00:27।
00:58।
01:21।
01:22SABCE PAHLAYE BAT KERTEY PARTNERS LLP KIE
01:25AMERICA KIE MUTABIK PROTES PARTNERS BHAARAT MEN EK KUSTEM BROKER KIE TORPOR POR KAM KER TIE HAY
01:30OR ISNNAY IRANI PETROKEMICALS PRODUCTS KIE KAY SIGMENT KO BHAARAT MEN IMPORT KERANEME MADD KIE
01:36AMERICA NENE KAMPANI KE DOW DESIGNATED PARTNERS INDRIS MIA, ASRAF MIA SIEKH OR HARISH RAM CHANDR RANGI KOO BBLOCK KER
01:44DIA
01:44YARANI KARWAI SIRF KAMPANI PAN NAHIN HUI HAYA BALKI USTESTE JUDE PRAMUK LLOGOS KO BHI PRATIVANTHO KEE DIAIRY MILAAYA GAYA
01:50AB AATE HAIN SADASIU OVERSEAS LIMITED POR
01:53AMERICA KAHAROP HAYI KIS KAMPANI NENE FHRWARI 2024 SE JUN 2025 KEE BIC KARRIB 79 MILLION DOLLAR YARANI LAKBAK 570
02:01KROD RUPAY
02:01SE ZYADHA MOLE KEE IRANI MOLE KEE PETROLIUM PRODUKTS IMPORT KEE KAYA
02:05OR ISI VAGAH SE KAMPANI KO AMERIKI PRATIVANTHO KE TAHAR DESIGNATED KIA GYA GYA
02:09TISRAI KAMPANI PPP SOFTET PRIVATE LIMITED
02:12AMERICA KAKA DAWAHA HAY KINJANWARI 2024 SE JUN 2025 KEE BIC
02:15IS KAMPANI NENE KARRIB 25 MILLION DOLLAR YARANI KI LAKBAK 200 KRON RUPAY SE ZYADHA KI IRANI PETROLIUM PRODUKTS IMPORT
02:22KIA
02:22KAMPANI KAKA DAIREKTOR PRASHANTH GARG KO BHI AMERIKI PRATIVANTHO KEY DAIERAY MEN LIA GYA GYA HAY
02:27AB BAAT CAUTHI KAMPANI KEY KAKRTAY HAIN
02:29CAUTHI KAMPANI HAIN PRAKRATIJ INFRA IMPACTS INDIA PRIVATE LIMITED
02:33AMERICA KAKA MUTAVIK MAI 2023 SE FRAVARI 2026 KEE BIC
02:36IS KAMPANI NENE KARRIB 25 MILLION DOLLAR KAY IRANI PETROLIUM PRODUKTS IMPORT KIA
02:41AMERICA KAKA AAROP HAY KIN PRODUKTS KI SAPPLAY MEN AMERICA DWAARA PAHLAY SE
02:45GIGNATED KUCH ENTITIES BHI SHAMIL THI
02:47तो अगर इन चारो कमपनियों के खिलाफ लगाये गए आरोपों को देखें
02:50तो मामला सिर्फ किसी एक स्टिप्मेंट या किसी एक ट्रांजेक्सन का नहीं है
02:54AMERICA का दवा है कि इन कमपनियों की गतिविधिया
02:57इरान के तेल और पेट्रो केमिकल नेटवर्क से चुड़ी हुई थी
03:00और यही बचा है कि इन्हें निशान बनाया गया
03:03अब यहाँ सबसे बड़ा सवाल आता है कि अमेरिका ऐसा क्यों कर रहा है
03:21तो उसकी रेवेन्यू जेनरेशन पर दबाव बनाया जा सकता है
03:24और अमेरिका की नई एस्टेर्जी इसी दिशा में जाती हुई दिख रही है
03:27अमेरिका के ट्रेचरी स्टेरेटरी एसकॉर्ट बेसेंड ने ओपरेशन एकोनोमिक आउटकैस्ट की घोशना की है
03:33इस अभ्यान का मकसद है कि इरान के financial connection को कमजोर करना
03:38और उन revenue networks को रोकना जिससे इरानी सरकार की कमाई होती है
03:42अमेरिका का कहना है कि इसी कमाई का इस्तेमाल इरान अपनी military activities, regional operation और दूसरे ऐसे कामों में
03:48करता है जिनका अमेरिका बिरोध करता है
03:50इसलिए अब अमेरिका सिर्फ इरान की बड़ी oil companies पर ही नजर नहीं रख रही बलकि उन छोटी बड़ी कमपनियों,
03:56intervaderage, custom brokers, shipping operators और third country network को भी target किया जा रहा है
04:02जो इरानी oil को दूसरे दीशों के market तक पहुचाने में मदद कर रहे है
04:06और यही इस पूरे मामले का सबसे एहम हिस्सा है
04:09क्योंकि इरान का oil trade अगर सीधे नहीं भी हो रहा लेकिन अगर किसी third country की company, broker या
04:15shipment network के जरिये transaction हो रहा है
04:17तो अमेरिका उस chain को भी target कर सकता है
04:20अब बात करते हैं इन प्रतिवंधों के असर की
04:22अमेरिकी प्रतिवंधों का सबसे बड़ा असर उन कंपनियों पर पढ़ सकता है जिनका अमेरिकी financial system या international banking और
04:30trade network से जुड़ी connection है
04:31किसी entity में अमेरिकी प्रतिवंधों के list में आने के बाद उसके asset और transaction पर गंभी restriction लग सकता
04:38है
04:38और विश्व के कई सारे देश भी उसके साथ कारोबार करने में जादा सतर खो जाते हैं
04:43यानि भले ही ये कंपनिया भारत में operate कर रही हो लेकिन अमेरिका की करवाई का असर इनके international business
04:48relation पर भी पढ़ सकता है
04:50हलाकि इस करवाई को लेकर चारो भारतिये कंपनियों की तरब से ततकाल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है
04:55अमेरिका द्वारा लगाए गए आरोप अमेरिकी सरकार के दावे हैं
04:59इन कंपनियों पर आरोप लगाना और किसी आदालत में आरोप सावित होना एक ही बात नहीं है लेकिन जियो पॉल्टिकल
05:04और बिजनेस एंगल से देखें तो यह ख़बर काफी एहम है क्योंकि भारत और इरान के बीच लंबे समय से
05:10इनर्जी और ट्रेड संबंध रहे हैं वही
05:25दूसरे देशों पर भी अक्रामक तरीके से नजर रख रहा है और आगे चलकर सवाल यही है क्या ऐसी करवाई
05:31और बढ़ेगी क्या और भारतिये कंपनिया या दूसरे देशों की कंपनियों पर अमेर्की प्रतीबंध नजर आ सकते हैं और क्या
05:38इसका असर भारत के इरान रि
05:55You
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