00:03एस साल काणहा की चटी 10 सतंबर को पड़ रही है
00:07वही कुछ लोग 9 सतंबर को भी चटी पर्व मना रहे हैं
00:11अगर बात करें सही गड़ना की
00:13तो 4 सितंबर को अगर जनमाश्चमी का पर्व मनाय गया था
00:16तो 5 तारिक से गड़ना करके 10 तारिक को 6 दिन पड़ रहा है
00:21और ऐसे में छटी भी इसी टिथी पर मनानी चाहिए
00:24अब आपको बताते हैं कि कानहा की छटी का दिन मुख्य रूप से एक उत्सव या आनंदोत्सव के रूप में
00:30मनाते हैं
00:31ना कि किसी कटोर वरत के रूप में
00:33अगर आप भी इस दिन वरत रखना चाहती हैं तो फलाहार खाकर वरत किया जा सकता है
00:38छटी की पूजा प्रदोशकाल में शाम के समय की जाती है
00:42लेकिन सुबह उठकर स्नानादी से निवरत होकर अगर आप वरत रख रहे हैं तो वरत का संकल पले या फिर
00:48पूजा का संकल पले
00:50इसके बाद अपने पूजा घर की साफ सफाई कर दें
00:52कानहा को पंचामरत से स्नान कराएं उन्हें जला भी शेक करें उन्हें पीले वस्त्र पहनाएं उनका श्रिंगार करें उन्हें काजल
01:00का टीका लगाएं उनको भोग अर्पित करें
01:03वही अगर आपने वरत रखा है तो सुबक आना की पूजा करने के बाद आप फल खा सकती हैं और
01:09जूस, चाय, कॉफी आदी का सेवन भी कर सकती हैं
01:12वही शाम के समय पूजा के दोरान भगवान को कड़ी चावल का भोग लगाएं उन्हें माखन में श्री, खीर और
01:19पंजीरी का भोग अर्पित भी कर सकती हैं
01:21उनके भोग में तुलसिदल का होना जरूरी है, काना जी को जूले पर बठाएं, जूला जूलाएं और बधाई गीत और
01:28भजन गाएं
01:29शाम के समय उन्हें घर पर बने हुए काजल को उनके आखों में लगाएं, उनके पैर के तलवों में लगाएं,
01:35उनके कान के पीछे लगाएं, साथ ही उनकी नजर उतारें
01:38इसके बाद परिवार और भक्तों में कड़ी चावल और अन्य प्रसाद बाटे दान दक्षना करें
01:44संध्या आर्ति और प्रसाद अरपन के बाद आप अपना उपवास सात्विक प्रसाद ग्रहन करके खोल सकती हैं
01:49आप चाहें तो भोग में चड़े हुए कड़ी चावल को प्रसाद स्वरूप ग्रहन करें और अपने वरत का पारण करें
01:56फिलहालस वीडियो में इतना ही वीडियो को लाइक और शेयर करें साती चैनल को सब्सक्राइब करना ना भूलें
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