Skip to playerSkip to main content
दिल्ली के सत्य निकेतन में एक बहुमंजिला इमारत के अचानक ढहने से हड़कंप मच गया। देखते ही देखते पूरी इमारत कंक्रीट के मलबे में तब्दील हो गई और कई छात्र उसके नीचे फंस गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और परिजन अपने बच्चों की सलामती के लिए घटनास्थल पर पहुंचने लगे। मलबे के नीचे फंसे एक छात्र का 11 सेकंड का वीडियो सामने आने के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन की भयावह तस्वीर सामने आई। बताया गया कि कई छात्रों ने मलबे के अंदर से फोन कर मदद मांगी और ऑक्सीजन खत्म होने की बात कही। NDRF, दिल्ली फायर सर्विस, पुलिस, DDMA और MCD की टीमें राहत एवं बचाव अभियान में जुटीं। इस हादसे ने अवैध निर्माण, जर्जर इमारतों और हॉस्टल-पीजी में छात्रों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर जिम्मेदार कौन है और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन कब जागेगा?

A major panic erupted in Delhi’s Satya Niketan after a multi-storey building suddenly collapsed. Within moments, the entire structure was reduced to a massive pile of concrete debris, trapping several students underneath. The incident triggered chaos at the site as worried families rushed in hoping for the safe rescue of their children. An 11-second video recorded by a student trapped beneath the rubble reportedly captured the terrifying reality of the rescue operation. Several students were also said to have called for help from beneath the debris, reportedly saying that they were running out of oxygen. Teams from the NDRF, Delhi Fire Service, police, DDMA and MCD launched a rescue operation to locate and evacuate those trapped. The incident has raised serious questions over illegal construction, unsafe buildings and student safety in hostels and PG accommodations. Who is responsible, and why does the administration wake up only after such tragedies?

#DelhiBuildingCollapse #DelhiPGBuildingCollapse #SatyaNiketan #SatyaNiketanBuildingCollapse #HariramBansal #BansalArrested #DelhiPolice #MCD #ViralVideo

~PR.516~HT.408~GR.508~VG.HM~

Category

🗞
News
Transcript
00:11मौत जब कंक्रीट की छटों से गिरती है तो बचने का रास्ता नहीं देती
00:15लेकिन सोचें अगर पांच मंजरला कंक्रीट का पहाड आपके छाती पर आगिरे
00:21फेफडों में हवा के जगा धूल भर जाए और सामने सिर्फ मौत खड़ी हो
00:25तो आप क्या करेंगी
00:28ज्यादतर लोग हिम्मत हार जाते हैं
00:30लेकिन दिल्ली के सब्ते निकेतन में कंक्रीट के मलबे के नीचे दबे
00:34एक छातर ने काप्ती उंगलियों से अपना फोन निकाला
00:37कैमरा उन किया और ग्यारा सेकेंड में मौत को चकमा दे दिया
00:41मलबे के अंदर से आई इस एक चीक ने पूरे देश के तंत्र को हिला कर रख दिया है
00:46आज बात उस खौफनाक हादसे की जहां सपनों की राजधानी दिल्ली में कंक्रीट के अवेध टाइम बम फूटे हैं
00:53और मासूम चातरों की सासे मलबे में तडप रही थी
00:57रविवार की दो पहर दिल्ली का सत्य निकेतन इलाका
01:01जहां देश के कोने कोने से आई बच्चे अपने सुनहरे भविश्य की किताबे पढ़ते हैं
01:07लेकिन किसी को नहीं पता था कि जिस इमारत में वो रह रहे हैं वो उनकी कब्रगाह बनने वाली
01:11अच्वाना के एक जोरदार धमाका और पांच मंजिला होस्टिल की इमारत तैश के पत्तों के तरह डेह गई
01:19सिर्फ पांच सेकिंड और चारू तरफ सिर्फ मलबा चीखे और उड़ता हुआ कंक्रीट का गुबबार
01:26देखते ही देखते पांच मासूमों की दर्दनाक मौत हो गई और बीस से तीस चातरों स्खोफनाक अंधेरे मलबे में जिन्दा
01:33दफन हो गए
01:34सत्यनिकेतिन की संक्री गलिया चीखों से गुझ उठी लोग हाथों से पत्थरों को हटाने के लिए दोड़े
01:41क्योंकि अंदर उनके बच्चे दबे थे लेकिन असली रॉंक्टे तो तब खड़े हो गए जब हाथसे के कुछ ही देर
01:47बाद सोशल मीडिया पर 11 सेकंड का वो क्लिप सामने आया
01:50धूल से सनाज चहरा माथे से बहता खून और उपर लटकते भारी भरकम कंक्रीट के टुकडे वो छातर मलबे के
01:59नीचे दबा था लेकिन उसका होसला नहीं तूटा था उसने फोन गुमाया और अपने दोस्त से जिन्दगी की भीक मांगी
02:06और सुनिये ये सिर्फ एक वीडि
02:18अनिल शर्मा के मताबिक अंदर से बच्चे रोते हुए फोन कर रहे थे सर औक्सिजन खत्म हो रही है जल्दी
02:25आये बचावदल फोन पर ही उन बच्चों से बात कर रहे थे उन्हें धाडस बंधा रहे थे कि बेटा हिम्मत
02:31रखना हम आ रहे है और उसी फोन कॉल की लोकेशन
02:45और क्रेने पोहँच ही नहीं सकती थी एंडियारिफ दिल्ली फायर सर्विस पुलिस डीडीमे और एमसीडी की टीमें युद स्तर पर
02:53जुटी है लेकिन मशीने लाचार थी जवान अपने हाथों से और छूटे उपकर्णों से कंक्रीट हटा रहे थे क्योंकि जरा
03:01सी चूक ह
03:01तो मलबे का वजन अंदर फसे बच्चों पर गिर सकता था गटना सर पर खुद मुख्यमंत्री रेखा गुपता श्रम मंत्री
03:07कपल मिश्रा और सांसत बासुरी स्वराज पहुँचे थे
03:11मुख्यमंत्री ने कड़े शब्दों में कहा था कि दोशी कोई भी हो बक्षरा नहीं जाएगा लेकिन सवाल ये कि जब
03:18हाथसा हो जाता है तब ही ये सिस्टम क्यों जाकता है आज हम इस मंट से सीधे सवाल पूछते हैं
03:24पांच मंजिला ये अवेद इमारत किसकी शेह पर ख
03:41इलाकों से माबाप अपने कलेजे के टुखडों को दिल्ली पढ़ने भेशते हैं सुमीद में कि वो अफसर बनेगा डॉक्टर बनेगा
03:47इंजीनियर बनेगा उने क्या पता था कि दिल्ली का ये सिस्टम उनके बच्चों को मलबे के नीचे दबा देगा घड़ी
03:53की सोया टिक
04:11उनके सिर पर भी अवेद निर्माण का कोई कंक्रीट टाइम बं मन रा रहा है। सुलाल बस इतना हिंडी शोर
04:16दुनिया के तमाम बड़ी खबरों के लिए देखते रहें वन इंडिया है।
04:20देखते हैं जनके में बंसज सक्षाना हिंडी बश्राइल्त प्रौं देखका टिकश्च झांडिया कैस्थिए दिकर बंसजाटे टौंख कि उनके स्ट्टमाटे उनके
04:44नचे फिरों सुल दूलों कि वंड़ते लिएलटे स्ट्राइψोलिग में जब privatल
Comments

Recommended