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कैसे आई दबे पांव महातबाही? देखें नेपाल त्रासदी की आंखों देखी
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00:10प्रवाज़ के लिए अपना सामन बचाने के लिए लेने गए ना तो लोग चाड़े गए और जो लोग अपने जान
00:21बचा के भागए वो पाचे गए
00:23हम बस कलपना कर सकते हैं कि यह शहर पहले कैसा रहा होगा और अभी कैसा दिख रहा है
00:3435 मोटरेबल ब्रिज, 45 सस्पेंशन ब्रिज और लगभग 40 किलोमेटर सडक बुरी तरीके से प्रभावित हुए है
00:42इस मलबे और मिट्टी के नीचे यह पूरा बाजार का हिस्सा जा चुका है
00:47वहीरो इसी रास्ते से आगे होकर वो उपर की तरफ भागे
00:52यह हब है यह जहाँ पर पीड़त है और जहाँ पर सबसे बड़ी तलाश चल रही है
00:59तिन भान जी एक दीदी और एक नतिनी मिसी है
01:08है कि उन प्रेम पूरा बुष्च गरप आशर प्रजा प्रेस के बाद आए दो अ थे दाल बागे है
01:16कि दूब लातमत अ कि ताला भागे है
01:18कि दुफिक का घर भी है अब घर और सड़क के पुरा दल्दल आगिया है
01:30अधर में भर गया है पुरा ले उपर तक आ गया थे अ कि अ
01:44कि शारों से हम समझते हैं वो दूर है नहीं हम तक आ सकते हैं आप उन्हों तक जा सकते
01:49हैं लेकिन वो दिखा रहे हैं कि दर्वाजे के ऊपर के हिस्से तक आया था वो मलबा
01:57पूरी सड़क पर बर्बादी के लिशाने दलदल उतर आया है यहां की सड़क पर जिस तरीके से प्राकृतिक आपनाएं यहां
02:05पर पड़ती हैं और उसके बाद फिर एक बार उट खड़ा होने का जो जज़बा होता है वो यहां पर
02:12नजर आ रहा है
02:13अथक प्रयास अभी चल रहे हैं लोगों को घूनने की भी कोशिश चल रही हैं लोग उट तो खड़े हुए
02:23हैं लेकिन अभी भी उस लमहे को उस मौके को उस तबाही के मंजर को भुला नहीं पा रहे हैं
02:32कि नेपाल कराहता हुआ नेपाल तबाही यहां इतने दबे पाओं आई कि किसी को समखलने का मौका तक नहीं मिला
02:40अब जिन्दगी हैं जो खत्तम है तो इना जो इना ब्रादर इसमें नाम नहीं नाम नहीं इसमा पापा है
03:16पानी उतरा तो जैसे जिन्दगी का रंग ही उतर गया था जहां कल तक रोनपे थी
03:20वहां आप मातम है जहां तक नज़र जाती है वहां तक मिट्टी गाद पत्थर और जिन्दगी के सामानों के बिखरे
03:28हुए निशान मिल रहे हैं
03:30लोग मिट्टी के धेरों में कुछ बच जाने की उमीदे कुरेद रहे हैं लेकिन कहां क्या मिले ना बस्तियों का
03:36पता चल पा रहा है ना घरों का
03:39यह नेपाल का उत्तरी लाका है धादिंग जिले का बेरैनी कभी परिटन की तस्वीर हुआ करता था खुशियां कहते हैं
03:47यहां की पहचान हुआ करते थे लेकिन पानी के प्रहार ने सब खतम कर दिया सब कुछ स्याह सफेद रह
03:54गया सारे रंग गायब है
03:59घरों का हाल देखिए आप यह जिस रोड पर हम खड़े हैं इस समय यह एक पक्की सड़क है और
04:07एक अच्छी सड़क है चोड़ी सड़क है हाईवे का हिस्सा है लेकिन अभी इस पर देखिए रेत मलबा यह घर
04:14के अंदर का हिस्सा अगर आप देखें तो वहां तक पानी पह
04:25देख रही है जिसके साथ इसको खोदने की कोशिश हो रही है वहां पर एक जेसी भी को अगर आप
04:31देखेंगे तो आप समझेंगे कि कैसे मलबे के नीचे वो आकर दबा है उसके आगे बाइक घुसी हुई है उसके
04:38नीचे यह बीच का जो हिस्सा है यह बहुत ज्यादा प्र
04:56देखिए पेड़ों और तारों को मलबे के अफशेश वहां तक दिख रहे हैं और सोचिए कैसे रहा होगा लहरों के
05:03साथ पत्थर और कीचड का वो प्रहार जिसने सब एक जटके में खतम तबी है नेपाल की लाइफ लाइन कहे
05:09जाने वाले यह राजमार की ये तस्वीरे द
05:22दबी हैं और हाईवे को खोलने के लिए सेना और प्रशासन के बुल्डोजर 2400 घंटे मशक्कत कर रहे हैं लेकिन
05:29तबाही का पैमाना इतना बड़ा है कि रास्ते साफने का नाम नहीं ले रहे हैं
05:37किसी भी देश में जब कोई आपदा आती है वहां की सेनाय सबसे पहले जो जमीन पर है वो उतरती
05:42है यहां पर भी नेपाल में हम देख रहे हैं कि नेपाल के जो सुरक्षाबल है नेपाल के सैनिक है
05:47वो सब यहां उतर रहे हैं और मदद कर रहे हैं आम लोगों की और कोशि�
06:03तरीके से यहां से हटा दिया जाए एक तरफ कम से कम किया जाए ताकि सड़क यहां पर चल पाए
06:12यह एनेच पोर है जो सीधा उसी एरिया को जाता है जहां पर यह हादसा हुआ है अब देखिए कि
06:21है बहुत मुश्किल यह काम है बहुत मुश्किल काम एक जैसे भी यहां पर ल
06:32चला गया उन्हें अब भी यकीन नहीं हो पा रहा कि एक मिनट पहले तक जो था वो कहां चला
06:37गया, अब उनके पास बस यादे हैं और लोगों को बताने की लिए सिर्फ पीड़ा से भरी कहानिया है।
07:02तब रोजगार एक तरीके से खतम हो गया है। अब ऐसे इस दल्दल जैसे आप लोगों को ऐसे करके जाना
07:20पड़ रहा है अपने घर गराज सब में।
07:23कोई भी सामान निकल पा रहा है, यूज लैक है कि नहीं है।
07:27कुछ भी नहीं है।
07:28कुछ भी समाने हैं अम लोग को।
07:30जी पूरा कॉमती में लोग से लिए लिए लाका समान ता हम लोग का।
07:34कॉम समान ता हम लोग को सब समान खतम हो गया।
07:38को पुम समझे को टिफ रॉड़े पाइया।
07:40जितने लोग रोड के अगल बगल है क्योंकि नधी बगल में है।
07:44गर णोँ उपर तक लगार्या ओपर पानी चड़ा हो गया।
08:03यह आपका घर है। यह ऐसे आनर जाना पड़ रहा है भी आपके बिसल मुत का तो..
08:07यह कितनी देर के अंदर यह पूरा सेलाब आ गया था कैसे आप लोग इसमें से बचे थे नहीं में
08:13तो काट मुड़ी थे अभी सामका आया है और बाकी लोग घर पे थे हैं कि वो भी यह आने
08:20का टाइम में वो उपर गया है अच्छा तो अभी जो अंदर है वो आपकी
08:27मेरा उबेन है तो वो वहाँ पर वैसे मिट्टी में आप लोग को पूरा अंदर जाना पड़ रहा है सामान
08:34सब अंदर है अंदर है पूरा खराब है पूरा खराब हो गया है
08:44रोजगार फिर कब बस सकेगा पता नहीं भविष का क्या होगा पता नहीं जिन्दगी कैसे चलेगी पता नहीं ये सवाल
08:51लोगों के जहन में चल रहे हैं लेकिन फिर भी कोशिशे जारी हैं
08:55जिन्दा रहने की जद्दो जहत जारी है हालात से लड़ने की ऐसे में नेपाल के सुरक्षा बल भी जुटे हैं
09:01ताकि स्थितियां कुछ बेहतर हो जाएं।
09:25अपने देश की सेवा का प्रणन होने लिया हो लेकिन इस समय चाहे ये अर्ध सैनिक बल के जवान हो
09:32या फिर नेपाल की सेना के सैनिक वो सब अपने देश की इस रहत बचाव कारिय में लगे हुए हैं।
09:55प्रिशन ब्रिज और लगभग 40 किलोमीटर सडक बुरी तरह प्रभावित हुई है।
10:00त्रिशूली नदी में पानी मलबे के साथ पूरे आवेग से आया। आवेग भी ऐसा जिसके सामने कॉंक्रीट के ब्रिज भी
10:06टिक नहीं पाए।
10:0935 मोटरेबल ब्रिज, 45 सस्पेंशन ब्रिज और लगभग 40 किलोमीटर सडक बुरी तरीके से प्रभावित हुए हैं।
10:18इस सैलाब से, इस मलबे से, यहाँ पर ऐसी ही एक ब्रिज का हिस्सा आप देख सकते हैं, जिस पर
10:25पेड़ पूरी तरीके से तूट कर गिर गया है, उनका कुछ हिस्सा काट कर हटाया गया है, लेकिन मलबा पूरी
10:31तरीके से कैसे इस ब्रिज को लेते हुए धस गया है।
10:35वही त्रिशूली नदी है जिसमें पानी मलबे के साथ पूरे आवेग के साथ आया
10:41आवेग भी कैसा ऐसा जिसके सामने कॉंक्रीट का एक ब्रिज नहीं टिक पाया
10:46सोचिए इंसानों की क्या ही विसार
10:51भोटे काशी नदी तिबबत से निकलती है और नेपाल की त्रिशूली नदी में मिलती है
10:55जो आगे चलकर भारत में गंडक नदी के रूप में बहती है
10:59ये पुल इसी नदी पर बना था जो पानी का तेज प्रहार नहीं जेल पाया
11:03और एक मिनट से भी कम समय में तहस नहस हो गया
11:11ये कोई साधारन तवाही नहीं थी
11:13ये वो तवाही थी जिसकी लाइब तस्मीरें दुनिया ने पहली बार देखी थी
11:17ये सिर्फ एक महाविनाश नहीं था
11:19ये था महाविनाश का चेन रियाक्शन
11:21ये एक ऐसा प्राकरतिक दॉमिनो एफेक्ट था
11:24जिसमें पहली घटना ने अगली कई घटनाओं को जन्म दे दिया
11:27एक घटना ने दूसरे को जन्म दिया
11:30फिर तीसरे फिर चोथे और इस तरह करके ये पूरा चेन रियाक्शन बन गया
11:34जिसने नेपाल को ऐसे जखम दिये कि वो जिन्दगी भर याद रखेगा
12:23लेकिन सवाल उड़ता है कि ये तबाही आई कैसे
12:25वो कौन से फैक्टर थे जो तबाही का कारण बने
12:28लगभक शून दशमलब दो वर्ग किलोमीटर का ग्लेशियर करीब बारा सो मीटर नीचे गिरा
12:36ये उचाई पर ग्लेशियर और पहाड का बड़ा लैंडसलाइट था
12:50उचाई से बरब गिरी तो नीचे पहाड पर ही एक आस्थाई पानी की जील बन गई
12:54इसमें बड़ी चक्ताने, छोटे पत्थर और मिट्टी साथ चुड़कर
12:59ये पूरा वजन बहुत तेजी से नीचे आने लगा
13:02वजन बढ़ने के कारण पानी ने मलबे पर तबाव बढ़ाया और अचानक मलबे का बांध तूर
13:08जो पानी जमा था, वो एक साथ नीचे चला आया और तबाही शुरू होगे
13:21एक ऐसी तबाही जिसने नेपाल को आर्थिक रूप से भी तोड़ दिया
13:25नेपाल के वितमंत्री ने कहा कि इस तरासदी में नेपाल को कम से कम 4 से 5 बिलियन डॉलर का
13:31नुपसान हुआ है
13:31हाला कि उन्होंने ये भी कहा कि 2015 में आये भूकम से ये नुपसान काफी कम है
13:51लेकिन तबाहियों से नेपाल का रिष्टा पुराना क्यूं है ये क्यूं कभी ना खतम होने वाला एक चक्र बन गया
13:57है
13:57एक योजना तयार होती है, पैसा मनजूर होता है, पुल या सड़क बनाई जाती है
14:02और इससे पहले कि उस निवेश से पूरा अर्थिक पाइदा मिल पाए, नई बार या भूस खलन या भूकम उसे
14:09नुकसान पहुचा देता है
14:10फिर दोबारा वही सिलसिला शुरू हो जाता है, यानि नेपाल बार बार उसी इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश कर रहा है, लेकिन
14:16उस निवेश का पूरा रिटन हासिल नहीं कर पा रहा
14:18एक छोटी और पहाडों से घिरी अर्थ विवस्था के लिए क्रिशी, परिटन, ट्रांस्पोर्ट और हाइड्रो पावर पर बार बार पढ़ने
14:26वाले ऐसे जटके बेहत नुकसान दे हो सकते हैं, क्योंकि यही वो ख्षेत्र हैं, जिन पर नेपाल की अर्थ विवस्था
14:33नि
14:48का दूसरा अर्थिक नुकसान था, 2017 में बड़े तराई की बाढ़ में नेपाल को 584.7 मिलियन अमेरिकी डॉलर का
14:57नुकसान हुआ, भरपाई और पुनर निर्मान के लिए 706.1 मिलियन डॉलर की अतरिक जरूरत पताई गे,
15:042024 में आई बाढ़ और भूस खलन से अनुमानिक 304.5 मिलियन अमेरिकी डॉलर का नुकसान हुआ, अकेले इंफ्रस्ट्रक्चर डैमेज
15:14खरीब 251.06 मिलियन अमेरिकी डॉलर था, 2025 में रसुआ में ग्लेशिल बाढ़ आई, इस घटना से व्यापार, सडकों, हाइड्रो
15:24पाव
15:272024 की डॉलर को नुकसान बताया गया, और अब 2026 में रसुआ में फ्लैश फ्लड जिसका आर्थिक नुकसान वित्मंतरी 4
15:36-5 बिलियन डॉलर बता रहे हैं, नेपाल की इस तरास्ती में करीब 734 लोगों की मौत हो गई, 2498 से
15:44ज्यादा लोग अभी भी लापता हैं, और सबसे ब
16:11कर दिया, और दे दिया, कभी ना खतम होने वाला दर्द,
16:25कभी न भुलाई जाने वाली यादें, कभी न भरने वाले जखों,
16:33जस नदी के किनारे देवी घाट की जिन्दगी बसी थी, वही नदी इस बार अपने साथ पहाड का मलबा लेकर
16:40आई,
16:41घरों के अंदर कीच़ भर गया, पुल तूड गये, और लोग अपने ही घरों के मलबे में जिन्दगी के बचे
16:47हुए समान तलाशने लगे,
16:50यह देवी घाट की प्रहरी चौकी हम आपको दिखा रहे हैं, और आगे देवी घाट बाजार है पूरा,
16:56त्रिशुली बाजार का हाल आपने देखा, यह देवी घाट की तस्वीरे हम आपको दिखाने वाले हैं,
17:01ये भी पूरी तरीके से इस मलबे और मिट्टी के नीचे ये पूरा बाजार का हिस्सा जा चुका है
17:08चाहे आप छोटी सी एक चाय की दुकान को देख ले यहाँ पर खड़े हुए ट्राक्टर्स को देख कर शायद
17:14आपको वो पैमाना ज्यादा समझ में आएगा
17:16और साथ ही वो दुकानों के शेद्स इधर मंदिर का भी हिस्सा है जो पूरी तरीके से मिट्टी और बलबे
17:26के नीचे है
17:29देविघाट में त्रिशूली और तदी नदियों का संगम है इसी संगम के आसपास फ्लैश फ्लड ने बेहत भारी तबाही मचाई
17:39देविघाट और आसपास के इलाखे रेट के मैदान में बदल दें
17:44वही रहना
17:47वही रो
17:53यहाँ पर बिना किसी स्टिक के आप आगे नहीं बढ़ सकते हैं आपको पता नहीं कि पैर आपके कितने नीचे
17:57जाएंगे
17:59मेरा पैर अभी भी नीचे की तरफ ही जा रहा है कुछ पीछे जाके कोई स्टिक में ढूलती हूँ
18:08बार ने वो तबाही मचाई कि लोगों के दो-दो मनजिला मकान मलबे में तब गए
18:13कई घरों में मिट्टी और मलबा भर गया
18:31अब कुछ नहीं है
18:33अब कुछ नहीं है
18:34यह पहला तो इसा मंदिर है
18:37इसा मंदिर के वाल को आपके वावन है
18:40इसके नीचे भी आप कह रहे है कि कुछ कुछ है जो तब क्या है
18:46यह तो दो दो द धिक रहे हैं
18:50जो सो मीटर होता है
18:51जो थूड़ थूड़ दिखने
18:53खोला पर यह बड़ा भकता है
18:55वह प्रहां पर सब्सक्राइँ
18:59भाजार रहे हैं
19:00पहली है
19:04ने तो 4-5 सु दूर भार है
19:08इसमा यह पता जा रहे हैं
19:12तो लोग पह
19:18नेपाल की इस त्रासदी में खरीब 734 लोगों की मौत हो गई
19:232498 से ज्यादा अभी भी लापता है
19:25और सबसे बड़ा चैलेंज इन्ही लापता लोगों को ढूंडना है
19:35बार खत्म हुई तो लोगों को रेस्क्यू करने का सिलसिला शुरू हुआ
19:39आज तक की टीम पहुँची नेपाल के विदूर भी जहां लोगों को रेस्क्यू करके लाया जा रहा था
19:44यहां रेस्क्यू किये गए लोगों और लापता लोगों की जानकारी भी साज़ा की जा रही थी
19:51तो यह पूरी एरिया में जितने लोग हैं जो रस्वा कभी दिख रहे हैं हमें
19:58यहां पर आगे देखिए जो भारत का बता रहे हैं यह टिम्रे रस्वा से लोग जो मिले हैं
20:06सैफ्रुवेशी रस्वा किस्तार नुवा कोट तो यह पूरे एरिया से जो जो मिले हैं और इधर देखिए यह जो भारत
20:15की तरफ से यह सूजी है जिसमें प्रमोट साहनी सुदामा कुमार साथ चितरंजन नेहा जलाम यह सारी लिस्ट है पूरी
20:24जो भारत मासी हैं जो इसमे
20:27मिल गए हैं अभी भी कई नापता हैं लेकिन यहां पर जितने लोग हैं वो सब आकर अपनों को भूंड
20:33रहे हैं कि कहीं उनका नाम हो तो जाकर रिलीव कि आपने वो देख सकें और
20:41हर कोई अपने घर वालों को यहाँ पर कलाशने के लिए आया है लंभी सुची लगी है जब भी कोई
20:46नया
20:46कुछ लोग मिलते हैं तो लास्ट में वो लिस्ट से सनाफ हो जाते हैं इसलिए जो लोग यहाँ पर आ
20:52वो वापस आकर यहाँ पर देखता हैं
20:54तो वो पहले से जो लिस्ट लगी गई है और ये जो सेकंड रो आप देख रहे हैं इसमें जो
21:00भी नया मिल रहा है उन सब को यहाँ पर लाकर उनके नाम को यहाँ पर डाला जा रहा है
21:05जिस इलाके से वो मिलो है उन सब को
21:12विदूर नुवा कोर्ड जिले में आता है और इस आपदा में खास तोर पर प्रभावित इलाकों में रहा है विदूर
21:19खुद रस्वा के ग्लेशर कोलैप्स वाले शुरुवाती इलाके से नीचे की तरफ है इसलिए वहाँ भी तबाही का मनजर भयानक
21:25था लोग अब अपनों
21:38तरफ है नाम ऑदन के घी तरफ है इस एक प्रभ की अधित कर अधितु प्रलत नहीं कैंए चाप को
21:53लग रहा है आपको लग रहा है की निकाल पिल आएगा की यहीं पर आएगा सबसे पर दोग दूं हो
22:02पाए है और अधितू लगा
22:03नहीं नहीं, किम दिन होगा?
22:05अब सब्सक्राइब को नहीं है?
22:07पापा नहीं मिल पा रहे हैं?
22:11कहाँ पर से आये हैं आपको?
22:14कहीं रहते हैं?
22:1616 तारीक के बाद नहीं मिल पाए है
22:19आईड़ पाउर नहीं होते थे
22:2238 पे अभी उदर मिसिंग है
22:33आप यहां पर देखे जो नेपाल आमी के हलिकॉप्टर्स हैं वह भी यहां पर हैं
22:38और उसके साथ ही जो सिविलियन चॉपर्स हैं वह भी इसमें मदद कर रहे हैं
22:44तो उन सब को यहां पर तरसल कहीं से भी अगर कोई रस्क्यू हो पाता है
22:48इन जो एक-दू की संख्या में ही है और बहुत घंटे बीद गया हैं
22:52एक भी नहीं हो पाया है लेकिन जैसी एक भी हले कॉप्टर नहीं पर आता है
22:57सभी लोग तक तक ही लगाया यहां पर देखने लगते हैं कि क्या कोई आया तो
23:18लोग दिस्थापित हुए हैं जहां से और जहां पर सबसे बड़ी कलाश चल रही है
23:39राहत बचाओ और इंतजार इंतजार जो हम आपको दिखाते हैं यहां पर लेकिन जब
23:46वो एक व्यक्ति के रूप में आपके सामने होता है तो आपको दर्ग उसका समझ में आता है
23:50संजीव जी हमारे साथ इस समय है बॉस्टन से आए है उनकी वाइफ यहां कैलाश मानसुरूवर यात्रा के लिए आई
23:57थी
23:57रसुआ जिस जगे पर यह आजसा हुआ है वहां पर भी आप कॉंटाक्ट नहीं कर पा रहे हैं नए तो
24:03मेरा उनसे जो लास कॉंटेक्ट हुआ था वो निपाल का टाइम था चबशारिक 26 को और यहां पर मॉनिंग
24:11यहां पर 8.35 एम पर एग्जैक्ली 8.35 एम पर मेरा उनसे बातवा फोन पर वो कॉल मेरा उनसे
24:19ग्यारा मिनट चला दस ग्यारा मिनट सो अल्मोस्ट पंतालिस तक 8.45 तक मैं उनसे साथ कॉल में था और
24:27उसके बाद उनमे में बोला कि उनको कॉल आ रहा है पाकी टीम बढ़ा �
24:40है तो वो चले गई एंड उसके शायद दो मिनट के बाद यह हो गया उसके बाद से कोई कॉशिश
24:49है कि उस पूरे एरिया में जितने भी लोग देख रहे हो टीवी पर इस तस्वीर को देख रहे हो
24:54वो अगर कोई भी जानकारी रखते हैं तो कॉल करवाए
24:58किसी भी तरह का अगर कोई किसी कोई इंफॉमेशन हो आप डेली से आए हैं उनके साथ यह तस्वीर हो
25:05दिखा कर एक ही अपील आप लोग कर रहे हैं
25:08संजीव जी हमारे साथ इस समय हैं बॉस्टन से आए हैं उनकी वाइफ यहां केलाश मात सुरूवर यात्रा के लिया
25:14आए थी कॉंटाक्त नहीं कर पा रहे हैं नहीं अल्मोस्ट आट पंतालिस तक एट फोटीफाई तक में अंसे साथ कॉल
25:20में था और उसके बाद उनमें बो
25:37कर दिएšक येस्सरा हैं आए चैंस को आए बसे पार चाहरां बोड़ार और रहे हम सचितिए, जससा स�רने में में
25:52बोड़ा ऌए गॉ आगल से तक मुझ सक्साद।
26:27जो लोग अपना सामन बचाने के लिए लेने गए न तो लोग चाले गए और जो लोग अपने जन बचा
26:34के भाग गए वो बचे गए
26:36हम बस कल्पना कर सकते हैं कि ये शहर पहले कैसा रहा होगा और अभी कैसा दिखना है
26:46पैतीस मोटरेबल ब्रिज, पैतालीस सस्पेंशन ब्रिज और लगभग चालीस किलोमीटर सडक
26:53पूरी तरीके से प्रभावित हुए हैं इस मलबे और मिट्टी के नीचे ये पूरा बाजार का हिस्सा जा चुका है
27:00वहीरो इसी रास्ते से आगे होकर वो उपर की तरफ भागे
27:04ये हब है ये जहाँ पर पीड़त है और जहाँ पर सबसे बड़ी तलाश चल रही है
27:12तीन बाजी एक दीदी और एक मतनी मिसींग है
27:29लोग अपनों के लिए पहुचते हैं यहाँ पर या तो तलाश अदूरी रह जाती है
27:37लोग विलक्ष दूटे हैं ठूट ठूट कर रोने लगते हैं
27:49का ओलाए के ओलाए उन्हें अस्वर्मक्षों की बनी
28:00तबाहियों के इन टीलों के नीचे पूरा शहर अबाद हुआ करता था
28:03लेकिन अब सभिता का कोई भी साबुत अफशेश बागी नहीं है
28:09हजारों लोगों का मुस्कुराता हुआ शहर ना सांस लेता है ना धड़ता है ना उठने को तयार नज़र आता है
28:18आफिर क्या चाहती है खुद्रत क्यों हिला देती है बार बार नेपाल के वजूद को
28:24जरा सा सम्हलता है और फिर खतम हो जाता है सब कुछ मतलब सब कुछ
28:34यह अकेली नहीं है नेपाल में लाखों लोग हैं जिने अब अपनी आहटों से भी डर लगता है
28:41दढ़ सा लगता है तेज हवावाऊं से दढ़ सा लगता है जब नदी की आवाज आती है
29:02तो यह खाली टढ़ बचा है जो जिससे समझ आ सकता है
29:05यह जो है वहां धनके जो रसवा गड़ी का जो पाउरा हॉस है वह जो दिख रहे है है है
29:10तो कैसे जाते थे इस साइड से उस थे वहां पूल था ने उसके बाद लिख नहीं है पूल है
29:19यह दोनों तो
29:48बताते हुए कलेजा काप जाता है
29:50कि कैसा मनजर था
29:52एक इट हिल जाए तो दर्द होता है
29:54यहां तो पूरी जिन्दगी हिल गई
29:56नुवा कोड की ये तस्वीर है
29:58हर तरफ तबाही के निशान है
30:02तबाही अपने पीछे ऐसा दर्द छोड़ गई
30:05जिसके जखमों को भरने में अभी कई साल लग जाएंगे
30:08पूरे इलाके का मानो नक्षा ही बदल गया है
30:12सडक, दुकान, मकान सब बराबर हो गए है
30:14जिन घरों में कभी खुशियां चहकती थी
30:17आज उन्ही घरों के बाहर बेबस और लाचार लोगों का दर्द नजर आ रहा है
30:24ये वो जिला है जो सबसे बुरी तरीके से प्रभावित हुआ
30:27नेपाल में आई उस तरासदी से
30:30अब जैसे जैसे दिन बीत रहे हैं मलबा हट रहा है
30:33तरासदी का पैमाना दिख रहा है
30:35इस उचाई से आप वो पूरी तस्वीर देखिए
30:38त्रिशूली नदी अपने तटों को तोड़ कर दोनों तरफ ज्यादा चोड़ाई में बह रही है
30:44वो तस्वीरें जहां पर आपको लोग खड़े हुए दिख रहे हैं
31:03इंस्टिट्यूट्स और आगे आप हुटेल्स देख सकते हैं
31:06क्योंकि यहां पर परेटक बड़ी संख्या में आया करते थे
31:09अब जो इकलौता परेटन यहां पर है
31:13वो उन लोगों का है जो आकर देखना चाहते हैं
31:16कि कैसी विनाश लीला रही होगी
31:18जैसे ही उस बाढ़ को उस तबाही को तरासदी को आते लोगों ने देखा
31:22इसी रास्ते से आगे होकर वो उपर की तरफ भागे
31:27जब आगे वो तरासदी आई तबाही आई
31:30बाढ़ मलवे के साथ पानी आया
31:33तो ईश्वर को इस बात का शुकर तो आदा किया
31:36कि अपनी जान बची लेकिन अपनी आखों के सामने अपने आशियाने को तिनका तिनका होती भी देखा
31:50एक घर बनाने में पूरी उम्र गुजर जाती है और मिनट भी नहीं लगा सैक्रों घर मिट्टी में मिल गए
31:5626 अगस्त
32:02हजारों लोग सड़क पर आ गए 600 से ज्यादा की मौत हो गई और उस पर ये पानी रोज रोज
32:08तराता है
32:11स्थानी लोगों ने ऐसा मनज़र देखा जिसे वो ता उमर नहीं भूल पाएंगे
32:16तो मैंने देखा कि वहां से वो पूल से बाड़ा गया तो मैं पहले तप मेरा ममी पापा थे दोकान
32:23पे ना तो मैं गए अपनी ममी पापा को देखने के लिए कि वो अभी तक वहीं पे या नहीं
32:27अब इसकुटी तो चोड़ दो क्यूंकि हमारा भी योंग है तो हम कमा लें�
32:31पर अपनी ममी पापा को तो बचान पड़ गया तो हम चले गए वहां पे तो देखा ममी पापा दुखान
32:37बंद करके चले गए बाग गए तो मैं भी भाग गए उदर से अगर मैं इधर से आये होग तो
32:41मुझे भी लिके जाए का था पाड़ने फर वे उदर चले गए तो उ�
32:58यृगं समझने के टाइम भी नहीं हुआ उस तучान के क्या करना चाहिए क्योंकि कोई रो रहा हे उस तएम
33:03थे होगना तो अपना जयन बचाऊ आए तो तो कितने लोग रो रहे थित और कितने लोग दो ने के
33:14उसको बागा कर लेके गए एक को तो हमने बेखा सामने तो इससे
33:28रिसिका बताती है जिस महले में वो खेलती थी आज वो महला पूरी तरह बदल चुका है अब दूर खड़े
33:35होकर वो अपने घर को देख रही है
33:38खुशी इस बात की है कि परिवार के लोग बच गए
33:41उम्र भले ही कच्ची हो लेकिन इस छोटी उम्र में तबाही तजूर्बा ऐसा दे गई कि जिन्दगी को लेकर सोच
33:48ही बदल गई
33:53अच्छा जो पूरी तरह के से नीचे है सिर्फ एक मंजल दिख रहा है जिसका उपर
34:07कि पीछे देखते लोग तो साइथ पता नहीं क्या होता मतलब मुड के पीछे देखने का भी टाइम नहीं था
34:13यह सब घर यहां पर तो दोस्तों रहते होंगे तुमारे सब
34:18का शहर प्रेंट का भी खार जो है नो जो मंदील की तरह दिखे रहा है तो ही मेरे फ्रेंट
34:23का ही घर है और औह बदो कुछ भी नहीं रहा है यहां आप एक स्टी का की थी ऊंपको
34:30घया है
34:55रिसिका की खिस्मत अच्छी थी कि परिवार वाले बच गए लेकिन यहां भी ऐसे कई परिवार है
34:59जो अपने महले में अपनों को तलाश कर रहे हैं
35:29यह भांजी की लर्की हुई किती साल की है यह बच्छी दो साल की यह दीदी हुई यह भांजी है
35:37यह भी भांजी है
35:41तो यह मिल नहीं पा रहे हैं आप हर जगे जाके बस भूल रहे हैं
35:50चौपालों से लेकर चौराहों तक और अस्पतालों से लेकर स्कूलों तक नेपाल की नुवा कोर्ट एक विशाल शर्णार्थी शिवर में
35:58बदल गया है
35:59यहां दुनिया के लोग ठहरने आते थे अब वहां कुछ बचा नहीं है सिवाए कोहरां के
36:05तबाही के बाद अब यहां जीवित सभिता नहीं सभिता का अफशेश बागी है
36:09रस्क्यू ऑपरेशन जैसे जैसे बढ़ रहा है एक बुरी खबर पूरे परिवार को तोड़ कर रग देती है
36:21ये रस्क्या की तरफ जाने वाली सड़क है जैसे जैसे जो राहत करनी है वो थोड़ी से सफाई करते वे
36:26आगे बढ़ते हैं
36:28किसी ने किसी को कोई ने कोई बुरी खबर मेंती है
36:33पानी की रफ्तार इतनी तेज थी कि पहार तूट रहे थे धरती हिल रही थी
36:37बच्चे स्कूल में थे युवा काम पर निकले थे तूरिस्ट सेलफी ले रहे थे और अचानक से पानी का प्रहार
36:44होता है
36:44कुछ को भागने का मौफा मिल गया वो बच गए जो भाग नहीं पाए वो मिट्टी में दफन हो गए
36:49इस इलाके में कई होटल भी थे जिसमें टूरिस्ट रुके हुए थे जिनके जान बचाने की अपनी कहानी है
37:01ताओ जो भी ए सामने आपने आते हुए देखा?
37:18डरावना था बहुत बहुत अगदम डरावना था हुए भगता
37:2915 अगेस्ताइडा ओस को समान्त किरें इसको जान किसी के नहीं गई ?
38:02सब्सक्राइब करते हैं अब इस शहर में पता नहीं कहां चले गए
38:17हजारों लोग मल्मों को देखिए तो जवाब का अंदाजा भी होता है और डर भी लगता है यहां रहने वाले
38:24अमरीश बताते हैं कि इलाके का मानोब भूगोल ही बदल गया है
38:28क्या परिवर्तन आप देख रहे हैं 26 अगस्त के बाद से बहुत बड़ा परिवर्तन है अभी यहां पर जो है
38:35रोई शड़क का हाइट पड़ गया है फोला इधर थोड़ा सा पूदर से इधर साइड में आ गया है पहले
38:41से बतलब अभी ऐसा लग रहा है कि यह बैंक और यह ज
38:56तो अब और नदी इसी तरीके से नदी तो बहुत परिवर्तन होआ है पहले से इसका चमडाई बढ़ गया है
39:06पहले से यह पुरा खेत था इसके पशाडी पुरे खेत था इसके पशाडी अच्छा इससाइन में पुरे भर था यहां
39:14पर हर आदमी अपना बीच्पर साए करता
39:18यहां तक रोड था पाले हैं यहां तक रोड था अच्छा इसलिए यह हम रोड का जो कंस्ट्रक्शन मटीरिल वाला
39:26वो चीजें आप देख रहे हैं और इसलिए यहां पर खड़ा होना भी थोड़ी देर के लिए संभव हो पार
39:30हैं यह बाउंडरी था जो गिर गया है और उसक
39:40यह केवल इड पत्थरों से बने घर का खत्म हो जाना नहीं है यह खत्म हो जाना है उन धड़कनों
39:46का जिन में आबाद थी लोगों की खुशियां इंसान तो इंसान जानवर भी जिन्दगी और मौत की जंग्रा रहे हैं
39:56पर उपर सब्सक्राइब निकाल रहे हैं उन सब को अभी निकाला जा रहा है
40:35कुछ भी साबुत नहीं बचा है कुछ भी नहीं एक फिकर ऐसा नहीं जिसके सारे कोने दुरुस्त हूं
40:41किसी की दिवार तूटी है किसी की छट किसी की सीडिया किसी का बरामदा और सब का मन
40:47जिसे जुणने में पता नहीं कितने बरस गुजर जाएंगे सब का अपना अपना दर्द है
40:54हर चेहरा अपने आप में कहानी है
41:01नेपाल की तबाही के जरिये ये सवाल उठ रहे हैं कि क्या हिमाले के जो ग्लेशियर है
41:06वो किसी बड़े किसी विनाशकारी खत्रे की आहट के रूप में देखे जाने चाहिए
41:13ये सवाल उठाने की वज़े है
41:14वज़े ये कि पिछले 15 सालों में ऐसी प्रलेयंकारी ये चठी तरासदी है
41:49नेपाल की तरासदी ने एक बार फेर ये सवाल खड़ा किया है
41:52कि क्या हिमाले के ग्लेशियर बड़े और महा विनाशकारी खत्रे का अलार्म बजा रहे है
42:00ये सवाल इसलिए उठ रहा है क्योंकि पिछले 15 वर्षों में नेपाल की तबाही ऐसी जठी खत्ना है
42:142013 में ग्लेशियर तूटने के कारण केदारनाथ में भारी तबाही हुँ
42:20हजारों लोग मारे गए
42:212016 में भोटे कोशी तिबबत नेपाल सीमा पर जील का प्राकृतिक बांध तूटने पर आए सैलाब में सैकडों लोग बह
42:29गए
42:292021 में नेपाल के सिंधु पाल चोक में बारिश और ग्लेशियर पिघलने के कारण मेल मची नदी में आई बाड
42:37में सैकडों घर और कई इंसान बह गए
42:402021 में ही उत्तराखंड के चमोली में बर्प का बड़ा ग्लेशियर तूटकर जील में गिरा जिससे नदियों में सैलाब आया
42:48और 200 से ज्यादा लोग मारे गए
42:512023 में सिक्किम की दक्षिन लोनक ग्लेशियल जील का प्राकृतिक बांध तूट गया
42:57तब सुनामी जैसी उंची लहरें देखी गई और सैलाब ने जम कर तबाही मचाई
43:01और 2026 में अब नेपाल की ये वर्तमान तबाही है
43:08सवाल उठ रहा है कि क्या हिमालाई क्षेत्र में ग्लेशियल टाइम बंब बनते जा रहे है
43:27देहरादून स्थित बाडिया हिमालाई भुविज्यान संस्थान की रिपोर्ट के अनुसार
43:30हिमालाई रीजन में 211 ग्लेशियल जीलों की पहचान की गई है
43:35जिनके फटने पर अचानक बाड यानि ग्लेशियल लेक आउटबस्ट फ्लड का खत्रा बन सकता है
43:41रिसर्च में कोसी, यारलूंग जांगबो, मानस और उपरी सिंदु नदी घाटियों को सबसे समवेधन शील क्षेत्रों में रखा गया
43:49भारत में जम्मू कश्मीर, हिमाचल और सिक्किम की कई नदी घाटियां समवेधन शील जोन में है
43:55बाड़ाई तो इसकी चपेट में छेह राज्यों या केंद्र शासित प्रदेशों के 49 जिलों पर असर पड़ सकता है
44:02हिमाले की बात करें तो हिमाले में और मोस्ट जो है सभी रीजिन जो है वेलरबिल है और खतरनाक है
44:14ऊथ यह या तो है या फिल ड्राही है उसके जो हलके से बी रैंफॉल होने से उस रीजिन में
44:23एक बड़ा डिजास्टर की डिजास्टर का खत्रा हो सकता जिसका एक जांपल हम ने दोयार दोयार-13 में किदानात धराली
44:29और तमक में भी देखिए
44:34उत्तराखंड भी संकट के इस दाइरे से बाहर नहीं, वहां खत्रा सिर्फ ग्लेशियर जीलों से नहीं, बलकि खड़ी धलानों पर
44:40मौजूद हैंगिंग ग्लेशियर्स से भी है
44:42अलक नंदा बेसिन में 221 हैंगिंग ग्लेशियर्स की पहचान हुई है, जो आने वाले समय में पद्रीनाथ माणा सहित चमोली
44:51के निचले क्षेत्रों में तबाही ला सकते हैं
44:55करके सीवियारे ने एक अबलांच अर्ली वार्निंग मौनिटरिंग सिस्टम तयार किया है तो उतराकंड में दो जगा पे इंस्टॉल किये
45:04हैं डूंडी और एक वसंदरा ताल में तो हम लोग टेस्ट कर रहे हैं हमारे वागियानिक आज मतब टेस्ट कर
45:11रहे हैं अगले 6 से
45:13एक साल के बाद में वियर प्लानिंग टो हैंडिट ओर टो स्टेट गर्मिंट जो एस डेमि उसको ऑप्रेट कर सकता
45:18है वाज इस जो मतब जो रैंफाल होता है ना रैंफाल से मतब जो हमिडिटी है रैंफाल है जो बरफ
45:24का स्ट्रक्चर है यह सब जिरार सो मिनी पारामेटर
45:27तो वो सब देखने के पाद उसका जो combination होता है कौन से टाइम पर ट्रिगर हो रहा है उससे
45:33पता चलेगा
45:34रिसर्च के अनुसार हिमालय में अभी 8357 से 9288 जीले हैं इनमें 1990 के बाद 1052 नई जीले बनी हैं
45:48ग्लेसियस पीछे हट रहे हैं उंचाई वाले इलाकों में पानी जमा होने की नई जगहें बन रही हैं पुरानी जीलों
45:54का आकार भी बढ़ रहा है इनके क्षेत्र फल में 17 प्रतिशत 20 प्रतिशत और 76 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई
46:02है
46:02सबसे तेज बढ़ोतरी 2010 से 2020 के बीच देखी गई
46:074000 से 5000 मीटर की उंचाई वाले इलाकों में जीलों के क्षेत्र फल में वृद्ध सबसे ज्यादा रही
46:19जम्मू कश्मीर में चिनाव और जेलम, हिमाचल प्रदेश में चिनाव और व्यास, तथा सिक्किम में तीस्ता नदी घाटी को विशेश
46:27चिंता वाले क्षेत्र माना गया है
46:29यहां खत्रा सिर्फ जीलों के फटने से आने वाली बाढ़ तक सीमित नहीं है
46:33संभावित बाढ़ के रास्ते में सडकें, पुल, आवादी और जल्विद्यूत परियोजनाओं पर भी खत्रा बना हुआ है
46:39क्योंकि अचानक आने वाला पानी सिर्फ नदी के बहाव को नहीं बढ़ाएगा
46:43बलकि रास्ते में मौझूद इंफ्रस्ट्रक्चर को भी नुपसान पहुंचा सकता
46:55इनके अपिस्टीम और इवन सोर्स एरिया की लगातार मॉन्टरिंग के उपरान
47:00अर्ली वानिंग सिस्टम हमारे पा होना चाहिए
47:13जरूरत संपूर हिमालई क्षेत्र में ग्लेशियरों की निगरानी की है
47:17इसके आधार पर बचाव की तैयारियों को मजबूत करने की जरूरत है
47:22सैटलाइट तस्वीरों के साथ जमीन पर लगे रेडार, कैमरस, बर्क के अंदर होने वाली हलचल की निगरानी
47:29और डॉपलर रडार जैसी तक्नीकों का इस्तेमाल किया जा सकता
47:32खत्रे के संकेत समय रहते मिले तो सड़क बंद करने और लोगों को सुरक्षित जगह पहुंचाने जैसे कदम उठाए जा
47:39सकते हैं
47:39जिससे जानमाल का नुकसान कम तो किया ही जा सकता
47:48अभी के लिए इतना ही कैमर परसन सेद मौसन के साथ मुझे दीजिये इजासत देश और दुनिया की बाकी खबरों
47:54के लिए आप देखते रहिए आज तक
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