00:00पश्चिम में पाकिस्तान, उत्तर पश्चिम में तुर्की, मिडलीस में साउधी अरब और अब पूरव में बांगला देश
00:07साथ अग्स मक्का
00:08साइन हुआ एक ऐसा दस्तवेश जिसने पूरी एशिया के पावर बालन्स को लाकर रख दिया
00:14नाम दिया गया मक्का जॉइंड डिफेंट आग्रिमेंट
00:17लेकिन दुनिया इसे पुकार रही है इसलामिक नाटो और सबसे बड़ा धमाका
00:22वशिंटन से डॉनल्ड ट्रम्प ने समझोटे पर ताली बजा दी
00:25तो क्या भारत वाकई चारों तरफ से घिर चुका?
00:28क्या सलामिक नाटो और ट्रम्प की बिजनेस पुक्नीती मिलकर भारत के लिए सबसे बड़ा चक्रिव्यू रच रहे है
00:33आज हर मुखोटा उतरेगा हर पुक्नीती चाल का हिसाब होगा देखते रहे है ये
00:40आए पहले इस ट्रिगुट की टाकत और इसके पीछे का खतरनाख खेल समझे
00:46मक्का में साइन हुए इस पाक की सबसे घातक लाइन क्या है?
00:50इसे एक पर हमला तो तीनों पर हमला माना जाएगा
00:53ठीक नाटो के आर्टिकल 5 की तर्शन, जरा इस्तिकडी का गड़ित समझे
00:57साओधी अरा, बेहिसाब पेट्रो डॉलर और आर्थिक ताक तुर्की
01:01आधुनिक सैने तक नी, खतरनाख बेरा काटार, ड्रोन और वार मशीनरी
01:07पाकिस्तान का दाव बिल्कुल साफ है, अपनी खस्ताहाल अर्थ्विवस्था को अरप के पैसे से बचाना
01:13और इस इस्लामिक नाटो का धाल बनकर भारत के खिलाफ अपना पलरा भारी करना
01:18लेकिन कहानी का सबसे परिशान करने वाला मोड आता है भारत की पूर्वी मोड चेत, यानी बांगलादेश
01:24धाका में तकता पलट के बाद से ही नई हुकूमत का जुकाफ पाकिस्तान और तुर्की की तरफ साफ दिख रहा
01:33है
01:34पाकिस्तान की साज़श है कि बांगलादेश को भी सुरक्षा ब्लॉक में घसीट लिया जाए
01:38जरा सोचें अगर बांगलादेश इस ब्लॉक का हिस्सा बुनता है तो भारत के चुकिन ने कोरिडॉल जो हमारे पूरवांतर यानी
01:45नौर्थीज को भारत से जोगता है
01:47उसके ठीक मुहाने पर पाकिस्तान और तुर्की का प्रभाव खड़ा हुजाएगा
01:51यानी भारत पर ट्रू फ्रंट प्रेशर बनाने की पूरी तयारी और इस पूरी स्क्रिप्ट में सबसे बड़ा ट्विस्ट कौन लाए
01:57डॉनल्ड ट्रंप जस अमेरिकी नीती ने सालों तक चीन को घेरने के लिए भारत को मजबूत किया
02:03उस नीती को किनारे रखता ट्रंप ने तुर्ट सोशल पर लिखा
02:06मक्का समझोते से मुझे बहुत खुशी हुई
02:09ये बेहत साहसी कदम आखिर क्यों खुश है ट्रंप क्योंकि ट्रंप का एक ही उसूर नो फ्री सर्विस
02:15ट्रंप चाहते हैं कि साउधी तुर्की और पाकिस्तान अपनी सुरक्ष्रा का खर्च खुद उठाए
02:20अमेरिका का पैसा ना जल लेकिन सवाल ये है कि क्या ट्रंप की ये बिजनस कूप नीती भारत के हीतों
02:26को चोड़ पहुँचा रही है
02:27एक तरफ ट्रंप और मोदी की निजी केमिस्ट्री की बाते ही होती है तो वही दूसरी तरफ वाशिंग्टन से ऐसे
02:33फैसलों पर मुहन लगती है जो नई दिल्ली के माथे पर बल ला देते हैं
02:37लेकिन ठहरी अगर कोई समझोता है कि भारत इस घेरबंदी से ड़कर हाथ पर हाथ धरे बैठे रहेगा तो ये
02:43उसकी सबसे बड़ी भूल भारत ने तुर्की और पाकिस्तान की इस तिकड़ी को काटने के लिए अपना काउंटर चक्र वीव
02:49रच दिया है भारत ने तुर्क
03:03इस मक्का पैक्ट में हो लेकिन भारत उसका सबसे बड़ा बाजार और इनर्जी पार्टनर रियात कभी नहीं चाहेगा कि भारत
03:10जैसा आर्थिक महागा आए उससे दूर धाका में रार्शनीतिक महाल बदला है लेकिन भारत ने अपनी नेबर हुड फोस्मीती से
03:17बिचली व
03:31इतिहास गवाहे कागजी, गठ जोड और मैदाने जंग की हकीकत में आस्मान पाताल का फर्क होता है क्या इस्लामिक नाटो
03:37भारत के कूटनीति के आगे टिक पाएगा या फिर अपने हीदर उधा भासों की बोश तले दब जाएगा अब सवाल
03:44आपसे है क्या आपको लगता
04:27रही वान इंडिया है
04:28अभी आधिकारिक पुष्टी नहीं हुई है
04:31रिपोर्ट के मुताबिक इरानी संसत की वेबसाइट खाने मिल्लत के प्रमुक महदी रहीमी ने अल मयादीन को दिये एक इंटर्व्यू
04:38में कहा कि इरान को मक्का समझोते में शामिल होने का न्योता मिल चुका है
04:43उन्होंने बताया कि इरान इस प्रस्ताव पर विचार कर रहा है यही बयान इस पूरी कहानी का सबसे एहम हिस्सा
04:50है
04:50क्योंकि अगर इरान वास्तों में समझोते में शामिल होने की दिशा में आगे बढ़ता है तो एक तरफ सौदी अरब,
04:57तुर्की और पाकिस्तान होंगे और दूसरी तरफ उसी व्यवस्था में इरान भी शामिल हो जाएगा
05:03लेकिन अभी ये साफ नहीं है कि इरान ने इस प्रस्ताव पर क्या फैसला लिया है
05:08इस खबर के सامने आने का समय भी काफी एहम है, पाकिस्तान के सिना प्रमुक आसिम मुनीर के सोमार को
05:14टेहरान दौरे की खबर है
05:16पाकिस्तान इस समय अमेरिका और इरान के बीच चल रहे तनाव में खुद को बातचीत और शांत की कोशिश करने
05:23वाला देश बता रहा है
05:24हाला कि अब तक इस दिशा में पाकिस्तान की कोश्चों से कोई बड़ा नतीजा सामने नहीं आया है
05:30मग्दा समझोता 7 अगस्त को सामने आया था इस पर सौधी क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन सल्मान तुर्की के राश्टपती रेजब
05:38तैयब एर्दोगान और पाकिस्तान के प्रधान मंतरी शहबार शरीफ ने हस्ताक्षर किये थे
05:43समझोते का सबसे एहम हिस्सा आपसी सुरक्षा से जुड़ा हुआ है इसके तहात किसी एक सदस देश पर हमला होने
05:50को सभी सदस देशों पर हमला माना जाएगा यही वज़ा है कि समझोते की तुल्ला नेटो से की जा रही
05:56है
05:56तुर्की के विदेश मंतरी हाकन फिदान ने भी इसके तुल्ला नेटो के आइटकल 5 से की थी नेटो में किसी
06:03एक सदस पर हमला होने को पूरे गटबंधन पर हमला माना जाता है
06:07इसी आधार पर कुछ जानकार और मीडिया रिपोर्ट इस समझोते को मुसलिब नेटो कह रहे हैं
06:13हाला कि ये नाम आधिकारिक नहीं है तुर्की लगातार ये साफ करता रहा है कि समझोता किसी खास देश के
06:20खिलाफ नहीं है और इसका मकसद छेत्रिय सुरक्षा को मजबूत करना है
06:24अब अगर इरान के शामिल होने की खबर सही साबित होती है तो सबसे बड़ा सवाल अमेरिका को लेकर उठेगा
06:30इरान और अमेरिका के 20 तनाव पहले से ही काफी जादा है ऐसे में इरान का सौधी अरब तुर्किये और
06:37पाकिस्तान के साथ किसी साज़ा सुरक्षा व्योस्था में आना पूरे छेत्र की रहनिती को प्रभावित कर सकता है
06:43लेकिन यहां सावधानी जरूरी है अभी इरान के विदर्शमंत्री या विदर्शमंत्रालय या मक्का समझोते के तीनों सदस देशों की ओर
06:52से इरान को नियोता दिये जाने की आधिकारिक पुष्टी नहीं की गई है
06:57इसलिए फिलहाल इसे एक रिपोर्ट और वरिष्ट इरानी अधिकारी के दावे के तौर पर ही देखा जाना चाही
07:03फिर भी ये खबर इसलिए महत्पूर है क्योंकि कुछ समय पहले इरान और सौधी अरब एक दूसरे के बड़े प्रतिदुन्दी
07:10माने जाते थे
07:11अब अगर दोनों एक ही सुरक्षा व्योस्था में आने की संभावना पर विचार कर रहे हैं तो ये मिडलिष्ट की
07:18राजनीती में बड़ा बदलाव होगा
07:20अब नजर इरान के अगले कदम पर है क्या तेहरान इस नियोतियों को सुविकार करेगा क्या सौधी एरब और तुर्किये
07:26इरान को इस सुरक्षा व्योस्था में शामिल करने के लिए तयार हैं और अगर ऐसा हुआ तो अमेरिका और टरंप
07:32की मिडलिष्ट नीत पर इसका क्
07:35पड़ेगा इन सवालों के जवाब आने वाले दिनों में इस पूरे घटना करम की दिशा बताने का काम करेंगे।
08:05आन को मिली है इस नए डिफेंसिव अलाइंस का इनिविटेशन क्योंकि अगर ये खबर सच थाबत होती है तो ये
08:12पूरे रीजन के पावर बालेंस को और दुनिया के इतिहास को पलट कर रखतेगा।
08:17हाल ही में साओधी अरेबिया के शहर मक्का में एक बहुत बड़ा डिफेंस अग्रीमेंट साइन किया गया था।
08:24साओधी क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन सल्मान, तूर्की के प्रेजिडेंट रिसीब तयीब एर्दोगन और पाकिस्तान के प्राइम मिनिस्टर शहबाज शरीफ ने
08:33मिलकर मेका जॉइन डिफेंस अग्रीमेंट पर अपने हस्ताक्ष्र किये थे।
08:37इस पैक्ट का सबसे बड़ा और कोर प्रिंसिपल नेटो के कलेक्टिव डिफेंस मॉडल जैसा है।
08:44मतलब अगर तीनों देशों में से किसी एक पर भी कोई आम्ड अटाक होता है तो उसे तीनों पर हमला
08:50माना जाएगा।
08:51इसके अलावा military coordination, intelligence sharing और joint exercises की भी बात की गई है।
08:57लेकिन अब जो सबसे बड़ी update सामने आ रही है वो ये है कि इरान को इस मेका डिफेंस पैक्ट
09:03में शामिल होने के लिए invitation मिल चुका है।
09:07ये दावा किसी और ने नहीं बलकि इरान की Parliament Link News Agency खने मिलाद के हेड महदी रहमी ने
09:15अलमयादीन को दी गए interview में किया है।
09:18उनका साफ कहना है कि तहरान को invitation मिल चुका है और फिलाल इस पूरे मामले पर गंभीरता से विचार
09:25किया जा रहा है।
09:26अगर हम इरान के नजरिये से देखे तो तहरान के लिए ये एक बड़ी diplomatic victory जैसा है।
09:32इरान हमेशा से ये हमानता आया है कि रीजन की security बाहरी ताकतों पर निर्भर नहीं होनी चाहिए।
09:38बलकि यहां के देशों को मिलकर आपस में एक मजबूत सुरक्षा चक्र बनाना चाहिए।
09:44इरानियन officials का ये भी मानना है कि उन्हें इस pact से डरने की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि अगर
09:50regional countries आपस में जुडती हैं तो ये एक positive कदम है negative नहीं है।
09:55तहरान के लिए केवल एक alliance नहीं है बलकि सालों से चलिया रही दूरियों को मिटाने और एक नया regional
10:02security framework खड़ा करने का सुनहरा मौका भी बन सकता है।
10:07आपको पता ही होगा कि इरान और साओधी अरेबिया के बीच में जो मत मुटाव हैं वो कई सालों से
10:13चल रहे हैं।
10:14लेकिन दर्शक को इस खबर का एक दूसरा पहलू भी है जिसे नजर अंदाज नहीं किया जा सकता।
10:19सबसे बड़ा क्याची है कि अभी तक इरान की foreign ministry या किसी भी official सरकारी बयान में इस invitation
10:25की पुष्टी नहीं की गई है।
10:27नहीं साओधी अरेबिया, पाकिस्तान और टर्की की तरफ से publicly कोई statement आया है जो ये confirm करे कि तहरान
10:34शायद Islamic NATO जोइन करेगा।
10:36इसलिए फिलाल ये सिरफ एक single source report है लेकिन फिर भी सोचने पर मझपूर जरूर करती है।
10:43रास्ते में अभी भी कई बड़ी रोक हैं। इरान और साओधी अरेबिया का इतिहास किस तरह करा है ये किसी
10:49से छिपा नहीं है। वहीं टर्की और पाकिस्तान के रिष्टे भी तहरान के साथ strategic complexity से भरे हुए है।
10:56कुछ unverified reports में तो यहां तक कहा गया है कि अगर इरान इस पैक्ट में आता है तो वह
11:01साओधी जमीन या airspace के American military use पर कड़ी शर्ते या पबंदियां लगाने की मांग कर सकता है।
11:10अलाकि इस बात का official सबूत तो नहीं है लेकिन अगर Islamic NATO में इरान जुड़ जाता है तो ये
11:17western allies के लिए बहुत बड़ा जटका होगा।
11:21अगर आने वाले समय में ये खबर सच साबित होती है और इरान इस पैक्ट का हिस्सा बन जाता है
11:27तो इसका परिणाम बेहत खतरनाक होगा।
11:30जो पाक्ट शुरू में सिर्फ तीन देशों तक सीमित था वो एक बहुत बड़े regional security block में बदल जाएगा।
11:36जहां आम तोर पर एक दूसरे के खिलाफ खड़े रहने वाले देश एक ही platform पर Muslim unity लेकर आएंगे
11:43और दुनिया को अपने सामने जुटने पर मजबूर करेंगे।
11:46फिलाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि हैरान को सच में invite किया गया है और अगर invite किया गया
11:53है तो क्या हैरान को साथ देना चाहिए और Islamic NATO में जुट जाना चाहिए और क्या तहरान इस invitation
12:01को स्वीकार करके West Asia का इतिहास बदल देगा।
12:05जवाब के लिए हमें धोड़ा और इंतजार करना होगा जब तक इन देशों की तरफ से official मोहर नहीं लगती
12:11लेकिन एक बात बिलकुल साफ है कि बातचीत हो रही है और बहुत जल्द हो सकता है ये बात सामने
12:17आ जाए कि इरान Islamic NATO से जुड़ गया है और इस एक खबर से पूर
12:33कोई जगा जगा चेक
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