00:00ये सिर्फ मिठी नहीं है, यदि मिठी किसी के घर का चूला जलाती है तो किसी का सपना बनती है
00:05और किसी को देर करोड का कारोबार दी देती है
00:09गोरगपुर की टेरा कोटा कला अब गाउं से निकल कर देश और विदेश तक पहुँच चुकी है
00:15मैं हूँ पूजय मरुत्रा और आप देख रहे हैं आस्थर बिजिटल गुरकपुर के खुटन खास गुलरिया और उरंगबाद जैसे गावों
00:23में पीधियों से कुमहार तलाब की खास शिकनी मिट्टी से हाथी घोडे दिये मूर्तियां और सजाफ्टी सामान बनाते आ रहे
00:32ह
00:32हैं पहले मिट्टी को मूथा जाता है फिर उसे आकार दिया जाता है और भठी में पकने के बाद वही
00:39साधार और मिट्टी खुबसूरत तेरा कोटा बन जाती है यही कला आज महिलाओं समेत पूरे परिवारों को रूजगार दे रही
00:48है इस कहानी का सबसे बड़ा चेहरा है
00:51राष्ट्रपती को असकार से समानित राजन प्रजापती तभी मिट्टी के घर में रहने वाले राजन आज गरीब 10 क्रोड रुपे
01:00सालाना का का आणकि फैक्ट्री से साल में 24 ट्रक टेरा कोटा का समान दीश भर में भेजा जाता है
01:08राजन बताते हैं
01:19वहें पन्नेलाल प्रजापती सरकारी मुफ्थ टूलकिट मिलने के बाद हर महीने एक ट्रत माल भेज रहे हैं
01:27उनका कारोबार भी 60 से 70 लाख रुपए सालारा तक पहुच चुका है
01:32सरकार की ODP यूजना ने बदल दी है पन्नेलाल की जिंदगी
01:36वो बताते हैं
01:382017 के बाद वन डेश्टी कुवाम पोडेट इसको वो जब लांज के इसको पहले कोई कला को जानता नहीं था
01:45उने के माद्यान से पिसकरमा संसमाने उजना ODP टूलकिट ये सब हम लोग ट्रेनिंग कर चुके हैं
01:52गोरखपुर के टिराकोटा ODP यानि एक जिला एक उत्पाद योजना में शामिल किया गया है फिर मिला इसे जी आई
01:59ट्रेक जिससे इसकी अलग पहचान बनी
02:02सरकार ने परशिक्षन टूलकिट सफसेडी दे कर कारीगरों को सिर्फ उनर नहीं बलकि बाजार भी दिया
02:09कभी गाउं की मिट्टी सिर्फ खिलोने बनाती थी आज वही मिट्टी पहचान बना रही है
02:15रोजगार दे रही है और दुनिया को बता रही है कि भारत की असली ताकत सिर्फ कारखानों में नहीं कारीगरों
02:22के हाथों में बसती है
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