00:00दीजेचे संदरबात में एवड़त मनें काहिदा आपले काम करतो है शासन निरणे आपले पद्धतीने तेची कारवाई करते बरोबरीने मानने मुख्यमंत्री
00:12महोदे आनी सांगितला प्रमाने काहिदा आनी निरणे याला समान्यता नागरिकांची सहमती आनी सहबागिता आ
00:49करनाटक चा सरकारला विचारतीने आनी मग विध्यारत हैंचा भविश्या पद्धल ते चिंतित आस्तीन
00:55तर तेनी करनाटक की वाँ जारकन चा सरकार मदे जालेला विध्यारत हैंचा भवितवया चा गोटाला चा संदरबाद काई भूमिका गेनारे
01:04स्पश्चे करावा जर राउल गांदी जी विध्यारत हैंचा बद्धल चिंति दस्तीन तहा प्रश्णे विचारतील आस तरी र
01:23संग्टना हर व्यक्ति को अपनी बात कहने का अधिकार है विश्वेंदु परिश्द भी अपनी बात कही सकता है जहां तक
01:32आयोजकों की बात है आयोजक राजगर्बा हो या कोई भी उत्सव हो उसमें सर्वसमावे शक्ता का ही प्रयास करते हैं
01:43और इसके लिए आयोजक सर्
01:48इसने बात को रख कर उसका आगर भी रखें इस तरीके साथ कुने में टीजे को लेके अंदोलन भूआ है
01:56नाजपूर में भी डीजे बंदी की बात हो रही है पुरे महाराश के अभी तेववार आने वाले क्या कहेंगे साथ
02:01कानून अपना काम करता है और कानून लोगों के ह
02:17करते हैं लेकिन कानून में सहभागिता की आवश्यक्ता होती है और इसके लिए जैसे माननीय मुक्यमंत्री महोदे ने कहां कि
02:27सबने मिलकर इसके उपर कानूनन रस्ता निकालना सहभागिता करना और आयोजन करना इसमें सहभागिता का भी अभी अभी वेश रहता
02:37है उस प्
02:49जोनों का कहना इतना ही है कि हम क्योहार का भी आगर हम रखेंगे और कानुन पालन का भी हमारा
02:59भरोसा कायम रखेंगे यह दोनों की बात है इसने कोई गुडबाज नहीं है
03:04देश के प्रदंग मंतरी नरेंद्र मोधी जी ने कल इपक्ष्टो नाराज पूपा कहा था उसके खळगे जी ने ऐसा कहा
03:10है कि हर वर्श मोधी जी के सिर्फ टिपणिया बदलती है पर उनकी मीधिया नहीं बदलती है
03:17खरगे जी के सर पर यह टोपी कैसे फिड़ बेची
03:22सवाल तो यह है, मोधी जी ने मानसिक्ता का वर्णन किया,
03:27लेकिन खरगे जी ने फुफ फांति अपने सरपर टूपी बांद ली,
03:32कल राहूल गांधी जी भी बांद लेंगे,
03:36वाला वर्णन जो है नाराज फुफा वाला,
03:38क्या रहुल जी और खरगे जी को
03:40फिट बैटता है क्या इसका जवाब वो दे
03:43मोदी जी ने जो बात कही
03:45वो देशित की बात है
03:47जब भी कोई
03:48विकास की बात आती है जब भी कोई
03:50नई रचनाओ की बात आती है जब भी
03:52कोई नए परिणाम
03:55या नए कलपनाओ
03:56को अंजाम देना आता है तब कुछ मानसिक्ता कि लोग इसकी क्या जरूरत है इसकी क्या आवश्यक्ता है यह क्यों
04:05होना चाहिए यह नकारात्मक बात करने वाले लोग कौन है अब मुझे लगता है खरगे जिने स्वयम इस बात को
04:13मानने कर लिया कि फुपा कोना है राहूल गा
04:25जर्कंड की सरकार को कहे यही बात यह करनाटक की सरकार को कहे और अगर जर्कंड और करनाटक की सरकार
04:32भी हमारी बच्चों के भविश्यक के लिए काम नहीं कर रही है तो सरकार में से बाहर पढ़ने का कारवाई
04:40करने का दिशादर्शन करने का क्या भूमिका राहूल गांद
04:55तरस्त है और इसके लिए इस प्रकार के बयान करते हैं जिसकी मुझे जानकारी नहीं है उत्तरप्रदेश की सरकार इसके
05:10सपष्टता दे सकते हैं
05:11आज आप काली और पिली महारवद को देखने आए हैं कैसा इसका ग्यारा तारिक को तो रूप रहेगा कैसा रहेगा
05:18महाराश्टर दर्कार का क्या होता है
05:20महाराश्टर में इतनी बड़ी वैभावशाली परंपरा संस्कृति है
05:25हमारे नाकपूर में रुदर्ब में ये परंपरा बहुत लोग कमान्य है
05:30या हमारी संस्कृति भी है या हमारे आस्ता का बेविशय है
05:34और इसके लिए इस प्रकार के आयोजन में अब मिरी जानकाजी सिसरे महानगरपालिका भी अपना रोल अदा कर रही है
05:42आज तक इस प्रकार का काम महापालिका ने अच्छा किया है उसमें एक अकला सांस्कृतिक परिचे का ये कदम है
05:49और सांस्कृतिक मंतरी इसनाते मुझे लगता है कि मैं इसमें सबागी होना चाहिए
05:59इंडियन इंस्टूट्रों मैनेजमेंट ये बहुत प्रभावशालिस प्रकार की शेक्षियनिक संस्था और व्यवस्ता है
06:07मेडिया लीडर्शिप और इसने से आने वाले टेक्नोलोजिकल और न्यू वर्ल्ड ओवर इस बात पर संगोष्टी है
06:16सबावी के आजकल के युवाओ क्या पेक्षा बहुत है और युवाओ इसमें सबागीता भी चाहते है
06:22मुझे लगता है उनसे बाच्चीत करने का मोका मेरे लिए सबागेशालिये
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