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ईरान को लेकर मिडिल ईस्ट से एक बड़ा दावा सामने आया है। रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान को सऊदी अरब, तुर्किये और पाकिस्तान के बीच हुए मक्का समझौते में शामिल होने का न्योता मिला है। क्या ईरान अब कथित ‘मुस्लिम NATO’ का हिस्सा बनने जा रहा है? अगर ऐसा होता है तो अमेरिका और ट्रंप की मिडिल ईस्ट रणनीति पर इसका क्या असर पड़ेगा? इस वीडियो में जानिए मक्का समझौते की पूरी कहानी, ईरान को मिले कथित न्योते, सऊदी अरब-तुर्किये-पाकिस्तान की भूमिका, आसिम मुनीर के तेहरान दौरे और ईरान-अमेरिका तनाव के बीच बदलते क्षेत्रीय समीकरणों का पूरा विश्लेषण।
A major claim from the Middle East has sparked fresh questions about the region’s changing alliances. According to a report, Iran has reportedly been invited to join the Mecca Pact involving Saudi Arabia, Türkiye and Pakistan. Could Iran become part of what some are calling a “Muslim NATO”? If confirmed, such a move could significantly reshape regional security and put new pressure on Donald Trump’s Middle East strategy. In this video, we explain the reported invitation, the Mecca Pact, the roles of Saudi Arabia, Türkiye and Pakistan, Asim Munir’s Tehran visit, and the latest developments in the Iran-US conflict.

#Iran #IslamicNATO #MeccaPact #IranUSWar #SaudiArabia #Turkey #Pakistan #Trump #MiddleEast #straitofhormuzcrisis

~HT.410~ED.542~GR.538~PR.516~VG.HM~

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Transcript
00:00पश्चिम में पाकिस्तान, उत्तर पश्चिम में तुर्की, मिडलीस में साउधी अरब और अब पूरव में बांगला देश
00:07साथ अग्स मक्का
00:08साइन हुआ एक ऐसा दस्तवेश जिसने पूरी एशिया के पावर बालन्स को लाकर रख दिया
00:14नाम दिया गया मक्का जॉइंड डिफेंट आग्रिमेंट
00:17लेकिन दुनिया इसे पुकार रही है इसलामिक नाटो और सबसे बड़ा धमाका
00:22वशिंटन से डॉनल्ड ट्रम्प ने समझोटे पर ताली बजा दी
00:25तो क्या भारत वाकई चारों तरफ से घिर चुका?
00:28क्या सलामिक नाटो और ट्रम्प की बिजनेस पुक्नीती मिलकर भारत के लिए सबसे बड़ा चक्रिव्यू रच रहे है
00:33आज हर मुखोटा उतरेगा हर पुक्नीती चाल का हिसाब होगा देखते रहे है ये
00:40आए पहले इस ट्रिगुट की टाकत और इसके पीछे का खतरनाख खेल समझे
00:46मक्का में साइन हुए इस पाक की सबसे घातक लाइन क्या है?
00:50इसे एक पर हमला तो तीनों पर हमला माना जाएगा
00:53ठीक नाटो के आर्टिकल 5 की तर्शन, जरा इस्तिकडी का गड़ित समझे
00:57साओधी अरा, बेहिसाब पेट्रो डॉलर और आर्थिक ताक तुर्की
01:01आधुनिक सैने तक नी, खतरनाख बेरा काटार, ड्रोन और वार मशीनरी
01:07पाकिस्तान का दाव बिल्कुल साफ है, अपनी खस्ताहाल अर्थ्विवस्था को अरप के पैसे से बचाना
01:13और इस इस्लामिक नाटो का धाल बनकर भारत के खिलाफ अपना पलरा भारी करना
01:18लेकिन कहानी का सबसे परिशान करने वाला मोड आता है भारत की पूर्वी मोड चेत, यानी बांगलादेश
01:24धाका में तकता पलट के बाद से ही नई हुकूमत का जुकाफ पाकिस्तान और तुर्की की तरफ साफ दिख रहा
01:33है
01:34पाकिस्तान की साज़श है कि बांगलादेश को भी सुरक्षा ब्लॉक में घसीट लिया जाए
01:38जरा सोचें अगर बांगलादेश इस ब्लॉक का हिस्सा बुनता है तो भारत के चुकिन ने कोरिडॉल जो हमारे पूरवांतर यानी
01:45नौर्थीज को भारत से जोगता है
01:47उसके ठीक मुहाने पर पाकिस्तान और तुर्की का प्रभाव खड़ा हुजाएगा
01:51यानी भारत पर ट्रू फ्रंट प्रेशर बनाने की पूरी तयारी और इस पूरी स्क्रिप्ट में सबसे बड़ा ट्विस्ट कौन लाए
01:57डॉनल्ड ट्रंप जस अमेरिकी नीती ने सालों तक चीन को घेरने के लिए भारत को मजबूत किया
02:03उस नीती को किनारे रखता ट्रंप ने तुर्ट सोशल पर लिखा
02:06मक्का समझोते से मुझे बहुत खुशी हुई
02:09ये बेहत साहसी कदम आखिर क्यों खुश है ट्रंप क्योंकि ट्रंप का एक ही उसूर नो फ्री सर्विस
02:15ट्रंप चाहते हैं कि साउधी तुर्की और पाकिस्तान अपनी सुरक्ष्रा का खर्च खुद उठाए
02:20अमेरिका का पैसा ना जल लेकिन सवाल ये है कि क्या ट्रंप की ये बिजनस कूप नीती भारत के हीतों
02:26को चोड़ पहुँचा रही है
02:27एक तरफ ट्रंप और मोदी की निजी केमिस्ट्री की बाते ही होती है तो वही दूसरी तरफ वाशिंग्टन से ऐसे
02:33फैसलों पर मुहन लगती है जो नई दिल्ली के माथे पर बल ला देते हैं
02:37लेकिन ठहरी अगर कोई समझोता है कि भारत इस घेरबंदी से ड़कर हाथ पर हाथ धरे बैठे रहेगा तो ये
02:43उसकी सबसे बड़ी भूल भारत ने तुर्की और पाकिस्तान की इस तिकड़ी को काटने के लिए अपना काउंटर चक्र वीव
02:49रच दिया है भारत ने तुर्क
03:03इस मक्का पैक्ट में हो लेकिन भारत उसका सबसे बड़ा बाजार और इनर्जी पार्टनर रियात कभी नहीं चाहेगा कि भारत
03:10जैसा आर्थिक महागा आए उससे दूर धाका में रार्शनीतिक महाल बदला है लेकिन भारत ने अपनी नेबर हुड फोस्मीती से
03:17बिचली व
03:31इतिहास गवाहे कागजी, गठ जोड और मैदाने जंग की हकीकत में आस्मान पाताल का फर्क होता है क्या इस्लामिक नाटो
03:37भारत के कूटनीति के आगे टिक पाएगा या फिर अपने हीदर उधा भासों की बोश तले दब जाएगा अब सवाल
03:44आपसे है क्या आपको लगता
04:27रही वान इंडिया है
04:28अभी आधिकारिक पुष्टी नहीं हुई है
04:31रिपोर्ट के मुताबिक इरानी संसत की वेबसाइट खाने मिल्लत के प्रमुक महदी रहीमी ने अल मयादीन को दिये एक इंटर्व्यू
04:38में कहा कि इरान को मक्का समझोते में शामिल होने का न्योता मिल चुका है
04:43उन्होंने बताया कि इरान इस प्रस्ताव पर विचार कर रहा है यही बयान इस पूरी कहानी का सबसे एहम हिस्सा
04:50है
04:50क्योंकि अगर इरान वास्तों में समझोते में शामिल होने की दिशा में आगे बढ़ता है तो एक तरफ सौदी अरब,
04:57तुर्की और पाकिस्तान होंगे और दूसरी तरफ उसी व्यवस्था में इरान भी शामिल हो जाएगा
05:03लेकिन अभी ये साफ नहीं है कि इरान ने इस प्रस्ताव पर क्या फैसला लिया है
05:08इस खबर के सامने आने का समय भी काफी एहम है, पाकिस्तान के सिना प्रमुक आसिम मुनीर के सोमार को
05:14टेहरान दौरे की खबर है
05:16पाकिस्तान इस समय अमेरिका और इरान के बीच चल रहे तनाव में खुद को बातचीत और शांत की कोशिश करने
05:23वाला देश बता रहा है
05:24हाला कि अब तक इस दिशा में पाकिस्तान की कोश्चों से कोई बड़ा नतीजा सामने नहीं आया है
05:30मग्दा समझोता 7 अगस्त को सामने आया था इस पर सौधी क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन सल्मान तुर्की के राश्टपती रेजब
05:38तैयब एर्दोगान और पाकिस्तान के प्रधान मंतरी शहबार शरीफ ने हस्ताक्षर किये थे
05:43समझोते का सबसे एहम हिस्सा आपसी सुरक्षा से जुड़ा हुआ है इसके तहात किसी एक सदस देश पर हमला होने
05:50को सभी सदस देशों पर हमला माना जाएगा यही वज़ा है कि समझोते की तुल्ला नेटो से की जा रही
05:56है
05:56तुर्की के विदेश मंतरी हाकन फिदान ने भी इसके तुल्ला नेटो के आइटकल 5 से की थी नेटो में किसी
06:03एक सदस पर हमला होने को पूरे गटबंधन पर हमला माना जाता है
06:07इसी आधार पर कुछ जानकार और मीडिया रिपोर्ट इस समझोते को मुसलिब नेटो कह रहे हैं
06:13हाला कि ये नाम आधिकारिक नहीं है तुर्की लगातार ये साफ करता रहा है कि समझोता किसी खास देश के
06:20खिलाफ नहीं है और इसका मकसद छेत्रिय सुरक्षा को मजबूत करना है
06:24अब अगर इरान के शामिल होने की खबर सही साबित होती है तो सबसे बड़ा सवाल अमेरिका को लेकर उठेगा
06:30इरान और अमेरिका के 20 तनाव पहले से ही काफी जादा है ऐसे में इरान का सौधी अरब तुर्किये और
06:37पाकिस्तान के साथ किसी साज़ा सुरक्षा व्योस्था में आना पूरे छेत्र की रहनिती को प्रभावित कर सकता है
06:43लेकिन यहां सावधानी जरूरी है अभी इरान के विदर्शमंत्री या विदर्शमंत्रालय या मक्का समझोते के तीनों सदस देशों की ओर
06:52से इरान को नियोता दिये जाने की आधिकारिक पुष्टी नहीं की गई है
06:57इसलिए फिलहाल इसे एक रिपोर्ट और वरिष्ट इरानी अधिकारी के दावे के तौर पर ही देखा जाना चाही
07:03फिर भी ये खबर इसलिए महत्पूर है क्योंकि कुछ समय पहले इरान और सौधी अरब एक दूसरे के बड़े प्रतिदुन्दी
07:10माने जाते थे
07:11अब अगर दोनों एक ही सुरक्षा व्योस्था में आने की संभावना पर विचार कर रहे हैं तो ये मिडलिष्ट की
07:18राजनीती में बड़ा बदलाव होगा
07:20अब नजर इरान के अगले कदम पर है क्या तेहरान इस नियोतियों को सुविकार करेगा क्या सौधी एरब और तुर्किये
07:26इरान को इस सुरक्षा व्योस्था में शामिल करने के लिए तयार हैं और अगर ऐसा हुआ तो अमेरिका और टरंप
07:32की मिडलिष्ट नीत पर इसका क्
07:35पड़ेगा इन सवालों के जवाब आने वाले दिनों में इस पूरे घटना करम की दिशा बताने का काम करेंगे।
08:05आन को मिली है इस नए डिफेंसिव अलाइंस का इनिविटेशन क्योंकि अगर ये खबर सच थाबत होती है तो ये
08:12पूरे रीजन के पावर बालेंस को और दुनिया के इतिहास को पलट कर रखतेगा।
08:17हाल ही में साओधी अरेबिया के शहर मक्का में एक बहुत बड़ा डिफेंस अग्रीमेंट साइन किया गया था।
08:24साओधी क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन सल्मान, तूर्की के प्रेजिडेंट रिसीब तयीब एर्दोगन और पाकिस्तान के प्राइम मिनिस्टर शहबाज शरीफ ने
08:33मिलकर मेका जॉइन डिफेंस अग्रीमेंट पर अपने हस्ताक्ष्र किये थे।
08:37इस पैक्ट का सबसे बड़ा और कोर प्रिंसिपल नेटो के कलेक्टिव डिफेंस मॉडल जैसा है।
08:44मतलब अगर तीनों देशों में से किसी एक पर भी कोई आम्ड अटाक होता है तो उसे तीनों पर हमला
08:50माना जाएगा।
08:51इसके अलावा military coordination, intelligence sharing और joint exercises की भी बात की गई है।
08:57लेकिन अब जो सबसे बड़ी update सामने आ रही है वो ये है कि इरान को इस मेका डिफेंस पैक्ट
09:03में शामिल होने के लिए invitation मिल चुका है।
09:07ये दावा किसी और ने नहीं बलकि इरान की Parliament Link News Agency खने मिलाद के हेड महदी रहमी ने
09:15अलमयादीन को दी गए interview में किया है।
09:18उनका साफ कहना है कि तहरान को invitation मिल चुका है और फिलाल इस पूरे मामले पर गंभीरता से विचार
09:25किया जा रहा है।
09:26अगर हम इरान के नजरिये से देखे तो तहरान के लिए ये एक बड़ी diplomatic victory जैसा है।
09:32इरान हमेशा से ये हमानता आया है कि रीजन की security बाहरी ताकतों पर निर्भर नहीं होनी चाहिए।
09:38बलकि यहां के देशों को मिलकर आपस में एक मजबूत सुरक्षा चक्र बनाना चाहिए।
09:44इरानियन officials का ये भी मानना है कि उन्हें इस pact से डरने की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि अगर
09:50regional countries आपस में जुडती हैं तो ये एक positive कदम है negative नहीं है।
09:55तहरान के लिए केवल एक alliance नहीं है बलकि सालों से चलिया रही दूरियों को मिटाने और एक नया regional
10:02security framework खड़ा करने का सुनहरा मौका भी बन सकता है।
10:07आपको पता ही होगा कि इरान और साओधी अरेबिया के बीच में जो मत मुटाव हैं वो कई सालों से
10:13चल रहे हैं।
10:14लेकिन दर्शक को इस खबर का एक दूसरा पहलू भी है जिसे नजर अंदाज नहीं किया जा सकता।
10:19सबसे बड़ा क्याची है कि अभी तक इरान की foreign ministry या किसी भी official सरकारी बयान में इस invitation
10:25की पुष्टी नहीं की गई है।
10:27नहीं साओधी अरेबिया, पाकिस्तान और टर्की की तरफ से publicly कोई statement आया है जो ये confirm करे कि तहरान
10:34शायद Islamic NATO जोइन करेगा।
10:36इसलिए फिलाल ये सिरफ एक single source report है लेकिन फिर भी सोचने पर मझपूर जरूर करती है।
10:43रास्ते में अभी भी कई बड़ी रोक हैं। इरान और साओधी अरेबिया का इतिहास किस तरह करा है ये किसी
10:49से छिपा नहीं है। वहीं टर्की और पाकिस्तान के रिष्टे भी तहरान के साथ strategic complexity से भरे हुए है।
10:56कुछ unverified reports में तो यहां तक कहा गया है कि अगर इरान इस पैक्ट में आता है तो वह
11:01साओधी जमीन या airspace के American military use पर कड़ी शर्ते या पबंदियां लगाने की मांग कर सकता है।
11:10अलाकि इस बात का official सबूत तो नहीं है लेकिन अगर Islamic NATO में इरान जुड़ जाता है तो ये
11:17western allies के लिए बहुत बड़ा जटका होगा।
11:21अगर आने वाले समय में ये खबर सच साबित होती है और इरान इस पैक्ट का हिस्सा बन जाता है
11:27तो इसका परिणाम बेहत खतरनाक होगा।
11:30जो पाक्ट शुरू में सिर्फ तीन देशों तक सीमित था वो एक बहुत बड़े regional security block में बदल जाएगा।
11:36जहां आम तोर पर एक दूसरे के खिलाफ खड़े रहने वाले देश एक ही platform पर Muslim unity लेकर आएंगे
11:43और दुनिया को अपने सामने जुटने पर मजबूर करेंगे।
11:46फिलाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि हैरान को सच में invite किया गया है और अगर invite किया गया
11:53है तो क्या हैरान को साथ देना चाहिए और Islamic NATO में जुट जाना चाहिए और क्या तहरान इस invitation
12:01को स्वीकार करके West Asia का इतिहास बदल देगा।
12:05जवाब के लिए हमें धोड़ा और इंतजार करना होगा जब तक इन देशों की तरफ से official मोहर नहीं लगती
12:11लेकिन एक बात बिलकुल साफ है कि बातचीत हो रही है और बहुत जल्द हो सकता है ये बात सामने
12:17आ जाए कि इरान Islamic NATO से जुड़ गया है और इस एक खबर से पूर
12:33कोई जगा जगा चेक
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