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हिमालय के पिघलते ग्लेशियर, तबाही की टिकटिक... नेपाल त्रासदी के क्या हैं सबक?

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00:08नमस्कार मैं हूँ श्वेता सिंग और आप देख रहे हैं आज तर दुनिया की सबसे युवा सबसे नई और सबसे
00:14नाजुक सबसे एकोलोजिकली सेंसिटिव परवच शिंखला जो है वो हिमाले
00:21पिछले कुछ समय में जिस तरह के द्रासदियां उत्पन्न हो रही है हिमाले के इस ख्षेत्र में वो पूरी दुनिया
00:29को संकेत दे रही है चेतावनी दे रही है
00:56के रहे हैं कि दो पुल्था पर पुल का नामू निशान नहीं है सुची एकनी शक्ति से उत्में आवीग से
01:00पूरा मलबा आया हुगा
01:07कि यहां पे हाइड्रो पावर यहां था और पिर यहां से नहीं निकालकर आपको देविगा हाइड्रो पावर करें तो कुछ
01:13दिख नहीं रहा है उसका धाचा सब बह गया अच्छा नीचे है तो अग्या अगर मैं इधर से आये होगी
01:24तो मुझे भी निके जाए का था पार्
01:32कि यहां तो अग्या तो कुछ सुछने समझने के टाइम भी नहीं हो उस ताम कि क्या करना चाहिए कितने
01:44लोग को तो हमने दिखा कि उसको बार्ने वागा के लिगे जो लोग न अपना सामन बचाने के लिए लेने
01:50गए न तो वो लोग चाले गए और जो लोग अपने जन ब�
02:02अच्छा बाकी सब सैलाब में बह गए नेपाल में जो कुछ हुआ क्या उस प्राकृतिक आपदा को इश्वर की इच्छा
02:11उनकी मर्जी कहने वालों की कमी नहीं
02:15लेकिन जिस बात पर सब को मन्थन करना चाहिए वो है हिमालय की चेतावनी जो हर प्राकृतिक आपदा के बाद
02:22गहरी और गंभीर हो रही है
02:33नेपाल की त्रास्दी का हर वाइरल वीडियो ये चीख कर बताता है कि ये कोई आम बाह नहीं है
02:39इस वीडियो में दिख रहे हैं लोग भले ही तकदीर वाले हो जिने अपनों को बचाने का वक्त मिल गया
02:45हो
02:45जो उनका हाथ पकड़ कर समय पर भाग निकले हो लेकिन नेपाल की ये तस्वीर पूछती है कि या पदा
02:51क्यूं आई तिबबत में ग्लेशियर क्यों तूटा क्यों हिमाले के ग्लेशियर दरक रहे हैं गर्ब होते जा रहे हैं
02:59नेपाल की त्रास्दी कई दिनों बाद जिन्दा बचे लोगों के चमतकार की भले ही लगने लगी हो लेकिन हमें याद
03:06दिला रही है कि जैसे दिल का दोरा अचानक नहीं आता वो दशकों से इंसान के भीतर पनप रहा होता
03:12है
03:12उसी तरह हिमालय परवत श्रिंखला में ग्लेशियर का उमीद से पहले पिघल कर नदी में गिरना, पानी का रुकना, उसका
03:20एकठा होना और फिर अपनी ही दिवार को तोड़ कर एक साथ नेपाल की रसुआ जिले में आ गिरना
03:28उस बीमारी की तरफ इशारा कर रहा है जिस पर ध्यान नहीं दिया गया, तो फिर नेपाल की तरफ भारत
03:34भी उसकी चपेक में आ सकता है
03:39जैसे ही उस बाढ को उस तबाही को तरासदी को आते लोगों ने देखा, इसी रास्ते से आगे होकर वो
03:45उपर की तरफ भागे
03:48जब आगे वो तरासदी आई, तबाही आई, बाढ मलबे के साथ पानी आया, तो ईश्वर को इस बात का शुक्र
03:57तो आदा किया
03:58कि अपनी जान बची, लेकिन अपनी आखों के सामने अपने आश्याने को तिनका तिनका होते भी देखा
04:07नेपाल में 26 अगस्त की सुभा आई बाहर के बाद अलर्ट जारी करने के समय को लेकर सवाल उठ रहे
04:12हैं
04:12चीन के तिबबत में 26 तारिक को जिस ग्लेशियर के तूटने से ये सब कुछ हुआ
04:17उसे लेकर नेपाल सरकार की तरफ से लोगों को दावा है समय रहते अलर्ट भेज दिया गया था
04:22खासकर नदी के दोनों किनारों पर रहने वाले 6 लाख लोगों को
04:25लेकिन अब इसे प्रकृत को लेकर लापरवाही कहिए
04:28या फिर कुछ होग नेपाल तिबत सीमा पर भोटे कोशी नदी में जहां
04:33पानी के साथ मलबा और चट्टानों का सैलाब नेपाल में बढ़ रहा था
04:37तब लोग इस चेतावनी को लेकर उदासीन थे
04:39इसका नतीज़ा ये हुआ कि जब सैलाब के रूप में तबाही सामने थी
04:43तब भी लोग भागने के बजाए उसका वीडियो बना रहे थे
04:47उससे जुले खत्रे को देखकर भी अंजान बने हुए थे
04:51इसी का नतीज़ा ये निकला कि इतने सारे लोग बेमौत मारे गए
04:55क्योंकि उन्हें हिमालय की गुस्से का अंदाजा नहीं था
04:58असल क्या हुआ था अल्मूश 9.15 का टाइम हुआ था ना
05:02तो वो लोग आये जो आर्मी है ना आर्मी लोग आके बाइक पे आके
05:07वो लोग अनूंस किया कि बाड़ आ रहा है अच्छा पर इतना नहीं बोला कि कितना आ रहा है ठीके
05:12तो
05:13सब लोग पहली दफ़ा पे आ चुका था था ना तो सब लोग समझ गिए कि में भी पहले जैसा
05:17होगा तो तो ये नहीं सोच हुआ कि
05:42नेपाल में स्प्राकृतिक आपदा से बचने के लिए लोगों के पास ठीक ठाक समय था लेकिन फिर भी वो सुरक्षित
05:48स्थानों पर नहीं भागे लगा कि पानी उनके घर के पास से गोजर जाए उन्हें
05:53लगा कि उन्हें कुछ नहीं होगा सब कुछ पहले की तरह चलता रहेगा लेकिन इसी सोच ने उनका सब कुछ
05:58छीन लिया
05:59नदी तो बहुत परिवर्दन हुआ है पहले से इसका चवड़ाई बढ़ गया है पहले से यह पुरा खेत था इसके
06:07पशाड़ी पुरे खेत था इसके पशाड़ी अच्छ इसाइन में पुरे घर था यहां पर हर आदमी अपना बीनेस पर साय
06:14करता था लोग
06:16यहां तक � yahi तक रोड़ था पाले है यहां तक रोड था अच्छा इसलिए यह जो कंस्ट्रक्द्ड मातिरिल वाला
06:24वह चीजहें अब देख रहे हैं और इस λिए यहां पर खड़ा होना भी थोड़ी देर के लिए संभव हो
06:28पाकर यहां बाड़ी
06:51दिखा दिजी लर्की कितनी सलकिये बच्ची दो सलकिंगे सा ये दीदी हुई ये भंजी है ये भी हंजी
07:1426 अगस्ट को ग्लेशियर तूटने से अचानक आई बार से तबाह होने वाली बस्तियों में नुवा कोड़ जिले का प्रिशूली
07:22सबसे प्रमुक है
07:23जिसके बाजारों में तबाही को दोड़ कराती सब कुछ तबाह करते हुए साही दुनिया ने देखा है
07:29उसी 30 हजार की आबादी वाले कस्बे में कभी बाजार था लेकिन अब वहाँ पर सिर्फ पत्थर और कीचड सड़के
07:35गायर घर दुकाने स्कूल हॉस्पिटल बैंक सब मल्बे में दबा है पूरा शेहर उजड़ गया है
07:42इस तबाही के बाद घर लोटे लोग सब कुछ खोने से तूटते देख रहे हैं
07:48सैलाग के बाद अपने घरों में वापसी करते ये लोग भले जिन्दा हों लेकिन अब इनके लिए एक पल पहाड
07:54बन गया है
07:54नेपाल की ये चेहरे भले ही अलग-अलग हों लेकिन सब का दर्द एक जैसा है
08:02नेपाल में आई विन आशकारी बाढ़ थे हिमाले की गोद में रहने वाले पांच करोन लोगों को याद दिलाया है
08:07कि जलवाई उपरिवर्तन खतरनाक स्तर तक जा पहुँचा है जिसने नेपाल जैसी आपदा का जोखिम पहले से कई गुना ज्यादा
08:15कर दिया है
08:18ग्लेशियरों के तेजी से बदलते आकार अचाना काने वाली बाढ़ और कमजोर चेतावनी तंत्र का ही असर है
08:24कि हिमालयप साफ साफ बता रहा है कि मेरी सुनो वरना इससे भी बड़ी तबाही आएगी इंसानी बस्तियां तिनके की
08:30तरह उड़ जाएंगे
08:33नोवा कोट की तरह शेहर के शेहर वीरान हो जाएंगे अगर कुछ बचेगा तो सिर्फ तबाही के निशान
08:40यह रिशिका है रिशिका पूरा नाम क्या हुआ आपका मेरा ना निम पूरा ने में रिशिका कुमारी कलवार में किस
08:48क्लास में पढ़ती हूं मैं अभी टूबेल में पढ़ती हूं काटमालू अच्छा तो यहां पर तुम्हारा घर था जहां पर
08:54यह पूरा हद्सा हुआ है
08:55यह क्या था इरिया हम और लो कुझा यहां का फूरा एर्या हम को समझाओ की क्या हुआ है कैसे
08:59हुआ है je क्या अज़िक बेंक
09:03ब़िए नजिक बैंक पी नहीं है अज़क्स गिर को गाने शार रॉए गाने
09:11आपि परक स्कल पार्क और यहां पर ट savings ट्रॉक डोड़ सब्सकोराब द आंबर को हैं यहां पे ड्राइब मैं
09:19यह पारकॉरय ब्रॉकактиślड रहत आधिना तो सब不多 ह्या又 यहां
09:27पर धस गया है सब्सक्राइब को देर पहले इंफ नहीं वाई की पानी आया है बस वही मेरे लिए बहुत
09:36काफी है बहुत कुछी हों कि परेक दाव सब्सक्राइब
09:44जो पूरी तरीके से नीचे है सिर्फ एक मंजल दिख रहा है जिसका जी जी जी जी जो दसता है
09:49ना उपर का उस और साइड में है वही मेरा गार है
09:53कितनी देर पहले ममी पापा निकल पाए थे हैं अगर हम लोग ऐसे मुड के पीछे देखने का भी टाइम
10:00नहीं था
10:04नेपाल की सापदा ने साबित कर दिया है कि हिमाले अबावर अधिक मानविय दबाव सहन करने को तैयार नहीं
10:11कश्मीर से हिमाचल उत्रा खंटक में हमारी ग्लेशिय तेजी से पेघल रहे हैं उनके उपर अंगिनत खतरनाग जीले आकार ले
10:18रही इस तरह हिमाले की गोद में बसा भारती उप महद्वीव अब प्रकृत के ऐसे गुस्ते का सामना कर रहा
10:24है जो उसने आज से पहले कभी �
10:25को summat नहीं किया नेपाल तिम्बत की तबाही इसका ताजाओ दाहरण है किक्षो सवाल है कि क्या हिमालय की तरफ
10:33से यह भारत के लिए सबसे गंभीर और अंतिन्टिन शेंचावनी है नेपाल जैसी तबाही लाने वाली भारत में कितनी जीलत
10:40है क्या नेपाल की बाढ़ सिर्
10:54भावित हुआ नेपाल में आई उस त्रासिदी से अब जैसे जैसे दिन बीत रहे हैं मलबा हट रहा है तो
11:01त्रासिदी का पैमाना दिख रहा है इस उचाई से आप वो पूरी तस्वीर देखिए त्रिशूली नदी अपने तटों को तोड़
11:09कर दोनों तरफ ज्यादा चोड़
11:11आई में बह रही है वो तस्वीरें जहां पर आपको लोग खड़े हुए दिख रहे हैं वहां तक सड़क जाती
11:16थी लेकिन अब ऐसा लग रहा है जैसे शायद एक पकडंडी रही हो और बाकी केवल मलबा पर ऐसा नहीं
11:23है यहां पर एक बड़ी सी पार्किंग हुआ करती थी
11:26यह बैंक अगरिकल्चर रिलेटेड बहुत सारी इंस्टिट्यूट्स और आगे आप हुटेल्स देख सकते हैं क्योंकि यहां पर परेटक बड़ी संख्या
11:35में आया करते थे अब जो इगलौता परेटन यहां पर है वो उन लोगों का है जो आकर देखना चाहते
11:43हैं कि कैसी �
11:44विनाश लीला रही होगी इस तरह की तरासिदी को सिर्फ एक कारण से जोड़कर नहीं देखा जा सकता बलकि उस
11:55पूरी सिस्टम को पूरी प्रणाली को समझना होगा जो गलत हो रहा है
12:03पर्माफ्रोस्ट पिघलने का जो समयकाल है उसकी जो अवधी है उसकी जो रफतार है वो दुनिया में सबसे तेजी से
12:11हिमाले की परवच शिंखला में ही देखा जा रहा है
12:16पर्माफ्रोस्ट को इस हिसाब से समझी है कि जो बरफ के पहाड है उनको एक बरफीले सिमेंट के रूप में
12:24अंदर से जो जो जोड़े रखता है वो चीज होती है और अगर उसके पिघलने की रफतार तेज हो जाए
12:29तो क्या होगा पूरे क्शेत्र के लिए आप समझ सकते ह
12:40नेपाल की तबाही का ये वो वीडियो है जो भारत को याद दिला रहा है कि हिमाले कितना खतरनाक हो
12:46रहा है
12:48नेपाल में राहत और बचाओ के दौरान सेना के हेलिकॉप्टर का ध्यान खीचने के लिए नेपाल का ये नौजवान हाथ
12:54में टीशट लहराता देखा ताकि बचाओ दल को उसकी लोकेशन का पता चल सके
12:59आखिरकार नेपाल आर्मी का एक हेलिकॉप्टर घर के पास पहुँचा और छट की उपर मनराने लगा
13:04और फिर बार की तबाही में फसे नेपाल के इस नौजवान को हेलिकॉप्टर की लैंडिंग स्किट पकड़ कर जिंदगी के
13:11उस सुरक्षा चक्र में पहुँचाये गया जिसकी उमीद इसको भी नहीं रही होगी
13:17नेपाल की ऐसी ही एक कहानी मौद की लहरों के सामने खड़ी जिंदगी की भी है
13:21जिससे सबक मिला कि सैलाब जैसे हालात हो तो इरादे इस घर जैसे अटल होने चाहिए
13:27तभी टिक पाओगे सास चलेगी नुवा कोट जिले के प्रिशूली नदी के पास हरे रंग का एक घर सारी दुनिया
13:34देख चुकी है
13:34क्योंकि जो सैलाब आस पास की सारी मारतों को वहा ले गया वो इस हरे रंग के घर का कुछ
13:39नहीं कर पाए
13:40इस घर की मजबूती दुनिया भर में चर्चा का विश्या बन गए
13:43लोगों को यकीन नहीं हो रहा कि कैसे एक छोटा सा घर इतने भयानक सैलाब को जहल गया
13:48कुछ के लिए ये आपदा में चमतकार की कहानी ही जिसमें रहने वाले लोग सुरक्षित बचा लिये गए
13:55लेकिन नेपाल की त्रासदी इन तस्वीरों और उनकी कहानियों से कहीं बड़ी है
13:59क्योंकि मामला हिमालय का है जिसमें ऐसा कुछ हो रहा है जो पहले कभी नहीं देखा गया
14:04हर त्रासदी में मानवियता के साथ इंसानी मूल्यों का पाताल देखता है
14:09तभी तो इस त्रासदी में भी लोगों ने बैंक के लॉकर को लूटने में कोई कसर नहीं छोड़ी
14:14और जारों से इसे तोड़ा और इससे निकले नोटों को आपस में बाट लिया
14:17ये बैंक लॉकर रसुआ से बहकर धड़िंग पहुँचा तो
14:20लेकि नेपाल की त्रासदी को अगर आप इतना भर सिमित मान रहें तो आप बहुत बड़ी गल्ती कर रहें
14:25क्योंकि नुआ कोट में मची ये तबाही, खत्म हुए आशियाने, रेंगती जिंदगी
14:30ये बात याद दिलाती है कि हमालय गरम हो रहा है, उसके गलेशियर खतरनाक हो रहे है
14:37नेपाल की तबाही हमें याद दिला रही है
14:40कि एक गलेशियर अगर इतनी बड़ी और भयानक तबाही मचा सकता है
14:44तो फिर सोचिए हमाले में मौजूद हजारों ग्लेशियर इसी तरह खतरनाक हुए तो फिर क्या होगा
14:50नेपाल में तवाही की शुरुआत तिबबत में बर्फ का पहाल तूटकर नदी में गिरने से हुए
14:55नदी का रास्ता रुपने से जील बनी और ज्यादा पानी भनने से मलबा हटा और पानी किसी बंची तरह नेपाल
15:01पर खूट पढ़ा
15:05जलवायू परिवर्तन और बढ़ते ताप मानने हमाले के इलाके ग्लेशियर जीलो को टाइम बंबना दिया है
15:10उचाई वाले समेदन शील एलाकों में बर्फबारी की जगा बारिश बढ़ रही इससे ग्लेशियर तेजी से पिघल रहे हैं और
15:17जीलो में पानी की मात्रा बढ़ रही है
15:19कमजोर प्राकृतिक बादों पर बढ़ते पानी के दबाव के साथ भारी बारिश, बादल फटना, भूस खलन, हिमस खलन, रॉक पॉल,
15:27भूकम और ग्लेशियर लेक आउट बस प्रड का खत्रा बढ़ाती जा रही
15:35नेपाल में जो हुआ उसका खत्रा भारत को लेकर भी कम नहीं है क्योंकि भारत में 189 ग्लेशियर जील पटने
15:41की हालात में हैं
15:43इसनों राश्ट्री आपदा प्रबंधन प्रादिकरण के आकड़े डड़ा निवाले हैं जो बताते हैं कि भारतिये हिमाली खित्र में
15:50साड़े साथ हजार से ज्यादा ग्लेशियर जीले हैं इन में से 189 रेट जोन में हैं और किसी भी वक्त
15:57तूट सकती हैं
15:58ये जीले, सिंधु, गंगा और ब्रमपुत्र नदी वेसिम की चोटियों पर छोटी वड़ी जील के रूप में मौझूद हैं
16:05पहाडों पर जील बनने की रफ्तार का अंदाजा इस बात से लगा सकते हैं कि सिर्फ लगदाख में ही 3
16:11,219 ऐसी जीलों की पहचान की गई
16:17सबसे खबरदार करने वाली बात ये कि इन जीलों की प्राक्रतिक दीवारे बहुत कमजोर होती हैं
16:22इसलिए हिमालई क्षित्र में आने वाला गुकम, भारी बारिश या फिर एवलांच इन दीवारों को तोड़ सकता है
16:29सिक्किम की लोनक जील और उत्तराखंड की चमोली में जल प्रलाए इसका जीता जागता उदाहर है
16:37जाकि ग्लेसियर जो हैं वो वीक पड़ रहे हैं बिकोज अफ ग्लोबल वार्मिंग क्लाइमिट चेंज जो हम डवलमेंट कर रहे
16:45हैं उसकी वज़े से
16:46और तीसरा हमारे जो नैचुरल डिजास्टर जैसे की अर्थक्विक आते हैं तो वो उनको वीकन करते हैं तो उस वज़े
16:54से क्या हो गया है कि हम को ये देखना पड़ेगा है कि हम इनको कैसे मोनिटर करें
16:59एक्सपर्ट कहते हैं कि ये खत्रा उमीद से कहीं ज्यादा बढ़ा है क्योंकि हमाले में टूटे ग्लेशियर लगातार बढ़ रहे
17:07हैं इसलिए तबाही कभी साल 2013 में किदार ना तो कभी चमोली और सिक्किन के रूप में सामने आती हैं
17:14क्योंकि हमाले में ज्यादा तर ग्ल
17:29अपना सपोर्ट खो रहे हैं और हैंगिंग यानि लटके ग्लेशियर की तरह खड़े हैं जो कभी भी हलके भूकम, भारी
17:35बारिश और एवलांच से गिर कर बड़ी तबाही ला सकते हैं
17:41उस मॉनिटरिंग में फ्रेक्चर जो ग्लेशियर हैं बेसिकली वो तूटे वे हिस्से होते हैं जैसे कि आप एक पूरा फिक्स
17:47है अपने मौरिन पर लेकिन वो अगर हिल जाता है तो एक पर्टिकुलर जो पार्ट है वो फ्रेक्चर हो जाता
17:53है यह जो मूव कर रहे होते तो
17:54उसमें फ्रेक्चर हो जाते हैं और फ्रेक्चर होने के वज़े से उनके टूटके गिरने की या लेक पे या रिवराइन
18:01सिस्टम को ब्लोक करने की सम्मावना बढ़ जाती है और जिसकी वज़े से सम्मावित खत्रे होते हैं तो जो फ्रेक्चर
18:06आपके सिकते हैं ग्लेसियर ह
18:13पार्ट हैं तूटे वे क्रैक्स को दिखाने वाले संग्रक्चना हैं।
18:43तबाही के बाद उसका नाम और निशान नहीं दिखता है।
18:47चीन की सेटलाइट से ली गई इन तस्वीरों में नेपाल चीन का बॉर्डर पूरी तरह तबाह दिखता है।
18:53इंसानी बस्तियां और रास्ते गायब हो गए।
18:55नेपाल का यहादसा बताता है कि हमाली एक शेत्र में आपदा का जोखिम बढ़ रहा है।
19:00ग्लेशियर अस्थर हो रहे हैं।
19:02भारतिय हमाली इलाके की कुल साथ 7000 से ज्यादा जीलों में से 189 का रेट जोन में होना बहुत चिंता
19:10जनक है।
19:15नब रहे हैं गलेशियर रिटीट हो रहे हैं।
19:20उसमें बड़े गलेशियर लेक्स बन रहे हैं।
19:24और उसमें नेचरल मोरेन डैम पर प्रेसर बढ़ा रहा है।
19:31और उसमें आईसिया रॉक का एवलेंच होने का खत्रा और गलोफ होने की संभावना ये बढ़ जाती है।
19:40चीन की तरफ से जारी अब सेटिलाइट तस्वीरों को देखिए जो बताती है कि जील ओवर्ट्लो हो रही है।
19:47इसके बाद नेपाल में रिस्क्यू ऑपरेशन रोक दिया गया।
19:50क्योंकि 26 तारिक जैसी तबाही का खत्रा नेपाल में बढ़ रहा है।
19:54अब सवाल है किस से बचने का तरीका क्या है।
19:57भारत ऐसी आपदा से बचने के लिए क्या कुछ कर सकता है।
20:01दो तरह के रिस्क होते हैं।
20:03पहले मैं वो बताना चाहूंगा एक्चुली।
20:04पहला गॉल्फ, ग्लेसियर लेक, आउटब्रस्ट, फ्लड्ड।
20:08और दूसरा क्या है कि जैसे हम देख रहे हैं कि जो ग्लेसियर फ्रेक्शर होता है और फिर वो रिवर
20:15के फ्लो को ब्लोक कर देता है जो हमने similar kind of situation नेपाल में देखी।
20:19तो ये possibility रहती है।
20:21अब इसको लेकर भारत सरकार विभिन परियास कर रही है।
20:24सबसे पहला अगर आपको ध्यान हो तो मिशन मौसम लाँच हुआ लगबग 2 साल पहले जिसमें वेदर रिलेटिट मॉनेटरिंग फोर्कास्ट
20:30को बढ़ावा देना ताकि अर्ली वार्निंग सिस्टम को स्टंगन किया सके।
20:34दूसरा अगर आप देखेंगे कि इसमें हमने सेटेलाइट और मशीन लर्निंग या एयाई का यूज बढ़ाया ताकि जो हमारी फोर्कास्टिंग
20:44यानि कि जो टाइम लेग है उसे कम किया जाए।
20:49इस तरह हिमालय में लगातार ग्लेशियर उससे बने वाली जीलों की निगरानी करके ही इस तरह की आपदा के खत्रे
20:55को कम किया जा सकता है ताकि समय रहते लोगों को बचाया जा सके।
20:59लेकिन विशे शग ये भी वानते हैं कि तूटते ग्लेशियर तबाही की तिक-टिक से कम नहीं हैं।
21:07नेपाल में आखिर क्या हुआ? एक ग्लेशियर तूटा जिसके बाद ये विपत्ती आई।
21:13नेपाल तिबबच सीमा पर जिस तरह की गतिविधियां चल रही हैं, खासकर चीन की तरफ से जो इंफ्रास्ट्रक्चर डिवेल्पमेंट का
21:20काम चल रहा है, वो इस क्षेत्र के लिए क्या बेहत घातक साबित हो सकता है?
21:36नेपाल चीन सीमा के पास बाड के बाद बनी जील का ज्यादा तरपानी, प्राकरतिक रास्ते से निकलने पर सभी ने
21:42राहत की सांस ली, क्योंकि इस से निचले इलाकों में अचानक बढ़ी बाड का खत्रा फिलाल कब हो गया है?
21:51ये जील पिछले बुधवार को आई विनाशकारी बाड के बाड बनी थी, जिसके शुर्वात लंगटांग रीव परवतक शेत्र में गलेशियर
21:58और चटानों का बड़ा हिस्सा तूट कर नदी में गिरने से हुई
22:06नेपाल पर भले ही संकट के बादल गहराने कम हो गये हो लेकिन 26 तारिक को उसे लगी चोट के
22:12जख्म इतने गहरे हैं कि उसे भरने में काफी वक्त लग सकता है
22:16क्योंकि नेपाल में त्रिशुली नदी अब भी खतरनाक रूप में है उसमें आई बाड में गोरखा के गंडपी गाउपालिका और
22:23धाडिंग के बेनी घाड गाउपालिका को जोडने वाला चरौंदी सस्पेंशन पुल बह गया
22:28अचानक बढ़े नदी के जलस्तर और तेज पहाव के चलते पुल देखते ही देखते त्रिशुली नदी में समा गया
22:35पुल के बह जाने से दोनों इलाकों के बीच आना जाना बंद हो गया
22:43नेपाल में तमाम पुल का बह जाना सिर्फ आवा जाही से जुड़ा मामना नहीं है
22:48हिमाले में पुल का सीधा रिष्टा रोजगार से भी है
22:51आप ही सोचिए जिन लोगों का सब कुछ तबाह हो चुका है जिन के पास खाने तक को नहीं है
22:56उन तक मदद पहुचाना रास्तों के बहचाने से कितनी असंभव हो गई है
23:02अब राहत पहुचाने का सारा दारुमदार नेपाल की स्यना के दंभव पर है
23:06जो हिलकॉप्टर से लोगों को बचा भी रही है और राहत का सामान भी पहुचा रही है
23:13इस बीच एक सवाल अपनों की खोजबीन से भी जुड़ा है
23:17दिल में डर और किसी अन्होनी के आशंका के बीच आखों में आसू लिए ये लोग अपनों की तलाश में
23:22लगे है
23:24इसी उम्मीद के साथ इधर उधर भटक रहे हैं कि किसी तरह अपनों का पता लग सके
23:28उनके सहीस्त अलामत होने की ख़बर मिले
23:31किसी के हाथों में तस्वीर है
23:32कोई मोबाइल पर तस्वीर दिखा कर लोगों से पूछ ताज कर रहा है
23:40राहत बचाओ और इंतजार
23:43इंतजार जो हम आपको दिखाते हैं यहाँ पर
23:46लेकिन जब वो एक व्यक्ति के रूप में आपके सामने होता है
23:50तो आपको दर्ग उसका समझ में आता है
23:52संजीव जी हमारे साथ इस समय है
23:54बॉस्टन से आए है उनकी वाइफ
23:56यहाँ कैलाश मांसुरूवर यात्रा के लिए आई थी
23:59रसुआ जिस जगे पर ये रादसा हुआ है
24:01वहाँ पर भी आप कॉंटाक्ट नहीं कर पा रहे है
24:04नए तो मेरा उन से जो लास्ट कॉंटेक्ट हुआ था
24:07वो निपाल का टाइम था
24:0926 को और यहाँ पर मॉनिंग
24:138.35 एम पर
24:15एक्जैक्ली
24:168.35 एम पर मेरा उन से बात गुआ फोन पर
24:19वो कॉल मेरा उन से
24:2111 मिनट चला
24:2210-11 मिनट
24:24अल्मूस्ट 8.45 तक मेरा उन से साथ कॉल मेरा
24:28उसके बाद
24:29उन्हें में बोला कि उनको कॉल आ रहा है
24:31बाकी टीम बुढा रही है तो वो चले गई
24:39नेपाल की ये वेबसी भारत के लिए किसी अलर्ट से कम नहीं है
24:43क्योंकि हिमाले के गरम होने का नतीजा
24:45हमें भी नेपाल के हाथसों के रूप में भूगतना पड़ रहा है
24:50नेपाल में आई अचानक बाड में
24:51हाईड्रो पावर प्रोजेक्ट के करमचारी सुरंगों में फस गये
24:54जिन्हें बचाने के लिए रैस्क्य ऑपरेशन तियस चलाय जा रहा है
24:59कृशूली 3 ए हाईड्रो पावर प्रोजेक्ट की सुरंग में चल रहे
25:02rescue operation में कुछ कामियावी मिली है
25:04बचाव कर्मी मशीनों की मदद से
25:06मिट्टी और गाध हटा रहे है
25:08सुरंग में 6 इंच का छेद कर
25:09पाइप के जरीय हवा पहुँचाए जा रही है
25:11इसे बढ़ा कर main hole बनाने की तयारी है
25:14ताकि बचाव दल सुरंग के अंदर जाकर
25:16लोगों की तलाश कर सके
25:20इस टनल को नेपाल आर्मी ने
25:21rescue operation के दौरान खोजा
25:23जब सेना के हिलकॉप्टर से
25:24इस टनल के बाहर खड़े मजदूर ने मदद मांगी
25:27तब पता चला कि जब त्रशूली नदी में
25:30विनाशकारी flash flood आई
25:31तो उसने सब को अपने साथ समेट दिया
25:34माना गया कि सैकड़ों लोग जान बचाने के लिए
25:36उचाही की तरफ भागे
25:37और सैकड़ों मजदूरों ने सहारा लिया इस टनल के
26:01हिमाले की गोद में बसा चाहे नेपाल हो या फिर भारत का उत्तराखंड
26:05पहालों का दरकना अचानक बाड़ाना बादल फटना अब आम बात हो चुकी है
26:09इसमें सुरंग हाथ से विशामिल है जो विकास के मौडल पर गंभीर सवाल या निशान लगा दिया है
26:15बता दिया कि हिमाले की अंदेखी चारो तरफ हो रही है
26:18वो चाहे नेपाल हो या फिर भारत इसलिए तबाही चारो तरफ तेजी से बढ़ी है
26:25सवाल यह है कि हिमाले की पीट पर विकास के बढ़ते इस बोज के नतीजे क्या होंगे
26:30क्योंकि भारत का हिमाचल हो या फिर उत्राखंड हाथ से लगातार बढ़ रहे है
26:35आयाटी रोपड और उनिवर्सिटी आफ टेकनोलोजी सिटनी औस्टेलिया के सयुक्त अध्यान में
26:41हिमाचल प्रदेश की 010.02 वर किलोमीटर या इससे अधिक शेत्रवाली 94 ग्लेशियर जीलों का आकलन किया गया
26:49इनमें 88 जीलें बाड के लिहास से अध्यनत समवेदन शीर पाई गई है
26:55अध्यन के अनुसार हिमाचल में ग्लेशियर जीलों की संख्या 1990 में 107 थी
27:01जो 2024 में बढ़कर 679 हो गई यानि 34 वर्षों में 525 फीजदी की व्रिद्धी हुई
27:07इन जीलों का कुल शेत्रपल भी 5.54 वर किलोमेटर से बढ़कर 11.02 वर किलोमेटर हो गया
27:15जो करीब 102 फीजदी की व्रिद्धी है
27:17बड़ी चिंता चोटी यानि 0.01 वर किलोमेटर से कम शेत्रवाली जीलों को लेकर है
27:23इनकी संख्या 1990 में केवल 9 थी जो 2024 में बढ़कर 487 हो गई
27:30सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि अचानक तेज वारिश, बादलपटने, भोस्खलन या हीमस्खलन से
27:36अचानक बड़ी मात्रा में पानी जील में पहुँचने का खत्रा पहले से ज्यादा पढ़ गया है
27:41जिससे ग्लेशियर के प्राकृतिक बांध को भेदने का खत्रा पहले से कहीं ज्यादा हो गया है
27:49नेपाल में भी यही हुआ
27:50इसलिए भारत में भी निचले इलाकों की सडकों, पुलों, जल्विद्युत पर योजनाओं और दूसरे एहम धाचे कई गुना ज्यादा खत्रे
27:58की जद में है
27:58एक चिंता 58 जीलों के सक्रिय भुकंपिय गतिविधियों और टेक्टोनिक फॉल्ट के खत्रे वाले क्षेतर में होने से भी है
28:0652 जीलों में आइस कोर यानि बर्फ की आंत्रिक परत के पिघलने से रिसाव और बांध तूटने का जोखिम है
28:13वहीं 44 हीलों की धलानों पर रॉक फॉल का खत्रा धर्च किया गया है
28:18ग्लेसियर जो हैं वो वीक पड़ रहे हैं बिकाज ऑफ गलोबल वार्मिंग, क्लाइमिट चेंज
28:24जो हम डवलमेंट कर रहे हैं उसकी वज़े से और तीसरा हमारे जो नैचुरल डिजास्टर जैसे की अर्थक्विक आते हैं
28:32तो वो उनको वीकन करते हैं तो उस वज़े से क्या हो गया है कि हम को यह देखना पड़ेगा
28:38कि हम इनको कैसे मॉनिटर करें
28:40अब उस monitoring में fracture जो glacier है basically वो तूटे वे हिस्से होते हैं जैसे कि आप एक पूरा
28:46fixed system है अपने marine पे लेकिन वो अगर हिल जाता है तो एक particular जो part है वो fracture
28:52हो जाता है ये जो move कर रहे होते हैं तो उसको fracture हो जाते हैं और fracture होने की
28:56वज़े से उनके तूटके गिरने की या lake पे या riverine system को
29:01block करने की सम्मावना बढ़ जाती है इस तरह जो glacier चीलें दशकों तक सिर्फ हमारे लिए जीवन देने वाली
29:09रही है उन्हें हमने विकास की अंधी दोड़ में खतरनाग बना दिया है
29:14नेपाल से लगे उत्राखन के पिथोरागड जिले में ग्लेशेरों के पिखलने से उच्चे हिमायल एई क्षेत्र में 37 से अधीक
29:21नई जीले बन गई हैं जो मलबे से भरी हैं और किसी भी भूकत वीधी या भारी वर्षा में फट
29:26सकती है
29:27यही मनदिय जील विस्फोट बाढ़ला सकता है इससे नीचे के बसे गावाओं खेती और पनबीजली परियोजनाओं को भारी नुकसान हो
29:34सकता है
29:35वहीं गोरी गंगा खेत्र बेसिन का जो 30.9 प्रतिशत हिस्सा बर्ष से ढखा था वो 2022 में घटकर ये
29:42केवल 10.9 प्रतिशत रह गया
29:44यानि 35 साल में लगवाग 20 प्रतिशत बर्ष खत्म हो गई अगर यही दर रही तो 2040 से पहली ये
29:51बेसिन पूरी तरब बर्ष विहीं हो सकता है
29:54जैसे मवांग लिक है आपका इधर दोली गंगा बेसिन में माशर ताल है दोली गंगा बेसिन में मवांग आपका गोरी
30:05गंगा में हो गया आपका ये देव ताल हो गया आपका नीती वैली में तो इन सब चीजों में बहुत
30:11जागत है जैसे हमने इसकी स्टडी की तो इसमें
30:14कम से कम करीब 1.4 से 0.5 स्क्वाइर किलोमेटर से 1.4 स्क्वाइर किलोमेटर एरिया हो गया है
30:25उसका आज की रेट में यह बहुत दूरा ताल का
30:41हिमालय का तापमान बढ़ने से विकास के नाम पर अंधा धुन निर्मान से खत्रा बढ़ता ही जा रहा है
30:46सवाल यह है कि क्या नेपाल की भयानक तबाही के बाद इस पर तोबारा विशार होगा आज तक बेरो
30:55बात किवल नेपाल की नहीं है बात पूरे हिमाले के क्षेत्र की है बात उत्तरा खंड की भी है जहां
31:01पर चमूली तरासदी देख लीजिए
31:02केदारनाथ की तरासिदी देख लीजिए या फिर जोशी मट में जमीन जिस तरीके से नीचे सिंख कर रही है उस
31:10शीज को देख लीजिए ये पूरे संकेत बहुत बड़ा अलार्म है मानवता के लिए
31:29नेपाल की तबाही ने पर फिर हिमाले को चर्चा के केंदर मिला दिया है सबसे बड़ा सवाल उसके ग्लेशियर को
31:34लेकर है जिन्हें एशिया के वाटर टावर भी कहा जाता है
31:41हिमाले के जो ग्लेशियर हजारों सालों में जमे हुए थे वो पिछले कुछ दशकों में तेजी से पिगले हैं
31:47इस वज़े से हिमाले पर निर्भर दो अरब से ज्यादा लोगों पर खत्रा मढ़रा रहा है
31:52क्योंकि दुनिया की इतनी बड़ी आबादी अपनी रोज मर्रा की जरुवतों के लिए हिमालाई ग्लेशियरों से पिगल कराने वाली पानी
31:59पर निर्भर है
31:59अब आप सोचिए हिमाले में अगर ग्लेशियर के पिगलने की रफतार इसी तरफ बरकरार रही तो फिर कितनी बड़ी आबादी
32:06प्रभावित होगी
32:07जिसमें भारत, चीन, पाकिस्तान, पांगलादेश, भुटान, अफगानिस्तान और म्यामार शामीर है
32:15International Center for Integrated Mountain Development ने इस साल की शुरुवात में बताया कि हिंदो को शिमाले ग्षेतर में ग्लेशियरों
32:23की बर्फ 2000 के बाद से दोगुनी तेजी से पिगल रही है
32:26जलवायू परिवर्तन ने चेतावनी दी है कि बर्फ पिगलने की रफ्तार, पानी की कमी और जलवायू से जुड़े खत्रों के
32:33बढ़ने का ततकाल जोखिम पैदा करती है
32:37ऐसी तमाम रिपोर्ट हिमाले को लेकर समय समय पर आती रही है लेकिन इस रिपोर्ट का अकड़ा जमीनी स्तर पर
32:43जुटाए गया जिस पर नेपाल की तवाही ने मोहर लगा दी
32:4926 अगस्त को नेपाल में जो हुआ उसने बढ़ फिर याति लाए है कि हिमाले के ग्लेशियर पड़े और महाविनाशकारी
32:57खत्रे का अलार्म बजा रहे हैं
32:58जिनकी अंदेखी भविश्य में भारत समेट इस पर निर्भर देशों को भारी पड़ सकती है क्योंकि हिमाले देशों की सिमाव
33:06से परे है
33:10साल 2013 की केदारनाथ महापरले के बाद से हिमाले के इलाकों में प्राकृतिक आपदाओं, फ्लेश फ्लड, भूस्खलन और बादल फटने
33:18की खटनाओं में इज़ाफा हुआ है
33:23केदारनाथ के बाद उत्राखन के चमोली में रिशी गंगा, धौली गंगा और अलक नंदा नदी घाटियों में अचानक तेज बाड़
33:30आई थी, जिसमें 200 लोगों की जान चली गई थी
33:33इस तरह नेपाल और चमोली में हुए हाथ से उचाई वाले हिमाले इलाके में अचानक हुई प्राकृतिक घटना के बाद
33:40पानी और मलवे का प्रवाह नदी घाटी के और पहुँचा, जिससे तबाही मची
33:48चमोली के हापसे के दो साल बाद 2023 में सिक्किन की साउथ लोगना ग्लेशियर जील का प्राकृतिक बान्ध तूटने से
33:56सुनामी जैसी लहरे उठी और सेलाब से मची तबाही
34:01तब भी सवाल उठ रहा था कि क्या हिमाले में ग्लेशियर टाइम बं बनते जा रहे हैं
34:19चिंता की बात यह है कि हिमाले क्षेत्र में दो साइक्किस ग्लेशियर जीलों के फटने पर बाढ़ाने के आशंका वज्यानिक
34:26जता रहे हैं
34:27जमू कश्मीर, हिमाचल और सिक्किम की नदी घाटियां भी संवेदंशील जोन में हैं
34:32इनमें अगर बाढ़ा आई तो छे राज्यों के 49 जिलों में असर हो सकता है
34:37चिंता की बात यह है कि चाहे उत्राखंड हिमाचल हो या फिर सिक्किम
34:41हिमाले क्षेत्र में हर जगा परियावरण का शोशन करने के आरूप लगते हैं
34:46ऐसे में ग्लिशर की बर्प पिघलने की रफ्तार फिलाल तो कम होती नहीं दिखती
34:50अगर सिलसिला नहीं थमा तो फिर बर्प पिघलने से हिमस्खलन होगा और जीले बनेंगी
34:55नेपाल जैसी तराजदी दोहराई जाएगी
35:01चिन्ता की बात यह है कि भारत में नेपाल से अधिक घनियाबादी नदीयों के किनारे रहती है
35:06जहां नदीयों के किनारे होटेल रिसोर्ट बनते जा रहे हैं
35:10लिवाले की बात रहे हैं दो हिमाले में सबी रीजन डैन और कदरनाक है
35:15ग्लिश्य रिट्रीट होने की विए से जो आगे जो वेकेट एरिया में लूज अनकन्सुलिडेटिटिट माट्रियल जो या तो हाइली सैचुरेट
35:25है या फिर ड्राई है उसके जो हलके से भी रैनफॉल होने से उस रीजन में एक बड़ा डिजास्टर की
35:32डिजास्टर के खत्
35:45स्ट्रिंग सिस्टम तयार किया है तो उत्राकंड में दो जगह पे इंस्टॉल किया है डूंदी और एक वसंदराताल में तो
35:52हम लोग टेस्ट कर रहे है हमारे वाग्यानिक आज अगले छे से एक साल के बाद में वी आर प्लानिंग
36:00टो हैंडिट और तो स्टेट गर्मेंट �
36:19हमाले में हर साल कहीं तबाही मचती है इसके बाद कुछ दिन तक परियावरण को लेकर चिंता होती है
36:25सवाल पूशे जाते हैं लेकिन जल्द ही सब कुछ भुला दिया जाता है इस बार हिमाले को लेकर दीन से
36:31उठाने का काम नेपाल ने किया है
36:38सिक्किम की तरह सिदी जो हम हर वर्ष एक नए रूप में देखते हैं वहां से भी संकेत बड़े हो
36:44जाते हैं
36:44सिक्किम का पूरा इलाका किस तरीके से खुदरत के सामने इस समय लाचार नजर आता है उसके कारण क्या है
36:52वैज्यानिक कितनी गंभीरता से इन सभी घटनाओं को ले रहें
36:59नेपाल की तरहीं सिक्किम में भी हिम्नती जील अचानक खटी और तीसता रधी में अचानक सैलाव आ गया और चारु
37:05तरफ तबाही मच लेई
37:08सिक्किम हो या फिर नेपाल सवाल गिये है कि क्या उम्हत तबाही के एक बड़ी वज़ा तिबबत के हिमाले शित्र
37:14में चीन का अंधा धुंद विकास है
37:16जिसने पहाडों को खोखला कर दिया है ग्लेशियर के नीचे बनाई जा रही सुरंगों ने हिमाले में हज़ारों साल पुराने
37:23संतुलन को विगार दिया है
37:27क्योंकि नेपाल ने ऐसा पहली बार देखा कि चीन से आई तबाही पहार भी अपने साथ पहाल आई हो
37:34नेपाल में ही सवाल उठे कि क्या उसका ये हाल चीन की वज़ा से हुआ
37:38क्योंकि जब तिबबत में तबाही मचाने के बाद ये सेलाव नेपाल की तरफ बढ़ रहा था तब चीन ने नेपाल
37:44को सतर्थ क्यों नहीं किया
37:46नेपाल की लोगों की तरफ से बनाए गए ये वीडियो बताते हैं कि अगर समय रहते चीन ने नेपाल को
37:51अलट कर दिया होता तो शायद इसने लोग नहीं मरते
37:53अब नेपाल की लोग पूछ रहे हैं क्या खिर चीन ने पडोसी होने का धर्म क्यों नहीं निभाया
37:5926 तारिक को नेपाल के रसुआ जिले के लोग जो तिबबत की सीमा के बेहत करीब हैं वो सुबर 9
38:05बजे तक इस आफ़ता से बेख़वर थी
38:07तभी तिबबत की तरफ से आई भोटे कोशि नदी में पानी का ऐसा पुचंड सैलाब था जिसने सब कुछ तवाह
38:14कर दिया
38:15नेपाल में ही से लेकर सवाल किये जा रहे कि जो चीन खुद को दोस्त बताता है जिसका नेपाल में
38:20बढ़ा प्रवाव है जिसके पास एक से बढ़कर एक तपनीक है वो चुप क्यों रहा
38:25नेपाल को रस्पोंडेंस नाम के एक ट्विटर हैंडल से चीन की तरफ से तिबबत में 26 तारीक क्वाई तवाही से
38:31बचने की ड्रिल करने का वीडियो पोस्ट किया जिसमें चीनी रेस्क्यूवर कर पांच तारीक को ड्रिल करते हुए दिखाए जाते
38:38हैं
38:40नेपाल की तरफ से जताई जारीक शंका की वजह चीन का समय पर नेपाल को अलट ना किया जाना है
38:46चीन के केरूंख्षित में चीनी समय नुसार सुबस साहे 10 बजे ही बाड़ा चुकी थी
38:51नेपाल और चीन के समय में 2 घंटे 15 मिनट का अंतर है
38:55इसलिहास से नेपाली समय के नुसार ये आपदा सुबह 8 बच कर 15 मिनट पर ही आ गई था
39:00अगर चीन तुरन इसकी जानकारी नेपाल को दे देता तो सीमावरती इलाकों में लोगों को स्रुक्षित तस्थानों पर पहुँचाये जा
39:06सकता था
39:07लेकिन चीन की ओर से आधिकारिक जानकारी लगबग 45 मिनट छोड़िये दावा है दोपहर डेड़ बजे साजा की गई जिससे
39:15नेपाल को संभलने का मौका ही नहीं मिला
39:19अब नेपाल की लोगों को लग रहा है कि चीन ने उन्हें पहले खबरदार ना करके धोखा दिया है जबकि
39:25नेपाल की सरकारें चीन का ध्यान रखती रही है लेकिन चीन ने नेपाल का ध्यान नहीं रखा
39:31नेपाल की ये शिकायत को आसाने से खारिज नहीं किया जासा
39:34इसे आप महविनाश की टाइम लाइन से समझे
39:37तिबबत में लेहंदे नदी में ग्लेशियर तूट कर गिरने से
39:40मलपे से नदी का बहाव रुख गया
39:42नदी का रास्ता रुखने से कृत्रिम जील बन गई
39:59नेपाल में गुश गई उसने रसुआ नुवा कोट और धाडिंग इलाकों में तवाही मचा दी
40:08अब नेपाल के लोगों की शिकायत है कि जो हिलकॉप्टर तिबबत के जिस ग्लेशियर के ऊपर घूम रहा है
40:14जिसके तूटने से सारी तबाही आई उसके बारे में समय रहते उसे क्यों नहीं चेताये गया
40:19क्योंकि नेपाल से ही ऐसे दरजनों वीडियो आये जिसमें लोगों के अलर्ट करने पर कई लोग अपनी जान बचाने में
40:25काम्याब हो गए
40:29नेपाल में चीन को लेकर घुस्से की दूसरी वज़ा तिबबत में होता अंधाधुन निर्माण है
40:39नेपाल के पत्रकारों के एक समुह नेपाल को रुस्पंडेंस ने एक बड़ा दावा किया है
40:43इस समुकारोप है कि रस्वा जिले में आई ये तवाही दरसल तिबबत सीमा पर चीन के अंधाधुन निर्माण कारी और
40:50उसके कारण आये हिमस्खलन का नतीजा है
40:53इस तवाही के लिए शिंजियांग तिबबत इलाकों में उसके बेलगाम निर्माण कारियों को जिम्मेदार ठहराय जा रहा है
41:01चीन नेपाल सीमा पर उचाई वाले ग्लेशियर वाले इलाकों में चीन ने गाउं और पस्तियां बसा दी है
41:06पहाडों को काटकर नदी का रास्ता बदल दिया है
41:10जिसने पहले से संविदंशील हिमालाई एकोसिस्टम को नुकसान पहुचाया है
41:14इस वज़े से चीन नेपाल सीमा पर हर साल हिमस्खलन और फ्लेश फ्लट से तवाही मच रही है
41:21अलाकि इन आरोपों को चीन की तरफ से खारिच किया गया
41:23उसकी तरफ से नेपाल को मदद भी दी गई
41:25नेपाल में जहां चीन को लेकर शक और शंका है
41:29वहीं वहां के मंत्री और नेता भारत की मदद के लिए दिल खोल कर तारीफ कर रहे हैं
42:02नेपाल की तरफ भारत भी चीन को लेकर भरोसे से भरा नहीं है
42:05उसकी वज़ा हिमाले में उसकी तरफ से बनाय जा रहा सबसे बड़ा बांध है
42:10वज्यानिकों के मुताबीक जो असम प्रमपुत्र की वज़ा से हर साल भयानक बाढ़ा आती है
42:14जिससे बड़ी तबाही मचती है उसमें चीन के सबसे बड़े बांध के बन जाने के बाद बेतहाशा इजाफा हो सकता
42:21है
42:23ये चीन का थ्री गर्जेस डैम है जिससे दुनिया का सबसे बड़ा डैम माना जाता है
42:27लेकिन चीन हिमाले में इससे भी बड़ा डैम बना रहा है जो भारत के बेहद नजदीग होने के साथ साथ
42:34भूकम के खत्रे बाले इलाके में है
42:38अब आप ही सोचिए कि अगर तिबत में ग्लिशेर तूटने या भूकम ने नेपाल का ये हाल कर दिया
42:44तो फिर दुनिया का सबसे बड़ा बांध दूटा तो फिर भारत में कितनी बड़ी तबाही होगी
42:53चीन ब्रमपुत्र नदी पर जो दुनिया का सबसे बड़ा बांध बना रहा है उसे मेडोग और यारलूंग सांगपो हैटर बावर
43:00प्रोजेक्ट कहा जाता है
43:01तिबबत में ब्रमपुत्र को ही यादलूंग सांगपो कहते हैं
43:05बान को ग्रेट बैंड क्षित्र में बनाय जा रहा है
43:08जहां पर नदी मुड़कर अरणाचल प्रदेश में एंट्री लेती है
43:11चिंता की बात यहे कि चीन का बान के लिए हिमाले के पहाडों में लंबी सुरंगे खोदे जाने का प्लाइन
43:17है
43:17ताकि बिजली उत्पादन के लिए नदी का रुक बदल जाए
43:20कुदरत के साथ यह खिलवाल कभी आपदा बनी तो नदी का पानी ऐसा प्रलेल आएगा जो सपने में भी नहीं
43:26सोची जा सकती
43:27इसलिए भारत ने इस बान को बनाने का विरोध किया है
43:30भारत वो या फिर पांगला देश दोनों देश ब्रमपुत्र नदी के निचले हिस्से में
43:34सबसे बड़ा बान बनने पर चीन, मौनसून और भारी बारिश के समय मन मर्जी से पानी छोड़ सकता है
43:40जो भयान अगबार का कारण बन सकती है
43:43वह इस सूखे के हालात में पानी रोख भी सकता है
43:46जिससे भारत में सूखे की समस्या पैदा हो सकती है
43:50चीन हिमाले में सुरंग समीत कई बड़े प्रोजेक्ट के जरिये परियावरन को नुकसान पहुचा रहा है
43:54दावाहे की ग्लेशर के नीचे की जमीन खोखली हो चुकी है
43:58इस बीच अगर वो उत्तरपूरू के नजदीक दुनिया का सबसे बड़ा डैम बनाता है
44:02तो एक्सपर्ट को लगता है कि कभी भी कोई बड़ा हाथसा हो सकता है
44:07क्योंकि अगर तराई का हिस्सा ही पानी से भरा हो और हिमाले पर कोई गहरा प्रभाव पड़े
44:11तो फिर भुकम के खत्रे का अंदेशा लगतार बना रहता है
44:15इस जगर डैम बनाने से भुकम और प्राकृतिक आपदा का खत्रा हमेशा मटराता रहेगा
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