Skip to playerSkip to main content
Hal Chhath Puja 2026: हल छठ का पावन पर्व कृष्ण जन्माष्टमी से दो दिन पहले मनाया जाता है। इसे ललही छठ, चन्दन छठ, कमर छठ और खमर छठ के नाम से भी जाना जाता है। धार्मिक मान्यताओं अनुसार इसी दिन बलराम जी का जन्म हुआ था, इसलिए इसे बलराम जयंती के रूप में भी मनाया जाता है। लेकिन कुछ लोग इस बात को लेकर कंफ्यूज रहते हैं कि इस दिन किस की पूजा की जाती है तो चलिए बताते हैं हलछठ पर किस भगवान की पूजा करें.

Hal Chhath Puja 2026: The auspicious festival of Hal Chhath is celebrated two days before Krishna Janmashtami. It is also known by names such as Lalahi Chhath, Chandan Chhath, Kamar Chhath, and Khamar Chhath. According to religious beliefs, Lord Balarama was born on this day; hence, it is also celebrated as Balarama Jayanti. However, some people remain confused about which deity is worshipped on this occasion, so let us explain which deity should be worshipped on Hal Chhath.

#halchhathpooja #harchhath #pujapath #pujasamagri #halchhathvratkatha #halchhathkikahani #pujavidhi #boldskyhindi

~PR.114~HT.408~ED.120~VG.MX~

Category

🗞
News
Transcript
00:03हलचट का पावन पर्व कृष्ण जनमास्ट में से दो दिन पहले मनाया जाता है इसे ललही छट चंदन छट कमर
00:11छट और खमर छट के नाम से भी जाना जाता है धार्मिक मानेताओं के अनुसार इसी दिन बलराम जी का
00:17जनम हुआ था इसलिए इसे बलराम जयनती के रूप में �
00:20भी मनाया जाता है वहीं कई छेत्रों में और समुदाय में में इस पर्व को तिन छट्टी चंदर छट्थी चानन
00:29छट और चना छट के नाम से भी हरचट के दिन महिले अपने संतान की लंबी आयउ और उनके सुखी
00:37जीवन की कामना से वरत रखती है मानेता ये भी है कि इस �
00:45पुजा की जाती है कौन से भगमान को पूजा जाता है चलिए बताते हैं आपको इस वीडियो में दरशच की
00:55दिन महिलाय अपने संतान के लिए वरत रखती है यह वरत भगमान कृष्ण के जेस्ट भाता रहता यानि कि भगमान
01:01बल्राम को समर्पित होता है इस दिन ब्ल्राम �
01:06का जनम हुआ था बलराम जी का मुख्य शस्त्र हल और मुसव है इसलिए इस दिन हल की विशेश पूजा
01:14की जाती है वही क्रिश्रिप्रदान संस्कृति होने के कारण इस दिन किसान और आम लोग हल की पूजा करके अन्यदाता
01:21और धर्ती माता के प्रतीद अभार व्यक्त करते
01:24हैं मैं संतानों के दिरगाई और अच्छे स्वास और रक्षा के लिए माताएं इस दिन छठी माता की पूजा अर्चना
01:31भी करती है इस दिन पूजा में गोबर से दिवार पर सस्टी माता हल और सबतरिशी के चित्र बना कर
01:38सतनाज और महुआ अर्पित किया जाता है और पू
01:54झाल झाल
Comments

Recommended