00:00When my eyes go beyond my eyes
00:07When my love goes beyond my eyes
00:12When my eyes close to my eyes
00:18My mind forgets my path
00:33When my ass stop to my eyes
00:35You have done love
00:39When my eyes come beyond my eyes
00:40You have to wait留 in your eyesäsidentガ
00:50Brief When my
00:51eyes close to my eyes When my
00:58eyes came Quando me
00:59desirved
00:59विशाल स्वरूप करुणा से भरा मुख मंदल जिसके भीतर ज्यान समाया वही गणपति मंदल मयपल
01:11तारख नामक असुर ने ब्रम्हा से वरदान पाया इत्रिलोक विजय के मद में उसने धर्म का दीप बुझाया
01:22तेव और रिशिवनवन भटके दुख से व्याकुल तनमन था शिव और माता की तपस्या उनका अंतिम आश रह था
01:34पर भोले नाथ समाधि में थे ध्यान में लीन निरंतर तब रिशियों ने मां को पुकारा
01:44मां अब तुम ही हो आधार मां पार्वती ने लीला रची दिलनी का रूप बनाया
01:55सुगंधित पुष्पों को चुनते चुनते शिव के आश्रम में आई
02:02मोहक लीला से समाधि तूटी शिव ने उनकी ओर निहारा
02:08पर उसी छण मात रिश्य हुई माया ने खेल दिखाया सारा
02:16शिव के मन से मोह उप जा सुन्दर पुरुष ने रूप लिया
02:24माता की लिया समझ महादेव ने कामदेव को शाप दिया
02:31शाप से मुक्ती पाने है तू कामदेव ने तप आरंभ किया
02:39महोदर की कठिन उपासना से प्रभु को प्रसन किया
02:44महोदर बोले शाप नटलेगा पर तुम्हें मैं स्थान दूँगा
02:51जगत में जिन रूपों से मोह जगे उनमें तुम्हें मैं स्थान दूँगा
02:59लोगन में तुम बास करोगे तारी और कुश्कों में रहोगे
03:05गायन मकरंद मधुर कल रगु उत्यानों में तुम बसोगे
03:11तुम्हे यश्मिलेगा संसार मनोभू और सितिभू नाम से
03:18होगा जग में तुम्हारा विस्तार
03:23और जब श्री कृष्ण धर्ति आये लीला का नयाद्या है रचे
03:29तब तुम उनके पुत्र प्रद्यूंग बनकर प्रेम की नहीं कथा कहो सजे
03:37शिव पुत्र कार्पिके ने भी गनपति की आराधना की
03:43शडक्षर विधान से पूजन करके भक्ती की साधना की
03:50प्रसन हुए महोदर प्रभु बोले वर तुम मागो वीर
03:56कार्थिके ये ने पाया वरदा निहदय हुआ आनंद से धीर
04:04पार का सुरबंत तुम्हारे हाथों से ही होगा
04:09हमिश्य ने वहा सत्य लिखा था घर्म करेगा फिर से राज
04:16उधर जन्मा मोहा सुर्व
04:22मोहर भ्रम का वतार
04:28शुक्राचार्य से शिक्षा लेकर उसने किया तप अपार
04:36सुर्य देव की साध ला करके उसने वरदान पाया
04:42रोग रहित और सर्व विजय होने का वरदान पाया
04:50बरपा कर वह उनत हुआ मचा दिया चारों और प्रहार
04:56देव और मन परवतों में चिके धर्म हुआ लाचार
05:01मधिरा संद विबाह हुआ फिर आसुरी शक्ति बढ़ती गई
05:08बरनाश्रम और धर्म द्यावस्था मोहती आंगी में उडती गई
05:17देवों ने सूर्य देव को पुकारा अब रक्षा का मार बताओ
05:25सूर्य देव ने कहा रनपति को एताख्षर दिधान से ग्याओ
05:33देवों और रिशिये खत्र हुए पकिस पूजा घरने लगे
05:39तश्पि सहकर विजन हरता को आखों में आँसु भरने लगे
05:46मंत्रों की भन्या काश में गुंजी भक्तों की पुकार उठी
05:51तभी घिंद्यप्रकाश के भीतर महोदरत प्रगु की जबी जुकी
05:57मूशत कर आरोण गणपती के के सरूप में आए
06:02मोहासुर का अंत करूँगा तुम सब भया मत खाओ
06:12देवर्शिनारद गए संदेश लेकर मोहासुर को समझाने
06:22जिसके आगे देव जुके वहाए हैं तुझे बचाने
06:35भगवान विश्ण ने भी समझाया महोदर प्रगु की शरन में जाओ
06:46मोह के बंधन छोड़ कर तुम अपने जीवन को बचाओ
06:58मोहासुर का मन कांपा अहंकार हुआ कमजोर उसने श्रीहर से विनती की प्रभ मिलवा दोन से एक बाद
07:13विश्णू के आमंत्रण से महोदर उसके नगर में आये मोहासुर ने चर्णों में जुक कर भक्ती के पूश्प चड़ाए
07:27अहंकार विहीन हुआ उसका मन नैनों में पश्चा ताप था
07:36जिसे जीतना था तीनों लोक वही अब प्रभु का आदास था
07:45महोदर ने कृपा बरसाई भैका अंत हुआ ततकाल देवरिशी और धर्म परायन जन फिर से हुए सुखी खुश हाल
08:06महोदर के चरणों में आकर जीवन का अंधकार ढला
08:14जै महोदर गणपति देवा करुणा मैं मंगल मैं देवा
08:22जो भी तेरी शरण में आए उसका मोह तो दूर भगाए
08:30मोह कहे जो दिखता है बस वही सत्य है संसार
08:37ज्यान कहे जो भी तर जागे वही प्रभु का सच्चा द्वार
08:44मन के भी तर कितने बंधने इच्छाओं के कितने जाल
08:51गणपति का नाम जबोगे तूटेंगे ये सारे जन्जार
08:59जै महोदर गणपति देवा जै ज्यान ब्रंभ के सोमी देवा
09:06जै महोदर जै गणनायक मंगल कारे वाया के इस भवसा
09:14गर में तुम ही नईया तुम ही खेवया
09:20गम गम गम गणपति देवा गम गम गम गणपति देवा
09:27मोह मिते मन निर्मल हो हर हिदय में तेरा बसे रा हो
09:38बक्र तुंड महा कायब कोटी सूर्य समप्रभा
09:44निर्विग्नम कुरुमे देव ज्यानम देहि गणा अधिपा
09:53मोह की रात धले प्रभू ज्यान की भोर करा देना
09:59भट के मन को अपनी शरण में हे गणपति आज बुला लेना
10:07जैश्री गाणेश जैश्री महोदर ज्यानब्रम्हक कीजे
10:20गणपति बप्पा मोर्या मंगलमूر्टी मोर्या
10:26गणपति बप्पा मोर्या मंगलमूर्टी मोर्या