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  • 7 weeks ago
अमेजन जैसी कंपनी की नौकरी छोड़कर बिहार के मंगल प्रदीप ने 'मखाना स्टार्टअप' किया. आज कई देशों में प्रोडक्ट बिक रहे हैं. रिपोर्ट- वरुण ठाकुर

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00:06यह हैं दर्भंगा के रहने वाले मंगल प्रदीप जिन्होंने नौकरी छोड़कर मिथला के सूपर फूड यानि मखाना की खेती शुरू
00:16की अपनी मेहनत लगन और सूजबूज से कुछ ही सालों में उन्होंने सफलता का परचम लहा दिया है
00:23आखिर कभ ये खायाल आया कि मखाना स्टार्ट अप शुरू किया जाया और कैसे ये काम आगे बढ़ पाया उन्हीं
00:31से जानते हैं
00:53कि मुझे इस शेतर में काम करना है यहां के किसानों के लिए कुछ अच्छा करना है तो मैं वहां
00:58से अपने दरभंगा में सिफ्ट हुआ और किसानों के साथ मिलके हमने इसके उपर काम करना शुरू किया
01:03शुरूआत में विहार सरकार भारा सरकार ने इसमें मुझे काफी सहयो किया मुझे कई जगा इन्होंने ट्रेनिंग के लिए बेजा
01:09जैसे अबाक्ती किरसिया नसंदान पुलिसर दुधियाना विहार किरसिवी सुधाले जहां मैंने फूर्ड पोसेसिंग एक्सपोर्ट की �
01:36कोरोना काल में शुरुवात आसान नहीं थी ऐसे में किन चुनोतियों से किस तरीके से निपट बाए जानिये
01:43जी कटनाईया तो आई जब हमने कंपनिया स्टैबलिस की जस्ट उसके कुछ दिनवाद ही कोविड शुरू हो गया था तो
01:492020 और 2021 में लॉगडाउन का समय रहा तो
01:52एक्टिवली तो हमने फैक्टरी में काम करना स्टार्ट नहीं किया था तब तक हम ग्राउंड लेवल पे काम कर रहे
01:57थे सबसे पहले जरूर थी किसानों को पहचानने कि किस गवाव में कौन से किस इस तर पर कर रहा
02:02है
02:02के साथ हमने पहले संपरक बनाया एक Milka bannay एक टीम हमारी बाना की बनाइं शुरू की और जो जमीन
02:08लेवल पे जो चीज़ें को दिक्टे आ
02:18foreign
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03:15I am going to export in the USA, UK, Dubai, Canada, New Zealand, Netherlands.
03:24We have ordered from Norway.
03:27We are hoping that this year we are going to enter into a new market
03:33so that our customers will be more and more.
03:36Do you have to buy in the country?
03:38Yes.
03:39We have to buy in Dubai.
03:39Dubai has a lot of partners that have sent us to all these products.
03:43In the situation, the world has a demand.
03:48There are the customers that have sent us to the market.
03:55We have customers to serve our customers.
03:56We really don't know if there are other people around us.
03:56This is the problem.
03:57The problem with parties in the public is not a problem.
04:02We have also started with the public government to come to the market.
04:05By the world, politicians will find people to store the markets.
04:09We have to get started.
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05:41ुद्यमेता के लिए एक मील का पत्थर है दर्भंगा से एटीवी भारत के लिए वरुन ठाकूर की रिपॉर्ट

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