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बेबाक भाषा के संडे ऑफबीट कार्यक्रम में पत्रकार भाषा सिंह ने बताया कि कैसे मोदी तंत्र लोकतंत्र को हाईजैक कर रहा है, फ़र्ज़ी राजनीतिक दलों को मिलने वाले करोड़ों रुपए के दान के जरिए। बीबीसी की हाल की रिपोर्ट ने ऐसी 6 डमी दलों की पड़ताल की, जबकि दैनिक भास्कर 2025 में 10 गुमनाम दलों को एक्सपोज कर चुका है। चुनाव आयोग सो रहा है
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00:03लोगतंत्र को और चुनाव को कैसे हाईजैक किया जाता है
00:07इसका बीजेपी गुजरात मॉडल एक बार फिर जबरदस धंग से चर्चा में है
00:12किस तरह से फरजी राजनितिक पार्टियां खड़ी की जाती है
00:17करूणों रुपे का चंदा वहाँ पर डायवर्ट किया जाता है
00:21और किस तरह से भारतिय जनता पार्टी की चुनाव में जीत सुनिश्चित की जाती है
00:27इसे लेकार बीबीसी की जो रिपोर्ट है वह आँख खोलने वाली है
00:33और भारती जनता पार्टी और राष्टे स्वेम सेवक संग का जो पूरा नेक्सिस चल रहा है लोकतंदर को हाईजैक करने
00:41का उसमें किस-किस तरह के टूल किट ऑपरेट कर रहे हैं इसकी एक छोटी सी तस्वीर दिखाई देती है
00:49ऐसा नहीं कि यह BBC और BBC की यह जो रिपोर्ट है जो छे पॉलिटिकल पार्टी का लेखा जोका देती
00:57है यह पहली बार सामने आया है इन में से पांच पॉलिटिकल पार्टी का जिक्र 2025 में अगस्ट में दैनिक
01:07भासकर ने अपनी इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्ट में कर चु
01:16क्योंकि BBC के रिपोर्ट दरसल इसका सीधा सीधा लिंक भारती जनता पार्टी और उसकी चुनावी जीच से जोडने में सफलता
01:28हासिल करती है
01:49नमस्कार दोस्तों बेबाग भाषा के संडे ऑफ बीट में आपका स्वागत है इसमें हम आपको बताने जा रहे हैं कि
01:56दरसल भारती जनता पार्टी यानि मोदी शाह की तीम का दिमाग कितना तेज है
02:03किस तरह से लोगतंत्र को और हमारे चुनावी पर्व को इसने हाई जैक किया है और इसका नाम भी गुजरात
02:12मौडल है
02:12हाना कि यह जो छोटी छोटी पोलिटिकल पार्टीज हैं जो फरजी पोलिटिकल पार्टीज हैं उनका इस्तमाल अभी हाल में काफी
02:23चर्चा में आया
02:24खास दोर से पश्चिम बंगाल में जिस तरह से चुनाव में भारती जनता पार्टी की जीत हुई और उसके बाद
02:32टीमसी के 20 सांसद बीजेपी शरणम गच्छामी सीधे सीधे नहीं कर पाए उन्होंने रास्ता अपनाया एक ऐसी फरजी पोलिटिकल पार्टी
02:44का जिसका नाम नेशनल सिटिजन्स पार्टी ओफ इंडिया एन सी पी आई है
02:51जब यह पार्टी आई सामने और टीमसी के 20 सांसद इसकी शरण में गए हम सब जानते हैं कि इसके
02:59पीछे मोदी जी और शाह जी की पूरी प्लानिंग थी
03:02तब सबसे पहले सवाल उठा कि दरसल यह एन सी पी आई क्या बला है लोगों ने खोजने की कोशिश
03:09की पता चला बिचारे का आफिस ऐसा बरबाद है जिसे देखने लायक नहीं है यहाँ पर इसका अध्यक्ष कौन कोश
03:18अध्यक्ष कौन यह भी पता करना बहुत मुश्किल
03:21लेकिन यह दरसल भारती-जनता-पार्टी का बहुत पुराना आजमाया हुआ खेल था और इस खेल से बड़ा परदा हटाया
03:31बीबी-सी की इस इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्ट ने बीबी-सी की शुभांग नी मिश्रा की यह जो इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्ट है �
03:40यह पूरा मोडस ओपरेंडी खोल कर रख देती है।
03:44क्रोनोलॉजी भी समझाने के लिए हम यह अपना प्रोग्राम कर रहे हैं।
03:48इसमें छे राजनितिक पार्टियों का जिक्र है।
03:51वे छे राजनितिक पार्टियों जिन्हें 2023 और 2024 में सबसे जादा चुनावी चंदा मिला।
04:10जिसमें पहला नंबर आम जन्मत पार्टी का 620 करोड 24 लाक रुपीज।
04:21और इसके ब्योरे में इसके डीटेल्स में ही जो इविल डिजाइन है वह खुलकर आती है।
04:29लेकिन यहाँ पर BBC की इस रिपोर्ट से जो उजागर हुआ उस पर चर्चा करने से पहले आईए ज़रा देख
04:38लेते हैं कि दैनिक भासकर ने
04:41एक साल पहले यानि 2025 अगस्त में किस तरह की रिपोर्ट जारी की थी क्योंकि उसमें
04:51दस चुनावी पार्टियों का जिक्र किया गया था और यह रिपोर्ट अपने आप में बहुत खास है।
04:57सबसे पहले दैनिक भासकर की पुरानी रिपोर्ट देखिए।
05:01यह रिपोर्ट बताती है कि किस तरह से यह गुजरात मॉडल जो है जो लोकतंत्र पर कबजे का एक दूसरे
05:09कहानी कह रहा है उसका किस तरह से ऑपरेशन हुआ।
05:14क्योंकि यहां पर दस पॉलिटिकल पार्टी का जिखर है दसों की दस गुजरात बेज़्ड हैं।
05:21इन दस गुमनाम पॉलिटिकल पार्टी को दोहजार उन्निस से लेकर दोहजार चॉबिस के बीच टोटिल कितना चंदा मिला।
05:32चार हजार तीन सो करोड रुपे मिले और इस दोरान तीन चुनाव हुए खास ध्यान देने की बात है।
05:44दोहजार उन्निस का लोग सभा चुनाओ, दोहजार चॉबिस का लोग सभा चुनाओ और दोहजार बाइस का गुजरात विधान सभा चुनाओ।
05:53इन तीनों चुनाओं में इन दस राजनितिक पार्टियों ने कितने उम्मीदवार उतारे।
05:5943 उम्मिदवार उतारे बस 43 और क्या किया इन पैसों का उसका लेखा जोका भी भासकर की इस रिपोर्ट ने
06:09दिया था और वह चौकाने वाला है वह बता रहा है कि किस तरह से मोधी शाह की है टीम
06:15पैसे इधर से लेती है और खर्च उधर करवाती है क्योंकि इन्होंने चुना�
06:2729,00,00,00 रुपए हुए लेकिन जो आडिट रिपोर्ट है इनकी वह बताती है कि 3500 करोड रुपए खर्च
06:35हुए फिलहाल फील गुड कीजिए और ध्यान से इनके नाम देखिए इनके नाम है जो भासकर ने रिपोर्ट दी उनके
06:44जो नाम है वह नाम बहुत इंपोर्टन्ट
06:46क्योंकि इसी में से पांच नाम बे हैं जो बीबीसी के रिपोर्ट में भी हैं लोग शाही सत्ता पार्टी भारती
06:55नेशनल जनता दल स्वतंत्र अभिव्यक्ति पार्टी न्यू इंडिया युनाइटेड पार्टी सत्यवादी रक्षक पार्टी भारती जन परिशद सोहरा�
07:07जनता पक्ष जन्मन पार्टी मानविधिकार नेशनल पार्टी गरीब कल्यान पार्टी जै हो क्या नाम है कसम से अब आईए देखते
07:20हैं बीबीसी ने किन छे पोलिटिकल पार्टी उस पर काम किया उनमें से पांच इस लिस्ट में भी हैं लेकिन
07:28सबसे चौकाने वाला नाम
07:31सबसे ज़्यादा चौकाने वाला नाम नमबर वन है तो बीबीसी के रिपोर्ट में जो नया नाम है वह दरसल असली
07:39खेल को खोलता है यह पहला नाम है आम जन्मत पार्टी मैं इतने साल से पत्रकार हूँ गुजरास सैक्डो बार
07:49गई हूँ लेकिन मैंने इन में से किसी भी
07:52पॉलिटिकल पार्टी का एक पर्चा भी आस तक नहीं देखा 2022 का चुनाव भी मैंने कवर किया था लेकिन आम
08:00जन्मत पार्टी जिसे कितने करोड मिले 620 करोड 24 लाख रुपे जी हां इसका जिक्र इसलिए खास है क्योंकि इसका
08:11जनम बिहार में हुआ और उसके बाद एक सा
08:14साल बाद इसे शिफ्ट कर दिया गया मोदी जी के गुजरात मॉडल में एक बात खास ध्यान रखेगा कि इस
08:23तरह की जो फरजी पॉलिटिकल पार्टीज है इंका एक नाम होता है नाम है रिजिस्टर्ड अन्रिकोगनाइस पॉलिटिकल पार्टीज और दरसल
08:33मोदी शाह की �
08:36इन रिजिस्टर्ड अन्रिकोगनाइस पॉलिटिकल पार्टीज पर ही दाव खेलती है क्योंकि अभी तक हम वोट कटुआ उम्मीदवारों पर बात करते
08:46थे कि बहुत से उम्मीदवार कड़े कर दिये जाते हैं जिसमें फंड बीजेपी करती है ताकि वोट कड़ जाएं य
08:55लेकिन यह जो मॉडल है जहां पॉलिटिकल पार्टीज को खड़ा किया जाता है ताकि उनके जरिये चंदा ट्रांसफर किया जा
09:04सके इसकी तस्वीर इन दोनों रिपोर्ट्स में खुल कर सामने आती है मिसाल के तौर पर देखिए जो आम जन्मत
09:13पार्टी है जिसे इतने ज�
09:1724 लाक रुपए इसका कोई अतापता नहीं है कोई आफिस बीरर नहीं है सारे लोग बीजेपी शरणम गच्छामी चले गए
09:27यानि इसकी जो अधिकारी थी जिन से बीबीसी ने बात की वह अनामिका पास्वान इस समय भारतु जन्ता पार्टी की
09:36बिहार की उपाध्यक्ष है
09:40लेकिन चंदा लेने में यह पार्टी अभी जिन्दा है क्योंकि अगर आप चंदा देने चाहते हैं तो इसका जो एकाउंट
09:47है वह ऑपरेट कर रहा है और देखिए यह खुला खेल फरूखाबादी चल रहा है यहां पर मिसाल के तौर
09:55पर इस शक्स को देखिए यह प्रेसि
10:08जब बीजेपी जीतती है तो यह महौदे लड़ू बाटते हैं कितने लाग के वह अलग बात है सिर्फ इतना ही
10:16नहीं इनकी वेबसाइट पर जाएए तो जो पहली फोटो इनकी दिखाई देती है वह भारती जन्ता पार्टी के जो गुजरात
10:24के मुख्यमंत्री है दग्रे�
10:38चुनाव में खर्च के लिए किस तरह से इस्तमाल किये गए यह अब सब के सामने खुल कर आ गया
10:45है लेकिन हम सब जानते हैं कि दग्रेट केचुवा आयोग इस पर आख में पट्टी बांधे बैठा हुआ है अगर
10:55आख में पट्टी ना बांधी होती उसने तो पिछले साल �
10:59कि यह रिपोर्ट आई थी दस पॉलिटिकल पार्टी का ब्योरा दिया था अगर उसी समय एक्षन होता इन इथिकल प्रैक्टिस
11:07का एक्षन होता तो शायद बीबीसी की इस रिपोर्ट में कुछ नाम कम हो गए होते लेकिन यह सब मर्जी
11:15से हो रहा है उपर से ओडर है और न
11:29बैटिंग और बॉलिंग हो सके अब सोचिए यह छे पॉलिटिकल पार्टी जितना चंदा जुटाती है वह चंदा सिर्फ और सिर्फ
11:41देश की जो पांच बड़ी पॉलिटिकल पार्टी हैं उनके चंदे से भी ज़्यादा है अकेले आम जन्मत पार्टी है उसे
11:51जितना चं�
11:53कॉंग्रेस को नहीं मिल पाया था आधा भी नहीं मिला था कॉंग्रेस को यह असली खेल या यूं कहें जो
12:01बड़ा खेल चल रहा है लोगतंत्र को बरबाद करने का हाइजैक करने का उसका सबसे अंडिक्लियर्ड अंडर कवर मोडस ऑपरेंडी

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