशों में स्थित संगटनों से दान स्वीकार करने की अनुमती है।
01:40इसके लिए विदेशी क्रेडिट या डेबिट कार्ड और वाया ट्रांसफर या स्विफ्ट जैसे माध्यम उपलब्ध है।
01:45हालाकि विदेशी दान में भी महामारी के दोरान आये शुरुवाती योगदान के मुकाबले बात के वर्षों में कमी का ट्रेंड
01:51देखा गया है।
01:52इसका एक स्वाभाविक कारण ये माना जा सकता है कि कुरोना जैसी असाधारन आपात स्थिती के दोरान लोगों और संस्थाओं
01:59की प्राथमिक्ता बड़ी पैमाने पर राहत और स्वास्थे सहायता थी।
02:03जबकि संकट की तीवरता कम होने के साथ योगदान का स्तर भी सामाने हुआ।
02:07अब बात आती है कि इस फंड का इस्तिमाल कहां किया गया।
02:10पी-म केर्स फंड के उद्धेश्यों में आपात परिस्थितियों से प्रभावित लोगों को सहायता और राहत देना शामिल है।
02:16कोरोना महमारी के दोरान इससे स्वास्थे सुविधाओं, मेडिकल उपकरणों, ऑक्सिजन से जुड़ी व्यवस्थाओं और अन्य राहत गतिवितियों के लिए सहायता
02:24दी गई।
02:25फंड की खर्च और स्वीकृतियों से जुड़ी जानकारी उसके आधिकारिक रिकॉर्ड में उपलब्ध कर आई जाती है।
02:55घरेलू और विदेशी दोनों स्त्रोतों से आने वाले चंदे में महामारी के चरम के मुकाबले गिरावटाई है।
03:00ये बदलाव उस दौर की असाधारन परिस्थितियों और मौझूदा सामान्य स्थिति के बीच अंतर को भी दिखाता है।
03:06आखिर में PM Cares Fund को समझने के लिए केवल ये देखना परियाप्त नहीं है कि कितना पैसा आया, बलकि
03:12ये भी देखना जरूरी है कि किस अवधी में कितना योगदान मिला, कितना पैसा स्वीकृत या खर्च किया गया और
03:18किन उद्देश्यों के लिए उसका इस्तिमाल हुआ�
03:21अधिकारिक पोर्टल पर फंड से जुड़ी जानकारी और वित्तिय रिकॉर्ड उपलब्ध है, जिनके आधार पर इसकी पूरी तस्वीय को समझा
03:27जा सकता है
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