00:00अभी बहुत सारे रिस्टोरेंट्स और खाते पतार्थवली कंपनियों और सरकारी केंटीनों पर भी छापा मड़ा और उसके कारण उन्हें बहुत
00:07एक हीरो की तरह भी देखा जा रहा है भारत में प्रति वर्ष सो मिलियन लोग वो फूट बॉर्ड डिजित
00:13से प्रभावित ह
00:13जो आम आदमी है उसकी जिंदगी के लिए भोजन जो मूलभुताधार है वो भी सुरक्षित नहीं है क्या मादमी की
00:20जिंदगी इतनी सस्ती हो गई है कैसे कैसे लोग हमारे आप सेलिबरिटी बनकर बैठे रहते हैं किसी आदमी ने अपना
00:27करतवे पालन करा और इस वजह से �
00:29उसको प्रसिद्ध मिल रही है तो हमें तो सैमत होना चाहिए ना ठीक अब हमारे जिन्दगी कीमत कितनी है मैं
00:39क्या बताओ कितनी है ये तो आपसे बाहर कोई पैमाना नहीं हो सकता ना जो आपकी जिवन बीत रहा है
00:48अपने अंधेरे का पोशन करने में तो आपके जिवन का क
00:58संदेह मूले है जादातर लोगों के पास जीने के लिए कोई उंचा उद्देश है कोई वाजब वजह होती नहीं है
01:08वो बस यूई जी रहे होते हैं जैसे कोई बेहोशी में पड़ा हुआ हो किसी गाड़ी में और गाड़ी लुड़की
01:16चली जा रही हो जैसे कोई नशे में न
01:28करें तो कोई और क्या करेगा
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