00:00दोस्तों दुनिया में जब भी नुक्लियर पावर की बात आती है एक ही शब्द सबसे पहले दिमाग में आता है
00:05और वो है टेंशन
00:06आज हम जिस मुद्दे पर बात करने जा रही हैं वो सीधे सीधे ग्लोबल सेक्योरिटी को हिला कर रख सकता
00:12है
00:12सवाल ये है क्या एरान सच मुच नुक्लियर नौन प्रोलिफरेशन ट्रीटी यानि एन पी टी छोड़ने की तैयारी कर रहा
00:20है
00:20क्या तहरान अपनी नुक्लियर पॉलिसी को बदल कर दुनिया को एक नया संदेश देना चाहता है
00:27अभी हाल ही में एरानियन पार्लिमेंट की प्रेसीडिंग बोर्ट के स्पोक्सपरसन अबास गुरदारजी ने एक ऐसा बयान दिया है
00:34जिसने वाशिंटन से लेकर तेलवीव और पूरी दुनिया की नींदे उड़ा दी है
00:38उनका साफ कहना है कि अगर अमेरिका का प्रेशर और बढ़ता है तो NPT से विड्रॉल और अपनी न्यूक्लियर डॉक्ट्रीन
00:45को रिवाइस करना इरान के लिए एजिली अचीवबल यानि बिलकुल आसान है
00:50वे किनिस की दूसरी तरफ खुद इरान के प्रेशिडेंट मसूद पिजैश्खिन का ये कहना है कि हम न्यूक्लियर वेपन्स नहीं
00:57चाहते तो ये दो अलग-अलग सिगनल्स क्यों मिल रहे हैं
01:00क्या ये अमेरिका पर प्रेशर बनाने की एक पॉलिटिकल चाल है या फिर सच मुझ इरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम में
01:07एक एतिहासिक बदलाव आने वाला है
01:09आईए आज इस पूरी कहानी को गहराई से समझते हैं और इस पूरी कहानी की सत्य से तह तक जाते
01:15हैं
01:16कहानी को शुरू करने से पहले ये समझना ज़रूरी है कि ये न्यूक्लियर नौन प्लॉरिफेशन ट्रीटी है क्या और ये
01:24इतनी बड़ी वज़े क्यों बनी है
01:25ये ट्रीटी 1970 में लागू की गई थी और इसका मुख्य और देश ये था कि न्यूक्लियर वेपन्स की दुनिया
01:33को फैलने से रोका जाए
01:34और साथ ही देश को पीसफुल नौक्लियर एनरजी यानि शांती पूरवक तरीकों से उर्जा बनाने का अधिकार दिया जाए
01:43इरान इस ट्रीटी का शुरू से हिस्सा रहा है एक नौन न्यूक्लियर वेपन स्टेट के रूप में इरान इंटरनाशनल सेवकाज
01:50और इंस्पेक्शन्स के दाइरे में काम करता है
01:53लेकिन सोचिए अगर आज इरान ये कहता है कि वो इस चीटी को छोड़ सकता है तो इसका मतलब क्या
02:00है इसका सीधा मतलब ये होगा कि इरान इंटरनाशनल मॉनिटरिंग से बाहर निकल सकता है और वही चीज दुनिया भर
02:07के देशों को सबसे जादा डरा रही है
02:10अब सवाल ये उठता है कि अचानक ये रेटरिक इतनी तेज से क्यों जा रहा है इसका जवाब चिपा है
02:16तहरान और वाशिंटन के बीच के उस पुराने और गहरे विश्वास घात में जिसे इरानियन ओफिशल्स फंडामेंटल डिफरेंसिस कहते हैं
02:25और बताते हैं कि उन्हे
02:27वाशिंटन पर रत्ती भर भी भरोसा नहीं है अब बास गुर्दारजी ने अपने बयान में बहुत साफ कहा है कि
02:34अमेरिका के साथ जो डिफरेंसिस हैं वो कोई छोटे मोटे मदभेत तो हैं नहीं बलकि फंडामेंटल हैं उनका ये भी
02:41कहना था कि जो लोग आज पीस और न
02:55इसेप्शन यानी धोका रहा है और इसलिए इरानियन इस्टाबलिश्मेंट का एक बड़ा वर्ग ये मानता है कि वाशिंटन के साथ
03:02अगर निभाना है तो डिप्लोमेसी या बाचीत की भाशा से ज़ादा वैंग्विज ऑफ फोर्स और लॉजिक ऑफ पावर यानी ताकत
03:11क
03:11की भाशा ही काम करती है उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अगर अमेरिका और उसके अलाइज अपनी दबाव की
03:17नीती नहीं बदलते तो इरान के पास अपनी सेफटी और डेटरंस के लिए न्यूक्लियर डॉक्ट्रीन को रिवाइस करने के अलावा
03:24कोई रास्ता बचेग
03:25नहीं यह ऐसी भाशा है जो अमेरिकन अड्मिनिस्ट्रेशन को सीधा चालेंज करती है अब भाईयां यहां एक बहुत बड़ा ट्विस्ट
03:31है एक तरफ जहां पार्लिमेंट के ओफिशल्स और हार्ड लाइनर्स यह कह रहे हैं कि एन्पीटी से बाहर आना और
03:38न्यूक्लियर
03:50बॉम नहीं बनाना चाहते और वो इरान के तरफ से कोई भी न्यूक्लियर वेपन डेवलाप करने की कोशिश नहीं कर
03:58रहे हैं लेकिन एक बात समझिए दर्शकों पैजेश्कियन ये बड़े लेवल पराके एक शन के लिए भी नहीं बोल सकते
04:05कि हां हम न्यूक्लियर वेपन
04:07बनाने की सोच रहे हैं क्योंकि ऐसा होते ही उनके साथ से ग्लोबल सुपोर्ट खिच जाएगा जो वो अफोर्ड नहीं
04:15कर सकते हैं उन्होंने तर्क दिया था कि अगर इरान का इरादा न्यूक्लियर वेपन बनाने का होता तो शुरुवात में
04:21ही एन पीटी में शामिल ही न
04:37न्यूक्लियर डॉक्ट्रीन बदल सकते हैं और अगर इन पीटी को इरान छोड़ देगा तो उसके बाद उसे न्यूक्लियर वेपन बनाने
04:44से कोई नहीं रोक पाएगा ये जो दो अलग अलग अवाजे तहरान से आ रही हैं इसने इंटरनाशनल कम्यूनिटी और
04:50मीडिया को
04:51कन्फ्यूस तो कर दिया है लेकिन ये इरान की एक सोची समझी स्ट्राटेजी है क्योंकि इससे टरंप के मन में
04:57डर भी बनेगा कि भाईया अगर इरान चाहे तो बना भी सकता है न्यूक्लियर पॉंप और उसे छोड़ भी सकता
05:03है क्योंकि इरान के लिए तो अस्तित्व की �
05:18सवाल ये है क्या ये सिरफ एक ऐसी रेट्रिक है जो अमेरिकन प्रेशर के खिलाफ एक शील्ड की तरह इस्तमाल
05:24की जा रही है या फिर ये एक असली स्ट्राटेजिक शिफ्ट की शुरुआत है अगर हम गहराई से सोचे तो
05:30इरान इस वक्ट एक बहुत मुश्किल दौर से �
05:32गुजर रहा है रीजिनल टेंशन्स, एकॉनमिक सांक्शन्स और यूएस इजरेल के साथ चल रहे लगातार तकराफ की वज़े से तहरान
05:39पर दवाव बहुत जादा है ऐसे में इस तरह की धंकिया देने इरान के लिए एक प्रेशर टाक्टिक हो सकती
05:45है एक ऐसा तरीका जिस
06:07अगर ये रेटरिक सची आक्शन में बदल गया तो इसका परिणाम सिर्फ अमेरिक और इरान तक्सीमित नहीं रहेगा बलकि पूरी
06:14मिडल इस्ट और ग्लोबल सेक्योरिटी पर इसका गहरा असर पड़ेगा अब दोस्तों आखिरकार बात यहीं पर आकर रुकती है कि
06:22इरान
06:22इस वक एक बहुत माजुक मोड़ पे खड़ा है एक तरफ उन्हें अपने देश की सिक्योरिटी और डेटरेंस को बचाना
06:27है और दूसरी तरफ ग्लोबल आइसूलेशन से भी बचना है प्रेजिडेंट प्रजेश्यन के शब्द शांती के संदेश देती हैं जबकि
06:35पार्लि
06:49सच मुच में एक नए और डेंजरस न्यूक्लियर चाप्टर की शुरुवात बनेगी इस पर जो भी आपकी राय है हमें
06:55कॉमें सेक्षन में जरूर बताईएगा अब देख रहे हैं वान इंडिया मैं हूँ अकर्ष कॉशिक
07:19झाल झाल झाल झाल झाल
07:49जय है
07:50subscribe to one India and never miss an update
07:55download the one India app now
Comments